विलायक किसे कहते हैं?
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विलयन का वह घटक जो दूसरे को घोलता है (प्रायः अधिक मात्रा में)।

कक्षा 9 · विज्ञान · अध्याय 2: क्या हमारे आस-पास के पदार्थ शुद्ध हैं
बिहार बोर्ड · NCERT · CBSE
कक्षा 9 का कोई बोर्ड-होस्टेड प्रश्न-पत्र सत्यापित नहीं हुआ, इसलिए यहाँ «पिछले वर्ष» के प्रश्न नहीं हैं और किसी प्रश्न पर वर्ष नहीं लिखा। ये पुस्तक आधारित महत्वपूर्ण प्रश्न (भाग और पृष्ठ सहित) और NCERT के सभी पाठ्य व अभ्यास प्रश्न हैं। उत्तर Study With Me ने लिखे हैं।
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विलायक किसे कहते हैं?
विलयन का वह घटक जो दूसरे को घोलता है (प्रायः अधिक मात्रा में)।
वायु के दो मुख्य घटक और उनकी मात्रा?
ऑक्सीजन 21%, नाइट्रोजन 78%।
द्रव्यमान/आयतन प्रतिशत का सूत्र?
(विलेय का द्रव्यमान / विलयन का आयतन) × 100।
टिंडल प्रभाव का एक प्राकृतिक उदाहरण?
घने जंगल की धुंध में से आती धूप की किरणें।
पनीर किस प्रकार का कोलाइड है?
जेल (ठोस में द्रव)।
वॉशिंग मशीन में कौन-सी विधि काम आती है?
अपकेंद्रण।
क्रोमैटोग्राफ़ी का एक उपयोग?
रक्त से औषधि (ड्रग) अलग करना।
ऑक्सीजन का क्वथनांक?
−183 °C।
तत्व की परिभाषा किसने दी?
लवाज़िए (फ़्रांसीसी रसायनज्ञ)।
कमरे के ताप पर द्रव दो तत्व?
पारा और ब्रोमीन।
समांगी और विषमांगी मिश्रण में दो अंतर उदाहरण सहित।
समांगी: पूरे में एकसमान संघटन, भाग अलग नहीं दिखते — पानी में नमक। विषमांगी: असमान संघटन, भाग अलग दिखते हैं — तेल + पानी।
विलयन के चार गुण लिखो।
समांगी; कण 1 nm से छोटे; प्रकाश नहीं बिखेरते; छानने से अलग नहीं होते और नीचे नहीं बैठते (स्थायी)।
निलंबन और कोलाइड में दो अंतर।
निलंबन के कण दिखते हैं और नीचे बैठते हैं, छन जाते हैं; कोलाइड के कण नहीं दिखते, नहीं बैठते, नहीं छनते (अपकेंद्रण चाहिए)।
36 g नमक 100 g पानी में 293 K पर — सांद्रता?
द्रव्यमान % = 36/(36 + 100) × 100 = 26.47% (≈ 26.5%)।
अपकेंद्रण के तीन उपयोग।
रक्त-मूत्र जाँच; क्रीम से मक्खन; वॉशिंग मशीन में कपड़ों से पानी निचोड़ना।
क्रिस्टलीकरण साधारण वाष्पन से बेहतर क्यों है?
कुछ ठोस विघटित होते हैं या चीनी जैसे झुलस जाते हैं; घुली अशुद्धियाँ वाष्पन में ठोस को अशुद्ध कर देती हैं।
धातुओं के चार गुण लिखो।
चमक; ऊष्मा व विद्युत चालक; तन्य; आघातवर्ध्य (ध्वानिक भी)।
मिश्रण और यौगिक में दो अंतर।
मिश्रण का संघटन परिवर्तनशील, घटकों के गुण दिखाता है; यौगिक का संघटन निश्चित, बिल्कुल नए गुण।
विलयन, निलंबन और कोलाइड की तुलना कणों के आकार, दिखना, टिंडल प्रभाव, स्थायित्व और निस्यंदन के आधार पर करो।
| गुण | विलयन | कोलाइड | निलंबन |
|मिश्रण|समांगी|विषमांगी (समांगी दिखता)|विषमांगी|
|कण|1 nm से छोटे|आँख से न दिखें|आँख से दिखें|
|टिंडल|नहीं|हाँ|हाँ|
|स्थायी?|हाँ|हाँ|नहीं (बैठते हैं)|
|छनता है?|नहीं|नहीं (अपकेंद्रण)|हाँ|
आसवन और प्रभाजी आसवन समझाओ। वायु से ऑक्सीजन कैसे प्राप्त करते हैं?
आसवन: मिश्रणीय द्रव, क्वथनांकों में पर्याप्त अंतर — ऐसीटोन + पानी; ऐसीटोन वाष्पित होकर संघनित्र में ठंडा होता है। अंतर 25 K से कम हो तो प्रभाजी स्तंभ (काँच के मनके) लगाकर प्रभाजी आसवन। वायु: संपीडन + ठंडा → द्रव वायु → प्रभाजी आसवन स्तंभ में धीरे गर्म; N₂ (−196 °C) पहले, फिर Ar (−186 °C), O₂ (−183 °C) अलग।
क्रियाकलाप 2.10 का वर्णन करो और बताओ कि मिश्रण और यौगिक में क्या अंतर दिखता है।
5 g Fe + 3 g S: टोली I केवल मिलाती है, टोली II लाल-गर्म करती है। टोली I का पदार्थ चुंबक से खिंचता है, अम्ल से H₂ (गंधहीन) देता है — मिश्रण। टोली II का पदार्थ चुंबकीय नहीं, अम्ल से H₂S (सड़े अंडे की गंध) देता है, पूरे में एकसमान — यौगिक। मिश्रण घटकों के गुण दिखाता है; यौगिक के गुण नए होते हैं।
क्रोमैटोग्राफ़ी क्या है? काली स्याही के रंग अलग करने का प्रयोग और उपयोग लिखो।
एक ही विलायक में घुलने वाले विलेयों को अलग करने की विधि (क्रोमा = रंग)। फ़िल्टर पत्र पर 3 cm ऊपर पेंसिल रेखा, उस पर स्याही की बूँद, पट्टी पानी में ऐसे कि बूँद पानी से ऊपर रहे; पानी चढ़ता है, अधिक घुलनशील रंग तेज़ चढ़ता है — रंग अलग। उपयोग: रंजक के रंग, प्राकृतिक वर्णक, रक्त से ड्रग।
पदार्थ से आप क्या समझते हैं?
एक ही प्रकार के कणों से बना शुद्ध पदार्थ, जिसे किसी भौतिक प्रक्रिया से दूसरे प्रकार के पदार्थ में अलग नहीं किया जा सकता — जैसे सोडियम क्लोराइड, चीनी।
समांगी और विषमांगी मिश्रणों में अंतर बताइए।
समांगी: पूरे में एकसमान संघटन, अलग भाग नहीं दिखते (पानी में नमक/चीनी)। विषमांगी: असमान संघटन, भौतिक रूप से अलग भाग दिखते हैं (नमक + लौह चूर्ण, तेल + पानी)।
उदाहरण सहित समांगी और विषमांगी मिश्रणों में विभेद कीजिए।
समांगी — एकसमान संघटन: पानी में चीनी, वायु, पीतल। विषमांगी — असमान, अलग भाग: नमक + सल्फ़र, पानी में चॉक, तेल + पानी।
सॉल, विलयन और निलंबन एक-दूसरे से कैसे भिन्न हैं?
विलयन: समांगी, कण 1 nm से छोटे, टिंडल प्रभाव नहीं, स्थायी, छनता नहीं। सॉल (कोलाइड): विषमांगी, कण नहीं दिखते पर प्रकाश बिखेरते हैं, स्थायी, छनता नहीं। निलंबन: विषमांगी, कण दिखते हैं, प्रकाश बिखेरते हैं, नीचे बैठते हैं (अस्थायी), छन जाते हैं।
एक संतृप्त विलयन बनाने के लिए 36 g सोडियम क्लोराइड को 100 g जल में 293 K पर घोला जाता है। इस ताप पर इसकी सांद्रता ज्ञात करें।
विलयन का द्रव्यमान = 36 + 100 = 136 g। सांद्रता (द्रव्यमान %) = 36/136 × 100 = 26.47%।
पेट्रोल और मिट्टी के तेल (केरोसिन) के मिश्रण को कैसे अलग करेंगे, जिनके क्वथनांकों में 25 °C से अधिक अंतर है और जो आपस में मिश्रणीय हैं?
आसवन द्वारा — पेट्रोल (कम क्वथनांक) पहले वाष्पित होकर संघनित्र में इकट्ठा होता है; केरोसिन फ़्लास्क में बचता है।
पृथक करने की तकनीक बताइए: (i) दही से मक्खन (ii) समुद्री जल से नमक (iii) नमक से कपूर।
(i) अपकेंद्रण (मथना) (ii) वाष्पन (शुद्ध नमक के लिए क्रिस्टलीकरण) (iii) ऊर्ध्वपातन।
क्रिस्टलीकरण विधि से किस प्रकार के मिश्रणों को पृथक किया जाता है?
जिनमें द्रव में ठोस घुला हो और साथ में अशुद्धियाँ हों — शुद्ध ठोस क्रिस्टल के रूप में चाहिए (समुद्री नमक, फिटकरी, कॉपर सल्फ़ेट)।
भौतिक या रासायनिक परिवर्तन में वर्गीकृत करें: पेड़ काटना, कड़ाही में मक्खन पिघलना, अलमारी में जंग लगना, जल उबालकर भाप बनाना, जल में विद्युत धारा से हाइड्रोजन-ऑक्सीजन बनना, जल में साधारण नमक घोलना, कच्चे फलों से सलाद बनाना, कागज़ और लकड़ी का जलना।
भौतिक: पेड़ काटना, मक्खन पिघलना, जल से भाप, नमक घोलना, फलों का सलाद। रासायनिक: अलमारी में जंग, जल का विद्युत अपघटन (हाइड्रोजन व ऑक्सीजन), कागज़ और लकड़ी का जलना।
अपने आसपास की चीज़ों को शुद्ध पदार्थ या मिश्रण में बाँटने का प्रयास करें।
शुद्ध पदार्थ: आसुत जल, चीनी, नमक, सोना, ताँबे का तार, बर्फ़। मिश्रण: वायु, दूध, मिट्टी, चाय, समुद्री जल, पीतल, लकड़ी।
पृथक्करण की तकनीक बताइए: (a) जल में घुले सोडियम क्लोराइड से नमक (b) NaCl + NH₄Cl से अमोनियम क्लोराइड (c) कार के इंजन ऑयल से धातु के छोटे टुकड़े (d) फूलों की पंखुड़ियों के अर्क से वर्णक (e) दही से मक्खन (f) जल से तेल (g) चाय से चायपत्ती (h) बालू से लोहे की पिन (i) भूसे से गेहूँ के दाने (j) पानी में निलंबित बारीक मिट्टी।
(a) वाष्पन / क्रिस्टलीकरण (b) ऊर्ध्वपातन (c) निस्यंदन या अपकेंद्रण (d) क्रोमैटोग्राफ़ी (e) अपकेंद्रण (f) पृथक्कारी कीप (g) निस्यंदन (h) चुंबक से पृथक्करण (i) फटकना (ओसाई) (j) अपकेंद्रण (या अवसादन-निथारन, फिर निस्यंदन)।
चाय बनाने के चरण लिखें — विलयन, विलायक, विलेय, घुलना, घुलनशील, अघुलनशील, निस्यंद, अवशेष शब्दों का प्रयोग करें।
पानी (विलायक) गर्म करो। चीनी (विलेय) डालो — घुलनशील होने से घुलकर विलयन बनाती है। चायपत्ती डालो, उसका रंग-स्वाद घुलता है। दूध डालकर उबालो। छलनी से छानो — अघुलनशील चायपत्ती अवशेष रहती है, नीचे इकट्ठी चाय निस्यंद है।
प्रज्ञा की विलेयता सारणी (100 g जल में g)। (a) 313 K पर 50 g जल में पोटैशियम नाइट्रेट का संतृप्त विलयन बनाने के लिए कितना? (b) 353 K का पोटैशियम क्लोराइड संतृप्त विलयन कमरे के ताप पर ठंडा करने पर क्या दिखेगा? (c) 293 K पर प्रत्येक लवण की विलेयता; सबसे अधिक किसकी? (d) ताप का विलेयता पर प्रभाव?
(a) 100 g में 62 g → 50 g में 31 g। (b) KCl के क्रिस्टल निकल आते हैं, क्योंकि विलेयता 54 g (353 K) से घटकर कमरे के ताप पर लगभग 35 g रह जाती है। (c) 293 K पर: KNO₃ 32 g, NaCl 36 g, KCl 35 g, NH₄Cl 37 g — अमोनियम क्लोराइड सबसे अधिक। (d) ताप बढ़ने पर लवण की विलेयता सामान्यतः बढ़ती है (NaCl में लगभग नहीं बदलती)।
उदाहरण सहित व्याख्या: (a) संतृप्त विलयन (b) शुद्ध पदार्थ (c) कोलाइड (d) निलंबन।
(a) उस ताप पर अधिकतम विलेय घुला हो — 293 K पर 100 g जल में 36 g NaCl। (b) एक ही प्रकार के कण, निश्चित गुण — चीनी, नमक, लोहा। (c) विषमांगी मिश्रण, कण न दिखें पर प्रकाश बिखेरें, न बैठें — दूध, कोहरा। (d) विषमांगी मिश्रण, कण दिखें और बैठ जाएँ — पानी में चॉक, गंदला पानी।
समांगी या विषमांगी: सोडा जल, लकड़ी, वायु, मिट्टी, सिरका, छनी हुई चाय।
समांगी: सोडा जल, वायु, सिरका, छनी हुई चाय। विषमांगी: लकड़ी, मिट्टी।
रंगहीन द्रव शुद्ध जल है, कैसे पुष्टि करेंगे?
गर्म करो: शुद्ध जल 1 atm पर ठीक 373 K (100 °C) पर उबलता है, वाष्पन पर कोई अवशेष नहीं छोड़ता, और 273 K (0 °C) पर जमता है।
कौन-से शुद्ध पदार्थ हैं? (a) बर्फ़ (b) दूध (c) लोहा (d) हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (e) कैल्सियम ऑक्साइड (f) पारा (g) ईंट (h) लकड़ी (i) वायु।
शुद्ध: बर्फ़, लोहा, कैल्सियम ऑक्साइड, पारा (हाइड्रोजन क्लोराइड यौगिक है; बाज़ार का हाइड्रोक्लोरिक अम्ल उसका जलीय विलयन है)। शुद्ध नहीं: दूध, ईंट, लकड़ी, वायु।
विलयन पहचानें: (a) मिट्टी (b) समुद्री जल (c) वायु (d) कोयला (e) सोडा जल।
विलयन: समुद्री जल, वायु, सोडा जल।
कौन टिंडल प्रभाव दिखाएगा? (a) नमक विलयन (b) दूध (c) कॉपर सल्फ़ेट विलयन (d) स्टार्च विलयन।
दूध और स्टार्च विलयन (दोनों कोलाइड)।
तत्व, यौगिक, मिश्रण में बाँटें: सोडियम, मिट्टी, चीनी विलयन, चाँदी, कैल्सियम कार्बोनेट, टिन, सिलिकॉन, कोयला, वायु, साबुन, मीथेन, कार्बन डाइऑक्साइड, रक्त।
तत्व: सोडियम, चाँदी, टिन, सिलिकॉन। यौगिक: कैल्सियम कार्बोनेट, मीथेन, कार्बन डाइऑक्साइड। मिश्रण: मिट्टी, चीनी विलयन, कोयला, वायु, साबुन (उपयोग वाला साबुन मिश्रण है), रक्त।
कौन-से रासायनिक परिवर्तन हैं? (a) पौधे की वृद्धि (b) लोहे में जंग (c) लौह चूर्ण और बालू मिलाना (d) खाना पकाना (e) भोजन का पाचन (f) जल का जमना (g) मोमबत्ती जलना।
रासायनिक: पौधे की वृद्धि, जंग लगना, खाना पकाना, पाचन, मोमबत्ती जलना। भौतिक: लौह चूर्ण-बालू मिलाना, जल का जमना।
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