सम्मुख शीर्ष।
दो।
कक्षा 9 · गणित · अध्याय 8 · बिहार बोर्ड (BSEB)CBSE · NCERT 2026-27
Quadrilaterals
इस पेज को ऐसे पढ़ो:
1. पढ़ो — भाग · कोण योग · प्रकार · प्रमेय 8.1 से 8.7 · प्रमेय 8.8 · अभ्यास 8.1 · मध्य-बिंदु · अभ्यास 8.2, चित्र, हल उदाहरण, बोर्ड टिप
2. जाँचो — हर पाठ के अपने प्रश्न; संख्या पाठ के हिसाब से
3. महारत ★ — उस पाठ के सब सही। गलत वाले «दोबारा करो»
4. याद रखने वाला चित्र एक समांतर चतुर्भुज दिखाता है, जिसके विकर्ण एक-दूसरे को समान भागों में काटते हैं।
यह क्रम बिहार की 15-अध्याय वाली गणित की किताब का है, और गणित मंजरी का अध्याय क्रम अलग है। प्रगति इसी ब्राउज़र में सेव रहती है।
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Parts of a quadrilateral · पाठ्यपुस्तक 8.1 · भुजा · कोण · विकर्ण
चार बिंदुओं से बंद आकृति तभी चतुर्भुज है जब कोई तीन बिंदु एक रेखा पर न हों। चार भुजाएँ, चार कोण और चार शीर्ष होते हैं। सम्मुख शीर्षों को मिलाने वाले दो रेखाखंड विकर्ण हैं।
पुस्तक केवल वही चतुर्भुज लेती है जिसके विकर्ण आकृति के भीतर काटें। क्रॉस बनी आकृति, जिसमें विकर्ण बाहर निकल जाएँ, इस अध्याय का चतुर्भुज नहीं है। भुजा का नाम क्रम से पढ़ो: AB, BC, CD, DA।
प्रश्न: ABCD में विकर्ण AC = 10 cm और O उसका मध्य-बिंदु है। AO निकालो।
नियम: मध्य-बिंदु खंड को दो बराबर भागों में बाँटता है।
मान: AO = AC / 2 = 10 cm / 2 = 5 cm।
विकर्ण भुजा नहीं है। AC भुजा तभी है जब वह बाकी चार में से एक हो।
क्रॉस आकृति को चतुर्भुज मानकर कोण योग मत लगाना। पुस्तक उसे अलग रखती है।
सम्मुख शीर्ष।
दो।
गलत — कोई तीन बिंदु संरेख न हों, तभी चार भुजाओं वाली बंद आकृति बनती है।
10 / 2।
5 cm।
विकर्ण AC और BD। भुजाएँ AB, BC, CD, DA।
The angle sum is 360° · पाठ्यपुस्तक 8.2 · विकर्ण · दो त्रिभुज
विकर्ण चतुर्भुज को दो त्रिभुजों में बाँटता है। हर त्रिभुज 180° देता है, इसलिए चारों कोणों का योग 360° है। यह जाँच विकर्ण खींचकर होती है। क्रमांकित क्रियाकलाप नहीं है।
अनुपात में पहले हिस्सों का योग लो, फिर 360° बाँटो। 3 : 5 : 9 : 13 में हिस्से 3 + 5 + 9 + 13 = 30। एक हिस्सा = 360° / 30 = 12°।
ABCD में AC खींचो। ΔADC और ΔABC प्रत्येक के कोण 180° हैं। दोनों योग 360° देते हैं। कोण A, AC पर दो टुकड़ों में बँटता है और कोण C भी। टुकड़े वापस जुड़कर चारों कोण बनाते हैं। यही पुस्तक की जाँच है।
प्रश्न: कोण 3 : 5 : 9 : 13 में हैं। चारों माप निकालो।
सूत्र: एक हिस्सा = 360° / (भागों का योग)।
मान: भागों का योग = 30। एक हिस्सा = 360° / 30 = 12°। कोण 36°, 60°, 108° और 156°। इकाई डिग्री है। जाँच: 36 + 60 + 108 + 156 = 360।
अनुपात के हर अंक को 360° से मत गुणा करना। पहले 30 लो, फिर 12°।
36 + 60 + 108 + 156 की जाँच उत्तर में लिखो। योग 360° न निकले तो हिस्सा गलत है।
दो त्रिभुज।
360°।
सही — इसलिए 180° + 180° = 360°।
360 / 30।
12°।
3 × 12।
36°।
80° + 90° + 110° = 280°। चौथा = 360° − 280° = 80°।
गलत — योग 360° है। कोण 36°, 60°, 108° और 156° हैं।
Types of quadrilaterals · पाठ्यपुस्तक 8.3 · समलम्ब · पतंग · वर्ग
एक जोड़ा सम्मुख भुजाएँ समांतर हो तो आकृति समलम्ब है। दोनों जोड़े समांतर हों तो समांतर चतुर्भुज। आयत वह समांतर चतुर्भुज है जिसका एक कोण 90° हो। समचतुर्भुज में चारों भुजाएँ बराबर होती हैं। वर्ग आयत भी है और समचतुर्भुज भी।
पतंग में आसन्न भुजाओं के दो जोड़े बराबर होते हैं। पतंग समांतर चतुर्भुज नहीं है। आयत या समचतुर्भुज अपने आप वर्ग नहीं होता। प्रमाण में समलम्ब का अर्थ एक जोड़ा समांतर भुजाएँ लो। समांतर चतुर्भुज के लिए दोनों जोड़े जरूरी हैं।
प्रश्न: एक समांतर चतुर्भुज की सभी भुजाएँ बराबर हैं और एक कोण 90° है। नाम लिखो।
नियम: चार बराबर भुजाएँ समचतुर्भुज बनाती हैं। एक कोण 90° आयत बनाता है। दोनों साथ हों तो वर्ग।
निष्कर्ष: आकृति वर्ग है। वर्ग समांतर चतुर्भुज भी है।
वर्ग को केवल समचतुर्भुज लिखकर रुकना आधा उत्तर है। एक कोण 90° भी लिखो।
पतंग की बराबर भुजाएँ आसन्न होती हैं। उन्हें सम्मुख लिखना समांतर चतुर्भुज का गलत कारण बन जाता है।
दो जोड़े।
समांतर चतुर्भुज।
गलत — पतंग में आसन्न भुजाएँ बराबर होती हैं। दोनों जोड़े सम्मुख भुजाएँ समांतर नहीं माने जाते।
आयत और समचतुर्भुज दोनों।
वर्ग।
पुस्तक की पंक्ति।
आयत भी और समचतुर्भुज भी।
समलम्ब में एक जोड़ा सम्मुख भुजाएँ समांतर है। समांतर चतुर्भुज में दोनों जोड़े समांतर हैं। पतंग समांतर चतुर्भुज नहीं है।
Properties of a parallelogram · पाठ्यपुस्तक 8.4 · प्रमेय 8.1 से 8.7
प्रमेय 8.1: विकर्ण समांतर चतुर्भुज को दो सर्वांगसम त्रिभुजों में बाँटता है। प्रमेय 8.2: सम्मुख भुजाएँ बराबर। प्रमेय 8.4: सम्मुख कोण बराबर। प्रमेय 8.6: विकर्ण एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं।
विलोम भी समांतर चतुर्भुज बनाते हैं। प्रमेय 8.3 सम्मुख भुजाओं के दोनों जोड़े बराबर होने पर। प्रमेय 8.5 सम्मुख कोणों पर। प्रमेय 8.7 विकर्णों के समद्विभाजन पर। आयत के विकर्ण बराबर होते हैं। समचतुर्भुज के विकर्ण 90° पर काटते हैं। वर्ग में दोनों बातें होती हैं।
प्रश्न: समांतर चतुर्भुज में ∠A = 70°। शेष तीन कोण निकालो।
नियम: सम्मुख कोण बराबर, प्रमेय 8.4। आसन्न कोण संपूरक, क्योंकि सम्मुख भुजाएँ समांतर हैं और भुजा तिर्यक है।
मान: ∠C = 70°। ∠B = 180° − 70° = 110°। ∠D = 110°। इकाई डिग्री है।
70° का सम्मुख भी 70° है। बगल वाला 110° है। चारों को 70° मत लिखना।
आयत का विकर्ण बराबर है, समचतुर्भुज का विकर्ण समकोण पर है। दोनों गुण एक आकृति पर तभी लिखो जब वर्ग हो।
प्रमेय 8.4।
70°।
सही — प्रमेय 8.6।
180 − 70।
110°।
सम्मुख भुजाएँ बराबर होती हैं। सम्मुख कोण बराबर होते हैं। विकर्ण एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं।
One pair equal and parallel — Exercise 8.1 · पाठ्यपुस्तक 8.5 · प्रमेय 8.8 · अभ्यास 8.1
प्रमेय 8.8: सम्मुख भुजाओं का एक जोड़ा बराबर भी हो और समांतर भी हो, तो चतुर्भुज समांतर चतुर्भुज है। केवल बराबर हो, या केवल समांतर हो, तो यह प्रमेय नहीं लगती। समलम्ब में एक जोड़ा समांतर होता है, बराबर जरूरी नहीं।
अभ्यास 8.1 इसी जगह आता है। पहले कोणों का अनुपात, फिर समांतर चतुर्भुज बनने की शर्तें। शर्त चुनते समय 8.3, 8.5, 8.7 या 8.8 में से वही लिखो जो दिया हुआ हो।
पहला प्रश्न कोणों का अनुपात 3 : 5 : 9 : 13 है। 360° को 30 हिस्सों में बाँटो। आगे के प्रश्न में देखो कि दिया क्या है: दोनों जोड़े भुजाएँ, दोनों जोड़े कोण, विकर्णों का मध्य-बिंदु, या एक जोड़ा बराबर और समांतर। एक शर्त लिखो और प्रमेय नंबर दो।
प्रश्न: ABCD में AB = CD और AB ∥ CD। क्या ABCD समांतर चतुर्भुज है?
प्रमेय: 8.8। एक जोड़ा सम्मुख भुजाएँ बराबर और समांतर है।
निष्कर्ष: हाँ, ABCD समांतर चतुर्भुज है। केवल AB ∥ CD लिखना काफी नहीं था। बराबर होना भी दिया है।
केवल समांतर लिखकर 8.8 मत लगाना। उत्तर में «बराबर और समांतर» दोनों शब्द हों।
अनुपात वाले पहले प्रश्न में 36°, 60°, 108°, 156° दिखाओ। केवल 3 : 5 : 9 : 13 दोहराना माप नहीं है।
10-सेकंड रिवीजन
प्रमेय 8.8।
समांतर चतुर्भुज।
गलत — 8.8 बराबर और समांतर दोनों माँगती है।
13 × 12।
156°।
विलोम।
8.7।
8.3 दोनों जोड़े सम्मुख भुजाएँ बराबर। 8.5 दोनों जोड़े सम्मुख कोण बराबर। 8.7 विकर्ण समद्विभाजित। 8.8 एक जोड़ा बराबर और समांतर।
सही — पुस्तक में 8.1 खंड 8.5 के बाद है, और मध्य-बिंदु 8.6 में है।
The mid-point theorem · पाठ्यपुस्तक 8.6 · प्रमेय 8.9 · प्रमेय 8.10
प्रमेय 8.9: दो भुजाओं के मध्य-बिंदुओं को मिलाने वाला रेखाखंड तीसरी भुजा के समांतर और उसका आधा होता है। प्रमाण में एक और समांतर खींचकर सर्वांगसम त्रिभुज और समांतर चतुर्भुज बनता है।
प्रमेय 8.10 विलोम है। एक भुजा के मध्य-बिंदु से, दूसरी भुजा के समांतर रेखा, तीसरी भुजा को समद्विभाजित करती है। आधा करने का अर्थ लंबाई आधी है, कोण आधा नहीं।
त्रिभुज खींचो और दो भुजाओं के मध्य-बिंदु E और F नामांकित करो। EF जोड़ो। पुस्तक कहती है कि EF तीसरी भुजा के समांतर निकलेगा और आधा होगा। यह क्रमांकित क्रियाकलाप नहीं है। नाप प्रमेय 8.9 की जगह नहीं लेती।
प्रश्न: E और F, AB और AC के मध्य-बिंदु हैं। BC = 10 cm। EF निकालो।
सूत्र: EF = BC / 2, और EF ∥ BC। प्रमेय 8.9।
मान: EF = 10 cm / 2 = 5 cm। इकाई cm है।
EF = BC लिखना गलत है। मध्य-बिंदु रेखाखंड आधा होता है, पूरा नहीं।
10 cm / 2 = 5 cm दिखाओ। केवल «आधा» शब्द बिना माप के अंक काट सकता है।
10-सेकंड रिवीजन
प्रमेय 8.9।
आधा और समांतर।
सही — समांतर रेखा तीसरी भुजा को समद्विभाजित करती है।
आधा।
5 cm।
प्रमेय 8.10।
AC का मध्य-बिंदु।
दो भुजाओं के मध्य-बिंदुओं का रेखाखंड तीसरी के समांतर और आधा होता है। EF = 18 cm / 2 = 9 cm।
Exercise 8.2 — the four mid-points · पाठ्यपुस्तक 8.6 · अभ्यास 8.2
अभ्यास 8.2 चतुर्भुज की चारों भुजाओं के मध्य-बिंदु जोड़ने को कहता है। क्रम से जोड़ने पर बना चतुर्भुज समांतर चतुर्भुज होता है। आयत, समचतुर्भुज या समलम्ब पर भी यही मध्य-बिंदु की भाषा चलती है।
कारण प्रमेय 8.9 है। हर त्रिभुज में, जिसे विकर्ण काटता है, मध्य रेखाखंड समांतर और आधा होता है। दो-दो आधे खंड एक जोड़ा समांतर भुजाएँ बना देते हैं। फिर प्रमेय 8.8 या 8.3 से समांतर चतुर्भुज।
P, Q, R, S को भुजाओं के मध्य-बिंदु मानो और क्रम से जोड़ो। दिखाओ कि PQRS समांतर चतुर्भुज है। समचतुर्भुज या आयत दिए हों तो नए आकार के कोण या भुजा उसी प्रमेय से निकालो। समलम्ब में AB ∥ DC हो और E मध्य-बिंदु हो तो 8.10 से दूसरा मध्य-बिंदु पकड़ो।
प्रश्न: ABCD के मध्य-बिंदुओं से PQRS बना है। एक विकर्ण AC = 12 cm। PQ, जो ΔABC की मध्य रेखा है, निकालो।
सूत्र: मध्य रेखाखंड = तीसरी भुजा / 2। यदि PQ, AC के आधे विकर्ण वाले त्रिभुज में मध्य रेखा हो और आधार 12 cm हो।
मान: आधा = 12 cm / 2 = 6 cm। इकाई cm है। PQRS समांतर चतुर्भुज है।
PQRS को वर्ग मत लिखना जब तक कोण 90° या बराबर विकर्ण दिए न हों। सामान्य उत्तर समांतर चतुर्भुज है।
12 cm / 2 = 6 cm के साथ प्रमेय नंबर 8.9 लिखो। केवल 6 cm आधा कारण है।
10-सेकंड रिवीजन
सार की दसवीं पंक्ति।
समांतर चतुर्भुज।
गलत — 8.1 पहले है, 8.2 मध्य-बिंदु प्रमेय के बाद है।
आधा।
6 cm।
विकर्ण से कटे हर त्रिभुज में प्रमेय 8.9 मध्य रेखाखंड को समांतर बनाती है। दो समांतर जोड़े मिलते हैं, इसलिए PQRS समांतर चतुर्भुज है।
प्रकार चुनो। पाठों के 34 जाँच-प्रश्न अलग हैं — हर पाठ में जितने उसके विषय माँगते हैं। सब सही होने पर महारत ★ मिलती है।
कोई भी प्रश्न «सत्यापित PYQ» नहीं है। BSEB वाला सेट मॉडल अभ्यास है। CBSE वाले प्रश्न CBSE-शैली हैं, किसी वर्ष के पेपर की प्रति नहीं।
दो त्रिभुज।
360°।
3 × 12।
36°।
दोनों नाम।
आयत भी और समचतुर्भुज भी।
प्रमेय 8.4।
बराबर।
180 − 70।
110°।
विलोम।
8.7।
प्रमेय 8.8।
समांतर चतुर्भुज।
प्रमेय 8.9।
आधा।
आधा।
5 cm।
अभ्यास 8.2।
समांतर चतुर्भुज।
सार की पंक्ति।
90°।
आसन्न भुजाएँ।
समांतर चतुर्भुज नहीं।
सार।
बराबर।
गलत — योग 360° है। 180° एक त्रिभुज का है।
सही — और आयत भी।
सही।
गलत — भुजा बराबर भी होनी चाहिए।
गलत — वह समांतर और आधा होता है।
सही — 8.1 उससे पहले कोण और समांतर चतुर्भुज की शर्तें पूछता है।
गलत — आयत में विकर्ण बराबर होते हैं। समकोण पर काटना समचतुर्भुज का गुण है।
गलत — पुस्तक वही आकृति लेती है जिसके विकर्ण भीतर मिलें।
दो त्रिभुज।
360।
360 / 30।
12।
180 − 70।
110।
विलोम 8.3।
8.2।
आधा।
5।
12 / 2।
6।
समकोण।
90।
एक जोड़ा।
8.8।
8.2 भुजा, 8.4 कोण, 8.6 विकर्ण, 8.8 बराबर और समांतर।
समांतर चतुर्भुज में समद्विभाजन, आयत में बराबर विकर्ण, समचतुर्भुज में 90°, मध्य रेखा आधी।
अभिकथन (A): चतुर्भुज के कोणों का योग 360° है।
कारण (R): एक विकर्ण दो त्रिभुज बनाता है और हर त्रिभुज 180° देता है।
दोनों सही हैं और R कारण है।
अभिकथन (A): समांतर चतुर्भुज के विकर्ण एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं।
कारण (R): मध्य-बिंदु रेखाखंड तीसरी भुजा का आधा होता है।
दोनों सही हैं, पर R विकर्ण वाले कथन की व्याख्या नहीं है।
अभिकथन (A): वर्ग एक आयत है।
कारण (R): हर आयत वर्ग होता है।
A सही है। R गलत — आयत की भुजाएँ बराबर होना जरूरी नहीं।
अभिकथन (A): प्रमेय 8.9 में मध्य रेखाखंड तीसरी भुजा के बराबर होता है।
कारण (R): वह तीसरी भुजा के समांतर और उसका आधा होता है।
A गलत है। R सही है।
अभिकथन (A): AB = CD और AB ∥ CD से ABCD समांतर चतुर्भुज है।
कारण (R): एक जोड़ा सम्मुख भुजाएँ बराबर और समांतर हों तो चतुर्भुज समांतर चतुर्भुज होता है।
दोनों सही हैं और R प्रमेय 8.8 है।
वर्ग, आयत और समचतुर्भुज समांतर चतुर्भुज हैं। पतंग नहीं।
सम्मुख भुजाएँ 8.3 हैं। बराबर और समांतर 8.8 है। मध्य-बिंदु 8.9 है।
360°।
समांतर चतुर्भुज के विकर्ण एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं।
36°, 60°, 108°, 156°।
आधा, और समांतर।
90° पर।
सम्मुख ∠C = 65°। आसन्न = 180° − 65° = 115°। इसलिए ∠B = ∠D = 115°।
EF = 14 cm / 2 = 7 cm, और EF ∥ BC। प्रमेय 8.9।
प्रमेय 8.8। केवल समांतर होने से समलम्ब भी बन सकता है। बराबर होना दूसरी शर्त है।
आयत के विकर्ण बराबर होते हैं। समचतुर्भुज के विकर्ण 90° पर काटते हैं। वर्ग में विकर्ण बराबर भी हैं और 90° पर भी काटते हैं।
विकर्ण दो त्रिभुज बनाता है, 180° + 180° = 360°। हिस्से 30 हैं, एक हिस्सा 12°। कोण 36°, 60°, 108°, 156°। योग 360°।
सम्मुख भुजाएँ बराबर। सम्मुख कोण बराबर। विकर्ण समद्विभाजित। एक जोड़ा बराबर और समांतर हो तो भी समांतर चतुर्भुज। कोण 80°, 100°, 80°, 100°।
8.9: मध्य रेखाखंड समांतर और आधा। 8.10: समांतर रेखा तीसरी भुजा को समद्विभाजित करती है। EF = 8 cm। चार मध्य-बिंदुओं पर 8.9 से समांतर जोड़े बनते हैं।
यह मॉडल सेट अभ्यास के लिए है। किसी वर्ष की वार्षिक परीक्षा का प्रश्न नहीं है। स्रोत पृष्ठ मिलने पर ही वार्षिक प्रश्न जोड़े जाएँगे।
180 − 100।
80°।
प्रमेय 8.9।
आधा।
360 − 270।
90।
सही।
EF = 11 cm और EF ∥ BC। नाप चित्र समझाती है। कारण प्रमेय 8.9 है।
ये योग्यता-आधारित अभ्यास प्रश्न हैं। किसी CBSE प्रश्नपत्र की प्रति नहीं हैं।
आयत का सार।
बराबर, और समद्विभाजित।
अभ्यास 8.2।
मध्य-बिंदुओं का चतुर्भुज समांतर चतुर्भुज होता है।
अभिकथन (A): वर्ग एक समांतर चतुर्भुज है।
कारण (R): हर समांतर चतुर्भुज वर्ग होता है।
A सही है। R गलत — समांतर चतुर्भुज की भुजाएँ बराबर होना जरूरी नहीं, न कोण 90°।
गलत — योग 360° है, इसलिए 36°, 60°, 108° और 156°।
सम्मुख 75°, आसन्न 105° और 105°। माप जाँच है। कारण प्रमेय 8.4 और आसन्न कोणों का योग 180° है।
प्रमेय 8.9 से लंबाई = 24 m / 2 = 12 m। रास्ता तीसरी भुजा के समांतर है।
ऊपर «BSEB | CBSE» से बोर्ड बदलो। पाठ वही NCERT है।
इस पेज पर वार्षिक परीक्षा का सत्यापित प्रश्न नहीं है, क्योंकि स्रोत पृष्ठ नहीं जोड़ा गया। नीचे मॉडल सेट बोर्ड के पैटर्न पर अभ्यास के लिए है।
सत्यापित लेबल तभी लगेगा जब प्रश्न का स्रोत पृष्ठ उपलब्ध हो।
ये केस और अभिकथन-कारण अभ्यास हैं। इन्हें CBSE का पुराना प्रश्न मत समझो।
गलत प्रश्न जल्दी लौटते हैं, सही वाले कुछ दिन बाद।
आपने क्या सीखा
| क्या | याद रखने लायक |
|---|---|
| कोण योग | 360° |
| सम्मुख भुजा | equal in a parallelogram |
| विकर्ण | bisect each other |
| आयत | equal diagonals |
| समचतुर्भुज | diagonals at 90° |
| मध्य-बिंदु | parallel and half |
नोट्स मूल लेखन हैं। पाठ्यपुस्तक केवल क्रम और क्रियाकलाप-संख्या के लिए संदर्भ है। «सत्यापित» केवल स्रोत पृष्ठ वाले प्रश्न पर लिखा जाएगा।