अच्छा होना।
स्वास्थ्य ठीक ढंग से काम करना है।
कक्षा 9 · विज्ञान · अध्याय 13 · बिहार बोर्ड (BSEB)CBSE · NCERT 2026-27
Why Do We Fall Ill
इस पेज को ऐसे पढ़ो:
1. पढ़ो — 13.1 आपदा · 13.2 जल · 13.3 कचरा · 13.4 सर्वे · 13.5 प्रतिजैविक · 13.6 कद · 13.7 रेबीज़, चित्र, हल उदाहरण, बोर्ड टिप
2. जाँचो — हर पाठ के अपने प्रश्न; संख्या पाठ के हिसाब से
3. महारत ★ — उस पाठ के सब सही। गलत वाले «दोबारा करो»
4. याद रखने वाला चित्र एक शृंखला है, जिसमें बीमार व्यक्ति से हवा, पानी या वाहक होकर अगले व्यक्ति तक रोग जाता है।
बिहार की किताब में यह अध्याय 13 है, और Exploration की किताब में यही पाठ इस संख्या पर नहीं है। प्रगति इसी ब्राउज़र में सेव रहती है।
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Health and its failure — Activities 13.1, 13.2, 13.3 · अनुभाग 13.1 · क्रियाकलाप 13.1 से 13.3
स्वास्थ्य का अर्थ है ठीक ढंग से काम कर पाना। दादी का बाज़ार जाना, बच्चे का खेलना और मन का स्थिर रहना इसी में आता है। शरीर, मन और आसपास का समाज तीनों जुड़ते हैं।
रोग का अर्थ है शरीर के किसी भाग या दिमाग का अपना काम छोड़ देना। रोग-मुक्त व्यक्ति भी गंदे पानी और भूख से अस्वस्थ हो सकता है। इसलिए अच्छे स्वास्थ्य की शर्तें और रोग से मुक्ति की शर्तें पूरी तरह एक नहीं हैं।
13.1 में भूकंप या चक्रवात जैसी आपदा लो। कुछ चोटें घटना के समय होती हैं। कुछ बीमारियाँ बाद में आती हैं, क्योंकि पानी, घर और भोजन टूट जाते हैं। दोनों समूह आपदा के कारण हैं, समय अलग है।
13.2 में पूछो कि पंचायत या नगर निगम साफ पीने का पानी कैसे देता है और हर घर तक पहुँचता है या नहीं। 13.3 में मोहल्ले का ठोस कचरा कौन उठाता है। उपाय कम हों तो परिवार एक दिन का कचरा कैसे घटाए, यह भी लिखो।
प्रश्न: एक व्यक्ति को कोई नाम वाला रोग नहीं है, फिर भी वह कमजोर है। क्या उसे स्वस्थ कहेंगे?
उत्तर: नहीं। रोग का न होना स्वास्थ्य का केवल एक अंश है। भोजन, साफ पानी और काम कर पाने की क्षमता भी देखनी होती है।
दो शर्तों वाले उत्तर में व्यक्तिगत और सार्वजनिक दोनों लिखो।
आपदा के बाद की बीमारी को घटना से काटकर मत लिखना। कारण बाद में भी रहता है।
अच्छा होना।
स्वास्थ्य ठीक ढंग से काम करना है।
गलत — भोजन, पानी और समाज भी स्वास्थ्य में गिने जाते हैं।
क्रियाकलाप 13.2।
पंचायत।
क्रियाकलाप 13.1 का दूसरा समूह।
टूटें पानी और घर बाद की बीमारी का कारण बन सकते हैं।
साफ पीने का पानी और पर्याप्त भोजन। कचरे की सफाई या सामाजिक साथ भी सही शर्त है।
Acute and chronic — Activity 13.4 · अनुभाग 13.2.2–13.2.3 · क्रियाकलाप 13.4
कुछ रोग बहुत कम समय रहते हैं। इन्हें तीव्र कहते हैं। सामान्य सर्दी तीव्र है। कुछ रोग लंबे चलते हैं। इन्हें दीर्घकालिक कहते हैं। हाथीपाँव दीर्घकालिक है।
लंबा रोग वजन, पढ़ाई और कमाई गिराता है। छोटा रोग अक्सर ठीक होकर पीछे नहीं रहता। इसलिए गरीब परिवार पर दीर्घकालिक रोग अधिक भारी पड़ता है। कारण भी दो स्तर के होते हैं। तत्काल कारण सूक्ष्मजीव हो सकता है। सहयोगी कारण गंदा पानी या कमजोर भोजन हो सकता है।
पूछो: पिछले तीन महीनों में कितने लोग तीव्र रोग से गुजरे, इसी अवधि में कितनों को दीर्घकालिक रोग हुआ, और मोहल्ले में कुल कितने लोग दीर्घकालिक रोग से जूझ रहे हैं।
पहली और दूसरी गिनती अलग हो सकती है, क्योंकि हर रोगी लंबा रोग नहीं पालता। दूसरी और तीसरी भी अलग हो सकती है, क्योंकि पुराने रोगी तीन महीने से पहले के हैं। यही अंतर आबादी के सामान्य स्वास्थ्य पर पड़ता है।
प्रश्न: एक बच्चे को दस्त हैं। तत्काल कारण विषाणु है और पानी गंदा था। दोनों कारणों के नाम लिखो।
उत्तर: विषाणु तत्काल कारण है। गंदा पानी और कमजोर शरीर सहयोगी कारण हैं। हर बच्चे को गंदा पानी मिलने पर भी रोग नहीं होता, क्योंकि सहयोगी हालात अलग होते हैं।
अवधि लिखे बिना तीव्र-दीर्घकालिक का उत्तर अधूरा है।
दस्त वाले उत्तर में विषाणु को सहयोगी पानी से अलग पंक्ति में रखो।
कम समय।
सर्दी तीव्र रोग है।
सही — लंबी अवधि कमाई और पढ़ाई भी गिराती है।
लंबा।
दीर्घकालिक।
पिछले तीन महीनों के तीव्र रोगी, इसी अवधि में नए दीर्घकालिक रोगी, और मोहल्ले के कुल दीर्घकालिक रोगी।
Infectious agents — Activity 13.5 · अनुभाग 13.2.5–13.3.1 · क्रियाकलाप 13.5
संक्रामक रोग कोई दूसरा जीव लगाता है। समूह हैं: विषाणु, जीवाणु, कवक, प्रोटोजोआ और कृमि। समूह इसलिए मायने रखता है कि इलाज उसी जीवन-क्रिया पर चलता है जो उस समूह की अपनी हो।
विषाणु: सर्दी, इन्फ्लुएंजा, डेंगू, एड्स। जीवाणु: टायफॉइड, हैजा, तपेदिक, एंथ्रैक्स। कई त्वचा संक्रमण कवक से होते हैं। मलेरिया और काला-आजार प्रोटोजोआ से होते हैं। आँतों के कीड़े और हाथीपाँव कृमि से होते हैं।
पेट के अल्सर को देर तक केवल जीवनशैली माना गया। मार्शल और वॉरेन ने जीवाणु हेलिकोबैक्टर पाइलोरी दिखाया। 2005 का नोबेल इसी काम पर था। छोटा प्रतिजैविक उपचार काम करता है।
कक्षा में पूछो कितनों को हाल में सर्दी, खाँसी या ज्वर हुआ, बीमारी कितने दिन रही, कितनों ने प्रतिजैविक लिया और दोनों समूहों की अवधि में अंतर है या नहीं।
पेनिसिलिन जीवाणु की कोशिका-भित्ति रोकता है। मानव कोशिका भित्ति नहीं बनाती, इसलिए यह असर हम पर नहीं पड़ता। विषाणु भित्ति नहीं बनाते। सर्दी प्रायः विषाणु से होती है, इसलिए प्रतिजैविक अवधि नहीं घटाते। डॉक्टर के बिना ये दवाएँ मत लो।
प्रश्न: मलेरिया का कारक किस समूह में है, और सर्दी का?
उत्तर: मलेरिया प्रोटोजोआ से होता है। सर्दी विषाणु से होती है। इसलिए दोनों का इलाज एक गोली से नहीं माना जाता।
एड्स विषाणु है, मलेरिया प्रोटोजोआ। इन्हें एक पंक्ति में मत मिलाना।
सर्दी पर प्रतिजैविक वाला उत्तर गतिविधि 13.5 से आना चाहिए।
काला-आजार भी इसी समूह में है।
प्रोटोजोआ।
गलत — मानव कोशिका भित्ति बनाती ही नहीं। असर जीवाणु पर है।
टायफॉइड भी इसी समूह में है।
जीवाणु।
क्रियाकलाप 13.5।
विषाणु कोशिका-भित्ति नहीं बनाते।
विषाणु सर्दी, जीवाणु हैजा, कवक त्वचा संक्रमण, प्रोटोजोआ मलेरिया, कृमि हाथीपाँव।
गलत — हेलिकोबैक्टर पाइलोरी कारण है। मार्शल और वॉरेन को 2005 में नोबेल मिला।
The paths of spread · अनुभाग 13.3.2 · हवा, पानी, वाहक
जो सूक्ष्मजीव एक व्यक्ति से दूसरे तक पहुँचते हैं, वे संचारी रोग बनाते हैं। हवा से सर्दी, निमोनिया और तपेदिक फैलते हैं। छींक की बूँदें पास खड़े व्यक्ति में जाती हैं। भीड़ और बंद कमरा खतरा बढ़ाते हैं।
पानी से हैजा फैलता है, जब मल पीने के पानी में मिल जाए। सिफलिस और एड्स यौन संपर्क से फैलते हैं। हाथ मिलाने, गले लगने या कुश्ती से ये नहीं फैलते। एड्स का विषाणु रक्त से रक्त, और गर्भ या दूध से शिशु तक भी जा सकता है।
दूसरा जंतु कारक को बीमार व्यक्ति से अगले परपोषी तक ले जाए तो वह वाहक है। सबसे आम वाहक मच्छर है। मादा को अंडे के लिए रक्त चाहिए।
प्रश्न: हैजा और सामान्य सर्दी के रास्ते अलग क्यों हैं?
उत्तर: सर्दी छींक की बूँदों से हवा में जाती है। हैजा मल से मिले पानी में जाता है। रास्ता अलग है, इसलिए रोकथाम भी अलग है: हवा के लिए भीड़ कम करना, पानी के लिए सुरक्षित आपूर्ति।
एड्स के तीन रास्ते लिखो: यौन संपर्क, रक्त, माता से शिशु। हाथ मिलाना नहीं।
वाहक स्वयं रोग का नाम नहीं है। वह कारक को ले जाता है।
आँत का रोग।
मल मिला पानी हैजा फैलाता है।
गलत — साधारण स्पर्श से नहीं। यौन संपर्क, रक्त या माता से शिशु।
बीच का जंतु।
वाहक।
छींक की बूँदें।
सर्दी, निमोनिया और तपेदिक हवा से फैलते हैं।
हवा, पानी, यौन संपर्क और वाहक। एड्स रक्त से भी फैलता है।
Prevention and treatment — Activity 13.6 · अनुभाग 13.3.4–13.3.5 · क्रियाकलाप 13.6
उपचार के दो रास्ते हैं। पहला, रोग का असर घटाना: ज्वर, दर्द या दस्त की दवा, और बिस्तर पर आराम ताकि ऊर्जा उपचार में लगे। पौष्टिक हल्का भोजन इसी में आता है। यह रास्ता सूक्ष्मजीव को नहीं मारता।
दूसरा रास्ता कारण को मारना है। जीवाणु पर प्रतिजैविक चलता है। विषाणु पर वही गोली नहीं चलती। केवल लक्षण दबाने से रोग ठीक नहीं होता।
रोकथाम में सार्वजनिक सफाई है: भीड़ कम हो, पानी उपचारित हो, मच्छर को पनपने की जगह न मिले। हर दिन संक्रमण से सामना होता है, पर सब बीमार नहीं होते, क्योंकि प्रतिरक्षा तंत्र कई बार जीत जाता है।
दस संपन्न और दस गरीब परिवार लो। दोनों में पाँच साल से छोटे बच्चे हों। हर बच्चे का कद और उम्र नापो। दोनों समूहों का ग्राफ बनाओ।
अंतर हो तो पोषण और बार-बार के संक्रमण कारण हो सकते हैं। अंतर न हो तो यह मत मान लेना कि गरीबी स्वास्थ्य से असंबंधित है। नमूना छोटा हो सकता है। सामान्य रोकथाम के बाद विशेष रोकथाम प्रतिरक्षा की तैयारी है।
प्रश्न: ज्वर की दवा खाकर भी तपेदिक क्यों नहीं मिटता?
उत्तर: ज्वर की दवा लक्षण घटाती है। तपेदिक का कारण जीवाणु है। जब तक वह कारण प्रतिजैविक से नहीं मारा जाता, रोग बना रहता है। आराम और पौष्टिक भोजन ऊर्जा बचाते हैं, पर अकेले इलाज नहीं हैं।
दो सिद्धांतों वाले उत्तर में आराम और प्रतिजैविक दोनों लिखो।
13.6 में ग्राफ कद और उम्र का है। भार का ग्राफ मत बदल देना।
10-सेकंड रिवीजन
पहला सिद्धांत।
लक्षण घटते हैं। सूक्ष्मजीव अपने-आप नहीं मरता।
सही — वाहक वाले रोग की सामान्य रोकथाम।
ऊर्जा उपचार के लिए।
पौष्टिक।
दो तरह के परिवार।
कद और उम्र का ग्राफ।
लक्षण और असर घटाना, जैसे आराम और ज्वर की दवा। कारण को मारना, जैसे जीवाणु पर प्रतिजैविक।
गलत — प्रतिरक्षा तंत्र कई बार संक्रमण को रोग नहीं बनने देता।
Immunisation — Activity 13.7 · अनुभाग 13.3.5 · क्रियाकलाप 13.7
सामान्य सफाई हर रोग के लिए एक-सी है। विशेष रोकथाम रोग के हिसाब से है। टीकाकरण शरीर को उस रोग का कमजोर या मरा परिचय पहले दे देता है, ताकि बाद में असली संक्रमण रोग न बने।
पुरानी पद्धति में चेचक के छाले स्वस्थ त्वचा पर लगाए जाते थे। एडवर्ड जेनर ने देखा कि गौशीतला झेल चुकी दूध निकालने वाली स्त्रियाँ चेचक से बची रहती हैं। गौशीतला हल्का रोग है। लैटिन में गाय वाक्का है, इसी से vaccinia और वैक्सीन शब्द आए।
टिटनेस, डिप्थीरिया, काली खाँसी, खसरा और पोलियो के टीके बचपन के सार्वजनिक कार्यक्रम में हैं। कार्यक्रम तभी काम आता है जब हर बच्चे तक पहुँचे।
रेबीज़ का विषाणु संक्रमित कुत्ते या दूसरे जंतु के काटने से फैलता है। मनुष्य और जंतु दोनों के लिए टीके हैं। अपने इलाके की स्थानीय योजना पूछो: आवारा कुत्ते, काटे जाने पर टीका, और रिपोर्ट कहाँ होती है।
योजना काफी न हो तो सुधार लिखो। पास के स्वास्थ्य केन्द्र पर कौन-से टीकाकरण चल रहे हैं और तुम्हारे क्षेत्र के बड़े रोग कौन-से हैं, यह भी सूची का हिस्सा है।
प्रश्न: जेनर का प्रयोग चेचक से कैसे बचाता था?
उत्तर: उसने लोगों को हल्का रोग गौशीतला दिया। चेचक का विषाणु इससे निकट है, इसलिए शरीर चेचक के लिए भी तैयार हो गया। यही टीके का सिद्धांत है।
टीकों की सूची में पाँच नाम पूरे लिखो: टिटनेस, डिप्थीरिया, काली खाँसी, खसरा, पोलियो।
रेबीज़ विषाणु है। जीवाणु लिखकर उत्तर मत बदलना।
10-सेकंड रिवीजन
vacca।
जेनर ने गौशीतला से चेचक के विरुद्ध प्रतिरोध देखा।
सही — टिटनेस, डिप्थीरिया, काली खाँसी, खसरा और पोलियो लिखे हैं।
क्रियाकलाप 13.7।
संक्रमित कुत्ते या दूसरे जंतु।
टीकाकरण शरीर की प्रतिरक्षा को किसी एक रोग के लिए पहले से तैयार करता है। उदाहरण पोलियो या खसरे का टीका है।
प्रकार चुनो। पाठों के 30 जाँच-प्रश्न अलग हैं — हर पाठ में जितने उसके विषय माँगते हैं। सब सही होने पर महारत ★ मिलती है।
कोई भी प्रश्न «सत्यापित PYQ» नहीं है। BSEB वाला सेट मॉडल अभ्यास है। CBSE वाले प्रश्न CBSE-शैली हैं, किसी वर्ष के पेपर की प्रति नहीं।
अच्छा होना अलग है।
केवल रोग-मुक्ति पूरा स्वास्थ्य नहीं है।
लंबा।
दीर्घकालिक, कृमि से।
सर्दी वाले समूह में।
विषाणु।
टायफॉइड वाला समूह।
जीवाणु।
मलेरिया वाला समूह।
प्रोटोजोआ।
हमारी कोशिका भित्ति नहीं बनाती।
जीवाणु की भित्ति।
छींक।
हवा।
साधारण स्पर्श नहीं।
यौन संपर्क से।
मादा को रक्त चाहिए।
मच्छर।
पहला लक्षण है।
कारण को मारना।
हल्का रोग।
गौशीतला।
क्रियाकलाप 13.7।
काटने से।
2005।
पेट का अल्सर।
सही — क्रियाकलाप 13.2।
गलत — अंतर अवधि का है।
सही।
गलत — सर्दी प्रायः विषाणु से होती है।
सही — बूँदें पास पहुँचती हैं।
गलत — कारण अलग से मारना पड़ता है।
सही।
गलत — यौन संपर्क, रक्त, या माता से शिशु।
तीव्र।
सर्दी।
दीर्घकालिक।
हाथीपाँव।
विषाणु।
जीवाणु नहीं।
जीवाणु।
हवा से फैलता है।
पेनिसिलिन।
मानव पर यह असर नहीं।
गौशीतला।
जेनर।
वाहक।
मच्छर।
पाइलोरी।
नोबेल 2005।
हैजा जीवाणु, मलेरिया प्रोटोजोआ, एड्स विषाणु, हाथीपाँव कृमि।
सर्दी हवा, हैजा पानी, सिफलिस यौन संपर्क, मलेरिया वाहक।
अभिकथन (A): सामान्य सर्दी तीव्र रोग है।
कारण (R): यह कम समय तक रहती है।
दोनों सही हैं और R कारण है।
अभिकथन (A): पेनिसिलिन जीवाणु की भित्ति बनने से रोकता है।
कारण (R): मलेरिया प्रोटोजोआ से होता है।
दोनों सही हैं, पर R, पेनिसिलिन की व्याख्या नहीं है।
अभिकथन (A): भीड़ में वायुजनित रोग बढ़ सकते हैं।
कारण (R): हाथ मिलाने से एड्स फैलता है।
A सही है। R गलत।
अभिकथन (A): ज्वर की दवा अकेले तपेदिक का जीवाणु मार देती है।
कारण (R): कारण को मारना उपचार का अलग सिद्धांत है।
A गलत है। R सही है।
अभिकथन (A): गौशीतला चेचक के विरुद्ध तैयारी बन गई।
कारण (R): दोनों विषाणु निकट हैं।
दोनों सही हैं और R व्याख्या है।
सर्दी और छोटा ज्वर तीव्र हैं। हाथीपाँव और वर्षों का संक्रमण दीर्घकालिक हैं।
इन्फ्लुएंजा और डेंगू विषाणु, टायफॉइड जीवाणु, मलेरिया प्रोटोजोआ।
ठीक ढंग से काम कर पाना और अच्छा होना।
तीव्र कम समय का होता है, दीर्घकालिक लंबे समय का।
जो जंतु कारक को एक व्यक्ति से दूसरे तक ले जाए वह वाहक है। उदाहरण मच्छर।
प्रतिरक्षा को किसी रोग के लिए पहले से तैयार करना।
यह जीवाणु की कोशिका-भित्ति रोकता है। मानव कोशिका भित्ति बनाती ही नहीं।
हवा से सर्दी, पानी से हैजा, वाहक मच्छर से मलेरिया।
लक्षण घटाना, जैसे ज्वर की दवा और आराम। कारण मारना, जैसे जीवाणु पर प्रतिजैविक।
गौशीतला झेल चुके लोग चेचक से बचे रहे। हल्का निकट विषाणु शरीर को तैयार कर देता है।
सर्दी प्रायः विषाणु से होती है, इसलिए प्रतिजैविक लेने और न लेने वालों की अवधि में जरूरी अंतर नहीं होता।
स्वास्थ्य अच्छा काम करना है। रोग किसी भाग का काम छोड़ना है। सर्दी तीव्र है, हाथीपाँव दीर्घकालिक। साफ पीने का पानी सार्वजनिक उपाय है।
विषाणु सर्दी, जीवाणु हैजा, कवक त्वचा, प्रोटोजोआ मलेरिया, कृमि हाथीपाँव। प्रतिजैविक जीवाणु की भित्ति रोकता है। सर्दी विषाणु से होती है, इसलिए वह गोली अवधि नहीं घटाती।
बीमार व्यक्ति से हवा, पानी या वाहक होकर अगला व्यक्ति बीमार होता है। उपचार में लक्षण घटाना और कारण मारना है। पोलियो का टीका प्रतिरक्षा पहले से तैयार करता है।
यह मॉडल सेट अभ्यास के लिए है। किसी वर्ष की वार्षिक परीक्षा का प्रश्न नहीं है।
एक समूह।
प्रोटोजोआ।
सूची में पाँच नाम।
पोलियो।
बचपन के टीकाकरण।
सार्वजनिक।
गंदा पीने का पानी या कमजोर पोषण। तत्काल कारण अलग से सूक्ष्मजीव हो सकता है।
13.1 आपदा के तुरंत और बाद के स्वास्थ्य प्रभाव पूछता है। 13.4 तीव्र और दीर्घकालिक की गिनती पूछता है। 13.7 रेबीज़ की स्थानीय योजना पूछता है।
ये योग्यता-आधारित अभ्यास प्रश्न हैं। किसी CBSE प्रश्नपत्र की प्रति नहीं हैं।
दो सिद्धांत और पानी।
लक्षण की गोली कारण नहीं मिटाती। पानी का रास्ता बंद करना जरूरी है।
क्रियाकलाप 13.5।
विषाणु पर वह गोली नहीं चलती।
अभिकथन (A): गरीब और संपन्न बच्चों के कद में अंतर पोषण से जुड़ सकता है।
कारण (R): बार-बार का संक्रमण और कम भोजन बढ़त रोक सकते हैं।
दोनों सही हैं और R व्याख्या है।
अभिकथन (A): रेबीज़ के टीके मनुष्य और जंतु दोनों के लिए बताए गए हैं।
कारण (R): रेबीज़ सामान्य हाथ मिलाने से फैलता है।
A सही है। R गलत — काटने से फैलता है।
पानी इकट्ठा होने से मच्छर रोकें। पानी उबालें या उपचारित करें ताकि हैजा रुके। बच्चों का पोलियो और खसरा टीका पूरा करें।
रोग का न होना काफी नहीं। साफ पानी हर घर तक न पहुँचे तो लोग रोग-मुक्त लगकर भी अस्वस्थ रह सकते हैं। स्वास्थ्य का अर्थ अच्छा काम करना है।
ऊपर «BSEB | CBSE» से बोर्ड बदलो। पाठ वही NCERT है।
इस पेज पर वार्षिक परीक्षा का सत्यापित प्रश्न नहीं है, क्योंकि स्रोत पृष्ठ नहीं जोड़ा गया। नीचे मॉडल सेट बोर्ड के पैटर्न पर अभ्यास के लिए है।
सत्यापित लेबल तभी लगेगा जब प्रश्न का स्रोत पृष्ठ उपलब्ध हो।
ये केस और अभिकथन-कारण अभ्यास हैं। इन्हें CBSE का पुराना प्रश्न मत समझो।
गलत प्रश्न जल्दी लौटते हैं, सही वाले कुछ दिन बाद।
आपने क्या सीखा
| क्या | याद रखने लायक |
|---|---|
| तीव्र | short, such as a cold |
| दीर्घकालिक | long, such as elephantiasis |
| विषाणु | cold, influenza, dengue, AIDS |
| जीवाणु | typhoid, cholera, TB, anthrax |
| वाहक | mosquito |
| टीके | tetanus, diphtheria, whooping cough, measles, polio |
नोट्स मूल लेखन हैं। पाठ्यपुस्तक केवल क्रम और क्रियाकलाप-संख्या के लिए संदर्भ है। «सत्यापित» केवल स्रोत पृष्ठ वाले प्रश्न पर लिखा जाएगा।