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DOC-2013-001

रसोइया बहाली नियमावली

अन्यOther12 August 2013

रसोइया बहाली नियमावली letter 2081

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पक ey hn} ee Wn उस... —=4 — bE By—Email/hand पत्रांक-मन्मो०/को ०-57/ 2१2 288] / विहार सरकार शिक्षा विभाग विहार्‌ राज्य wears भोजन योजना समित्ति प्रेषक, i निदेशक, FATE भौजन योजना, बिहार, पटना | सेवा में, सभी जिला मध्याह्न भोजन योजना प्रभारी पदाधिकारी, बिहार | fin पटना, दिनांक | 206002 विषय: sare भोजन यो जनान्तर्गत रसोईया-सह-सहायक से संबंधित अनुदेश | प्रसंग: PAB 205-4 द्वारा रसोईया की संख्या का निर्धारण कुल नामांकित छात्र, छात्राओं के 85 प्रतिशत संख्या के आधार पर किये जाने का अनुमोदन प्राप्त है। महाशय, उपर्युक्त विषय के संबंध में कहना है कि mee भोजन थोज़नान्तर्गत रसो्डया-सह-सहायक की संख्या का निर्धारण, Sel कार्य पर रखना तथा हटाया जाना आदि से संबंधित्त एक समेकित अनुदेश की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। रसोईया-सह-सहायक को संबंध में समेकित दिशा निर्देश Pree हैं--

i. विद्यालय में रसोईया-सह-सहायक की संख्या :- विद्यालय में रसोईया-सह-सहायक की संख्या का निर्धारण कुल नामांकित छात्र/छात्राओं के 85 प्रतिशत संख्या को आधार मानते हुए निम्नवत निर्धारित किया जायः- >> को == सह-सहायक की संख्या

आधार मानते हुए। 0f—25 | शगठठ z TT — ए-200 3 207-300 4 कक Ee — १-ब00 [ a | 407—-500 ir TT - = जिन वि में कुल नामांकित्त छात्र, छात्राओं की संख्या 500 से अधिक है वैसे विद्यालयों में प्रत्येक अतिरिक्त 300 छात्र BERT पर एक अतिरिक्त रसौईया-सह-सहायक को मध्याह्म भोज़न तैयार करने हेतु लगाया जाना है। 2. उपर्युक्त कंडिका-0। में अंकित मानदंड के अनुसार जिला mae भोजन योजना प्रभारी पदाधिकारी द्वारा विद्यालयवार रसोईया-सह-सहायक की मान्य संख्या का निर्धारण करते हुए विद्यालय में. कार्यरत रसोईया-सह-सहीयक की संख्या से संबंधित ऑँकड़ों की प्रविष्टि वेब आधारित मासिक MIS में कराना सुनिश्चित करेगें। ज्ञातव्य है कि इन अतिरिक्त संख्या में रसोईया-सह-सहायकों को हर हाल में दिनांक 200820t3 से 3009.2003 के बीच विद्यालयों मैं कार्य पर लगाया जाना अनिवार्य है । ८ 3. रसोईया-सह-सहायक की योग्यत्ता :- कोई थी स्वस्थ स्त्री अथवा पुरूष स्सोईया-सह-सहायक के रूप मैं कार्य पर लगाये जाने के लिए योग्य माना जाएगा जो निम्नलिखित शर्तों का प्रत्तिपालन करते $e (i) न्यूनतम wp i8 वर्ष, अधिकतम उम्र-40 वर्ष| | है

न. कला Sm नि ब्.ड or NOCH OL ना ० ER LC iz (i) उसी ग्राम पंचायत के निवासी हो, जिस ग्राम पंचायत के विद्यालय में रसोईया-सह-सहायक के रूप में कार्य करना चाहते है। (ii) जनप्रत्तिनिधि यथा मुखिया, वार्ड सदस्य, सरपंच, पंच तथा आशा, आँगनवाड़ी सेविका WEE इत्यादि के रूप मैं नियोजित विभिन्‍न योजनाओं में em करने वाले महिला,/ पुरूष एवं विद्यालय के शिक्षक / विद्यालय शिक्षा समिति के ema TEE के परिवार का Frama सदस्य रसोईया-सह-सहायक के रूप में नहीं रखे जायेंगे | (iv) एक परिवार से एक ही रसोईया-सह-सहायक को कार्य पर रखा जा सकता है। (५४) fares स्तर पर रसौईया-सह-सहायक को विद्यालय शिक्षा समित्ति,/त्तदर्श विद्यालय शिक्षा समिति द्वारा कार्य पर रखा जाना है तथा इसकी सूचना संबंधित प्रखंड साधन सैवी के माध्यम से जिला mans भोजन योजना प्रभारी पदाधिकारी को एक सप्ताह के अंदर दिया जाना अनिवार्य है। इस कार्य की पूर्ण जिम्मेदारी प्रधानाध्यापक /विद्यालय शिक्षा समित्ति के अध्यक्ष व सचिव की होगी। मध्याह भोजन योजना अंतर्गत वर्ष 2000-4 के दिशानिर्देश के अनुसार समाज के कमजोर तबके यथा महिला (विशेषकर विधवा) अनुसूचित जाति, अनुसूचित जन जाति, अति पिछड़ा तथा पिछड़ा एवं अल्पसंख्यकों को प्राथमिकता दिया जाना है। (vi) किसी संक्रमित /आसाध्य रोग से ग्रसित व्यक्ति को रसोईया-सह-सहायक के रूप में कार्य पर नहीं रखा जाएगा । 4. रसोईया-सह-सहायक का मानदेय :- (i) रसोईया-सह-सहायक का मासिक मानदेय भारत सरकार द्वारा निर्धारित किया जाता है। अतः भारत सरकार द्वारा प्राप्त दिशा निर्देश के अनुसार इसमें परिवर्तन किये जाते हैं। (if) वर्तमान में प्रत्येक रसोईया-सह-सहायक को वर्ष #0 माह के लिये प्रतिमाह 000% की दर से मानदेय देय है। (iii) सभी रसोईया-सह-सहायक को निधमित रूप से प्रत्येक माह के 07 वीं तारीख तक RTGSNEFT/AE के माध्यम से मानदेय का भुगतान किया ज़ाना है। प्रधानाध्यापक यह सुनिश्चित करेगें कि रसोईया-सह-सहायक को नियमित रूप से प्रत्येक माह मानदेय भुगतान किया गया हैं। (iv) चूँकि रसोईया-सह-सद्दायक को af के १0 माह के लिये हीं मानदेय देय है, मार्च तथा जून माह में रसोईया को कोई गानदेव शुगतान नहीं किया जाएगा क्योंकि इन महीनों में अवकाश की अवधि अधिक होती है। यदि रसोईया द्वारा किसी माह में पूर्ण रूप से कार्य नहीं किया जाता है तो उन्हें उक्त माह का मानदेय (पारिश्रमिक) देय नहीं होगा | (४) संसाधन के अभाव में आकस्मिक रूप से यदि किसी माह में मध्याह भोजन बंद होता हैं तो : रसोईया-सह-सहायक को भुगतान जारी रखा जायेगा । (vi) अगर कोई रसौईया-सह-सहायक तीन दिनों से अधिक अनुपस्थित रहती है तो वें प्रधानाध्यापक की अनुमति लेकर अपने बदले अन्य व्यक्ति को कार्य पर नहीं भेजती हैं तो उसके मानदेय ,/ पारिश्रमिक की राशि की कटौती की जाएगी, किन्तु इस प्रकार स्थानापन्‍न व्यक्ति १5 दिनों से ज्यादा कार्य पर नहीं रहेया। विद्यालय शिक्षा समिति, oe समिति इस परिस्थिति मे नये रसोईया-सह-सहायक की खोज कर कार्य पर रखेंगे। 5. गैर सरकारी संस्था तथा विद्यालयों के बीच रसोंईया-सह-सहायक का आवंटन :- गैर सरकारी संस्था द्वारा आच्छादित विद्यालयों में मान्य कुल रसोईया-सह-सहायक में से आधा रसोईया-सह-सहायक विद्यालय में कार्यरत रहेगें तथा शेष रसोईया-सह-सहायक की आधी संख्या गैर सरकारी संस्था को आवंटित माना जाएगा तथा वर्ष के 0 माह के लिए प्रति रसोईया प्रतिमाह 4000,/-रू० की दर से आवंटित रसौईया-सह-सहायक की संख्या के आधार पर राशि का भुगतान गैर सरकारी संस्था को किया जाएगा । (ii) स्वयंसेवी संस्था एवं उससे अच्छादित विद्यालयों में रसोईयां-सह-सहायक की संख्या एवं मानदेय भुगतान के संबंध मैं mmo, दिनौक-06.06.203 द्वारा दिशा-निर्देश पूर्व में भी दिया जा चुका है। 6. रसोईया-सह-सहायक का उत्तरदायित्व एवं कार्यः- (i) रसोईया-सह-सहायक को मुख्य कार्य मध्याह भोजन योजना के निर्धारित मानदंड के अनुरूप विद्यालय मैं उपस्थित बच्चों के लिए मीनू के अनुसार मध्याह भोजन तैयार करना तथा बच्चों के बीच इसका fw करना है। © किन्तु wets भोजन तैयार करने एवं वित्तरण करने के दौरान उनके द्वारा स्वच्छता, सुरक्षा एवं गुणवत्ता का निदेशानुसार पालन किया जाना अनिवार्य है । 8 T

2 aE me नि हो] एक प्रशिक्षित रसोईया-सह-सहायक के द्वारा ही मध्याह भोजन तैयार करने के दौरान स्वच्छता, सुरक्षा एवं गुणवत्ता संबंधी मानदंडों का पालन किया जा सकता हैं तथापि जिला wes भोजन योजना प्रभारी पदाधिकारी का उत्तरदायित्व होगा कि सभी रसोईया-सह-सहायक के लिए अपेक्षित प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करें । .... (0). रसोईया-सह-संहायक किसी भी स्थिति में रसोई-सहें-भंडार गृह के भीतर अथवा बाहर कीटनाशक Tard नहीं रखेगी। यदि ऐसा कोई संदिगध पदार्थ उन्हें दिखता है, तो उसकी सूचना प्रधानाध्यापक fier देंगें। (iv) रसोईया-सह- सहायक से WATE भोजन से संबंधित कार्य के अलावे किसी अन्य प्रकार का कार्य नहीं लिया जायेगा। (४) जिन विद्यालयों मे एन० जी? ओ० के द्वारा maw भोजन का संचालन किया जाता हैं, उन विद्यालयों में कार्यरत रसोईया भी विद्यालय शिक्षा समिति की रसोईया की भातिं कर्तव्य पर उपस्थित रहेगी । (vi) भोजन की गुणवत्ता, मात्रा, स्वच्छता, शुद्धता एवं छात्र/छात्राओं क॑ हाथ-पूँह धोने इत्यादि की जबावेदेही के साथ साथ रसोईया-सह-सहायक रसोईधर, बर्तन एवं आस-पास की साफ-सफाई की जिम्मेदारी का निर्वहन करेगी। (vii) सध्याह भोजन बनाने से संबंधित निदेशालय द्वारा समय-समय पर निर्मत निर्देशों का अनुपालन करना सुनिश्चित्त करेंगें। 7. रसोईया-सह-सहायक को कार्यमुक्त करना :- (i) किसी भी रसोईया-सह-सहायक को उनकी कार्यक्षमत्ता, दक्षता, आयु Aw अथवा गंभीर आरोपों (लापरवाही, अभियमितता आदि) के आधार पर ही कार्यमुक्त किया जाएगा। जिला मध्याह भोजन योजना प्रभारी पदाधिकारी से कार्यमूक्ति का अनुमोदन प्राप्त करने के उपरान्त ही संबंधित रसौईया-सह-सहायक को कार्यमुका माना S| रसोईया-सह-सहायक से संबंधित किसी भी प्रकार के विवाद एवं आरोप के निष्पादन हेतु जिला मध्याद भोजन योजना प्रभारी पदाधिकारी अपीलीय प्राधिकार के रूप मैं कार्य करेगें तथा इस संबंध में उनका निर्णय मान्य होगा । (ii) रसोईया-सह-सहायक 60 वर्ष की आयु प्राप्त कर लेने के पश्चात स्वतः कार्य मुक्त माने जाएगें एवं उनके स्थान पर दूसरे रसोईया-सह-सहायक को कार्य पर रखा जाएगा। विश्वासभाजन %, नमी (आर० लक्ष्मणन) निदेशक, erg भोजन योजना, बिहार, पटनों | दे 3