केंद्र से दोनों ओर।
2 × त्रिज्या।
कक्षा 9 · गणित · अध्याय 10 · बिहार बोर्ड (BSEB)CBSE · NCERT 2026-27
Circles
इस पेज को ऐसे पढ़ो:
1. पढ़ो — पद · अभ्यास 10.1 · केंद्र पर कोण · अभ्यास 10.2 · लंब · तीन बिंदु · अभ्यास 10.3 · दूरी · अभ्यास 10.4 · चाप · चक्रीय · अभ्यास 10.5 · अभ्यास 10.6, चित्र, हल उदाहरण, बोर्ड टिप
2. जाँचो — हर पाठ के अपने प्रश्न; संख्या पाठ के हिसाब से
3. महारत ★ — उस पाठ के सब सही। गलत वाले «दोबारा करो»
4. याद रखने वाला चित्र एक ही चाप पर केंद्र का कोण और परिधि का कोण दिखाता है, और केंद्र का कोण दुगुना है।
यह क्रम बिहार की 15-अध्याय वाली गणित की किताब का है, और गणित मंजरी का अध्याय क्रम अलग है। प्रगति इसी ब्राउज़र में सेव रहती है।
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Terms of a circle · पाठ्यपुस्तक 10.2 · त्रिज्या · जीवा · व्यास
वृत्त उन बिंदुओं का रास्ता है जो केंद्र से एक निश्चित दूरी पर हैं। वह दूरी त्रिज्या है। दो बिंदुओं को जोड़ने वाला रेखाखंड जीवा है। व्यास वह जीवा है जो केंद्र से गुजरती है, और व्यास = 2 × त्रिज्या।
चाप वृत्त का हिस्सा है। छोटा चाप लघु, बड़ा दीर्घ। चाप और जीवा के बीच का भाग वृत्तखंड है। चाप और दो त्रिज्याओं के बीच का भाग त्रिज्यखंड है। केंद्र वृत्त के अंदर है। वृत्त के बाहर के बिंदु की दूरी त्रिज्या से बड़ी होती है।
प्रश्न: त्रिज्या 7 cm है। व्यास निकालो।
सूत्र: व्यास = 2 × त्रिज्या।
मान: 2 × 7 cm = 14 cm। इकाई सेंटीमीटर है।
व्यास को त्रिज्या लिखना आम गलती है। 7 cm त्रिज्या हो तो व्यास 14 cm है।
जीवा और चाप एक नहीं हैं। जीवा सीधी है। चाप वृत्त पर मुड़ा होता है।
केंद्र से दोनों ओर।
2 × त्रिज्या।
सही — वह केंद्र से गुजरती है।
2 × 7।
14 cm।
जीवा काटती है।
वृत्तखंड। त्रिज्यखंड दो त्रिज्याओं के बीच होता है।
त्रिज्या केंद्र से वृत्त तक है। जीवा दो बिंदुओं को जोड़ती है। व्यास केंद्र से जाने वाली जीवा है और त्रिज्या की दुगुनी है।
Exercise 10.1 — the missing terms · पाठ्यपुस्तक 10.2 · अभ्यास 10.1
अभ्यास 10.1 रिक्त स्थानों में केंद्र, त्रिज्या, जीवा, व्यास, चाप, त्रिज्यखंड और वृत्तखंड भरवाता है। केंद्र से दूरी त्रिज्या के बराबर हो तो बिंदु वृत्त पर है। दूरी कम हो तो अंदर, अधिक हो तो बाहर।
एक वृत्त और उसके भीतर का भाग चक्र कहलाता है, पर प्रश्न वृत्त माँगे तो केवल परिधि की रेखा मत छोड़ देना। व्यास दो त्रिज्याएँ जोड़कर बनता है। इकाई cm रखो।
हर रिक्त के साथ एक छोटा कारण लिखो। व्यास हो तो «केंद्र से गुजरती जीवा»। त्रिज्यखंड हो तो «चाप और दो त्रिज्याएँ»। वृत्तखंड हो तो «चाप और जीवा»। संख्या हो तो 2 × त्रिज्या दिखाओ। यह अभ्यास प्रमेयों से पहले है।
प्रश्न: केंद्र से बिंदु की दूरी 5 cm है और त्रिज्या 5 cm है। बिंदु कहाँ है?
नियम: दूरी = त्रिज्या हो तो बिंदु वृत्त पर है।
मान: 5 cm = 5 cm, इसलिए बिंदु वृत्त पर है।
अंदर और बाहर पलटना आम है। दूरी छोटी हो तो अंदर।
रिक्त में केवल शब्द मत लिखना। व्यास पर «2 × त्रिज्या» भी जोड़ो जब संख्या दी हो।
तुलना त्रिज्या से।
अंदर।
गलत — वह वृत्तखंड है। त्रिज्यखंड चाप और दो त्रिज्याओं के बीच है।
2 × 9।
18 cm।
परिभाषा।
वृत्त पर।
व्यास = 8 cm। 6 cm > 4 cm, इसलिए बिंदु वृत्त के बाहर है।
सही — पहले पद, फिर केंद्र पर कोण।
Equal angles at the centre — Exercise 10.2 · पाठ्यपुस्तक 10.3 · प्रमेय 10.1 · प्रमेय 10.2 · अभ्यास 10.2
प्रमेय 10.1: एक वृत्त की बराबर जीवाएँ केंद्र पर बराबर कोण बनाती हैं। प्रमेय 10.2 विलोम है: केंद्र पर बराबर कोण हों तो जीवाएँ बराबर होती हैं। प्रमाण दो त्रिज्याओं वाले त्रिभुजों की सर्वांगसमता से है।
सर्वांगसम वृत्तों पर भी यही बात चलती है, क्योंकि त्रिज्याएँ बराबर होती हैं। जीवा का कोण परिधि वाला कोण अभी नहीं। वह प्रमेय 10.8 में आएगा।
अभ्यास 10.2 बराबर जीवाओं से केंद्र का कोण, या बराबर कोणों से जीवा माँगता है। पहले दो त्रिज्याएँ खींचो। फिर SAS या SSS से त्रिभुज सर्वांगसम सिद्ध करो। अंत में प्रमेय 10.1 या 10.2 का नंबर लिखो। सर्वांगसम वृत्त हों तो त्रिज्या बराबर होने का एक वाक्य जोड़ो।
प्रश्न: AB = CD और दोनों एक ही वृत्त की जीवाएँ हैं। केंद्र O पर ∠AOB = 80°। ∠COD निकालो।
प्रमेय: 10.1, बराबर जीवाएँ बराबर कोण बनाती हैं।
मान: ∠COD = 80°। इकाई डिग्री है।
80° को आधा करके 40° मत लिखना। यह केंद्र का कोण है, परिधि का नहीं।
विलोम में जीवा बराबर लिखो, कोण नहीं। प्रश्न देखो कि दिया कोण है या जीवा।
प्रमेय 10.1।
बराबर कोण।
सही — बराबर केंद्र-कोण से जीवाएँ बराबर होती हैं।
वही माप।
80°।
जीवाएँ बराबर हैं। प्रमेय 10.2।
The perpendicular, three points, and Exercise 10.3 · पाठ्यपुस्तक 10.4–10.5 · प्रमेय 10.3 · 10.4 · 10.5 · अभ्यास 10.3
प्रमेय 10.3: केंद्र से जीवा पर लंब जीवा को समद्विभाजित करता है। प्रमेय 10.4 विलोम है: केंद्र से मध्य-बिंदु तक की रेखा जीवा पर लंब होती है। दोनों समकोण त्रिभुज सर्वांगसम बनते हैं।
प्रमेय 10.5: तीन असंरेख बिंदुओं से एक और केवल एक वृत्त गुजरता है। दो भुजाओं के लंब समद्विभाजक केंद्र पर मिलते हैं। तीन बिंदु एक रेखा पर हों तो ऐसा वृत्त नहीं बनता।
पुस्तक ट्रेसिंग पेपर पर वृत्त और जीवा खींचकर केंद्र से गुजरती मोड़ पर जीवा के टुकड़े मिलवाती है। यह «Activity» है, नंबर 10.1 नहीं। नाप प्रमेय 10.3 की जगह नहीं लेती। अभ्यास 10.3 दो वृत्तों के उभय बिंदु और तीन बिंदुओं वाला वृत्त पूछता है। असंरेख तीन बिंदुओं पर एक ही वृत्त लिखो।
प्रश्न: केंद्र से जीवा पर लंब उसे M पर मिलता है। जीवा 10 cm है। AM निकालो।
प्रमेय: 10.3, लंब समद्विभाजित करता है। AM = जीवा / 2।
मान: AM = 10 cm / 2 = 5 cm।
10 cm पूरी जीवा है। लंब के बाद आधा 5 cm लिखो, 10 cm नहीं।
तीन संरेख बिंदुओं पर वृत्त बनाने की कोशिश गलत है। पहले जाँचो कि वे एक रेखा पर तो नहीं।
प्रमेय 10.3।
समद्विभाजित करता है।
गलत — प्रमेय 10.5 एक और केवल एक वृत्त कहती है।
10 / 2।
5 cm।
प्रमेय 10.4।
लंब।
केंद्र से लंब जीवा को समद्विभाजित करता है। तीन असंरेख बिंदुओं से एक ही वृत्त गुजरता है।
Distance from the centre — Exercise 10.4 · पाठ्यपुस्तक 10.6 · प्रमेय 10.6 · प्रमेय 10.7 · अभ्यास 10.4
प्रमेय 10.6: बराबर जीवाएँ केंद्र से समान दूरी पर होती हैं। प्रमेय 10.7 विलोम है। दूरी केंद्र से जीवा पर लंब की लंबाई है। आधी जीवा, यह लंब, और त्रिज्या समकोण त्रिभुज बनाते हैं।
सूत्र: (दूरी)² = (त्रिज्या)² − (आधी जीवा)²। त्रिज्या 5 cm और जीवा 8 cm हो तो आधी जीवा 4 cm। पुस्तक की दूसरी जाँच भी «Activity» है: बराबर जीवाओं पर लंब नापना। उसे 10.4 नंबर मत दो। अभ्यास 10.4 बाद में है।
पुस्तक बराबर जीवाओं पर केंद्र से लंब खींचकर दूरी मिलवाती है। यह बिना नंबर की Activity है। अभ्यास 10.4 में दो वृत्त, त्रिज्या 5 cm और 3 cm, केंद्रों के बीच 4 cm, उभयनिष्ठ जीवा पूछी जाती है। आधी जीवा समकोण त्रिभुज से निकालो, फिर दुगुना करो।
प्रश्न: त्रिज्या 5 cm और 3 cm वाले वृत्त दो बिंदुओं पर मिलते हैं। केंद्रों के बीच 4 cm है। उभयनिष्ठ जीवा निकालो।
सूत्र: आधी जीवा की वर्ग = त्रिज्या की वर्ग − केंद्र से लंब की वर्ग। M लंब का पाद है। OM = x, और दूसरा टुकड़ा 4 − x।
मान: 25 − x² = 9 − (4 − x)²। 25 − x² = 9 − 16 + 8x − x²। 25 = −7 + 8x। x = 4 cm। आधी जीवा = √(25 − 16) = √9 = 3 cm। पूरी जीवा = 2 × 3 cm = 6 cm।
√9 = 3 cm आधी जीवा है। पूरी जीवा 6 cm है। 3 cm पर रुकना आधा उत्तर है।
x = 4 cm का अर्थ है छोटा केंद्र जीवा के मध्य पर है। यह 3-4-5 की संख्या है। इकाई cm लिखो।
10-सेकंड रिवीजन
प्रमेय 10.6।
समान दूरी पर।
सही — यह 10.6 का विलोम है।
√(25 − 16)।
3 cm।
आधी 3, पूरी 6।
6 cm।
आधी जीवा = 5 cm। दूरी = √(13² − 5²) = √(169 − 25) = √144 = 12 cm।
गलत — 3 cm आधी जीवा है। पूरी जीवा 6 cm है।
The angle of an arc and a semicircle · पाठ्यपुस्तक 10.7 · प्रमेय 10.8 · प्रमेय 10.9
प्रमेय 10.8: चाप केंद्र पर जो कोण बनाती है वह परिधि के शेष भाग पर बने कोण का दुगुना होता है। इसलिए परिधि का कोण = केंद्र का कोण / 2।
अर्धवृत्त में केंद्र का कोण 180° है। परिधि पर कोण = 180° / 2 = 90°। एक ही वृत्तखंड के कोण बराबर होते हैं। यह प्रमेय 10.9 है। बड़ा चाप हो तो केंद्र पर प्रतिवर्ती कोण लेना पड़ सकता है।
प्रश्न: एक ही चाप केंद्र पर 70° बनाती है। परिधि के शेष भाग पर कोण निकालो। अर्धवृत्त की एक पंक्ति भी लिखो।
सूत्र: परिधि का कोण = केंद्र का कोण / 2। अर्धवृत्त में 180° / 2।
मान: 70° / 2 = 35°। अर्धवृत्त में 180° / 2 = 90°। इकाई डिग्री है।
70° को दुगुना करके 140° मत लिखना जब प्रश्न परिधि का कोण माँगे। दिशा देखो।
अर्धवृत्त का 90° प्रमेय 10.8 का विशेष मामला है। अलग से याद रखो, पर कारण वही दुगुना नियम है।
10-सेकंड रिवीजन
आधा।
35°।
सही — 180° / 2 = 90°।
70 / 2।
35°।
दूसरा भी 42° है। प्रमेय 10.9।
Cyclic quadrilaterals — Exercise 10.5 · पाठ्यपुस्तक 10.8 · प्रमेय 10.11 · प्रमेय 10.12 · अभ्यास 10.5
चार बिंदु एक वृत्त पर हों तो चतुर्भुज चक्रीय है। प्रमेय 10.10 कहती है कि एक रेखाखंड एक ही ओर दो बिंदुओं पर बराबर कोण बनाए तो चारों बिंदु एक वृत्त पर हैं। प्रमेय 10.11: चक्रीय चतुर्भुज के सम्मुख कोणों का योग 180° होता है।
प्रमेय 10.12 विलोम है। एक जोड़ा 180° काफी है। बाह्य कोण, भीतर के सम्मुख अंतःकोण के बराबर होता है, क्योंकि वह रैखिक युग्म से दूसरे सम्मुख कोण को बदल देता है। अभ्यास 10.5 यही कोण निकालता है।
अभ्यास 10.5 में केंद्र का कोण, एक ही खंड का कोण, और चक्रीय चतुर्भुज के कोण साथ आते हैं। पहले देखो कोण केंद्र पर है या परिधि पर। चक्रीय हो तो सम्मुख कोण = 180° − दिया कोण। व्यास हो तो 90° अलग से जाँचो। वैकल्पिक 10.6 अभी नहीं।
प्रश्न: चक्रीय ABCD में ∠A = 70°। ∠C निकालो।
सूत्र: सम्मुख कोणों का योग 180°। प्रमेय 10.11। ∠C = 180° − ∠A।
मान: ∠C = 180° − 70° = 110°। इकाई डिग्री है।
70° का बगल वाला कोण सम्मुख नहीं होता। सामने वाला 110° है।
एक जोड़ा 180° हो तो 10.12 से चक्रीय लिखो। चारों कोण नापना जरूरी नहीं।
10-सेकंड रिवीजन
180 − 70।
110°।
सही — प्रमेय 10.12।
180 − 70।
110°।
प्रमेय 10.9।
बराबर।
∠C = 180° − 85° = 95°, प्रमेय 10.11। A पर बना बाह्य कोण सम्मुख अंतःकोण ∠C के बराबर, 95°, होता है।
Optional Exercise 10.6 · पाठ्यपुस्तक · अभ्यास 10.6 वैकल्पिक
पुस्तक अभ्यास 10.6 को वैकल्पिक कहती है। नंबर नहीं बदलता और अभ्यास 10.5 के बाद ही आता है। प्रश्न केंद्रों की रेखा, प्रतिच्छेदी वृत्त, और कोणों की बराबरी पर हैं।
केंद्रों को मिलाने वाली रेखा उभयनिष्ठ जीवा को समकोण पर समद्विभाजित करती है। यह 10.3 और 10.4 की भाषा है। दो वृत्त कटें तो केंद्रों की रेखा दोनों प्रतिच्छेद बिंदुओं पर बराबर कोण बनाती है। नया प्रमेय नंबर मत गढ़ना। पुराने 10.1 से 10.12 काफी हैं।
हर प्रश्न में पहले बताओ कौन-सी पुरानी प्रमेय लगती है। उभयनिष्ठ जीवा हो तो लंब समद्विभाजन। बराबर कोण हों तो 10.1 या 10.9। चक्रीय कोण हो तो 10.11। वैकल्पिक का अर्थ छोड़ना नहीं। नंबर 10.6 लिखो।
प्रश्न: दो वृत्त A और B पर मिलते हैं। केंद्र O और O′ हैं। उभयनिष्ठ जीवा AB = 6 cm। OM, जहाँ M मध्य-बिंदु है, जीवा से कौन-सा कोण बनाता है?
नियम: केंद्रों की रेखा उभयनिष्ठ जीवा को समकोण पर काटती है। प्रमेय 10.4 की भाषा।
मान: कोण = 90°। आधी जीवा = 6 cm / 2 = 3 cm। इकाई डिग्री और cm हैं।
10.6 को 10.5 मत लिखना। क्रम 10.5 के बाद 10.6 है।
6 cm की आधी 3 cm है और कोण 90° है। केवल एक संख्या लिखना दूसरा भाग छोड़ देता है।
10-सेकंड रिवीजन
अंत में।
वैकल्पिक 10.6।
सही — लंब समद्विभाजन।
6 / 2।
3 cm।
पुरानी प्रमेय।
नहीं।
10.1, 10.2, 10.3, 10.4, 10.5, फिर 10.6। वैकल्पिक 10.6 है।
गलत — 10.4 दूरी पर है। 10.6 अंत में वैकल्पिक है।
प्रकार चुनो। पाठों के 41 जाँच-प्रश्न अलग हैं — हर पाठ में जितने उसके विषय माँगते हैं। सब सही होने पर महारत ★ मिलती है।
कोई भी प्रश्न «सत्यापित PYQ» नहीं है। BSEB वाला सेट मॉडल अभ्यास है। CBSE वाले प्रश्न CBSE-शैली हैं, किसी वर्ष के पेपर की प्रति नहीं।
केंद्र से दोनों ओर।
2 × त्रिज्या।
केंद्र से।
व्यास।
प्रमेय 10.1।
बराबर कोण।
प्रमेय 10.3।
समद्विभाजित करता है।
प्रमेय 10.5।
एक।
√(25 − 16)।
3 cm।
पूरी जीवा।
6 cm।
आधा।
40°।
180 / 2।
90°।
180 − 70।
110°।
प्रमेय 10.9।
बराबर।
अंत।
वैकल्पिक।
2 × 7।
14 cm।
गलत — व्यास दुगुना होता है।
सही।
गलत — प्रमेय 10.3 यही कहती है कि समद्विभाजित करता है।
गलत — बिंदु असंरेख होने चाहिए।
सही — प्रमेय 10.6।
गलत — 90°।
गलत — उनका योग 180° होता है।
सही।
2 × 7।
14।
10 / 2।
5।
√9।
3।
दुगुना।
6।
आधा।
35।
180 / 2।
90।
180 − 70।
110।
10.1 सीधा नियम।
10.2।
10.1 जीवा, 10.3 लंब, 10.8 दुगुना कोण, 10.11 चक्रीय।
व्यास दुगुना, अर्धवृत्त 90°, दूरी 3 cm, पूरी जीवा 6 cm।
अभिकथन (A): व्यास त्रिज्या का दुगुना होता है।
कारण (R): व्यास केंद्र से दोनों ओर एक-एक त्रिज्या जोड़ता है।
दोनों सही हैं और R कारण है।
अभिकथन (A): बराबर जीवाएँ केंद्र पर बराबर कोण बनाती हैं।
कारण (R): चक्रीय चतुर्भुज के सम्मुख कोणों का योग 180° होता है।
दोनों सही हैं, पर R जीवा वाले कथन की व्याख्या नहीं है।
अभिकथन (A): अर्धवृत्त में कोण 90° होता है।
कारण (R): अर्धवृत्त में कोण 60° होता है।
A सही है। R गलत है।
अभिकथन (A): चक्रीय चतुर्भुज के सम्मुख कोण बराबर होते हैं।
कारण (R): उनका योग 180° होता है।
A गलत है। R सही है, प्रमेय 10.11।
अभिकथन (A): केंद्र का कोण परिधि के कोण का दुगुना होता है।
कारण (R): एक ही चाप केंद्र पर बड़ा कोण और शेष परिधि पर उसका आधा बनाती है।
दोनों सही हैं और R प्रमेय 10.8 की व्याख्या है।
व्यास, केंद्र-कोण और अर्धवृत्त दुगुने नियम से जुड़े हैं। चक्रीय कोण 180° देते हैं।
जीवा का परिवार 10.1 है। दुगुना कोण 10.8 है। चक्रीय 10.11 है।
व्यास = 2 × त्रिज्या।
केंद्र से जीवा पर लंब जीवा को समद्विभाजित करता है।
आधी जीवा 4 cm। दूरी = √(25 − 16) = 3 cm।
90°।
चक्रीय चतुर्भुज के सम्मुख कोणों का योग 180° होता है।
100° / 2 = 50°। अर्धवृत्त में केंद्र 180° होता है, इसलिए परिधि पर 90°।
∠C = 180° − 75° = 105°। प्रमेय 10.11।
लंब का पाद छोटे केंद्र पर आता है। आधी जीवा 3 cm। पूरी जीवा 6 cm।
AB = CD, प्रमेय 10.2 से, क्योंकि केंद्र पर कोण बराबर हैं।
बराबर जीवा, बराबर केंद्र-कोण। लंब जीवा आधी करता है। केंद्र का कोण दुगुना। आधी जीवा 3 cm। दूरी = √(25 − 9) = √16 = 4 cm।
सम्मुख योग 180°। अर्धवृत्त में 90°। सम्मुख = 80°। परिधि-कोण = 120° / 2 = 60°।
क्रम 10.1 से 10.6। पुस्तक 10.6 को वैकल्पिक कहती है, नंबर नहीं बदलता। √9 = 3 cm आधा है। पूरी जीवा 2 × 3 = 6 cm है।
यह मॉडल सेट अभ्यास के लिए है। किसी वर्ष की वार्षिक परीक्षा का प्रश्न नहीं है। स्रोत पृष्ठ मिलने पर ही वार्षिक प्रश्न जोड़े जाएँगे।
180 − 120।
60°।
आधा।
75°।
2 × 11।
22।
सही — परिधि के कोण का दुगुना।
आधी जीवा = 12 cm। दूरी = √(13² − 12²) = √(169 − 144) = √25 = 5 cm।
ये योग्यता-आधारित अभ्यास प्रश्न हैं। किसी CBSE प्रश्नपत्र की प्रति नहीं हैं।
2 × 70।
140 cm।
प्रमेय 10.8।
30°, क्योंकि परिधि पर कोण आधा होता है।
अभिकथन (A): अर्धवृत्त में कोण समकोण होता है।
कारण (R): चक्रीय चतुर्भुज के सभी कोण 90° होते हैं।
A सही है। R गलत है। केवल सम्मुख कोणों का योग 180° है।
गलत — नाप जाँच है। प्रमाण सर्वांगसम त्रिभुजों से है।
आधी जीवा = 15 m। दूरी = √(17² − 15²) = √(289 − 225) = √64 = 8 m। दावा सही है। इकाई मीटर है।
सामने का कोना = 180° − 95° = 85°। यह मॉडल अभ्यास है, किसी वर्ष की वार्षिक परीक्षा का प्रश्न नहीं।
ऊपर «BSEB | CBSE» से बोर्ड बदलो। पाठ वही NCERT है।
इस पेज पर वार्षिक परीक्षा का सत्यापित प्रश्न नहीं है, क्योंकि स्रोत पृष्ठ नहीं जोड़ा गया। नीचे मॉडल सेट बोर्ड के पैटर्न पर अभ्यास के लिए है।
सत्यापित लेबल तभी लगेगा जब प्रश्न का स्रोत पृष्ठ उपलब्ध हो।
ये केस और अभिकथन-कारण अभ्यास हैं। इन्हें CBSE का पुराना प्रश्न मत समझो।
गलत प्रश्न जल्दी लौटते हैं, सही वाले कुछ दिन बाद।
आपने क्या सीखा
| क्या | याद रखने लायक |
|---|---|
| व्यास | 2 × radius |
| जीवा | equal chords, equal angles |
| लंब | bisects the chord |
| दूरी | equal chords, equal distance |
| केंद्र का कोण | double the circumference |
| चक्रीय | opposite angles 180° |
नोट्स मूल लेखन हैं। पाठ्यपुस्तक केवल क्रम और क्रियाकलाप-संख्या के लिए संदर्भ है। «सत्यापित» केवल स्रोत पृष्ठ वाले प्रश्न पर लिखा जाएगा।