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DOC-2026-001

BIhar Teacher Transfer Gazette 2026

अधिसूचनाNotification25 June 2026

BIhar Teacher Transfer Gazette 2026

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निबंधन संख्या पी0टी0-40 sie Rar Gai Cie i ul ED) सत्यपेव जयते बिहार <2 4 आषादरड 4948 (270) (सं० पटना 684) पटना, वृहस्पतिवार, 25 जून 2026 शिक्षा विभाग अधिसूचना 25 जून 2026 Wo 44(नि०),// वि०--33 / 2026-656---राज्य के प्रारंभिक विद्यालय से लेकर उच्च माध्यमिक विद्यालय के शिक्षकों, प्रधान शिक्षकों एवं प्रधानाध्यापकों के स्थानांतरण एवं पदस्थापन में बच्चों का निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009, राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020, छात्रों का शैक्षणिक हित, विद्यालयों का सुचारु संचालन, शिक्षक-छात्र अनुपात, विषयवार शिक्षक उपलब्धता तथा विभाग द्वारा निर्धारित मानक एवं शिक्षकों की वास्तविक कठिनाइयों, स्वास्थ्य संबंधी कारणों, दिव्यांगता, पति-पत्नी के पदस्थापन, पारिवारिक परिस्थितियों तथा अन्य मानवीय आधारों पर भी निष्पक्ष, पारदर्शी एवं संरचित करने का मामला सरकार स्तर पर विचाराधीन था। उक्त के आलोक में विद्यालयों की आवश्यकता और छात्रों के हित को केंद्र में रखते हुए शिक्षक कल्याण के यथोचित मामलों पर समुचित विचार तथा स्थानांतरण की प्रक्रिया पारदर्शी, पोर्टल-आधारित और नियमबद्ध करने हेतु भारत के संविधान के अनुच्छेद 309 के परन्तुक द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार के राज्यपाल राज्य के राजकीय /राजकीयकृत प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत नियमित शिक्षकों, विद्यालय अध्यापकों, विशिष्ट शिक्षकों, प्रधान शिक्षकों एवं प्रधानाध्यापकों के स्थानान्तरण, को विनियमित करने हेतु निम्नलिखित नियमावली बनाते हैं। 4. संक्षिप्त नाम, विस्तार एवं प्रारंभ - (4) यह नियमावली “बिहार राज्य शिक्षक स्थानान्तरण, नियमावली, 2026” कही जायेगी। (2) इसका विस्तार सम्पूर्ण बिहार राज्य में होगा। (3) यह राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से प्रवृत्त होगी। 2. परिभाषाएँ -इस निमयावली में विषय या संदर्भ विरूद्ध कोई बात न हो :-

(i) “विद्यालय” से afta है, बिहार सरकार द्वारा संचालित एवं नियंत्रित राजकीय, राजकीयकृत, प्रोजेक्ट कन्या एवं राजकीय बुनियादी विद्यालय, जिसमें सभी उत्क्रमित,/नव स्थापित उच्च माध्यमिक विद्यालय भी सम्मिलित है, परंतु इसमें अल्पसंख्यक विद्यालय एवं सहायता प्राप्त विद्यालय जो राज्य सरकार द्वारा पूर्णतः अथवा अंशतः वित्त पोषित है, शामिल नहीं हैं।

2 बिहार गजट (असाधारण), 25 जून 2026

(ii) vad विद्यालय” से अभिप्रेत है, वह विद्यालय जहां कक्षा 4 से 5 तक की पढ़ाई होती है;

(iii) “मध्य विद्यालय” से अभिप्रेत है, वह विद्यालय जहां कक्षा 6 से 8 तक अथवा कक्षा ॥ से 8 तक की पढ़ाई होती है;

(iv) Bolg विद्यालय” से afta है, वह विद्यालय जहां कक्षा ॥ से 8 तक की पढ़ाई होती है;

(५) माध्यमिक विद्यालय” से अभिप्रेत है, वह विद्यालय जहां कक्षा t0 तक की पढ़ाई होती है;

(vi) at माध्यमिक विद्यालय” से अभिप्रेत है, वह विद्यालय जहां कक्षा i2 तक की पढ़ाई होती है;

(vii) “शिक्षक” से अभिप्रेत है राजकीय एवं राजकीयकृत प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक उच्च माध्यमिक विद्यालयों तथा प्रोजेक्ट कन्या उच्च विद्यालय के सहायक शिक्षक, स्नातक शिक्षक, विद्यालय अध्यापक, विशिष्ट शिक्षक, प्रधान शिक्षक एवं प्रधानाध्यापक। इसमें त्रिस्तरीय पंचायतों एवं नगर निकायों द्वारा नियुक्त शिक्षक शामिल नहीं हैं;

(शा) “प्रधानाध्यापक” से अभिप्रेत है, मध्य एवं माध्यमिक ,/” उच्च माध्यमिक विद्यालयों में नियमित रूप से नियुक्त प्रधानाध्यापक, जिसमें बिहार राज्य उच्च माध्यमिक विद्यालय प्रधानाध्यापक (नियुक्ति, स्थानांतरण, अनुशासनिक कार्रवाई एवं सेवाशर्त) नियमावली 2024 के तहत नियुक्त प्रधानाध्यापक भी शामिल हैं;

(ix) “प्रधान शिक्षक” से अभिप्रेत है, बिहार प्रारंभिक विद्यालय प्रधान शिक्षक नियमावली 2024 के तहत नियुक्‍त प्रधान शिक्षक;

(x) “राज्य सरकार” से अभिप्रेत है, बिहार सरकार;

(xi) “विभाग” से अभिप्रेत है, शिक्षा विभाग;

(xii) “नियुक्ति प्राधिकार” से afta है,

(क) प्रारंभिक विद्यालयों के सहायक शिक्षक, स्नातक शिक्षक, प्रधानाध्यापक, प्रधान शिक्षक, विद्यालय अध्यापक एवं विशिष्ट शिक्षकों तथा माध्यमिक / उच्च माध्यमिक विद्यालय के विद्यालय अध्यापक, विशिष्ट शिक्षक के लिए संबंधित जिला के जिला शिक्षा पदाधिकारी।

(ख) बिहार राज्य उच्च माध्यमिक विद्यालय प्रधानाध्यापक (नियुक्ति, स्थानांतरण, अनुशासनिक कार्रवाई एवं सेवाशर्त) नियमावली 2024 के तहत नियुक्त प्रधानाध्यापक के लिए संबंधित प्रमण्डल के क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक;

(ग) माध्यमिक /उच्च माध्यमिक विद्यालयों के सहायक शिक्षक एवं बिहार राजकीयकृत माध्यमिक विद्यालय सेवाशर्त नियमावली t983 (यथा संशोधित 2006) के अधीन नियुक्त प्रधानाध्यापक के लिए निदेशक माध्यमिक शिक्षा।

(xiii) “जिला स्थापना समिति” से अभिप्रेत है, जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में शिक्षकों के स्थानांतरण हेतु जिला स्तर पर गठित जिला स्थापना समिति।

(iv) “प्रमण्डलीय स्थापना समिति” से अभिप्रेत है, प्रमण्डलीय आयुक्त की अध्यक्षता में शिक्षकों के स्थानान्तरण हेतु प्रमण्डल स्तर पर गठित प्रमण्डलीय स्थापना समिति।

(xv) “राज्य स्थापना समिति” से अभिप्रेत है, निदेशक, माध्यमिक शिक्षा/ निदेशक, प्राथमिक शिक्षा की अध्यक्षता में शिक्षकों के स्थानांतरण हेतु राज्य स्तर पर गठित राज्य स्थापना समिति।

(vi) “मानक मंडल” से अभिप्रेत है, विभाग द्वारा निर्धारित न्यूनतम शिक्षक उपलब्धता मानक, जिसके आधार पर विद्यालयवार शिक्षक आवश्यकता, रिक्ति, शिक्षक-अभाव वाले विद्यालय तथा अपेक्षाकृत अधिशेष विद्यालयों की पहचान की जाएगी।

(शो) “विभागीय पोर्टल” से अभिप्रेत है, विभाग द्वारा अधिसूचित ऑनलाइन पोर्टल, जिसके माध्यम से शिक्षक प्रोफाइल अद्यतन, रिक्ति प्रकाशन, स्थानांतरण आवेदन, विकल्प, पारस्परिक स्थानांतरण आवेदन, सहमति, शिकायत ,/अपील, समिति की कार्यवाही एवं स्थानांतरण आदेश की प्रक्रिया की जाएगी।

(xviii) “शिक्षक-अभाव वाला विद्यालय” से अभिप्रेत है, ऐसा विद्यालय जहाँ शिक्षक उपलब्धता विभाग द्वारा निर्धारित मानक मंडल, RTE/PTR मानक, वर्गवार आवश्यकता अथवा विषयवार आवश्यकता के अनुरूप नहीं है।

बिहार गजट (असाधारण), 25 जून 2026 3

(xix) “अपेक्षाकृत अधिशेष विद्यालय” से अभिप्रेत है, ऐसा विद्यालय जहाँ शिक्षक उपलब्धता विभाग द्वारा निर्धारित मानक मंडल एवं अन्य लागू मानकों की तुलना में अधिक पाई जाती है।

(xx) “समायोजन / समानुपातीकरण” से atta है, विभाग द्वारा निर्धारित मानक मंडल, RTE/PTR मानक, वर्गवार आवश्यकता, विषयवार आवश्यकता एवं अन्य लागू विभागीय मानकों के आधार पर अपेक्षाकृत अधिशेष विद्यालयों से शिक्षक-अभाव वाले विद्यालयों में शिक्षकों का स्थानांतरण / पदस्थापन, ताकि विद्यालयवार शिक्षक उपलब्धता को संतुलित किया जा सके तथा विद्यार्थियों के शैक्षणिक हित, शिक्षण-अधिगम की निरंतरता एवं विद्यालयों का सुचारू संचालन सुनिश्चित हो सके।

(xi) “गृह पंचायत ,/गृह वार्ड” से अभिप्रेत है, शिक्षक द्वारा घोषित एवं सक्षम प्राधिकार द्वारा सत्यापित स्थायी निवास की पंचायत / as |

(xxii) “गृह प्रखंड” से अभिप्रेत है, शिक्षक के गृह पंचायत / गृह वार्ड से संबंधित प्रखंड ।

(xxiii) “अधिमान्यता af से अभिप्रेत है, असाध्य रोग, गंभीर बीमारी, दिव्यांगता, पति-पत्नी पदस्थापन, विधवा, परित्यक्ता / विधिक रूप से पृथक महिला शिक्षक, एकल अभिभावक अथवा विभाग द्वारा अधिसूचित अन्य विशेष श्रेणी।

(xxiv) “सामान्य स्थानांतरण” से अभिप्रेत है, अधिसूचित रिक्तियों के विरुद्ध पात्र शिक्षक द्वारा विभागीय पोर्टल के माध्यम से विकल्प देकर किया गया स्थानांतरण आवेदन।

(xxv) “पारस्परिक स्थानांतरण” से अभिप्रेत है, दो पात्र शिक्षकों की संयुक्त सहमति के आधार पर, समान संवर्ग / समकक्ष श्रेणी, समान कोटि /कक्षा-श्रेणी तथा विषयवार पदस्थापन की स्थिति में समान विषय के आधार पर किया जाने वाला WATT |

3. स्थानान्तरण हेतु सामान्य सिद्धांतः-

(i) छात्रों का शैक्षणिक हित, शिक्षण-अधिगम की निरंतरता तथा विद्यालयों का सुचारु संचालन स्थानांतरण एवं पदस्थापन के सभी मामलों में सर्वोपरि विचार होगा।

(ii) स्थानांतरण को अधिकार के रूप में दावा नहीं किया जा सकेगा।

(ii) कोई भी स्थानान्तरण विभाग द्वारा समय-समय पर निर्गत मानक मंडल एवं उसके क्रियान्वयन हेतु निर्गत मानक संचालन प्रक्रिया के अधीन किया जा सकेगा।

(iv) सभी स्थानांतरण रिक्ति, विद्यालय की आवश्यकता, मानक मंडल, प्रशासनिक आवश्यकता तथा छात्रों के शैक्षणिक हित के अधीन होंगे।

(v) जहाँ किसी एक पद, विद्यालय अथवा स्थानांतरण श्रेणी के लिए एक से अधिक पात्र शिक्षक उपलब्ध हों, वहाँ वरीयता का निर्धारण इस नियमावली के अनुलग्नक-+ में वर्णित अंक-आधारित प्रणाली के अनुसार किया जाएगा। उक्त अंक-आधारित प्रणाली में सेवा अंक, पदस्थापन स्थल अंक एवं वरीयता अंक को सम्मिलित किया जाएगा।

(vi) वास्तविक कठिनाई के मामलों पर निष्पक्ष एवं संरचित रूप से विचार किया जाएगा, परंतु ऐसा विचार विद्यालय के सुचारु संचालन एवं छात्रों के हित को प्रभावित किये बिना किया जाएगा।

(शा) कोई भी स्थानांतरण सामान्यतः: तब नहीं किया जाएगा, जब उसके फलस्वरूप विद्यालय में गंभीर शिक्षक-अभाव उत्पन्न हो, शिक्षण-अधिगम प्रभावित हो अथवा विद्यालय का संचालन बाधित हो।

(viii) एकल-शिक्षक विद्यालयों तथा शिक्षक-अभाव वाले विद्यालयों को स्थानांतरण पर विचार करते समय संरक्षित रखा जाएगा।

(ix) शिक्षकों का स्थानान्तरण सामान्यतः उनके सेवाकाल के प्रत्येक पाँच वर्ष पर किया जा सकेगा।

(x) शिक्षकों के स्थानांतरण पर विभाग द्वारा निर्धारित न्यूनतम सेवा-अवधि पूर्ण होने के उपरांत विचार किया जा सकेगा। तथापि, ऐसा स्थानांतरण स्वतः अथवा अनिवार्य नहीं होगा तथा वह रिक्ति, विद्यालय की आवश्यकता, मानक मंडल, शिक्षक आवश्यकता मानक, प्रशासनिक आवश्यकता एवं छात्रों के शैक्षणिक हित के अधीन होगा।

विशेष परिस्थिति, स्वास्थ्यगत आधार, दिव्यांगता, पति-पत्नी पदस्थापन अथवा अन्य विभागीय रूप से अधिसूचित आधारों पर न्यूनतम सेवा-अवधि से पूर्व भी स्थानांतरण पर सक्षम समिति द्वारा विचार किया जा सकेगा।

4 बिहार गजट (असाधारण), 25 जून 2026 (i) पारस्परिक स्थानांतरण तभी अनुमान्य होगा जब- (क) दोनों शिक्षक विभागीय पोर्टल पर संयुक्त सहमति दें; (ख) दोनों शिक्षक समान संवर्ग अथवा समकक्ष श्रेणी के हों; (ग) दोनों शिक्षक समान कोटि / कक्षा-श्रेणी के हों, जहाँ ऐसा लागू हो; (घ) विषयवार पदस्थापन की स्थिति में दोनों शिक्षक समान विषय के हों; (ड) गृह क्षेत्र संबंधी प्रतिबंधों का उल्लंघन न हो; (च) मानक मंडल, विद्यालय की आवश्यकता, शिक्षक उपलब्धता एवं प्रशासनिक आवश्यकता प्रभावित न हो।

(xii) जिला स्थापना समिति द्वारा जिले के अन्दर प्राथमिक एवं मध्य विद्यालय के शिक्षकों के लिए स्थानान्तरण,/ पदस्थापन की कार्रवाई विभाग द्वारा निर्धारित मानक शिक्षकों की संख्या के आधार पर की जायेगी। स्थानान्तरण ,/“पदस्थापन में इस बात का ध्यान रखा जायेगा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम के मानक का उल्लंघन नहीं हो। माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के लिए भी विषयवार स्थानान्तरण,/ पदस्थापन शिक्षकों की उपलब्धता एवं विभाग द्वारा निर्धारित मानक शिक्षकों की संख्या को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा।

(xiii) किसी भी शिक्षक का स्थानांतरण सामान्यतः निम्नलिखित परिस्थितियों में नहीं किया जाएगा-

(क) यदि स्थानांतरण के फलस्वरूप विद्यालय में न्यूनतम निर्धारित शिक्षक संख्या का मानक भंग हो रहा हो;

@ ae स्थानांतरण के फलस्वरूप RTE/PTR मानक के अनुसार शिक्षक-छात्र अनुपात प्रतिकूल रूप से प्रभावित हो रहा हो;

(ग) यदि स्थानांतरण के फलस्वरूप विद्यालय में किसी आवश्यक विषय के शिक्षक का पद रिक्त हो रहा हो;

(घ) यदि स्थानांतरण से विद्यालय में शिक्षण-अधिगम की निरंतरता गंभीर रूप से प्रभावित होने की संभावना हो।

(xiv) प्रारम्भिक विद्यालयों के विद्यालय अध्यापक, विशिष्ट शिक्षक, प्रधान शिक्षक एवं प्रधानाध्यापक का जिले के अन्दर स्थानांतरण जिला स्थापना समिति तथा अन्तर जिला स्थानान्तरण प्रमण्डलीय स्थापना समिति की अनुशंसा के आधार पर किया जाएगा।

(xv) माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के विद्यालय अध्यापक एवं विशिष्ट शिक्षक का जिले के अन्दर स्थानांतरण जिला स्थापना समिति तथा अन्तर जिला स्थानान्तरण प्रमण्डलीय स्थापना समिति की अनुशंसा के आधार पर किया जाएगा। सहायक शिक्षक एवं प्रधानाध्यापक का प्रमण्डल के अंदर स्थानान्तरण भी प्रमण्डलीय स्थापना समिति द्वारा किया जाएगा।

(xvi) माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के सहायक शिक्षक एवं प्रधानाध्यापक का अंतर:-प्रमण्डल WRT राज्य स्थापना समिति की अनुशंसा के आधार पर किया जाएगा।

(vil) सभी तरह के स्थानांतरण की कार्रवाई विभागीय पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। जिला, प्रमण्डल ,// राज्य स्थापना समिति की अनुशंसा के आलोक में स्थानांतरण आदेश भी इसी पोर्टल से जिला शिक्षा पदाधिकारी के डिजिटल हस्ताक्षर से निर्गत हागा। इसके लिए जिला/ प्रमण्डलीय / राज्य स्थापना समिति द्वारा स्थानांतरण संबंधी अनुशंसा के आलोक में जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा विभागीय पोर्टल पर आवश्यक प्रविष्टि की जाएगी एवं समिति की बैठक की कार्यवाही भी अपलोड की जाएगी।

(शा) राज्य/प्रमण्डल / जिला स्थापना समिति की बैठक सामान्यतः वर्ष में एक बार मार्च माह में की जाएगी। मार्च माह में स्थानान्तरण पर विचारण हेतु अभ्यावेदन विभागीय पोर्टल पर लिये जायेंगे।

(xix) विशेष कारणवश अथवा प्रशासनिक दृष्टिकोण से स्थानांतरण हेतु स्थापना समिति की बैठक कभी भी आयोजित की जा सकेगी।

(xx) जिले के भीतर स्थानान्तरण संबंधी किसी भी विसंगति के मामलों का निपटारा जिला स्थापना समिति, प्रमण्डल स्तर की विसंगति प्रमण्डलीय स्थापना समिति द्वारा तथा राज्य स्तर की विसंगति राज्य स्थापना समिति द्वारा किया जायेगा।

बिहार गजट (असाधारण), 25 जून 2026 5 3. (क) समायोजन / समानुपातीकरण-

() विभाग मानक मंडल, RTE/PTR मानक, वर्गवार आवश्यकता, विषयवार आवश्यकता एवं अन्य विभागीय मानकों के आधार पर शिक्षक-अभाव वाले विद्यालयों तथा अपेक्षाकृत अधिशेष विद्यालयों की पहचान कर सकेगा।

(0) अपेक्षाकृत अधिशेष विद्यालयों से शिक्षक-अभाव वाले विद्यालयों में शिक्षकों का समायोजन, समानुपातीकरण विद्यालय की आवश्यकता, उपलब्ध रिक्ति, वर्गवार आवश्यकता, विषयवार आवश्यकता, प्रशासनिक आवश्यकता एवं विद्यार्थियों के शैक्षणिक हित के अधीन किया जाएगा।

(ii) समायोजन, समानुपातीकरण की प्रक्रिया विभागीय पोर्टल पर उपलब्ध अद्यतन आंकड़ों, शिक्षक प्रोफाइल, विद्यालयवार शिक्षक उपलब्धता, रिक्ति, अधिशेष /अभाव की स्थिति तथा लागू मानकों के आधार पर की जाएगी।

(jv) समायोजन,समानुपातीकरण के क्रम में शिक्षकों की पहचान एवं प्राथमिकता निर्धारण, जहाँ लागू हो, इस नियमावली के अनुलग्नक-+ में वर्णित अंक-आधारित प्रणाली तथा विभाग द्वारा समय-समय पर निर्गत मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा।

(४) ऐसा समायोजन,समानुपातीकरण इस प्रकार किया जाएगा कि किसी विद्यालय में न्यूनतम निर्धारित शिक्षक संख्या, RTE/PTR मानक, आवश्यक विषयों की उपलब्धता तथा शिक्षण-अधिगम की निरंतरता प्रतिकूल रूप से प्रभावित न हो।

(४) समायोजन/समानुपातीकरण हेतु पात्रता, प्राथमिकता निर्धारण, आदेश निर्गमन, योगदान, कार्यमुक्ति तथा अन्य प्रक्रियात्मक विषय विभाग द्वारा आवश्यकतानुसार दिशा-निर्देश / मानक संचालन प्रक्रिया के माध्यम से विनिर्दिष्ट किए जा सकेंगे।

4. विशेष परिस्थिति में स्थानान्तरण |-विशेष परिस्थिति के कारण शिक्षकों के स्थानान्तरण हेतु अधिमानता (order of preference) निम्नवत्‌ होगी :- [ wool श्रम | = [5] [७] उक्त अधिमान्यता क्रम प्राथमि निर्धारण मार्गदर्श । सभी स्थानांतरण रिक्ति, विद्यालय की आवश्यकता, मानक मंडल, शिक्षक आवश्यकता मानक, प्रशासनिक आवश्यकता एवं छात्रों के शैक्षणिक हित के अधीन होंगे। चिकित्सा एवं दिव्यांगता संबंधी दावे सक्षम चिकित्सा प्राधिकार यथासंभव सिविल सर्जन, मेडिकल बोर्ड द्वारा निर्गत प्रमाण-पत्र के आधार पर ही विचारणीय होंगे। विभाग अथवा सक्षम प्राधिकार किसी भी चिकित्सा, दिव्यांगता अथवा अधिमान्यता श्रेणी के दावे का सत्यापन करा सकेगा। किसी शिक्षक द्वारा गलत सूचना, कूटरचित प्रमाण-पत्र, तथ्य छिपाने अथवा भ्रामक सूचना देने की स्थिति में संबंधित शिक्षक के विरुद्ध लागू नियमों एवं विधि के अधीन अनुशासनिक एवं विधिक कार्रवाई की जाएगी। 4. (क.) गृह क्षेत्र संबंधी स्थानान्तरण / पदस्थापन सिद्धांत-

(i) महिला शिक्षकों का पदस्थापन उनके अनुरोध पर, उनके गृह प्रखंड में, परंतु उनके अपने गृह पंचायत / ye वार्ड को छोड़कर, रिक्ति, विद्यालय आवश्यकता एवं प्रशासनिक आवश्यकता के अधीन विचारणीय होगा।

Gi) पुरुष शिक्षकों का पदस्थापन उनके अनुरोध पर, उनके गृह जिला में, परंतु उनके अपने गृह प्रखंड को छोड़कर, रिक्ति, विद्यालय आवश्यकता एवं प्रशासनिक आवश्यकता के अधीन विचारणीय होगा।

(ii) यह प्रावधान सामान्य स्थानांतरण, पारस्परिक स्थानांतरण तथा अनुरोध आधारित स्थानांतरण पर लागू होगी।

(५) गंभीर चिकित्सा स्थिति अथवा उच्च दिव्यांगता के मामलों में सक्षम प्राधिकार कारणों को अभिलिखित करते हुए उपर्युक्त प्रतिबंधों में छूट पर विचार कर सकेगा।

6 बिहार गजट (असाधारण), 25 जून 2026 4. (ख.) सामान्य स्थानांतरण का सिद्धांत- (i) सामान्य स्थानांतरण रिक्ति-आधारित एवं विकल्प-आधारित होगा। Gi) पात्र शिक्षक विभागीय पोर्टल के माध्यम से अधिसूचित रिक्तियों के विरुद्ध आवेदन एवं विकल्प प्रस्तुत कर सकेंगे। (7) यदि किसी विद्यालय के लिए केवल एक पात्र शिक्षक आवेदन करता है और स्थानांतरण अन्यथा अनुमान्य है, तो ऐसे मामले पर सीधे विचार किया जा सकेगा। (५) यदि एक ही विद्यालय में किसी एक पद के लिए एक से अधिक पात्र शिक्षक आवेदन करते हैं, तो वरीयता का निर्धारण इस नियमावली के अनुलग्नक-4 में वर्णित अंक-आधारित प्रणाली के अनुसार किया जाएगा। समान अंक प्राप्त होने की स्थिति में विभाग द्वारा वरीयता से संबंधित निर्गत आदेश के अनुसार दावे का निष्पादन किया जाएगा। (४) वांछित विद्यालय प्राप्त न होना अपने-आप में शिकायत अथवा अपील का वैध आधार नहीं होगा। 5. प्रशासनिक दृष्टिकोण :-

(6) विद्यालय में निर्धारित न्यूनतम शिक्षक से कम शिक्षकों का पदस्थापन,/ कार्यरत रहना।

(ii) विद्यालय में शिक्षक-छात्र अनुपात के आलोक में अतिरिक्त शिक्षक की आवश्यकता।

(iii) विद्यालय में किसी विषय विशेष के शिक्षक की अनुपलब्धता।

(iv) शिक्षक का वित्तीय अनियमित्तता /सरकारी राशि का गबन अथवा किसी अपराधिक मामले में सन्निहित होना।

(५) शिक्षक के द्वारा दूसरे शिक्षक को पठन-पाठन नहीं करने हेतु उकसाना एवं विद्यालय के शैक्षणिक वातावरण को दूषित करना।

(शं) अनुशासनहीनता।

(शा) सरकारी आदेश की अवहेलना, शिक्षण कार्य हेतु सरकार के निदेश का अनुपालन नहीं करना।

(viii) लगातार विद्यालय विलंब से आना या विद्यालय में उपस्थिति दर्ज कर गायब हो जाना।

(ix) महिला शिक्षिका, छात्रा के साथ अमर्यादित व्यवहार की शिकायत।

(0) प्रशासनिक दृष्टिकोण से शिक्षकों को प्रखण्ड से बाहर स्थानांतरण जिला पदाधिकारी के द्वारा स्वतः संज्ञान लेते हुए या संबंधित जिला शिक्षा पदाधिकारी की अनुशंसा पर किया जा सकेगा। इसी प्रकार जिला पदाधिकारी अथवा जिला शिक्षा पदाधिकारी की अनुशंसा पर अथवा राज्य मुख्यालय के स्वत: संज्ञान में आने पर निदेशक, माध्यमिक शिक्षा / निदेशक, प्राथमिक शिक्षा प्रशासनिक दृष्टिकोण से शिक्षकों का स्थानांतरण जिला से बाहर कर सकेंगे।

(xi) उक्त कार्रवाई से पूर्व संबंधित शिक्षक को नोटिस निर्गत कर अपना पक्ष रखने हेतु 07 (सात) कार्य दिवस का समय दिया जाएगा। उत्तर प्राप्त नहीं होने अथवा संतोषजनक उत्तर नहीं रहने की स्थिति में सक्षम प्राधिकार द्वारा प्रखंड,“जिला स्थानांतरण की कार्रवाई की जा सकेगी।

(xii) प्रशासनिक दृष्टिकोण से स्थानांतरण अनुशासनिक कार्रवाई का विकल्प नहीं होगा। जहाँ आवश्यक हो, स्थानांतरण के अतिरिक्त लागू नियमों एवं विधि के अधीन पृथक अनुशासनिक, प्रशासनिक अथवा विधिक कार्रवाई की जा सकेगी।

(४7) प्रशासनिक स्थानांतरण से पूर्व संबंधित शिक्षक को सामान्यतः अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा।

(xiv) जहाँ बाल सुरक्षा, विद्यालय अनुशासन, स्थानीय विवाद, जाँच को प्रभावित होने से रोकने, गंभीर प्रशासनिक आवश्यकता अथवा विद्यालय के सुचारु संचालन की दृष्टि से तत्काल स्थानांतरण आवश्यक हो, वहाँ सक्षम प्राधिकार कारणों को अभिलिखित करते हुए पूर्व अवसर दिए बिना भी स्थानांतरण आदेश निर्गत कर सकेगा।

(४५) प्रशासनिक स्थानांतरण किसी भी समय किया जा सकेगा और यह वार्षिक /अर्द्धवार्षिक स्थानांतरण चक्र तक सीमित नहीं होगा।

बिहार गजट (असाधारण), 25 जून 2026 7 5. (क.) प्रतिनियुक्ति पर नियंत्रण-

(i) प्रतिनियुक्ति का उपयोग स्थानांतरण के विकल्प के रूप में नहीं किया जाएगा।

Gi) किसी शिक्षक को सामान्यतः ऐसे ढंग से प्रतिनियुक्त, संलग्न अथवा विद्यालय से बाहर कार्यरत नहीं रखा जाएगा, जिससे शिक्षण-अधिगम बाधित हो अथवा विद्यालय में शिक्षक-अभाव उत्पन्न हो।

ii) किसी भी प्रतिनियुक्ति, संलग्नता अथवा गैर-विद्यालयीय प्रतिनियुक्ति हेतु सक्षम प्राधिकार की लिखित स्वीकृति तथा कारणों का अभिलेखन आवश्यक होगा।

(५) स्थानांतरित शिक्षक को पूर्व पदस्थापन स्थल पर प्रतिनियुक्ति, संलग्नता, मौखिक आदेश अथवा अनौपचारिक व्यवस्था द्वारा रोका नहीं जाएगा।

(v) अतिनियक्ति से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश विभाग द्वारा पृथक रूप से निर्गत किये जा सकेंगे।

6. स्थापना समित्ति :- (6) जिला स्थापना समिति।- जिले के अन्दर wT हेतु जिला स्थापना समिति का स्वरूप निम्नवत्‌ होगाः- a [4 | जिला पदाधिकारी... | उध्यक्ष जिला पदाधिकारी द्वारा अनुसूचि / ति श्रेणी का | सदस्य मनोनीत एक पदाधिकारी। जिला पदाधिकारी द्वारा मनोनीत एक महिला ata उप | सदस्य wed; नहीं होने की स्थिति में कोई अन्य महिला पदाधिकारी | जिला पदाधिकारी द्वारा मनोनीत अल्पसंख्यक श्रेणी का एक | सदस्य || पदाधिकारी | Gi) प्रमण्डलीय स्थापना समिति|-अन्तर जिला एवं प्रमण्डल के अन्दर WRT हेतु प्रमण्डल स्तर पर गठित प्रमण्डलीय स्थापना समिति का स्वरूप निम्नवत्‌ होगाः- [ 4. ] प्रमण्डलीय आयुक्त अध्यक्ष प्रमण्डलीय आयुक्त द्वारा मनोनीत अनुसूचित जाति, जनजाति सदस्य श्रेणी का एक पदाधिकारी। प्रमण्डलीय आयुक्त द्वारा मनोनीत अल्पसख्यक श्रेणी का एक सदस्य || (#) राज्य स्थापना समिति।-विशेष परिस्थिति के कारण अंतर-जिला WAIT हेतु राज्य स्तर पर गठित राज्य स्थापना समिति का स्वरूप निम्नवत्‌ होगाः- || निदेशक, माध्यमिक शिक्षा (उच्च modo के सं अध्यक्ष में) / निदेशक, प्राथमिक शिक्षा (प्रारंभिक विद्यालय के संदर्भ में) 2. | उप निदेशक, माध्यमिक शिक्षा (उच्च मा0०वि0 )/ | सदस्य सचिि |... उप निदेशक प्रथनेक शिशा धारक कधालय के संदर्भ न अपर मुख्य सचिव/सचिव, शिक्षा विभाग द्वारा मनोनी सदस्य | अपर मुख्य सचिव,” सचिव, शिक्षा वि द्वारा मनोनीत एक सदस्य | अपर मुख्य सचिव,सचिव, शिक्षा वि द्वारा मनोनीत एक सदस्य हि

8 बिहार गजट (असाधारण), 25 जून 2026

(iv) स्थापना समिति के कार्य एवं दायित्व-

(i) जिला स्थापना समिति जिले के भीतर स्थानांतरण मामलों पर विचार करेगी।

(ii) प्रमंडलीय स्थापना समिति उसी प्रमंडल के भीतर अंतर-जिला स्थानांतरण मामलों पर विचार करेगी।

Gi) राज्य स्थापना समिति अंतर-प्रमंडलीय स्थानांतरण, राज्य स्तरीय विशेष मामलों तथा विभाग द्वारा संदर्भित मामलों पर विचार करेगी।

(५) अंतर-जिला स्थानांतरण के मामलों में प्रमंडलीय स्थापना समिति संबंधित जिला आवंटित करेगी। तत्पश्चात आवंटित जिला की जिला स्थापना समिति विद्यालय का पदस्थापन निर्धारित करेगी।

(v) अंतर-प्रमंडलीय अथवा राज्य स्तरीय मामलों में राज्य स्थापना समिति संबंधित जिला आवंटित करेगी। तत्पश्चात आवंटित जिला की जिला स्थापना समिति विद्यालय का पदस्थापन निर्धारित करेगी।

(vi) विद्यालय पदस्थापन उपलब्ध रिक्ति, विद्यालय की आवश्यकता, विभाग द्वारा समय-समय पर निर्धारित मानक मंडल तथा उसके क्रियान्वय हेतु निर्गत मानक संचालन प्रक्रिया, विषयवार एवं प्रशासनिक आवश्यकता के आधार पर किया जाएगा।

(शा) जिला, प्रमंडलीय एवं राज्य स्थापना समिति की अनुशंसा एवं बैठक की कार्यवाही विभागीय पोर्टल पर अभिलिखित ,/ अपलोड की जाएगी।

(शा) सक्षम समिति की स्वीकृति के उपरांत स्थानांतरण आदेश विभागीय पोर्टल के माध्यम से निर्गत किये जाएंगे।

(x) सभी स्तर के स्थापना समिति द्वारा स्थानान्तरण संबंधी निर्णय हेतु विभागीय पोर्टल पर उपलब्ध अद्यतन आँकड़ों का उपयोग किया जाएगा। इस हेतु सभी तरह के आँकड़े विभागीय पोर्टल पर संधारित रहेगा।

(x) जिला शिक्षा पदाधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी स्थापना समिति की बैठक से पूर्व विद्यालयवार कार्यरत शिक्षकों की अद्यतन जानकारी तथा विषयवार रिक्ति की स्थिति विभागीय पोर्टल पर अद्यतन कर दी गई हो।

7. कठिनाईयों का निराकरण | इस नियमावली के प्रावधानों को लागू करने में उत्पन्न कठिनाईयों का निराकरण, नियमावली के प्रावधानों के अधीन अधिसूचना, आदेश द्वारा, करने की शक्ति शिक्षा विभाग में निहित होगी।

8. अपील ।- इस नियमावली के प्रावधानों के अधीन-

(क) जिला स्थापना समिति द्वारा स्थानान्तरण के संबंध में लिये गए निर्णय से व्यथित कोई शिक्षक, स्थानान्तरण आदेश निर्गत होने की तिथि के 45 दिनों के अंदर प्रमण्डलीय आयुक्त के समक्ष अपील दायर कर सकेगा।

(ख) प्रमण्डलीय स्थापना समिति द्वारा स्थानान्तरण के संबंध में लिए गये निर्णय से व्यथित कोई शिक्षक, स्थानान्तरण्ध आदेश निर्गत होने की तिथि के t5 दिनों के अंदर सचिव, शिक्षा विभाग के समक्ष अपील दायर कर सकेगा।

(ग) राज्य स्थापना समिति द्वारा स्थानान्तरण के संबंध में लिये गए निर्णय से व्यथित कोई शिक्षक, स्थानान्तरण आदेश निर्गत होने की तिथि के 45 दिनों के अंदर सचिव, शिक्षा विभाग के समक्ष अपील दायर कर सकेगा।

(ध) स्थानांतरण से संबंधित शिकायत केवल तथ्यात्मक अथवा प्रक्रियात्मक त्रुटियों तक सीमित होगी, जैसे शिक्षक प्रोफाइल, सेवा अवधि, गृह क्षेत्र, अधिमान्यता श्रेणी, रिक्ति अथवा अंक-गणना से संबंधित त्रुटि।

(ड.) वांछित विद्यालय प्राप्त न होना अपने-आप में शिकायत अथवा अपील का वैध आधार नहीं होगा।

(च) शिकायत अथवा अपील दायर करने मात्र से स्थानांतरण आदेश पर स्थगन प्रभावी नहीं होगा, जब तक सक्षम प्राधिकार द्वारा विशिष्ट wr आदेश पारित न किया जाए।

9. दंडात्मक प्रावधान |-

(i) गलत सूचना, कूटरचित प्रमाण-पत्र, भ्रामक दावा अथवा तथ्य छिपाने की स्थिति में संबंधित शिक्षक के विरुद्ध लागू सेवा नियमों एवं विधि के अधीन अनुशासनिक एवं विधिक कार्रवाई की जा सकेगी।

(ii) यदि कोई पदाधिकारी गलत सूचना का सत्यापन, अग्रसारण अथवा अनुमोदन करता है, तो उसके विरुद्ध भी लागू नियमों के अधीन कार्रवाई की जा सकेगी।

बिहार गजट (असाधारण), 25 जून 2026 9 (ii) इस नियमावली के विपरीत निर्गत कोई भी स्थानांतरण, पदस्थापन अथवा प्रतिनियुक्ति आदेश समीक्षा, संशोधन, निरस्तीकरण अथवा वापसी के अधीन होगा।

to. विविध |- इस नियमावली के लागू होने के उपरान्त स्थानांतरण हेतु सभी आवेदन विभागीय पोर्टल पर ऑन-लाईन प्राप्त किये जायेंगे एवं स्थानांतरण के सभी आदेश विभागीय पोर्टल के माध्यम से निर्गत किये जाऐंगे। अन्य किसी भी माध्यम से प्राप्त आवेदन स्वीकार नहीं किये जायेंगे।

इस नियमावली से संलग्न अनुलग्नक-4 इस नियमावली का अभिन्‍न अंग होगा। विभाग प्रशासनिक आवश्यकता एवं क्रियान्वयन अनुभव के आधार पर अनुलग्नक-+ में संशोधन / परिमार्जन कर सकेगा।

i. संशोधन की शक्ति |-विभाग समय-समय पर राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना द्वारा इस नियमावली के प्रावधानों में कोई संशोधन, जोड़ अथवा विलोपन कर सकेगा।

(क्‍) आवश्यक संशोधन तदनुसार किए जाएंगे और तत्पश्चात ऐसे प्रावधान अधिसूचना के अनुसार संशोधित माने जाएंगे।

(2) विभाग इस नियमावली में संशोधन की शक्ति रखेगा, ताकि स्थानांतरण व्यवस्था प्रशासनिक आवश्यकताओं, क्रियान्वयन अनुभव तथा शिक्षा प्रणाली की विकसित होती आवश्यकताओं के प्रति उत्तरदायी बनी रहे।

2. निरसन |-

(4) इस नियमावली के प्रावधान स्थानान्तरण से सम्बन्धित पूर्व के सभी नियमावलियों, संकल्पों एवं आदेशों को प्रतिस्थापित (Supersede) करेगा।

(2) इस नियमावली के yaa होने की तिथि से बिहार राजकीयकृत माध्यमिक विद्यालय (सेवाशर्त) नियमावली, 4983 (समय-समय पर यथा संशोधित), बिहार राजकीयकृत प्रारंभिक विद्यालय शिक्षक-स्थानान्तरण अनुशासनिक कार्रवाई एवं प्रोन्नति नियमावली, 20:8, बिहार राज्य उच्च माध्यमिक विद्यालय प्रधानाध्यापक (नियुक्ति, स्थानान्तरण, अनुशासनिक कार्रवाई एवं सेवाशर्त) नियमावली, 2024 (समय-समय पर यथा संशोधित), बिहार विद्यालय विशिष्ट शिक्षक नियमावली, 2023 (समय-समय पर यथा संशोधित), बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक (नियुक्ति, wer, अनुशासनिक कार्रवाई एवं सेवाशर्त) नियमावली, 2023 (समय-समय पर यथा संशोधित) एवं बिहार प्रारंभिक विद्यालय प्रधान शिक्षक नियमावली, 2024 के अंतर्गत स्थानांतरण से संबंधित सभी प्रावधान एतद द्वारा अवक्रमित समझे जायेंगे।

(3) ऐसे निरसन के होते हुए भी इस नियामवली के प्रवृत होने की तिथि से पूर्व निर्गत उक्त नियमावली, परिपत्र, संकल्प एवं निर्देश के अधीन किया गया कोई कार्य या की गई कार्रवाई इस नियमावली के अधीन किया गया या की गई कार्रवाई मानी जायेगी, मानो यह नियमावली उस दिन प्रवृत थी, जिस दिन वैसा कुछ किया गया अथवा वैसी कोई कार्रवाई की गई थी।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, विनोद सिंह गुजियाल, सचिव।

0 बिहार गजट (असाधारण), 25 जून 2026 अनुलग्नक — 4 अंक-आधारित वरीयता प्रणाली यह अनुलग्नक इस नियमावली के अधीन स्थानांतरण ,/पदस्थापन के ऐसे सभी मामलों में लागू होगा जहाँ एक से अधिक पात्र शिक्षकों के मध्य वरीयता अथवा प्राथमिकता का निर्धारण किया जाना आवश्यक हो। स्थानांतरण एवं पदस्थापन में पात्र शिक्षकों के मध्य वरीयता निर्धारण सेवा अंक, पदस्थापन स्थल अंक एवं वरीयता अंक से युक्त पारदर्शी, वस्तुनिष्ठ एवं अंक-आधारित प्रणाली के आधार पर किया जाएगा। करेगी अंक-आधारित वरीयता सूची स्थानांतरण हेतु पात्र शिक्षकों को प्राथमिकता देने का वस्तुनिष्ठ आधार प्रदान करेगी। (i) स्थानांतरण हेतु अंक की गणना निम्नलिखित रूप में की जाएगी ।- स्थानांतरण अंक = पदस्थापन स्थल अंक + सेवा अंक + वरीयता अंक (ii) Wat सूची अंकों के अवरोही क्रम में तैयार की जाएगी। क. सेवा अंक () संबंधित शैक्षणिक वर्ष की 3 मार्च तक सेवा के प्रत्येक पूर्ण शैक्षणिक वर्ष के लिए एक अंक दिया जाएगा। ख. पदस्थापन स्थल अंक (ii) ba विद्यालय श्रेणी में सेवा के वर्षों के आधार पर पदस्थापन स्थल अंक निम्नवत्‌ दिए जाएंगे :- विद्यालय श्रेणी 'पदस्थापन स्थल अंक (ii) यदि किसी विद्यालय का एक श्रेणी से दूसरी श्रेणी में पुनर्वगीकरण किया गया हो, तो पदस्थापन स्थल अंक प्रत्येक श्रेणी में की गई सेवा अवधि के अनुपात में गणना किए जाएंगे। (ग) वरीयता अंक 4. व्यक्तिगत, चिकित्सीय अथवा सामाजिक परिस्थितियों के कारण विशेष विचार की आवश्यकता वाले शिक्षकों को वरीयता अंक प्रदान किए जाएंगे। क्रम वरीयता श्रेणी |. | पति/ | ॥8 वर्ष से कम संख्या पत्नी आयु की आश्रित संतान A __77|[ ऋ कफि|- 5 | अंग प्रत्यारोपण [wo [od [0 [0 —Y [sar aa Zora टीवी 77772 [7] [७ पिक्षायत 27 [0 ४60 _7]| 7 80 प्रतिश i00 प्रतिशत तक की दिव्यांगता, जिसमें 20 P| | 60 प्रतिश 79 प्रतिशत तक की दिव्यांगता, जिसमें ee ee ' 40 प्रतिश 59 प्रतिशत तक की दिव्यांगता, जिसमें 40 ee ee ौ' वि विधिक रूप से पृथक महिला शिक्षक /40 वर्ष अधिक आयु की अविवाहित महिला शिक्षक,//एकल अभिभावक [= = [- [ - | 43 वह शिक्षक जिसके पति» पत्नी बि में री शिक्षक 45 | ६6 ' 44() | वह शिक्षक जि पति / पत्नी बिहार में राज्य सरकार/ स्थानीय निकाय में कार्य

बिहार गजट (असाधारण), 25 जून 2026 il क्रम वरीयता श्रेणी | पत्ति/ | is वर्ष से कम संख्या पत्नी आयु की आश्रित संतान 44(@) | वह शिक्षक जि पति/ पत्नी सरकार» उपक्रम 5 में कार्यरत हो टिप्पणियाँ

(0) जहाँ कोई शिक्षक, oft /oei अथवा आश्रित संतान एक से अधिक पात्र श्रेणी में आता,आती हो, वहाँ वरीयता अंक संचयी होंगे।

(ii) चिकित्सीय अथवा दिव्यांगता श्रेणी के अंतर्गत आवेदन करने वाले शिक्षक सक्षम प्राधिकारी, जो सिविल सर्जन अथवा उससे उच्च स्तर का हो, द्वारा निर्धारित प्रारूप में निर्गत संबंधित चिकित्सा प्रतिवेदन / प्रमाण-पत्र वेब पोर्टल पर अपलोड करेंगे।

(iii) A Ran संबंधित स्थानांतरण at की 4 अप्रैल को अथवा उसके पश्चात निर्गत होने चाहिए।

(iv) विभाग ऐसे आवेदनों अथवा प्रमाण-पत्रों को सत्यापन हेतु जिला/राज्य चिकित्सा बोर्ड को संदर्भित कर सकेगा।

(५) प्रधान शिक्षक एवं प्रधानाध्यापक पाँच वर्षों में एक बार वरीयता श्रेणी के अंकों का सफलतापूर्वक लाभ ले सकेंगे। अन्य शिक्षक आठ वर्षों में एक बार वरीयता श्रेणी के अंकों का सफलतापूर्वक लाभ ले सकेंगे।

(vi) यदि कोई शिक्षक वरीयता श्रेणी के अंतर्गत आवेदन करता है, परंतु उसका स्थानांतरण नहीं होता है, तो वह अगले स्थानांतरण चक्र में वरीयता श्रेणी के अंतर्गत आवेदन कर सकेगा /सकेगी।

(vii) किसी भी स्थिति में विद्यालय की अनुमन्य शिक्षक संख्या के 25 प्रतिशत से अधिक पद वरीयता श्रेणियों के अंतर्गत स्थानांतरित शिक्षकों से नहीं भरे जाएंगे।

(viii) जिन विद्यालयों में स्वीकृत शिक्षक संख्या चार से कम है, वहाँ वरीयता श्रेणी के शिक्षकों के पदस्थापन पर सामान्यतः विचार नहीं किया जाएगा।

(5) जहाँ कोई शिक्षक वरीयता श्रेणी के अंतर्गत स्थानांतरण प्राप्त करता,/करती है और बाद में यह पाया जाता है कि प्रस्तुत सूचना अथवा दस्तावेज असत्य, भ्रामक, त्रुटिपूर्ण, अमान्य अथवा अपूर्ण थे, वहाँ जिला शिक्षा पदाधिकारी तथ्यों एवं दस्तावेजों का सत्यापन कराएगा।

(x) संबंधित शिक्षक को अपना स्पष्टीकरण ud समर्थनकारी दस्तावेज प्रस्तुत करने हेतु सात दिनों का अवसर दिया जाएगा।

(xi) यदि दावा असत्य, कूटरचित अथवा भ्रामक पाया जाता है, तो लागू नियमों एवं विधि के अनुसार अनुशासनिक कार्यवाही तथा अन्य वैधानिक कार्रवाई आरंभ की जा सकेगी।

विनोद सिंह गुजियाल, सचिव। अधीक्षक, सचिवालय मुद्रणालय, बिहार, पटना द्वारा प्रकाशित एवं मुद्रित। बिहार गजट (असाधारण) 684-574+3000-ottotiio | Website: https://egazette.bihar.gov.in