q शून्य नहीं हो सकता।
0 = 0/1। अंश और हर दोनों पूर्णांक हैं और हर 1 है।
कक्षा 9 · गणित · अध्याय 1 · बिहार बोर्ड (BSEB)CBSE · NCERT 2026-27
Number Systems
इस पेज को ऐसे पढ़ो:
1. पढ़ो — 1.1 परिमेय · 1.2 अपरिमेय और वर्गमूल सर्पिल · 1.3 दशमलव · 1.4 संख्या रेखा · 1.5 संक्रियाएँ · 1.6 घातांक, चित्र, हल उदाहरण, बोर्ड टिप
2. जाँचो — हर पाठ के अपने प्रश्न; संख्या पाठ के हिसाब से
3. महारत ★ — उस पाठ के सब सही। गलत वाले «दोबारा करो»
4. याद रखने वाला चित्र संख्या रेखा है, जिस पर परिमेय 1/2 और अपरिमेय √2 दोनों अंकित हैं।
बिहार की 15-अध्याय वाली किताब में यह अध्याय 1 है। NCERT 2026-27 गणित मंजरी का क्रम अलग है। प्रगति इसी ब्राउज़र में सेव रहती है।
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Rational numbers — Exercise 1.1 · NCERT 1.1 · प्रश्नावली 1.1
प्राकृत संख्याएँ 1, 2, 3, … हैं। समूह N है। शून्य जोड़ने पर पूर्ण संख्याएँ मिलती हैं। समूह W है। ऋणात्मक पूर्णांक भी जोड़ दो तो पूर्णांक मिलते हैं। समूह Z है। Z जर्मन शब्द zahlen से आया है, अर्थ है गिनना।
संख्या परिमेय है जब उसे p/q लिखा जा सके। p और q पूर्णांक हैं और q ≠ 0। 4 = 4/1 है, इसलिए हर पूर्णांक परिमेय है। 0 = 0/1 है, इसलिए शून्य भी परिमेय है। 1/2 और −3/5 भी परिमेय हैं।
दो परिमेय संख्याओं के बीच अनंत परिमेय संख्याएँ हैं। एक तरीका औसत (a + b)/2 है। उसी को दोहराते जाओ। दूसरा तरीका: समान हर बनाकर बीच के अंश भर दो।
| समूह | चिह्न | उदाहरण |
|---|---|---|
| प्राकृत | N | 1, 2, 3, … |
| पूर्ण | W | 0, 1, 2, 3, … |
| पूर्णांक | Z | …, −2, −1, 0, 1, 2, … |
| परिमेय | Q | 0, 4/1, 1/2, −3/5 |
प्रश्न: 1 और 2 के बीच तीन परिमेय संख्याएँ लिखो।
चरण 1. समान हर 4 लो। 1 = 4/4 और 2 = 8/4।
चरण 2. अंश 4 और 8 के बीच 5, 6, 7 हैं।
चरण 3. संख्याएँ 5/4, 6/4 और 7/4 हैं। 6/4 = 3/2।
जाँच: 1 < 5/4 < 3/2 < 7/4 < 2। तीनों p/q में हैं और हर शून्य नहीं है।
शून्य को 0/1 लिखो। q = 0 कभी मत लिखो, क्योंकि शून्य से भाग नहीं होता।
सही-गलत में कारण दो। हर प्राकृत संख्या पूर्ण है, पर हर पूर्णांक पूर्ण नहीं।
q शून्य नहीं हो सकता।
0 = 0/1। अंश और हर दोनों पूर्णांक हैं और हर 1 है।
गलत। −3 पूर्णांक है, पर पूर्ण संख्या नहीं। पूर्ण संख्याएँ 0, 1, 2, … हैं।
quotient से जुड़ा अक्षर।
चिह्न Q है।
औसत (3+4)/2 निकालो।
(3+4)/2 = 7/2 = 3.5, जो 3 और 4 के बीच है।
औसत = (1/2 + 3/4)/2। पहले योग: 1/2 = 2/4, अतः 2/4 + 3/4 = 5/4। फिर (5/4)/2 = 5/8। 1/2 = 4/8 < 5/8 < 6/8 = 3/4।
Irrational numbers and the square-root spiral — Exercise 1.2 · NCERT 1.2 · प्रश्नावली 1.2 · कक्षा-कार्य
संख्या अपरिमेय है जब उसे p/q के रूप में न लिखा जा सके, जहाँ p, q पूर्णांक हैं और q ≠ 0। √2, √3, √5 और π अपरिमेय हैं। 0.10110111011110… जैसा दशमलव, जिसमें 1 की गिनती बढ़ती जाती है, भी अपरिमेय है।
हर अपरिमेय संख्या वास्तविक है। हर वास्तविक संख्या अपरिमेय नहीं है, क्योंकि 1/2 वास्तविक भी है और परिमेय भी। संख्या रेखा का हर बिंदु √m नहीं है। m प्राकृत हो तो √m धनात्मक या शून्य रहता है। ऋणात्मक बिंदु और 1/2 इस रूप में नहीं आते।
√4 = 2 और √9 = 3 परिमेय हैं। इसलिए यह कहना गलत है कि हर धनात्मक पूर्णांक का वर्गमूल अपरिमेय होता है।
बड़ा कागज़ लो। बिंदु O से इकाई लंबाई का OP₁ खींचो। P₁P₂ को OP₁ पर लंब खींचो, लंबाई फिर 1 इकाई। तब OP₂ कर्ण है। पाइथागोरस से OP₂ = √(1² + 1²) = √2।
अब P₂P₃ को OP₂ पर लंब खींचो, लंबाई 1। OP₃ = √((√2)² + 1²) = √3। इसी तरह अगला लंब OP₄ = √4 = 2 देता है। आगे OPₙ = √n। बिंदुओं को जोड़ते जाओ तो √2, √3, √4, … की सर्पिल बनती है।
प्रश्न: सिद्ध करो कि √2 अपरिमेय है।
चरण 1. मान लो √2 = p/q, जहाँ p, q पूर्णांक हैं, q ≠ 0, और 1 के सिवा उनका कोई सार्व गुणनखंड नहीं।
चरण 2. वर्ग लो: p² = 2q²। अतः p² सम है, इसलिए p सम है। p = 2m लिखो।
चरण 3. (2m)² = 2q² देता है 4m² = 2q², अतः q² = 2m²। q² सम है, इसलिए q सम है।
चरण 4. p और q दोनों सम हैं, यानी 2 दोनों का गुणनखंड है। यह सहअभाज्य होने से टकराता है। अतः मान गलत है। √2 अपरिमेय है।
प्रमाण में मान लो कि वह परिमेय है, फिर दोनों के सम होने का विरोध दिखाओ।
√m वाला कथन केवल प्राकृत m के लिए धनात्मक जड़ है। ऋणात्मक बिंदु अलग हैं।
सही। वास्तविक संख्याएँ = परिमेय + अपरिमेय।
किसका वर्ग पूर्ण वर्ग है?
√9 = 3 = 3/1, परिमेय है। √2, √3 और π अपरिमेय हैं।
पिछली लंब भुजा 1 है और OP₂ = √2।
√((√2)² + 1²) = √3।
नहीं। √4 = 2 = 2/1, जो परिमेय है। √9 = 3 भी परिमेय है। √2 जैसा वर्गमूल अपरिमेय है, पर पूर्ण वर्ग का वर्गमूल पूर्णांक होता है।
Decimal expansions — Exercise 1.3 · NCERT 1.3 · प्रश्नावली 1.3
p को q से भाग दो। शेष या तो 0 हो जाता है या दोहराने लगता है। शेष 0 हो तो दशमलव सांत है। 7/8 = 0.875 और 1/2 = 0.5। शेष दोहराए तो दशमलव अनवसानी आवर्ती है। 1/3 = 0.333… और 1/7 = 0.142857142857…।
दोहराते शेषों की गिनती भाजक से कम होती है। 1/3 में एक शेष है और भाजक 3 है। 1/7 में छह शेष हैं और भाजक 7 है। इसलिए 1/17 के आवर्ती ब्लॉक में अधिक से अधिक 16 अंक हो सकते हैं।
परिमेय का दशमलव सांत या अनवसानी आवर्ती होता है। उलटा भी सही है। जो दशमलव न खत्म हो और न दोहराए, वह अपरिमेय है।
प्रश्न: 0.999… को p/q में लिखो।
चरण 1. x = 0.999… रखो।
चरण 2. एक अंक दोहराता है, इसलिए 10 से गुणा करो: 10x = 9.999…।
चरण 3. घटाओ: 10x − x = 9.999… − 0.999… = 9। अतः 9x = 9।
चरण 4. x = 9/9 = 1 = 1/1। इसलिए 0.999… और 1 एक ही परिमेय संख्या हैं।
आवर्ती ब्लॉक पर बार लगाओ। 1/7 का ब्लॉक 142857 है, केवल 1 नहीं।
1/17 जैसे प्रश्न में भाग पूरा मत करो। अधिकतम अंक भाजक से 1 कम लिखो।
8 से भाग दो तो शेष 0 आता है।
7/8 = 0.875, जो सांत है। अतः परिमेय है।
सही। 1 की गिनती बढ़ती जाती है, इसलिए एक ही ब्लॉक नहीं दोहरता।
3 से भाग देने पर शेष 1 ही रहता है।
1/3 = 0.333…।
x = 0.999… और 10x − x।
9x = 9, अतः x = 1।
गिनती भाजक से कम होती है।
भाजक 17 है, इसलिए अधिक से अधिक 16 अंक।
x = 0.454545…। दो अंक दोहराते हैं, इसलिए 100x = 45.454545…। 100x − x = 45, अतः 99x = 45। x = 45/99 = 5/11।
Real numbers on the number line — Exercise 1.4 · NCERT 1.4 · प्रश्नावली 1.4 · √2
परिमेय और अपरिमेय मिलकर वास्तविक संख्याएँ हैं। हर वास्तविक संख्या का संख्या रेखा पर ठीक एक बिंदु है। हर बिंदु ठीक एक वास्तविक संख्या है।
दशमलव को पास से देखने का नाम क्रमिक आवर्धन है। 3.765 के लिए पहले 3 और 4 के बीच देखो, फिर 3.7 और 3.8 के बीच, फिर 3.76 और 3.77 के बीच। बिंदु 3.765 उस आखिरी अंतराल में पड़ता है। 4.2626… को चार दशमलव स्थान तक इसी तरह बड़ा करके देखते हैं।
1/2 परिमेय है और √2 अपरिमेय है। दोनों का रेखा पर अपना बिंदु है। 1/2, 0 और 1 के बीच है। √2, 1 और 2 के बीच है, क्योंकि 1² = 1 < 2 < 4 = 2²।
प्रश्न: संख्या रेखा पर √2 अंकित करो। इकाई वही लो जो रेखा पर 0 से 1 तक है।
चरण 1. रेखा पर OA = 1 इकाई खींचो। O मूल बिंदु है।
चरण 2. A पर लंब AB = 1 इकाई खींचो।
सूत्र: पाइथागोरस, OB² = OA² + AB²।
प्रतिस्थापन: OB² = 1² + 1² = 2। अतः OB = √2 इकाई, क्योंकि लंबाई धनात्मक है।
चरण 3. परकार का केंद्र O और त्रिज्या OB लो। रेखा को धनात्मक दिशा में P पर काटो। P ही √2 है।
आवर्धन में पहला अंतराल पूर्णांक वाला लिखो। 3.765 का पहला घर 3 और 4 है।
√5 के लिए पहले √4 = 2 तक जाओ, फिर इकाई लंब जोड़कर कर्ण √5 लो।
1² = 1 और 2² = 4। 2 इनके बीच है।
1 < √2 < 2, क्योंकि 1 < 2 < 4।
गलत। 1/2 और −1 ऐसे नहीं लिखे जा सकते। √m ऋण नहीं होता।
1² + 1²।
√(1+1) = √2 इकाई।
पूर्णांक भाग 3 है।
3.765, 3 और 4 के बीच है। फिर 3.7 और 3.8 के बीच।
पहले 3 और 4 के बीच। फिर 3.7 और 3.8 के बीच। फिर 3.76 और 3.77 के बीच। बिंदु 3.765 इसी तीसरे अंतराल में है।
Operations and rationalising the denominator — Exercise 1.5 · NCERT 1.5 · प्रश्नावली 1.5
दो परिमेयों का योग, अंतर, गुणन और शून्येतर भाग फिर परिमेय होता है। अपरिमेय जोड़ और गुणा के क्रम, समूह और वितरण के नियम मानते हैं। पर दो अपरिमेयों का परिणाम हमेशा अपरिमेय नहीं होता। √2 + (−√2) = 0 परिमेय है। √2 × √2 = 2 परिमेय है। √18 / √2 = √9 = 3 परिमेय है।
r परिमेय, r ≠ 0, और s अपरिमेय हो तो r + s, r − s, rs और r/s अपरिमेय हैं। इसलिए 2 + √3 और 2√3 अपरिमेय हैं।
धनात्मक a, b के लिए √(ab) = √a √b, √(a/b) = √a / √b, (√a + √b)(√a − √b) = a − b, (a + √b)(a − √b) = a² − b, और (√a + √b)² = a + 2√(ab) + b। हर को परिमेय बनाने के लिए संयुग्मी से गुणा करते हैं। π = c/d दिखता है, पर c और d दोनों पूर्णांक नहीं हैं, इसलिए π परिमेय नहीं बन जाता।
प्रश्न: 1/(√5 − √2) का हर परिमेय करो।
सूत्र: (√a − √b)(√a + √b) = a − b। यहाँ a = 5 और b = 2।
चरण 1. संयुग्मी √5 + √2 से गुणा और भाग करो। यह 1 से गुणा है।
चरण 2. अंश = √5 + √2।
चरण 3. हर = (√5)² − (√2)² = 5 − 2 = 3।
उत्तर: (√5 + √2)/3। हर 3 परिमेय है।
π = परिधि/व्यास लिखते समय यह जोड़ो कि दोनों लंबाइयाँ पूर्णांक नहीं हैं।
हर में √ हो तो उत्तर में हर परिमेय होना चाहिए। केवल ऊपर-नीचे उलटना काफी नहीं।
10-सेकंड रिवीजन
परिमेय + अपरिमेय।
2 परिमेय है और √3 अपरिमेय है, इसलिए योग अपरिमेय है।
सही। √2 × √8 = √16 = 4 = 4/1। दो अपरिमेयों का गुणन परिमेय हो सकता है।
√2/√2 से गुणा करो।
1/√2 × √2/√2 = √2/2।
p/q में p और q पूर्णांक चाहिए।
परिधि और व्यास वास्तविक लंबाइयाँ हैं। उनका अनुपात पूर्णांकों का अनुपात नहीं है।
गलत। √2 + (−√2) = 0, जो परिमेय है।
सूत्र (√a − √b)(√a + √b) = a − b। a = 7, b = 3। गुणा √7 + √3 से। अंश √7 + √3। हर 7 − 3 = 4। उत्तर (√7 + √3)/4।
Laws of exponents for real numbers — Exercise 1.6 · NCERT 1.6 · प्रश्नावली 1.6
a > 0 वास्तविक हो और n धनात्मक पूर्णांक हो। तब ⁿ√a वह धनात्मक b है जिसके लिए bⁿ = a। घातांक की भाषा में ⁿ√a = a1/n। m और n में 1 के सिवा कोई सार्व गुणनखंड न हो और n > 0 हो तो am/n = (ⁿ√a)m = ⁿ√(am)।
a > 0 हो और p, q परिमेय हों। तब ap · aq = ap+q, (ap)q = apq, ap / aq = ap−q और ap bp = (ab)p। साथ में a0 = 1 और a−n = 1/an।
43/2 के दो रास्ते एक ही उत्तर देते हैं। (√4)3 = 23 = 8 और √(43) = √64 = 8। ऋणात्मक आधार पर भिन्न घातांक इस अध्याय में नहीं लगाते।
प्रश्न: 322/5 निकालो।
चरण 1. 32 = 25 लिखो।
सूत्र: am/n = (a1/n)m।
प्रतिस्थापन: 321/5 = (25)1/5 = 2।
चरण 2. 322/5 = (321/5)2 = 22 = 4।
जाँच: 45 = (22)5 = 210 = 1024 और 322 = 1024। दोनों रास्ते मिलते हैं।
पहले घातांक जोड़ो या घटाओ, फिर सरल संख्या निकालो। 2^(2/3) · 2^(1/3) = 2^1 = 2।
ऋणात्मक घातांक को 1/a^n लिखो। 125^(−1/3) = 1/5।
10-सेकंड रिवीजन
धनात्मक वर्गमूल।
641/2 = √64 = 8।
(√9)³।
(√9)³ = 3³ = 27।
सही। शून्य घातांक का मान 1 है, जब आधार धनात्मक हो।
नियम a^p · a^q = a^(p+q)। यहाँ a = 2, p = 2/3, q = 1/3। घातांक 2/3 + 1/3 = 1। अतः 2^1 = 2।
प्रकार चुनो। पाठों के 30 जाँच-प्रश्न अलग हैं — हर पाठ में जितने उसके विषय माँगते हैं। सब सही होने पर महारत ★ मिलती है।
कोई भी प्रश्न «सत्यापित PYQ» नहीं है। BSEB वाला सेट मॉडल अभ्यास है। CBSE वाले प्रश्न CBSE-शैली हैं, किसी वर्ष के पेपर की प्रति नहीं।
प्राकृत 1 से शुरू होती हैं।
1 प्राकृत है। 0 पूर्ण है, −2 पूर्णांक है, 1/2 परिमेय भिन्न है।
हर शून्य नहीं।
0 = 0/1। 1/0 और 0/0 मान्य नहीं।
16 पूर्ण वर्ग है।
√16 = 4, जो परिमेय है।
छह शेष, भाजक 7।
1/7 = 0.142857142857…।
1/2 = 0.5।
1/2 = 0.5 सांत है। 1/3 और 1/7 आवर्ती हैं। √2 अनावर्ती है।
1² = 1, 2² = 4, और 1 < 3 < 4।
1 < √3 < 2।
√(a/b) = √a / √b उलटा।
√12 / √3 = √(12/3) = √4 = 2।
ऋणात्मक घातांक उलट देता है।
1251/3 = 5, अतः 125−1/3 = 1/5।
OPₙ = √n।
OP₄ = √4 = 2 इकाई।
औसत दोहराते जाओ।
अनंत। (a+b)/2 बार-बार नया परिमेय देता है।
घातांक गुणा होते हैं।
(a3)2 = a6।
हर परिमेय बनता है।
इसे हर का परिमेयकरण कहते हैं।
सही। 1, 2, 3, … पूर्ण संख्याओं में हैं।
गलत। 1/2 परिमेय है, पर पूर्ण संख्या नहीं।
गलत। परिमेय संख्याएँ भी वास्तविक हैं।
गलत। c और d दोनों पूर्णांक नहीं हैं। π अपरिमेय है।
सही। 2 शून्येतर परिमेय है और √5 अपरिमेय है।
सही। घातांक 5 − 2 = 3।
शून्य शामिल है।
0, 1, 2, 3, …।
धनात्मक जड़।
3² = 9।
आधा।
सांत दशमलव।
√(2×2)।
दो अपरिमेयों का गुणन परिमेय हो गया।
8 × 8 = 64।
√64 = 8।
कोई भी धनात्मक आधार।
शून्य घातांक।
√2 जड़ है, 0.875 सांत है, 0.333… आवर्ती है, π अपरिमेय अनुपात है।
गुणा जोड़ता है, घात गुणा करता है, भाग घटाता है, a^p b^p = (ab)^p।
अभिकथन (A): √2 अपरिमेय है।
कारण (R): √2 को पूर्णांकों के p/q रूप में नहीं लिखा जा सकता।
दोनों सही हैं और R, A की व्याख्या है।
अभिकथन (A): 0.333… परिमेय है।
कारण (R): हर पूर्णांक परिमेय है।
दोनों सही हैं, पर R इस दशमलव की व्याख्या नहीं है। व्याख्या यह है कि दशमलव आवर्ती है।
अभिकथन (A): 1 और 2 के बीच अनंत परिमेय संख्याएँ हैं।
कारण (R): √4 अपरिमेय है।
A सही है। R गलत है, क्योंकि √4 = 2 परिमेय है।
अभिकथन (A): हर वास्तविक संख्या अपरिमेय है।
कारण (R): परिमेय दशमलव सांत या आवर्ती होता है।
A गलत है। R सही है।
ये समीकरण इस गणित अध्याय के परिणाम नहीं हैं। यह केवल गुणांक भरने का अभ्यास है। खाली गुणांक का अर्थ 1 है।
√4 = 2 और 0.25 = 1/4 परिमेय हैं। √2 और π अपरिमेय हैं।
7/8 और 1/2 सांत हैं। 1/3 आवर्ती है। √2 अनावर्ती है।
जिसे p/q लिखा जा सके, p और q पूर्णांक हों और q ≠ 0, वह परिमेय है।
7/2 और 13/4। 7/2 = 3.5। 13/4 = 3.25। दोनों 3 और 4 के बीच हैं।
जिसे p/q में न लिखा जा सके वह अपरिमेय है। उदाहरण √2।
a0 = 1।
x = 0.272727…। 100x = 27.272727…। 99x = 27। x = 27/99 = 3/11।
1/√7 × √7/√7 = √7/7। हर 7 परिमेय है।
16 = 24। 161/4 = 2। 163/4 = 23 = 8।
√8 × √2 = √16 = 4, परिमेय। 3 परिमेय है और √2 अपरिमेय है, इसलिए योग अपरिमेय है।
मान लो √2 = p/q सहअभाज्य रूप में। तब p² = 2q², अतः p सम है। p = 2m से q² = 2m², अतः q भी सम है। यह सहअभाज्य होने से टकराता है। √4 = 2 = 2/1 पहले से p/q में है, इसलिए उसे अपरिमेय मानकर विरोध नहीं निकालते।
OP₁ = 1। OP₂ = √(1²+1²) = √2। OP₃ = √(2+1) = √3। OP₄ = √(3+1) = √4 = 2। 3.765 पहले 3 और 4 के बीच, फिर 3.7 और 3.8 के बीच, फिर 3.76 और 3.77 के बीच है।
a > 0 और p, q परिमेय। a^p a^q = a^(p+q), (a^p)^q = a^(pq), a^p/a^q = a^(p−q), a^p b^p = (ab)^p। पहला: 2^(2/3+1/3) = 2^1 = 2। दूसरा: 7^(1/2−1/4) = 7^(1/4)।
यह मॉडल सेट अभ्यास के लिए है। किसी वर्ष की वार्षिक परीक्षा का प्रश्न नहीं है।
ऋण पूर्ण संख्या नहीं होती।
−1 पूर्णांक है, पूर्ण संख्या नहीं।
9x = 9।
0.999… = 1 = 1/1।
2।
25 = 32।
सही। यही प्रश्नावली 1.2 का कक्षा-कार्य है। OPₙ = √n।
5 = 30/6 और 6 = 36/6। बीच में 31/6, 32/6, 33/6, 34/6।
परिमेय दशमलव सांत या आवर्ती होता है। अपरिमेय दशमलव न सांत होता है न आवर्ती। 0.5 सांत परिमेय है, 1/3 आवर्ती परिमेय है, √2 अपरिमेय है। 0.999… = 1, इसलिए वह परिमेय है।
ये योग्यता-आधारित अभ्यास प्रश्न हैं। किसी पिछले प्रश्नपत्र की प्रति नहीं हैं।
पूर्ण वर्ग जाँचो।
√9 = 3 = 3/1। जड़ का चिह्न अपने आप अपरिमेय नहीं बनाता।
दशमलव का प्रकार देखो।
ऐसा दशमलव अपरिमेय संख्या का है। √2 इसी तरह 1 और 2 के बीच है।
अभिकथन (A): 2 + √5 अपरिमेय है।
कारण (R): शून्येतर परिमेय और अपरिमेय का योग अपरिमेय होता है।
दोनों सही हैं और R, A की व्याख्या है।
अभिकथन (A): √2 × √8 परिमेय है।
कारण (R): दो अपरिमेय संख्याओं का गुणनफल हमेशा अपरिमेय होता है।
A सही है क्योंकि गुणन 4 है। R गलत है।
संयुग्मी √5 + √2 से गुणा और भाग करे। हर (√5)² − (√2)² = 3। उत्तर (√5 + √2)/3।
इस अध्याय में घातांक के नियम धनात्मक वास्तविक आधार के लिए हैं। −8 धनात्मक नहीं है, इसलिए a^(m/n) वाला रूप यहाँ नहीं लगाते।
ऊपर «BSEB | CBSE» से बोर्ड बदलो। पाठ वही NCERT है।
इस पेज पर वार्षिक परीक्षा का सत्यापित प्रश्न नहीं है, क्योंकि स्रोत पृष्ठ नहीं जोड़ा गया। नीचे मॉडल सेट बोर्ड के पैटर्न पर अभ्यास के लिए है।
सत्यापित लेबल तभी लगेगा जब प्रश्न का स्रोत पृष्ठ उपलब्ध हो।
ये केस और अभिकथन-कारण अभ्यास हैं। इन्हें CBSE का पुराना प्रश्न मत समझो।
गलत प्रश्न जल्दी लौटते हैं, सही वाले कुछ दिन बाद।
आपने क्या सीखा
| क्या | याद रखने लायक |
|---|---|
| परिमेय | p/q, q ≠ 0 |
| अपरिमेय | not p/q, such as √2 |
| सांत | 7/8 = 0.875 |
| आवर्ती | 1/3 = 0.333… |
| हर का परिमेयकरण | 1/√2 = √2/2 |
| घातांक | a^p · a^q = a^(p+q), a > 0 |
नोट्स मूल लेखन हैं। पाठ्यपुस्तक केवल क्रम और क्रियाकलाप-संख्या के लिए संदर्भ है। «सत्यापित» केवल स्रोत पृष्ठ वाले प्रश्न पर लिखा जाएगा।