पहले स्तंभ लिखते हैं।
स्तंभ 5 और पंक्ति 3। (3, 5) दूसरी डेस्क है।
कक्षा 9 · गणित · अध्याय 3 · बिहार बोर्ड (BSEB)CBSE · NCERT 2026-27
Coordinate Geometry
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1. पढ़ो — क्रियाकलाप 1 बैठक · अभ्यास 3.1 · कार्तीय तल · अभ्यास 3.2 · आलेखन · क्रियाकलाप 2 पासा · अभ्यास 3.3, चित्र, हल उदाहरण, बोर्ड टिप
2. जाँचो — हर पाठ के अपने प्रश्न; संख्या पाठ के हिसाब से
3. महारत ★ — उस पाठ के सब सही। गलत वाले «दोबारा करो»
4. याद रखने वाला चित्र चार चतुर्थांश के चिह्न दिखाता है — प्रथम (+, +), द्वितीय (−, +), तृतीय (−, −) और चतुर्थ (+, −)।
बिहार की 15-अध्याय वाली किताब में यह अध्याय 3 है। NCERT 2026-27 गणित मंजरी का क्रम अलग है। प्रगति इसी ब्राउज़र में सेव रहती है।
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Two facts and a seating plan — Activity 1 · पाठ्यपुस्तक 3.1 · क्रियाकलाप 1 · अभ्यास 3.1
सड़क का नंबर पता हो और मकान का नंबर न हो, तो घर नहीं मिलता। कागज पर बिंदी भी «ऊपर है» कहने से नहीं जमती। समतल में जगह के लिए दो स्वतंत्र सूचनाएँ चाहिए — दो स्थिर रेखाओं से दो दूरियाँ।
डेकार्ट ने अक्षांश-देशांतर वाले विचार को समतल पर उतारा। उसी कारण इस विधि को कार्तीय पद्धति कहते हैं। अध्याय यहीं से शुरू होता है, सूत्रों से नहीं।
डेस्क सटाकर कक्षा का नक्शा बनाओ। हर डेस्क एक वर्ग हो और उसमें बैठे विद्यार्थी का नाम लिखो। जगह दो बातों से बनती है: कौन-सा स्तंभ, और कौन-सी पंक्ति।
पाँचवें स्तंभ और तीसरी पंक्ति को (5, 3) लिखो। पहले स्तंभ, फिर पंक्ति। (3, 5) वही जगह नहीं है। सोनिया चौथे स्तंभ और पहली पंक्ति में हो तो S(4, 1)। शिक्षक का डेस्क इस योजना में नहीं है। शिक्षक केवल देख रहे हैं।
प्रश्न: अभ्यास 3.1 में चौराहा (4, 3) कितनी बार बन सकता है? पैमाना 1 cm = 200 m है।
उत्तर: उत्तर-दक्षिण की दूसरी गली और पूर्व-पश्चिम की गली मिलकर एक ही चौराहा बनाती हैं। (4, 3) ठीक एक चौराहा है। (3, 4) दूसरा चौराहा है। क्रम नाम का हिस्सा है, इसलिए दोनों को एक मत गिनना।
अभ्यास 3.1 में (4, 3) और (3, 4) दोनों का उत्तर 1 है। पैमाना 1 cm = 200 m उत्तर में मत भूलना जब नक्शा बनाना हो।
कार्तीय नाम डेकार्ट से आया है। परीक्षा में पद्धति का नाम पूछें तो Cartesian या कार्तीय लिखो, केवल «ग्राफ» नहीं।
पहले स्तंभ लिखते हैं।
स्तंभ 5 और पंक्ति 3। (3, 5) दूसरी डेस्क है।
गलत — क्रम बदलते ही स्तंभ और पंक्ति बदल जाते हैं।
शिक्षक का डेस्क नक्शे में नहीं है।
प्रेक्षक। डेस्क विद्यार्थियों के हैं।
बाईं किनारी और नीचे की रेखा।
दो दूरियाँ। एक किनारे से दूरी जगह नहीं जमाता।
मेज के बाएँ किनारे से लंब दूरी और सामने वाले किनारे से लंब दूरी बताओ। एक ही दूरी से लैंप की जगह नहीं जमती।
The Cartesian plane and the four quadrants · पाठ्यपुस्तक 3.2 · अक्ष · चिह्न
संख्या रेखा पर मूलबिंदु से दाएँ धन और बाएँ ऋण गिने जाते हैं। ऐसी ही दो रेखाएँ लो। क्षैतिज रेखा X′X को x-अक्ष कहते हैं और ऊर्ध्वाधर रेखा Y′Y को y-अक्ष। दोनों अपने शून्य पर कटती हैं। कटाव मूलबिंदु O है। OX और OY धन दिशाएँ हैं। OX′ और OY′ ऋण दिशाएँ हैं।
अक्ष तल को चार भागों में बाँटते हैं। ये चतुर्थांश हैं, OX से वामावर्त I, II, III, IV। पूरा तल अक्ष और ये चार भाग मिलकर है। इसे कार्तीय तल, निर्देशांक तल या xy-तल कहते हैं।
| चतुर्थांश | चिह्न | घिरा है |
|---|---|---|
| प्रथम | (+, +) | धन x और धन y |
| द्वितीय | (−, +) | ऋण x और धन y |
| तृतीय | (−, −) | ऋण x और ऋण y |
| चतुर्थ | (+, −) | धन x और ऋण y |
प्रश्न: बिंदु (−3, 4) किस चतुर्थांश में है?
उत्तर: x = −3 ऋण है और y = 4 धन है। चिह्न (−, +) द्वितीय चतुर्थांश का है। बिंदु y-अक्ष के बाएँ और x-अक्ष के ऊपर है।
द्वितीय और चतुर्थ के चिह्न अक्सर पलट जाते हैं। ऋण x और धन y द्वितीय है। धन x और ऋण y चतुर्थ है।
गिनती दक्षिणावर्त मत लिखना। पुस्तक OX से वामावर्त I, II, III, IV कहती है।
बायाँ ऊपर।
(−, +)। x ऋण, y धन।
सही — दोनों अक्षों से दूरी शून्य है।
ऊर्ध्वाधर रेखा y-अक्ष है।
x-अक्ष। Y′Y y-अक्ष है।
दोनों निर्देशांक ऋण।
तृतीय चतुर्थांश, चिह्न (−, −)।
गलत — गिनती वामावर्त है: I, II, III, IV।
प्रथम (+, +), द्वितीय (−, +), तृतीय (−, −), चतुर्थ (+, −)। गिनती धन x-अक्ष से वामावर्त है।
Abscissa, ordinate, and points on the axes · पाठ्यपुस्तक 3.2 · भुज · कोटि
किसी बिंदु की y-अक्ष से लंब दूरी, x-अक्ष की दिशा में नापकर, उसका x-निर्देशांक है। इसे भुज भी कहते हैं। x-अक्ष से लंब दूरी, y-अक्ष की दिशा में नापकर, y-निर्देशांक या कोटि है। धन दिशा में धन चिह्न, ऋण दिशा में ऋण चिह्न। लिखते समय पहले भुज, फिर कोटि, कोष्ठक में।
x-अक्ष के हर बिंदु की कोटि 0 है, इसलिए रूप (x, 0) है। y-अक्ष के हर बिंदु का भुज 0 है, इसलिए रूप (0, y) है। मूलबिंदु (0, 0) है। ये बिंदु किसी चतुर्थांश में नहीं हैं।
प्रश्न: बिंदु A, x-अक्ष पर मूल से 4 इकाई धन दिशा में है। B, y-अक्ष पर मूल से 3 इकाई धन दिशा में है। निर्देशांक लिखो।
उत्तर: A की y-अक्ष से दूरी 4 इकाई है और x-अक्ष से दूरी 0 है, इसलिए A(4, 0)। B की x-अक्ष से दूरी 3 इकाई है और y-अक्ष से दूरी 0 है, इसलिए B(0, 3)। इकाई वही है जो अक्ष पर चुनी गई है।
भुज और कोटि के नाम पलटकर मत लिखना। भुज पहले आता है। कोटि दूसरी।
(−1, 0) को तृतीय चतुर्थांश मत लिखना। यह ऋण x-अक्ष पर है।
कोटि शून्य है।
(x, 0)। y-अक्ष पर (0, y) होता है।
सही — भुज 0 है, इसलिए बिंदु ऊर्ध्वाधर अक्ष पर है।
दोनों दूरियाँ शून्य।
(0, 0)।
(−1, 0) ऋण x-अक्ष पर है। (0, 5) धन y-अक्ष पर है। (2, −3) चतुर्थ चतुर्थांश में है क्योंकि चिह्न (+, −) हैं। अक्ष वाले बिंदु चतुर्थांश में नहीं गिने जाते।
Plotting a point when the coordinates are given · पाठ्यपुस्तक 3.3 · क्रमित युग्म · अभ्यास 3.3
आलेखन का अर्थ है दिए निर्देशांक वाली जगह पर बिंदु रखना। (3, 5) के लिए मूल से धन x-अक्ष पर 3 इकाई चलो, फिर उस जगह से धन y दिशा में 5 इकाई। बिंदु प्रथम चतुर्थांश में होगा। (5, −4) के लिए x पर 5 और फिर ऋण y दिशा में 4। यह चतुर्थ चतुर्थांश है।
पैमाना दोनों अक्षों पर बताओ, जैसे 1 cm = 1 इकाई। (x, y) क्रमित युग्म है। x ≠ y हो तो (x, y) और (y, x) अलग जगह हैं। x = y हो तो दोनों एक ही बिंदु हैं।
प्रश्न: अभ्यास 3.3 के बिंदु (−2, 4), (3, −1), (−1, 0), (1, 2), (−3, −5) कहाँ हैं?
उत्तर: (−2, 4) द्वितीय चतुर्थांश। (3, −1) चतुर्थ। (−1, 0) ऋण x-अक्ष पर, किसी चतुर्थांश में नहीं। (1, 2) प्रथम। (−3, −5) तृतीय। जाँच के लिए इन्हीं पैमानों पर बिंदु रखकर देखो।
अभ्यास 3.3 का (−1, 0) जाल में फँसाता है। अक्ष लिखो, चतुर्थांश नहीं।
आलेख में पैमाना दोनों अक्षों पर समान रखो जब तक प्रश्न अलग पैमाना न माँगे। इकाई लिखो।
भुज पहले।
मूल से धन x पर 3 इकाई, फिर धन y पर 5 इकाई।
गलत — क्रम मायने रखता है। बराबर तभी जब x = y।
क्रम बदलना मना है जब x ≠ y।
क्रमित युग्म।
5 ≠ 2।
अलग बिंदु हैं क्योंकि निर्देशांक बराबर नहीं हैं।
दोनों अक्षों पर 1 cm = 1 इकाई लो। मूल से ऋण x-अक्ष पर 2 इकाई चलो। वहाँ से धन y दिशा में 4 इकाई चलकर बिंदु रखो। चिह्न (−, +) हैं, इसलिए बिंदु द्वितीय चतुर्थांश में है।
The dice game — Activity 2 · पाठ्यपुस्तक 3.3 · क्रियाकलाप 2
दो खिलाड़ी, दो मोहरे या सिक्के, ग्राफ पेपर, और दो अलग रंग के पासे — लाल और हरा। दोनों मोहरे (0, 0) से शुरू होते हैं। लाल पासा x बढ़ाता है और हरा पासा y।
लाल पर 3 और हरे पर 1 आए तो मोहरा (3, 1) पर जाता है। अगली बार लाल 1 और हरा 4 आए तो नई जगह (3 + 1, 1 + 4) = (4, 5) है। जो पहले (10, 10) पहुँचे, बिना आगे निकले, वही जीते। भुज या कोटि 10 से बड़ी हो तो वह चाल नहीं चलेगी। मोहरे एक ही बिंदु पर नहीं रह सकते। तुम दूसरे की जगह आ जाओ तो उसका मोहरा (0, 0) पर लौट जाता है।
हर चाल पुराने युग्म में नया युग्म जोड़ती है। x में लाल पासा जुड़ता है और y में हरा। अक्षों के नाम यहाँ भी x और y ही रहते हैं। समय-दूरी वाले ग्राफ में अक्षों के नाम बदल सकते हैं, पर क्रमित युग्म का नियम नहीं बदलता।
प्रश्न: मोहरा (6, 8) पर है। लाल पासा 3 और हरा पासा 4 आता है। चाल चलेगी?
उत्तर: नई जगह (6 + 3, 8 + 4) = (9, 12) होती। कोटि 12 > 10 है, इसलिए लक्ष्य के पार जाना पड़ता। चाल रद्द है और मोहरा (6, 8) पर ही रहता है।
क्रियाकलाप 2 क्रियाकलाप 1 के बाद है। उत्तर में पासे का रंग और अक्ष दोनों लिखो।
लक्ष्य तक पहुँचना और लक्ष्य के पार निकलना अलग बात है। पार निकलना जीत नहीं है।
10-सेकंड रिवीजन
लाल x है।
(3, 1)। हरा y में जुड़ता है।
गलत — भुज या कोटि 10 से बड़ी हो तो चाल रद्द है।
शुरुआत वाली जगह।
(0, 0)।
नई जगह (2 + 5, 4 + 1) = (7, 5) है। दोनों निर्देशांक 10 से छोटे हैं, इसलिए चाल मान्य है। मोहरा (7, 5) पर आ जाता है।
The distance between two plotted points · आलेख के बाद की माप · पाइथागोरस
इस अध्याय के अभ्यास बिंदु का नाम और उसका आलेख पूछते हैं। दो ऐसे बिंदुओं के बीच की सीधी दूरी अलग माप है। बिंदु (x₁, y₁) और (x₂, y₂) को जोड़ो। क्षैतिज अंतर x₂ − x₁ है और ऊर्ध्वाधर अंतर y₂ − y₁। ये एक समकोण त्रिभुज की भुजाएँ हैं।
दूरी = √[(x₂ − x₁)² + (y₂ − y₁)²]। वर्ग ऋण चिह्न हटा देता है। वर्गमूल लंबाई देता है, इसलिए दूरी ऋणात्मक नहीं होती। इकाई वही रखो जो अक्ष पर चुनी हो।
प्रश्न: A(1, 2) और B(4, 6) के बीच की दूरी निकालो। अक्ष पर 1 इकाई = 1 cm।
सूत्र: d = √[(x₂ − x₁)² + (y₂ − y₁)²]
मान: d = √[(4 − 1)² + (6 − 2)²] = √(3² + 4²) = √(9 + 16) = √25 = 5
इकाई: 5 cm।
केवल अंतर जोड़कर दूरी मत लिखना। (3, 4) वाले अंतर पर 3 + 4 = 7 गलत है। √(9 + 16) = 5 सही है।
उत्तर में इकाई लिखो। सूत्र, मान और इकाई तीनों एक ही उत्तर में आने चाहिए।
10-सेकंड रिवीजन
√(9 + 16)।
√(3² + 4²) = √25 = 5 इकाई।
गलत — योग वर्ग इकाई में होता है। लंबाई के लिए वर्गमूल चाहिए।
अक्ष वाली इकाई।
5 cm।
पाइथागोरस, फिर मूल।
वर्गमूल के अंदर दोनों अंतरों के वर्ग जुड़ते हैं।
d = √[(x₂ − x₁)² + (y₂ − y₁)²] = √[(2 − (−1))² + (6 − 2)²] = √(3² + 4²) = √(9 + 16) = √25 = 5 cm।
गलत — वर्गमूल वाली लंबाई ऋणात्मक नहीं होती। अलग बिंदुओं पर दूरी धन होती है।
प्रकार चुनो। पाठों के 30 जाँच-प्रश्न अलग हैं — हर पाठ में जितने उसके विषय माँगते हैं। सब सही होने पर महारत ★ मिलती है।
कोई भी प्रश्न «सत्यापित PYQ» नहीं है। BSEB वाला सेट मॉडल अभ्यास है। CBSE वाले प्रश्न CBSE-शैली हैं, किसी वर्ष के पेपर की प्रति नहीं।
एक रेखा पर एक संख्या काफी है।
दो। एक क्षैतिज संदर्भ और एक ऊर्ध्वाधर।
Y′Y ऊर्ध्वाधर है।
X′X x-अक्ष है।
धन x, ऋण y।
(+, −)।
दोनों दूरियाँ शून्य।
(0, 0)।
भुज शून्य होता है।
(0, y)।
दोनों ऋण।
तृतीय चतुर्थांश।
धन x, ऋण y।
चतुर्थ चतुर्थांश।
4 ≠ 3।
क्रम अलग है, इसलिए बिंदु अलग हैं।
कोटि y है।
भुज x-निर्देशांक है।
√(36 + 64)।
√(36 + 64) = √100 = 10 इकाई।
(5, 3) में 5 स्तंभ है।
स्तंभ। पंक्ति दूसरी संख्या है।
लाल x है।
(2, 4)।
कोटि 0 है।
ऋण x-अक्ष पर। यह चतुर्थांश नहीं है।
गलत — x-अक्ष क्षैतिज है। y-अक्ष ऊर्ध्वाधर है।
सही — चिह्न (+, +) है।
गलत — भुज 0 है, इसलिए यह ऋण y-अक्ष पर है।
सही — दोनों संख्याएँ समान हैं तो क्रम बदलने से बिंदु नहीं बदलता।
गलत — हरा पासा y बढ़ाता है। लाल पासा x बढ़ाता है।
सही — यही पाइथागोरस वाला रूप है।
गलत — चतुर्थांश अक्षों के बीच के भाग हैं। अक्ष स्वयं उनमें नहीं गिने जाते।
गलत — क्रम बदलते ही दूसरी गली का चौराहा बनता है। हर नाम ठीक एक चौराहा है।
मूलबिंदु।
निर्देशांक (0, 0)।
कोटि।
भुज x है।
वामावर्त।
OX से शुरू।
0।
रूप (x, 0)।
वर्ग।
फिर वर्गमूल।
(10, 10)।
शुरू (0, 0) है।
चतुर्थ।
चिह्न (+, −)।
10।
√(64 + 36) = √100।
भुज x है, कोटि y है, मूल (0, 0) है, चतुर्थांश चौथाई तल है।
चिह्न क्रम से (+,+), (−,+), (−,−), (+,−) हैं।
अभिकथन (A): (5, 1) और (1, 5) अलग बिंदु हैं।
कारण (R): (x, y) क्रमित युग्म है और यहाँ दोनों संख्याएँ बराबर नहीं हैं।
दोनों सही हैं और R सही कारण है।
अभिकथन (A): मूलबिंदु के निर्देशांक (0, 0) हैं।
कारण (R): प्रथम चतुर्थांश का चिह्न (+, +) है।
दोनों सही हैं, पर R मूलबिंदु की व्याख्या नहीं करता।
अभिकथन (A): x-अक्ष पर बिंदु का रूप (x, 0) है।
कारण (R): x-अक्ष पर भुज सदा शून्य होता है।
A सही है। R गलत — x-अक्ष पर कोटि शून्य होती है, भुज नहीं।
अभिकथन (A): (−4, 0) द्वितीय चतुर्थांश में है।
कारण (R): कोटि शून्य होने पर बिंदु x-अक्ष पर होता है।
A गलत है। R सही है — इसी कारण बिंदु चतुर्थांश में नहीं है।
अभिकथन (A): (0, 0) और (5, 12) के बीच की दूरी 13 इकाई है।
कारण (R): √(5² + 12²) = √(25 + 144) = √169 = 13।
दोनों सही हैं और R गणना द्वारा A की व्याख्या है।
(1, 2) प्रथम, (−1, 2) द्वितीय, (0, 2) और (3, 0) अक्ष पर हैं।
बैठक योजना क्रियाकलाप 1 है। पासा और (10, 10) क्रियाकलाप 2 हैं।
दो लंब संख्या रेखाओं X′X और Y′Y से बना तल कार्तीय तल है। इनका कटाव मूलबिंदु है।
भुज बिंदु का x-निर्देशांक है। कोटि बिंदु का y-निर्देशांक है।
(−3, 5) द्वितीय चतुर्थांश में है। (2, −4) चतुर्थ चतुर्थांश में है।
मूल दोनों अक्षों पर है, इसलिए दोनों लंब दूरियाँ शून्य हैं।
√(3² + 4²) = √25 = 5 इकाई।
प्रथम (+, +), द्वितीय (−, +), तृतीय (−, −), चतुर्थ (+, −)। अक्ष पर बिंदु किसी चतुर्थांश में नहीं होता। x-अक्ष पर (x, 0) और y-अक्ष पर (0, y) होता है।
d = √[(2 − (−2))² + (4 − 1)²] = √(4² + 3²) = √(16 + 9) = √25 = 5 cm।
लाल पासा x जोड़ता है और हरा y। कोई निर्देशांक 10 से बड़ा नहीं हो सकता, वरना चाल रद्द है। दूसरे मोहरे पर पहुँचोगे तो वह (0, 0) पर लौटता है।
x-अक्ष क्षैतिज और y-अक्ष ऊर्ध्वाधर है, कटाव (0, 0)। बिंदु क्रम से प्रथम, द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ चतुर्थांश में हैं। दूरी √[(2 − 2)² + (−3 − 3)²] = √(0 + 36) = 6 cm।
क्रम से: द्वितीय चतुर्थांश, चतुर्थ चतुर्थांश, ऋण x-अक्ष, प्रथम चतुर्थांश, तृतीय चतुर्थांश। (x, y) क्रमित युग्म है क्योंकि x ≠ y हो तो (y, x) दूसरी जगह होता है।
d = √[(4 − 1)² + (5 − 1)²] = √(9 + 16) = √25 = 5 cm। जोड़: (1 + 3, 1 + 4) = (4, 5), जो Q है। लाल 3 और हरा 4 एक ऐसी ही चाल होती।
यह मॉडल सेट अभ्यास के लिए है। किसी वर्ष की वार्षिक परीक्षा का प्रश्न नहीं है। स्रोत पृष्ठ मिलने पर ही वार्षिक प्रश्न जोड़े जाएँगे।
चिह्न (−, +)।
(−4, 5)।
कोटि शून्य है।
धन x-अक्ष पर।
y-निर्देशांक।
भुज x है।
सही।
d = √(8² + 15²) = √(64 + 225) = √289 = 17 इकाई।
ये योग्यता-आधारित अभ्यास प्रश्न हैं। किसी CBSE प्रश्नपत्र की प्रति नहीं हैं।
वास्तविक चिह्न (−, +) है।
(−3, 4) द्वितीय में है। छात्र ने चिह्न पलट दिए।
एक अक्ष पर है, दूसरा दूसरे अक्ष पर।
(5, 0) x-अक्ष पर है और (0, 5) y-अक्ष पर। ये एक बिंदु नहीं हैं।
अभिकथन (A): क्रियाकलाप 2 में (9, 8) से लाल 2 और हरा 1 की चाल रद्द होनी चाहिए।
कारण (R): लक्ष्य पार करना जीत का नियम है।
A सही है क्योंकि x = 11 हो जाता। R गलत — पार करना चाल रद्द करता है।
गलत — अंतरों के वर्ग जुड़ते हैं, फिर वर्गमूल।
d = √[(4 − 1)² + (6 − 2)²] = √(9 + 16) = 5 km। (2, 1) क्रम बदलने से दूसरी जगह है, इसलिए वह स्कूल नहीं है।
(7 + 4, 9 + 2) = (11, 11) दोनों निर्देशांक 10 से बड़े हैं, इसलिए चाल रद्द है और मोहरा (7, 9) पर रहता है। लाल 1 और हरा 1 मान्य है: (8, 10)।
ऊपर «BSEB | CBSE» से बोर्ड बदलो। पाठ वही NCERT है।
इस पेज पर वार्षिक परीक्षा का सत्यापित प्रश्न नहीं है, क्योंकि स्रोत पृष्ठ नहीं जोड़ा गया। नीचे मॉडल सेट बोर्ड के पैटर्न पर अभ्यास के लिए है।
सत्यापित लेबल तभी लगेगा जब प्रश्न का स्रोत पृष्ठ उपलब्ध हो।
ये केस और अभिकथन-कारण अभ्यास हैं। इन्हें CBSE का पुराना प्रश्न मत समझो।
गलत प्रश्न जल्दी लौटते हैं, सही वाले कुछ दिन बाद।
आपने क्या सीखा
| क्या | याद रखने लायक |
|---|---|
| मूलबिंदु | (0, 0) |
| प्रथम चतुर्थांश | (+, +) |
| द्वितीय चतुर्थांश | (−, +) |
| तृतीय चतुर्थांश | (−, −) |
| चतुर्थ चतुर्थांश | (+, −) |
| दूरी | √[(x₂−x₁)²+(y₂−y₁)²] |
नोट्स मूल लेखन हैं। पाठ्यपुस्तक केवल क्रम और क्रियाकलाप-संख्या के लिए संदर्भ है। «सत्यापित» केवल स्रोत पृष्ठ वाले प्रश्न पर लिखा जाएगा।