माप वाला स्केल जरूरी नहीं।
सीधा किनारा और परकार।
कक्षा 9 · गणित · अध्याय 11 · बिहार बोर्ड (BSEB)CBSE · NCERT 2026-27
Constructions
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1. पढ़ो — रचना 11.1 · रचना 11.2 · रचना 11.3 · अभ्यास 11.1 · रचना 11.4 · रचना 11.5 · रचना 11.6 · अभ्यास 11.2, चित्र, हल उदाहरण, बोर्ड टिप
2. जाँचो — हर पाठ के अपने प्रश्न; संख्या पाठ के हिसाब से
3. महारत ★ — उस पाठ के सब सही। गलत वाले «दोबारा करो»
4. याद रखने वाला चित्र किरण के सिरे पर समान त्रिज्या की दो चापों से बना समबाहु त्रिभुज दिखाता है, इसलिए बना कोण 60° है।
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What a construction is, and the geometry box · पाठ्यपुस्तक 11.1 · सीधा किनारा · परकार
पिछले अध्यायों के चित्र अक्सर केवल तर्क के लिए थे। नक्शा, औजार या सड़क का खाका सटीक चाहिए। पेटी में स्केल, दो सेट-स्क्वायर, डिवाइडर, परकार और चाँदा होते हैं।
इस अध्याय की ज्यामितीय रचना केवल बिना माप वाले सीधा किनारा और परकार से होती है। जहाँ माप भी माँगी हो, स्केल और चाँदा लग सकते हैं। चाँदा जाँच है। वह परकार के कदम की जगह नहीं लेता।
प्रश्न: समबाहु त्रिभुज का एक कोण डिग्री में निकालो। यही 60° वाली रचना का कारण है।
सूत्र: समबाहु त्रिभुज का प्रत्येक कोण = 180° ÷ 3।
मान: 180° ÷ 3 = 60°।
इकाई: डिग्री।
उत्तर में लिखो कि कौन-सा कदम परकार का है और कौन-सी रेखा केवल सीधा किनारा खींचती है।
सेट-स्क्वायर से 60° बनाकर उसे रचना मत कहना। कारण समबाहु त्रिभुज है।
माप वाला स्केल जरूरी नहीं।
सीधा किनारा और परकार।
गलत — चाँदा जाँच के लिए है। कदम परकार और सीधा किनारा हैं।
180 को 3 से बाँटो।
60°। इकाई डिग्री है।
पेटी और रचना एक बात नहीं।
वह पेटी में है। शुद्ध रचना सीधा किनारा और परकार माँगती है।
खुरदुरा चित्र केवल स्थिति दिखाता है। रचना दी माप से, सीधा किनारा और परकार से बनती है। 60° का कारण समबाहु त्रिभुज है: 180° ÷ 3 = 60°।
Construction 11.1 — the bisector of an angle · पाठ्यपुस्तक 11.2 · रचना 11.1 · SSS
कोण ABC दिया है। B केंद्र लेकर कोई त्रिज्या चाप खींचो जो BA और BC को E और D पर काटे। फिर D और E केंद्र लेकर आधे DE से बड़ी समान त्रिज्या की चापें F पर मिलाओ और BF खींचो। यही समद्विभाजक है।
कारण: BE = BD, EF = DF, BF उभय। SSS से त्रिभुज बराबर, इसलिए कोण EBF और DBF बराबर। CPCT यही कहता है।
कोई कोण बनाओ। शीर्ष से एक चाप, फिर दोनों कटाव से आधी दूरी से बड़ी चापें। मिलान बिंदु से किरण खींचो। चाँदे से दोनों आधे नापकर जाँचो। जाँच कदम की जगह नहीं है।
प्रश्न: 80° के कोण का समद्विभाजक प्रत्येक भाग कितना बनाता है?
सूत्र: प्रत्येक आधा भाग = दिया कोण ÷ 2।
मान: 80° ÷ 2 = 40°।
इकाई: डिग्री।
त्रिज्या «कोई भी» है, पर दूसरी चाप आधे से बड़ी लिखना भूलना अंक काटता है।
केवल «BF समद्विभाजक है» मत लिखना। SSS की तीन बराबर भुजाएँ बताओ।
चापें मिलें।
आधी DE से बड़ी।
सही — CPCT से दोनों कोण बराबर हैं।
70 ÷ 2।
35°।
शीर्ष से चाप, फिर आधी दूरी से बड़ी दो चापें, फिर मिलान बिंदु से किरण। BE = BD, EF = DF, BF उभय, इसलिए SSS।
Construction 11.2 — the perpendicular bisector · पाठ्यपुस्तक 11.2 · रचना 11.2 · 90°
रेखाखंड AB का लंब समद्विभाजक चाहिए। A और B केंद्र लेकर आधे AB से बड़ी त्रिज्या से दोनों ओर चापें खींचो। कटाव P और Q जोड़ो। PQ, AB को M पर काटता है। PMQ ही माँगा लंब समद्विभाजक है।
पहले SSS से बड़े त्रिभुज बराबर। फिर SAS से AM = BM और दोनों कोण बराबर। वे रैखिक युग्म हैं, इसलिए प्रत्येक 90° है।
6 सेमी का रेखाखंड लो। दोनों सिरों से आधी लंबाई से बड़ी चापें दोनों ओर खींचो। मिलान बिंदु जोड़ो। कटाव को नापो: दोनों टुकड़े 3 सेमी और कोण 90° आने चाहिए।
प्रश्न: AB = 8 सेमी। लंब समद्विभाजक M पर मिलता है। AM और कोण PMA निकालो।
सूत्र: AM = AB ÷ 2। रैखिक युग्म के दो बराबर कोणों में प्रत्येक = 180° ÷ 2।
मान: AM = 8 ÷ 2 = 4 सेमी। कोण = 180° ÷ 2 = 90°।
इकाई: सेमी और डिग्री।
केवल एक ओर चाप खींचना अधूरी रचना है। पुस्तक दोनों ओर कहती है।
90° लिखते समय 180° ÷ 2 दिखाओ। केवल «लंब है» आधा कारण है।
चापें दोनों ओर मिलें।
आधे AB से बड़ी।
सही — AM = BM और प्रत्येक कोण 90°।
10 ÷ 2।
5 सेमी।
तीन भुजाएँ।
SSS। उसके बाद SAS।
गलत — कटाव M मध्य बिंदु है। AM = BM।
AM = AB ÷ 2 = 8 ÷ 2 = 4 सेमी। दो बराबर कोण रैखिक युग्म हैं, इसलिए प्रत्येक 180° ÷ 2 = 90°।
60° and the angles of Exercise 11.1 · रचना 11.3 · अभ्यास 11.1
किरण AB के सिरे A से चाप, जो किरण को D पर काटे। D से वही त्रिज्या पिछली चाप को E पर काटे। AE खींचो। त्रिभुज EAD समबाहु है, इसलिए कोण 60° है।
इसी 60° से और कोण बनते हैं। आधा 30°, उसका आधा 15°, और 22.5° एक समकोण का आधा का आधा है। 90° को 60° और 30° जोड़कर या 180° आधा करके बनाया जा सकता है। 45° समकोण का आधा है।
पुस्तक का क्रम मत बदलो। पहले 90° का कारण, फिर 45° का कारण। फिर 30°, 22.5° और 15°। फिर 75°, 105° और 135° चाँदे से जाँच के साथ। अंत में दी भुजा का समबाहु त्रिभुज और उसका कारण। 75° = 60° + 15°। 105° = 60° + 45°। 135° = 90° + 45°।
प्रश्न: 15° को 60° से कैसे निकालोगे?
सूत्र: 15° = 60° ÷ 4। दो बार समद्विभाजन।
मान: 60° ÷ 2 = 30°, फिर 30° ÷ 2 = 15°।
इकाई: डिग्री।
22.5° को 22° मत लिखना। वह 45° का आधा है। अभ्यास 11.1 का तीसरा भाग यही माँगता है।
75° को सीधे चाँदे से बनाकर कारण खाली मत छोड़ना। 60° + 15° दिखाओ।
तीनों भुजाएँ एक त्रिज्या।
समबाहु है, इसलिए 60°।
सही — 90° ÷ 2 = 45°।
30, फिर आधा।
15°।
अभ्यास 11.1 का चौथा भाग।
90° + 45° = 135°।
30° = 60° ÷ 2। 90° = 60° + 30°। 15° = 30° ÷ 2। 75° = 60° + 15°।
Construction 11.4 — base, angle, and the sum of the sides · पाठ्यपुस्तक 11.3 · रचना 11.4
आधार BC, कोण B, और AB + AC दिए हों। आधार खींचो, B पर दिया कोण बनाओ, और किरण पर BD = AB + AC काटो। DC जोड़ो और कोण BDC के बराबर कोण DCY बनाओ। CY किरण को A पर काटता है।
दूसरा तरीका: CD का लंब समद्विभाजक BD को A पर काटे। तब AD = AC। योग आधार से बड़ा हो तभी रचना संभव है। AB + AC ≤ BC हो तो त्रिभुज नहीं बनता।
पहले योग और आधार की तुलना करो। योग बड़ा हो तभी BD काटो। समान आधार कोण वाला दूसरा कोण A को किरण पर लाता है, क्योंकि तब AC = AD। दो भुजाएँ और उनका बीच का कोण न हो, तो त्रिभुज सदा अद्वितीय नहीं होता। यह पुस्तक की चेतावनी है।
प्रश्न: आधार 6 सेमी और AB + AC = 10 सेमी। क्या रचना 11.4 संभव है?
सूत्र: रचना संभव है जब AB + AC > BC।
मान: 10 सेमी > 6 सेमी, इसलिए संभव है। BD = 10 सेमी काटना है।
इकाई: सेमी।
BD को केवल एक भुजा जितना मत काटना। पुस्तक पूरा योग काटती है।
असंभव वाला वाक्य परीक्षा में अलग से आता है। ≤ लिखो, केवल «छोटा» नहीं।
10-सेकंड रिवीजन
योग आधार से बड़ा चाहिए।
संभव नहीं। बराबर होने पर भी नहीं।
सही — यही दूसरा तरीका है।
पूरा योग।
13 सेमी।
नियम AB + AC > BC है। यहाँ 9 सेमी = 9 सेमी, इसलिए योग आधार से बड़ा नहीं है। रचना संभव नहीं। इकाई सेमी है।
Construction 11.5 — the difference of the sides, two cases · पाठ्यपुस्तक 11.3 · रचना 11.5
आधार BC, कोण B, और शेष भुजाओं का अंतर दिया है। केस एक: AB > AC, यानी AB − AC दिया है। BD इस अंतर जितना किरण BX पर काटो। DC का लंब समद्विभाजक किरण को A पर काटता है। तब AD = AC, इसलिए BD = AB − AC।
केस दो: AC > AB। अंतर आधार के विपरीत दिशा में बढ़ाई रेखा पर काटो। लंब समद्विभाजक फिर A देता है। कदम एक केस से दूसरे केस में मत उलटना।
एक चित्र में अंतर किरण पर है। दूसरे में अंतर आधार से विपरीत दिशा में है। दोनों में PQ, DC का लंब समद्विभाजक है। अभ्यास 11.2 का दूसरा प्रश्न पहला केस है और तीसरा प्रश्न दूसरा केस है। उन्हें अभी के क्रम में याद रखो। हल अगले पाठ में पूरे अभ्यास के साथ है।
प्रश्न: AB − AC = 3.5 सेमी और AB बड़ी भुजा है। BD कितना काटोगे, और किधर?
सूत्र: केस एक में BD = AB − AC, किरण BX पर।
मान: BD = 3.5 सेमी, कोण वाली किरण पर।
इकाई: सेमी।
प्रश्न में कौन घटाया गया है, वही बड़ी भुजा है। AB − AC लिखने का अर्थ AB बड़ी है।
एक ही चित्र में दोनों केस मत धकेलना। परीक्षक केस अलग देखता है।
10-सेकंड रिवीजन
अंतर दोनों क्रम में हो सकता है।
दो केस।
सही — यह केस एक है।
अंतर जितना।
2 सेमी।
केस दो।
विपरीत दिशा में।
गलत — दूसरी बड़ी भुजा विपरीत दिशा माँगती है।
Q को B और R को C मानो। PR − PQ = AC − AB, इसलिए AC बड़ी है। यह केस दो है। 2 सेमी का टुकड़ा आधार की विपरीत दिशा में कटेगा। इकाई सेमी है।
Construction 11.6 and Exercise 11.2 · रचना 11.6 · अभ्यास 11.2
दो आधार कोण और परिमाप AB + BC + CA दिए हों। XY परिमाप के बराबर खींचो। X पर कोण B और Y पर कोण C बनाओ। दोनों कोणों के समद्विभाजक A पर मिलते हैं। AX और AY के लंब समद्विभाजक XY को B और C पर काटते हैं।
कारण: B, AX के लंब समद्विभाजक पर है, इसलिए XB = AB। इसी तरह CY = AC। जोड़ XY पूरे परिमाप के बराबर रह जाता है। कोण भी दुगने समद्विभाजक से दिए कोण बन जाते हैं।
1) आधार 7 सेमी, कोण 75°, शेष दो भुजाओं का योग 13 सेमी। यह रचना 11.4 है। 2) आधार 8 सेमी, कोण 45°, AB − AC = 3.5 सेमी। केस एक। 3) आधार 6 सेमी, कोण 60°, PR − PQ = 2 सेमी। केस दो। 4) कोण 30° और 90°, परिमाप 11 सेमी। रचना 11.6। 5) समकोण त्रिभुज, आधार 12 सेमी, कर्ण और दूसरी भुजा का योग 18 सेमी। यह फिर योग वाली रचना है।
प्रश्न: परिमाप 12 सेमी है। रचना 11.6 की पहली रेखा कितनी होगी?
सूत्र: XY = AB + BC + CA।
मान: XY = 12 सेमी।
इकाई: सेमी।
अभ्यास 11.2 में केस लिखो। दूसरा प्रश्न किरण पर है, तीसरा विपरीत दिशा में।
परिमाप वाली रेखा को एक भुजा मत समझना। वह तीनों भुजाओं का जोड़ है।
10-सेकंड रिवीजन
तीनों भुजाओं का जोड़।
परिमाप के।
सही — B उस लंब समद्विभाजक पर है।
पूरा जोड़।
11 सेमी।
अभ्यास 11.2 का पाँचवाँ प्रश्न।
योग वाली रचना 11.4।
1) 7 सेमी, 75°, योग 13 सेमी। 2) 8 सेमी, 45°, अंतर 3.5 सेमी किरण पर। 3) 6 सेमी, 60°, अंतर 2 सेमी विपरीत दिशा। 4) 30°, 90°, परिमाप 11 सेमी। 5) समकोण, आधार 12 सेमी, कर्ण और दूसरी भुजा का योग 18 सेमी।
प्रकार चुनो। पाठों के 35 जाँच-प्रश्न अलग हैं — हर पाठ में जितने उसके विषय माँगते हैं। सब सही होने पर महारत ★ मिलती है।
कोई भी प्रश्न «सत्यापित PYQ» नहीं है। BSEB वाला सेट मॉडल अभ्यास है। CBSE वाले प्रश्न CBSE-शैली हैं, किसी वर्ष के पेपर की प्रति नहीं।
पेटी में और चीजें हैं, कदम ये दो हैं।
सीधा किनारा और परकार।
ताकि चापें मिलें।
आधे से बड़ी।
रैखिक युग्म।
90° और मध्य बिंदु।
180 ÷ 3।
समबाहु त्रिभुज।
दो बार आधा।
60° ÷ 4 = 15°।
अभ्यास 11.1।
60° + 15°।
समकोण और उसका आधा।
90° + 45°।
योग बड़ा चाहिए।
संभव नहीं।
केस एक।
किरण पर।
केस दो।
विपरीत दिशा में।
तीनों का जोड़।
परिमाप।
कर्ण और दूसरी भुजा का योग।
योग वाली रचना।
अभ्यास 11.1।
60° + 45° = 105°।
गलत — वह जाँच है।
सही — SSS और CPCT।
गलत — पुस्तक दोनों ओर कहती है।
सही — 90° ÷ 4 = 22.5°।
गलत — रचना संभव नहीं।
गलत — दूसरा केस विपरीत दिशा में है।
सही — लंब समद्विभाजक के कारण।
सही — पाँचवाँ प्रश्न।
180 ÷ 3।
60।
80 ÷ 2।
40।
8 ÷ 2।
4।
समकोण आधा।
45।
पूरा योग।
13।
अंतर जितना।
3.5।
XY = परिमाप।
12।
अभ्यास 11.1।
105।
11.1 आधा कोण, 11.2 लंब, 11.4 योग, 11.6 परिमाप।
15 चौथाई, 75 और 105 जोड़, 135 समकोण जमा आधा।
अभिकथन (A): 60° की रचना समबाहु त्रिभुज बनाती है।
कारण (R): तीनों भुजाएँ एक ही त्रिज्या के बराबर होती हैं।
दोनों सही हैं और R कारण है। 180° ÷ 3 = 60°।
अभिकथन (A): लंब समद्विभाजक 90° बनाता है।
कारण (R): समबाहु त्रिभुज का कोण भी 60° होता है।
दोनों सही हैं, पर R, 90° की व्याख्या नहीं है।
अभिकथन (A): AB + AC ≤ आधार हो तो रचना 11.4 नहीं बनती।
कारण (R): ऐसी स्थिति में BD को आधा काटना काफी है।
A सही है। R गलत — रचना रुक जाती है, आधा काटने से नहीं बनती।
अभिकथन (A): अंतर के दोनों केस एक ही दिशा में कटते हैं।
कारण (R): AC > AB हो तो अंतर विपरीत दिशा में कटता है।
A गलत है। R सही है, केस दो।
अभिकथन (A): रचना 11.6 में XY परिमाप के बराबर होता है।
कारण (R): XB = AB और CY = AC, इसलिए जोड़ पूरी रेखा है।
दोनों सही हैं और R, A की व्याख्या है।
आधा कोण 11.1 है। योग 11.4 है। परिमाप 11.6 है। लंब 11.2 है।
पहली भुजा बड़ी हो तो किरण। दूसरी बड़ी हो तो विपरीत दिशा।
बिना माप वाला सीधा किनारा और परकार।
180° ÷ 3 = 60°। इकाई डिग्री। कारण समबाहु त्रिभुज है।
AM = 8 ÷ 2 = 4 सेमी। कोण = 180° ÷ 2 = 90°।
जब AB + AC ≤ BC।
XY = AB + BC + CA = 11 सेमी।
15° = 60° ÷ 4। 45° = 90° ÷ 2। 75° = 60° + 15°। इकाई डिग्री।
BD = 13 सेमी। 13 > 7, इसलिए AB + AC > BC। रचना 11.4 संभव है।
पहला केस एक है, 3.5 सेमी किरण पर। दूसरा केस दो है, 2 सेमी विपरीत दिशा में।
B, AX के लंब समद्विभाजक पर है, इसलिए XB = AB। XY = 12 सेमी। इकाई सेमी।
11.1 में SSS से कोण बराबर। 11.2 में AM = BM और रैखिक युग्म से 90°। 70° ÷ 2 = 35°। 10 ÷ 2 = 5 सेमी।
90° = 60° + 30°। 45° = 90° ÷ 2। 30° = 60° ÷ 2। 15° = 30° ÷ 2। 75° = 60° + 15°। 105° = 60° + 45°। 135° = 90° + 45°।
1) रचना 11.4, योग 13 सेमी। 2) रचना 11.5 केस एक, 3.5 सेमी। 3) रचना 11.5 केस दो, 2 सेमी। 4) रचना 11.6, परिमाप 11 सेमी। 5) फिर योग, 18 सेमी, समकोण त्रिभुज।
यह मॉडल सेट अभ्यास के लिए है। किसी वर्ष की वार्षिक परीक्षा का प्रश्न नहीं है। स्रोत पृष्ठ मिलने पर ही वार्षिक प्रश्न जोड़े जाएँगे।
समकोण का चौथाई।
90° ÷ 4 = 22.5°।
PR − PQ।
अंतर का केस दो।
30 ÷ 2।
15।
गलत — वह पूरे परिमाप के बराबर होती है।
नियम AB + AC > BC। 6 = 6, इसलिए रचना संभव नहीं। इकाई सेमी।
ये योग्यता-आधारित अभ्यास प्रश्न हैं। किसी CBSE प्रश्नपत्र की प्रति नहीं हैं।
दो ज्ञात कोण।
75° = 60° + 15°।
समद्विभाजक।
रचना 11.1।
अभिकथन (A): शुद्ध रचना में परकार लगता है।
कारण (R): चाँदा भी हर कदम का स्थान लेता है।
A सही है। R गलत — चाँदा जाँच है, कदम नहीं।
गलत — पुस्तक कहती है कि ऐसा त्रिभुज सदा अद्वितीय नहीं होता।
30° = 60° ÷ 2 और 90° = 60° + 30°। चाँदा केवल जाँच है। रचना का कदम परकार है। इकाई डिग्री।
AB + AC > BC चाहिए। 8 मी = 8 मी, इसलिए योग बड़ा नहीं है। रचना 11.4 संभव नहीं।
ऊपर «BSEB | CBSE» से बोर्ड बदलो। पाठ वही NCERT है।
इस पेज पर वार्षिक परीक्षा का सत्यापित प्रश्न नहीं है, क्योंकि स्रोत पृष्ठ नहीं जोड़ा गया। नीचे मॉडल सेट बोर्ड के पैटर्न पर अभ्यास के लिए है।
सत्यापित लेबल तभी लगेगा जब प्रश्न का स्रोत पृष्ठ उपलब्ध हो।
ये केस और अभिकथन-कारण अभ्यास हैं। इन्हें CBSE का पुराना प्रश्न मत समझो।
गलत प्रश्न जल्दी लौटते हैं, सही वाले कुछ दिन बाद।
आपने क्या सीखा
| क्या | याद रखने लायक |
|---|---|
| उपकरण | straight edge + compass |
| कोण आधा | equal halves |
| लंब समद्विभाजक | 90° at midpoint |
| 60° | 180° ÷ 3 |
| योग | AB + AC > base |
| परिमाप | XY = AB + BC + CA |
नोट्स मूल लेखन हैं। पाठ्यपुस्तक केवल क्रम और क्रियाकलाप-संख्या के लिए संदर्भ है। «सत्यापित» केवल स्रोत पृष्ठ वाले प्रश्न पर लिखा जाएगा।