11 − 7।
d = 4।
कक्षा 10 · गणित · अध्याय 5 · बिहार बोर्ड (BSEB)CBSE · NCERT 2026-27
Arithmetic Progressions
इस पेज को ऐसे पढ़ो:
1. पढ़ो — सार्व अंतर · nवाँ पद · योग Sn · अंतिम पद वाला योग, चित्र, हल उदाहरण, बोर्ड टिप
2. जाँचो — हर पाठ के अपने प्रश्न; संख्या पाठ के हिसाब से
3. महारत ★ — उस पाठ के सब सही। गलत वाले «दोबारा करो»
4. याद रखने वाला चित्र बिंदुओं की एक पंक्ति पर सार्व अंतर d को तीर से चिह्नित करता है, पहले पद a से आगे a+d और a+2d तक।
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An AP and the common difference · NCERT 5.2 · प्रश्नावली 5.1
संख्याओं की ऐसी सूची समांतर श्रेढ़ी है जिसमें पहले पद के बाद हर पद, पिछले पद में एक निश्चित संख्या जोड़कर मिले। उस संख्या को सार्व अंतर d कहते हैं।
d = अगला पद − पिछला पद। d धनात्मक हो तो सूची बढ़ती है, ऋणात्मक हो तो घटती है, शून्य हो तो हर पद बराबर है। प्रश्नावली 5.1 में यही पहचान करनी है। एक ही अंतर देखकर रुकना काफी नहीं।
7, 11, 15, 19 में 11 − 7 = 4 और 15 − 11 = 4। तीसरा अंतर भी 4 है, इसलिए d = 4। 2, 4, 8, 16 में अंतर 2, फिर 4 हैं। ये बराबर नहीं, इसलिए यह समांतर श्रेढ़ी नहीं है।
प्रश्न: 10, 7, 4, 1 की जाँच करो। d निकालो।
सूत्र: d = अगला पद − पिछला पद।
प्रतिस्थापन: 7 − 10 = −3, 4 − 7 = −3, 1 − 4 = −3।
उत्तर: यह समांतर श्रेढ़ी है। यथातथ सार्व अंतर d = −3।
BSEB में कम से कम दो अंतर की पंक्तियाँ दिखाओ, केवल “हाँ” मत लिखो।
CBSE में 2, 4, 8, 16 को समांतर मत मानो। वह गुणोत्तर है।
11 − 7।
d = 4।
गलत — अंतर 2, 4, 8 हैं, स्थिर नहीं।
7 − 10।
d = −3।
कुछ भी नहीं जुड़ता।
हर पद प्रथम पद के बराबर रहता है। यह भी समांतर श्रेढ़ी है।
−1 − (−5) = 4 और 3 − (−1) = 4। सूत्र d = अगला − पिछला। यथातथ d = 4, इसलिए यह समांतर श्रेढ़ी है।
The general form a, a+d, a+2d · पहला, दूसरा, तीसरा पद
प्रथम पद a हो तो दूसरा a + d, तीसरा a + 2d, चौथा a + 3d। kवें पद तक (k − 1) अंतर जुड़ते हैं।
इसलिए पाँचवाँ पद a + 4d है, a + 5d नहीं। यह गलती n और (n − 1) को बदल देती है। सामान्य रूप a, a+d, a+2d, a+3d, ... है।
a = 4 और d = 5 वाली सूची 4, 9, 14, 19, 24 है। पाँचवाँ पद 4 + 4×5 = 24 है। चार अंतर जुड़ते हैं, पाँच नहीं। सूची लिखकर गिनती मिलाओ।
प्रश्न: a = 4, d = 5 हो तो पाँचवाँ पद निकालो।
सूत्र: kवाँ पद = a + (k − 1)d।
प्रतिस्थापन: 4 + (5 − 1)×5 = 4 + 4×5 = 4 + 20।
उत्तर: यथातथ पाँचवाँ पद 24। सूची: 4, 9, 14, 19, 24।
BSEB में (k − 1) कोष्ठक में लिखो, ताकि 5 − 1 = 4 दिखे।
CBSE में a + 5d को पाँचवाँ पद लिखना अंक काटता है।
a + 2d।
4 + 2×5 = 14।
गलत — पाँचवाँ पद a + 4d है।
4 − 1।
a + 3d।
6, 6+(−2)=4, 4+(−2)=2, 2+(−2)=0। यथातथ पद 6, 4, 2, 0।
The nth term an = a + (n − 1)d · NCERT 5.3 · प्रश्नावली 5.2
nवाँ पद, या सामान्य पद, an = a + (n − 1)d है। प्रश्नावली 5.2 इसी पर है।
n धनात्मक पूर्णांक है। सूत्र में n की जगह संख्या रखने से वह पद मिलता है। दो पद पता हों तो दो समीकरण बनते हैं और a तथा d निकल आते हैं।
10वाँ पद माँगो तो n = 10 और गुणा (10 − 1)d = 9d से करो। 10d लिखना एक पद आगे चला जाता है। उत्तर के बाद पहला और दूसरा पद लिखकर d की जाँच कर लो।
प्रश्न: 4, 9, 14, ... का 10वाँ पद निकालो।
सूत्र: an = a + (n − 1)d।
प्रतिस्थापन: a = 4, d = 5, n = 10। a10 = 4 + 9×5 = 4 + 45।
उत्तर: यथातथ 10वाँ पद 49।
BSEB में a, d और n तीनों प्रतिस्थापन से पहले लिखो।
CBSE में (n − 1) को n मत बदलो। यही सबसे आम कटौती है।
4 + 9×5।
a10 = 49।
गलत — सही सूत्र a + (n − 1)d है।
9 × 5।
45। फिर पद 4 + 45 = 49।
(1 − 1)d = 0।
पहला पद a है।
सही — हर पद a + (n − 1)d देता है।
an = a + (n − 1)d। a8 = 7 + 7×(−3) = 7 − 21 = −14।
Which term is it — finding n · an दिया है · n पूर्णांक
यदि कोई संख्या श्रेढ़ी में है, तो वह किसी n के लिए an के बराबर है। संख्या = a + (n − 1)d लिखकर n निकालो।
n धनात्मक पूर्णांक आना चाहिए। भिन्न n आए तो वह संख्या इस श्रेढ़ी का पद नहीं है। d से भाग देने से पहले समान पद एक ओर जमा करो।
3, 8, 13, 18, ... में 78 किस स्थान पर है? 78 = 3 + (n − 1)×5। पहले 75 = (n − 1)×5 लिखो, फिर n − 1 = 15। n सीधे 15 नहीं है।
प्रश्न: 3, 8, 13, 18, ... का कौन-सा पद 78 है?
सूत्र: an = a + (n − 1)d।
प्रतिस्थापन: a = 3, d = 5। 78 = 3 + (n − 1)×5। 75 = (n − 1)×5। n − 1 = 15।
उत्तर: n = 16। यथातथ 16वाँ पद 78 है। जाँच: 3 + 15×5 = 78।
BSEB में n − 1 = 15 और n = 16 दोनों पंक्तियाँ रखो।
CBSE में भिन्न n को “पद नहीं” लिखो। उसे जबरदस्ती पूर्णांक मत बनाओ।
n − 1 = 15।
16वाँ पद।
गलत — पद संख्या धनात्मक पूर्णांक होती है।
75 / 5।
15। इसलिए n = 16।
(n − 1)×3 = 0।
n − 1 = 0, n = 1। यह प्रथम पद ही है।
a = 5, d = 4। 49 = 5 + (n − 1)×4। 44 = (n − 1)×4। n − 1 = 11। n = 12। जाँच: 5 + 11×4 = 49।
The sum Sn = n/2 [2a + (n − 1)d] · NCERT 5.4 · प्रश्नावली 5.3
प्रथम n पदों का योग Sn = n/2 [2a + (n − 1)d] है। प्रश्नावली 5.3 यही है। 5.4 ऐच्छिक अभ्यास है।
n/2 को अंत में लगाओ। पहले कोष्ठक का मान निकालो। प्रथम n धन पूर्णांकों का योग भी यही सूत्र है: a = 1, d = 1 से Sn = n(n + 1)/2।
2, 5, 8 के पहले तीन पदों का योग 15 है। सूत्र: S3 = 3/2 [4 + 2×3] = 3/2 × 10 = 15। छोटा जोड़ सूत्र से मिले तो बड़ा n भी उसी रास्ते चलेगा।
प्रश्न: 2, 5, 8, ... के प्रथम 10 पदों का योग निकालो।
सूत्र: Sn = n/2 [2a + (n − 1)d]।
प्रतिस्थापन: a = 2, d = 3, n = 10। S10 = 10/2 [4 + 9×3] = 5 × [4 + 27] = 5 × 31।
उत्तर: यथातथ योग 155।
BSEB में 2a और (n − 1)d अलग पंक्ति में जोड़ो।
CBSE में n/2 × कोष्ठक का गुणन अंत में एक संख्या हो। बीच में छोड़ना अधूरा है।
10-सेकंड रिवीजन
5 × 31।
S10 = 155।
सही — a = 1, d = 1 से यही निकलता है।
पाँच गुना इकतीस।
155।
10×11/2।
S10 = 55।
गलत — कोष्ठक का मान पहले निकालो।
a = 7, d = 4, n = 8। S8 = 8/2 [14 + 7×4] = 4 × [14 + 28] = 4 × 42 = 168।
The sum with the last term, and a saving · Sn = n/2 (a + l) · रुपये
यदि अंतिम पद l पता हो तो Sn = n/2 (a + l)। यह पहले सूत्र के बराबर है, क्योंकि l = a + (n − 1)d।
पैसे की सूची में इकाई रुपये लिखो। महीने का नंबर n है। 12वें महीने की रकम an है और साल भर का जोड़ Sn है। दोनों को एक ही संख्या मत समझना।
पहला महीना 100 रुपये, हर महीने 20 रुपये अधिक। 12वाँ महीना an है। बारह महीनों का कुल जोड़ Sn है। पहले an निकालो, फिर Sn। अंतिम पद वाला सूत्र तभी लगाओ जब अंतिम पद पहले से पता हो।
प्रश्न: प्रथम पद 5, अंतिम पद 45 और योग 400 है। n और d निकालो।
सूत्र: Sn = n/2 (a + l) और d = (l − a)/(n − 1)।
प्रतिस्थापन: 400 = n/2 (5 + 45) = 25n। n = 16। d = (45 − 5)/15 = 40/15।
उत्तर: यथातथ n = 16 और d = 8/3। जाँच: S16 = 16/2 × (5 + 45) = 400।
BSEB में n और d दोनों माँगे हों तो दोनों जाँच लिखो।
CBSE पैसे वाले उत्तर में रुपये की इकाई छोड़ना अंक काटता है।
10-सेकंड रिवीजन
25n = 400।
n = 16।
गलत — एक an है और दूसरा Sn।
40/15।
d = 8/3।
a = 100, d = 20, n = 12। a12 = 100 + 11×20 = 320 रुपये। S12 = 12/2 [200 + 11×20] = 6 × 420 = 2520 रुपये।
प्रकार चुनो। पाठों के 30 जाँच-प्रश्न अलग हैं — हर पाठ में जितने उसके विषय माँगते हैं। सब सही होने पर महारत ★ मिलती है।
कोई भी प्रश्न «सत्यापित PYQ» नहीं है। BSEB वाला सेट मॉडल अभ्यास है। CBSE वाले प्रश्न CBSE-शैली हैं, किसी वर्ष के पेपर की प्रति नहीं।
7 − 10।
d = −3।
4 + 9×5।
49।
n − 1 = 15।
16वाँ पद।
5 × 31।
155।
25n = 400।
n = 16।
अंतर स्थिर नहीं।
समांतर नहीं।
last।
अंतिम पद।
10×11/2।
55।
100 + 11×20।
320 रुपये। 2520 कुल योग है।
पहला पद ही पहला योग है।
S1 = a।
40/15।
8/3।
चार अंतर।
a + 4d।
सही — सूची तब घटती है।
गलत — अंतर स्थिर होना चाहिए।
सही सूत्र।
गलत — n धनात्मक पूर्णांक है।
सही योग सूत्र।
गलत — an और Sn अलग हैं।
गलत — सब पद बराबर हों तो भी समांतर है।
सही — अंतिम पद सामान्य पद ही है।
d।
अंतर।
1।
एक कम।
155।
पाँच गुना 31।
16।
25n = 400।
1।
n(n+1)/2।
320 रुपये।
12वाँ महीना।
n−1।
पिछला योग।
4।
5 − 1।
पद में (n−1)d, योग में n/2 और कोष्ठक, अंतिम पद वाले योग में (a+l), अंतर घटाने से।
5.1 पहचान, 5.2 पद, 5.3 योग, 5.4 ऐच्छिक।
अभिकथन (A): 10, 7, 4, 1 एक समांतर श्रेढ़ी है।
कारण (R): हर अंतर −3 है।
दोनों सही हैं और R व्याख्या है।
अभिकथन (A): an = a + (n − 1)d।
कारण (R): प्रथम n धन पूर्णांकों का योग n(n + 1)/2 है।
दोनों सही हैं, पर R पद के सूत्र की व्याख्या नहीं है।
अभिकथन (A): 2, 5, 8, ... का S10 = 155 है।
कारण (R): इस श्रेढ़ी का सार्व अंतर 2 है।
A सही है। R गलत है, d = 3।
अभिकथन (A): 2, 4, 8, 16 समांतर श्रेढ़ी है।
कारण (R): समांतर श्रेढ़ी में अंतर स्थिर होना चाहिए।
A गलत है। R सही है।
अभिकथन (A): a = 5, l = 45 और योग 400 में 16 पद हैं।
कारण (R): 400 = n/2 × 50, इसलिए n = 16।
दोनों सही हैं और R गणना है।
पहली d = 4, तीसरी d = −3, चौथी d = 0। दूसरी के अंतर बदलते हैं।
320 और 100 पद हैं। 2520 और बारह का जोड़ योग है।
ऐसी सूची जिसमें हर पद पिछले पद में एक निश्चित संख्या d जोड़कर बने।
an = a + (n − 1)d।
Sn = n/2 [2a + (n − 1)d] और Sn = n/2 (a + l)।
a = S1। n ≥ 2 पर an = Sn − S(n − 1)।
a = 6, d = 4। a15 = 6 + 14×4 = 6 + 56 = 62।
a = 4, d = 3, n = 12। S12 = 12/2 [8 + 11×3] = 6 × [8 + 33] = 6 × 41 = 246।
S1 = 4 − 1 = 3 = a। S2 = 8 − 4 = 4। a2 = 4 − 3 = 1। d = 1 − 3 = −2।
S = n(n + 1)/2 = 20×21/2 = 210।
a20 = 8 + 19×3 = 8 + 57 = 65। S20 = 20/2 [16 + 19×3] = 10 × [16 + 57] = 10 × 73 = 730।
350 = 17 + (n − 1)×9। 333 = (n − 1)×9। n − 1 = 37। n = 38। S = 38/2 × (17 + 350) = 19 × 367 = 6973।
a = 50, d = 10। a10 = 50 + 9×10 = 140 रुपये। S10 = 10/2 [100 + 9×10] = 5 × 190 = 950 रुपये। 140 एक सप्ताह है, 950 दस सप्ताहों का जोड़ है।
यह मॉडल सेट अभ्यास के लिए है। किसी वर्ष की वार्षिक परीक्षा का प्रश्न नहीं है।
d = 0 भी मान्य है।
5, 5, 5, 5 का d = 0 है।
3 + 5×4।
23।
110।
5 × 22।
20 = 4 + (n − 1)×4। 16 = (n − 1)×4। n − 1 = 4। n = 5। हाँ, 5वाँ पद।
S = 10/2 (9 + 81) = 5 × 90 = 450। d = (81 − 9)/9 = 72/9 = 8।
अभिकथन (A): 1 से 10 तक की धन संख्याओं का योग 55 है।
कारण (R): n(n + 1)/2 में n = 10 रखने पर 55 मिलता है।
दोनों सही हैं और R व्याख्या है।
ये योग्यता-आधारित अभ्यास प्रश्न हैं। किसी वर्ष के प्रश्नपत्र की प्रति नहीं हैं।
(10 − 1) बार।
4 + 9×5 = 49। 54 एक पद आगे है।
20 + 6×5।
a7 = 20 + 6×5 = 50 रुपये। सात दिनों का योग अलग है।
अभिकथन (A): Sn = 4n − n² का प्रथम पद 3 है।
कारण (R): S1 = 4 − 1 = 3।
दोनों सही हैं और R व्याख्या है।
अभिकथन (A): योग Sn हमेशा nवें पद के बराबर होता है।
कारण (R): an एक पद है और Sn कई पदों का जोड़ है।
A गलत है। R सही है।
a = 15, d = 3। a8 = 15 + 7×3 = 36 रुपये। S8 = 8/2 [30 + 7×3] = 4 × 51 = 204 रुपये।
S1 = 2 = a। S2 = 6, a2 = 6 − 2 = 4। d = 2। अंतर स्थिर है, इसलिए समांतर है। an = 2 + (n − 1)×2 = 2n।
ऊपर «BSEB | CBSE» से बोर्ड बदलो। पाठ वही NCERT है।
इस पेज पर वार्षिक परीक्षा का सत्यापित प्रश्न नहीं है, क्योंकि स्रोत पृष्ठ नहीं जोड़ा गया। नीचे मॉडल सेट बोर्ड के पैटर्न पर अभ्यास के लिए है।
सत्यापित लेबल तभी लगेगा जब प्रश्न का स्रोत पृष्ठ उपलब्ध हो।
ये केस और अभिकथन-कारण अभ्यास हैं। इन्हें CBSE का पुराना प्रश्न मत समझो।
गलत प्रश्न जल्दी लौटते हैं, सही वाले कुछ दिन बाद।
आपने क्या सीखा
| क्या | याद रखने लायक |
|---|---|
| प्रथम पद | a |
| सार्व अंतर | d = a(k+1) − ak |
| nवाँ पद | an = a + (n − 1)d |
| n पदों का योग | Sn = n/2 [2a + (n − 1)d] |
| अंतिम पद से योग | Sn = n/2 (a + l) |
| पद, योग से | an = Sn − S(n−1), n ≥ 2 |
नोट्स मूल लेखन हैं। पाठ्यपुस्तक केवल क्रम और क्रियाकलाप-संख्या के लिए संदर्भ है। «सत्यापित» केवल स्रोत पृष्ठ वाले प्रश्न पर लिखा जाएगा।