एक दूसरे को ढके।
आकार और माप दोनों।
कक्षा 9 · गणित · अध्याय 7 · बिहार बोर्ड (BSEB)CBSE · NCERT 2026-27
Triangles
इस पेज को ऐसे पढ़ो:
1. पढ़ो — सर्वांगसमता · SAS · ASA · AAS · अभ्यास 7.1 · समद्विबाहु · अभ्यास 7.2 · SSS · RHS · अभ्यास 7.3 · बड़ी भुजा · अभ्यास 7.4 · अभ्यास 7.5, चित्र, हल उदाहरण, बोर्ड टिप
2. जाँचो — हर पाठ के अपने प्रश्न; संख्या पाठ के हिसाब से
3. महारत ★ — उस पाठ के सब सही। गलत वाले «दोबारा करो»
4. याद रखने वाला चित्र दो त्रिभुज दिखाता है, जिनमें दो भुजाएँ और उनके बीच का कोण बराबर अंकित हैं।
यह क्रम बिहार की 15-अध्याय वाली गणित की किताब का है, और गणित मंजरी का अध्याय क्रम अलग है। प्रगति इसी ब्राउज़र में सेव रहती है।
पिछले 7 दिन:
सब कुछ इसी फ़ोन/ब्राउज़र में सेव होता है — कोई लॉगिन नहीं।
इस अध्याय का कोई Short अभी चैनल पर नहीं है, इसलिए दस खाली कार्ड नहीं दिखाए गए। नोट्स, चित्र और जाँच-प्रश्न पूरे हैं।
Congruent triangles and corresponding parts · पाठ्यपुस्तक 7.2 · संगतता · CPCT
दो त्रिभुज सर्वांगसम तब हैं जब एक को दूसरे पर रखकर पूरा ढक सको। आकार और माप दोनों समान होते हैं। केवल कोण बराबर हों तो यह काफी नहीं। भुजा की लंबाई भी मेल खानी चाहिए।
पत्राचार ΔABC ↔ ΔPQR का अर्थ है A के साथ P, B के साथ Q, C के साथ R। तब AB = PQ, BC = QR, CA = RP, और कोण भी इसी क्रम से बराबर होते हैं। सर्वांगसमता के बाद यह लिखना CPCT कहलाता है: संगत भाग बराबर हैं।
पुस्तक एक त्रिभुज की कई प्रतियाँ काटकर दूसरे पर रखने को कहती है। कुछ प्रतियाँ घुमाने पर ढक जाती हैं, एक नहीं ढकती। यह क्रमांकित क्रियाकलाप नहीं है। जो प्रति ढक जाए वह सर्वांगसम है। जो केवल कोणों में मिले और भुजा में न मिले, वह सर्वांगसम नहीं।
प्रश्न: ΔABC ≅ ΔDEF और पत्राचार A↔D, B↔E, C↔F है। AB = 6 cm। DE और ∠B का जोड़ा लिखो।
नियम: CPCT, संगत भाग बराबर होते हैं।
मान: DE = AB = 6 cm। ∠B का जोड़ा ∠E है, इसलिए ∠B = ∠E।
उत्तर में पत्राचार का क्रम वही रखो जो सर्वांगसमता के चिह्न में है। ABC ≅ DEF हो तो AB का जोड़ा DE है, DF नहीं।
केवल «बराबर हैं» मत लिखना। कौन-सा भाग किसके संगत है, यह एक पंक्ति में बताओ।
एक दूसरे को ढके।
आकार और माप दोनों।
गलत — कोण बराबर होने से भुजा बड़ी रह सकती है। एक भुजा भी मेल खानी चाहिए।
B↔Q और C↔R।
QR।
पत्राचार के बाद।
संगत भाग बराबर होते हैं।
AB = LM, BC = MN, ∠A = ∠L। यही CPCT है।
SAS, ASA and AAS — Exercise 7.1 · पाठ्यपुस्तक 7.3 · अभिगृहीत 7.1 · प्रमेय 7.1 · अभ्यास 7.1
अभिगृहीत 7.1 (SAS): दो भुजाएँ और उनके बीच का कोण बराबर हों तो त्रिभुज सर्वांगसम हैं। प्रमेय 7.1 (ASA): दो कोण और उनके बीच की भुजा बराबर हो तो भी सर्वांगसमता होती है।
AAS अलग दिखता है। दो कोण और एक संगत भुजा बराबर हो, भले भुजा बीच में न हो। तीसरा कोण 180° में से शेष बचता है, इसलिए जोड़ा ASA बन जाता है। तीनों कोण बराबर हों और कोई भुजा न दी हो तो सर्वांगसमता नहीं बनती। पुस्तक 40°, 50°, 90° वाले कई त्रिभुज दिखाती है।
अभ्यास 7.1 दिए हुए बराबर भागों से दो त्रिभुज सर्वांगसम सिद्ध करने को कहता है। पहले समान कोण और भुजा चिह्नित करो। फिर SAS, ASA या AAS में से एक नियम लिखो। उसके बाद CPCT से वह भुजा या कोण निकालो जो प्रश्न माँगता है। कोण बीच का है या नहीं, यह देखे बिना SAS मत लिखना।
प्रश्न: ΔABC और ΔDEF में ∠B = ∠E = 50°, ∠C = ∠F = 60°, और BC = EF = 8 cm। नियम बताओ।
सूत्र: तीसरा कोण = 180° − (दिए दो कोण)। भुजा BC दोनों दिए कोणों के बीच है, इसलिए ASA।
मान: ∠A = 180° − (50° + 60°) = 70°। इकाई डिग्री है। BC शामिल भुजा है। ΔABC ≅ ΔDEF, ASA से।
BSEB उत्तर में नियम का नाम और नंबर दोनों दो। केवल चिह्न ≅ आधा कारण है।
40°, 50°, 90° वाले अलग-अलग आकार दिखाकर बताओ कि तीन कोण भुजा के बिना काफी नहीं।
शामिल कोण।
दो भुजाओं के बीच।
सही। SAS अभिगृहीत 7.1 है, प्रमेय नहीं।
180 − 110।
70°।
AAS। तीसरा कोण 180° − 105° = 75° भी बराबर हो जाता है, इसलिए एक भुजा के साथ सर्वांगसमता बनती है। SAS नहीं, क्योंकि कोण शामिल नहीं बताया गया।
Isosceles triangles — Exercise 7.2 · पाठ्यपुस्तक 7.4 · प्रमेय 7.2 · प्रमेय 7.3 · अभ्यास 7.2
समद्विबाहु त्रिभुज में दो भुजाएँ बराबर होती हैं। प्रमेय 7.2: बराबर भुजाओं के सम्मुख कोण बराबर होते हैं। प्रमेय 7.3 विलोम है: बराबर कोणों की सम्मुख भुजाएँ बराबर होती हैं। प्रमाण कोण समद्विभाजक खींचकर SAS या ASA से होता है।
शीर्ष कोण और दो आधार कोण मिलकर 180° होते हैं। आधार कोण बराबर हों तो प्रत्येक = (180° − शीर्ष) / 2। समबाहु में तीनों भुजाएँ बराबर, इसलिए तीनों कोण 60°।
अभ्यास 7.2 समद्विबाहु त्रिभुज में कोण समद्विभाजक, समान कोण और एक ही आधार पर खड़े दो समद्विबाहु त्रिभुज देता है। पहले प्रमेय 7.2 या 7.3 से बराबर भाग लिखो। फिर छोटे त्रिभुजों पर SAS या ASA लगाओ। अंत में CPCT।
प्रश्न: AB = AC और शीर्ष ∠A = 80°। आधार कोण निकालो।
सूत्र: प्रत्येक आधार कोण = (180° − शीर्ष कोण) / 2। प्रमेय 7.2 से दोनों बराबर हैं।
मान: (180° − 80°) / 2 = 100° / 2 = 50°। इकाई डिग्री है। ∠B = ∠C = 50°।
80° को आधा करके 40° मत लिखना। पहले 180° − 80° = 100°, फिर आधा 50°।
विलोम पूछे जाने पर प्रमेय 7.3 लिखो। बराबर कोण से भुजा सिद्ध होती है, भुजा से कोण नहीं।
सम्मुख कोण।
∠B = ∠C, प्रमेय 7.2।
सही — बराबर कोणों की सम्मुख भुजाएँ बराबर होती हैं।
(180 − 80) / 2।
50°।
180 / 3।
60°।
∠B के सामने AC है और ∠C के सामने AB है, इसलिए AC = AB। यह प्रमेय 7.3 है।
गलत — 60° समबाहु की बात है। समद्विबाहु में केवल दो आधार कोण बराबर होते हैं।
SSS and RHS — Exercise 7.3 · पाठ्यपुस्तक 7.5 · प्रमेय 7.4 · प्रमेय 7.5 · अभ्यास 7.3
प्रमेय 7.4 (SSS): तीनों भुजाएँ बराबर हों तो त्रिभुज सर्वांगसम हैं। कोण दिए बिना भी यह नियम चलता है। प्रमेय 7.5 (RHS): दो समकोण त्रिभुजों में कर्ण और एक भुजा बराबर हो तो वे सर्वांगसम हैं। समकोण कर्ण के सामने होता है।
RHS में समकोण शामिल कोण नहीं होता। इसलिए इसे SAS मत लिखना। एक न्यून कोण और कर्ण बराबर हों तो भी समकोण त्रिभुज में तीसरा कोण जुड़ जाता है, पर इस अध्याय का नामित नियम RHS और SSS है।
अभ्यास 7.3 अक्सर एक ही आधार पर दो समद्विबाहु त्रिभुज, या समकोण और कर्ण देता है। तीनों जोड़े भुजाओं के हों तो SSS। एक कोण 90° और कर्ण तथा एक भुजा बराबर हों तो RHS। समकोण को साधारण भुजा मानकर SSS मत बना देना।
प्रश्न: दो समकोण त्रिभुज में कर्ण 13 cm और एक भुजा 5 cm बराबर है। नियम लिखो।
नियम: RHS, प्रमेय 7.5। कर्ण समकोण के सामने की भुजा है।
जाँच: 5 cm भुजा है, 13 cm कर्ण है। दोनों त्रिभुजों में यह जोड़ा मेल खाता है, इसलिए त्रिभुज सर्वांगसम हैं।
कर्ण वह भुजा है जो 90° के सामने हो। किसी भी लंबी भुजा को कर्ण मत लिखना जब तक समकोण न हो।
SSS में तीन जोड़े दिखाओ। दो भुजा लिखकर तीसरी «स्पष्ट है» मत छोड़ना।
तीन भुजाएँ।
प्रमेय 7.4।
गलत — दोनों त्रिभुज समकोण वाले होने चाहिए।
90° के सामने।
सामने।
प्रमेय 7.5।
RHS।
तीनों भुजाएँ बराबर हैं, इसलिए ΔABC ≅ ΔDEF प्रमेय 7.4, SSS से।
The longer side and the larger angle · पाठ्यपुस्तक 7.6 · प्रमेय 7.6 · प्रमेय 7.7
प्रमेय 7.6: दो भुजाएँ असमान हों तो बड़ी भुजा के सामने का कोण बड़ा होता है। प्रमेय 7.7 विलोम है: बड़े कोण के सामने की भुजा लंबी होती है। यह विरोधाभास से सिद्ध होता है।
समद्विबाहु वाला परिणाम इससे अलग है। वहाँ भुजाएँ बराबर थीं, इसलिए कोण बराबर थे। यहाँ भुजाएँ असमान हैं, इसलिए कोण भी असमान हैं। बड़ा कोण 180° से ऊपर नहीं जा सकता।
पुस्तक पहले पिन और धागे से भुजा BC बाँधकर पेंसिल घुमाती है। फिर एक विषमबाहु त्रिभुज नापने को कहती है: सबसे लंबी भुजा के सामने सबसे बड़ा कोण आता है। फिर AB को त्रिज्या मानकर चाप पर कई बिंदु जोड़ती है। ये तीनों जाँच «Activity» लिखी हैं। इन्हें 7.1 या 7.2 नंबर मत देना। नाप प्रमेय की जगह नहीं लेती।
प्रश्न: भुजाएँ BC = 7 cm, CA = 5 cm, AB = 6 cm। सबसे बड़ा कोण कौन-सा है?
नियम: प्रमेय 7.6, बड़ी भुजा के सामने बड़ा कोण।
मान: सबसे बड़ी भुजा BC = 7 cm है। उसके सामने ∠A है। इसलिए सबसे बड़ा कोण ∠A है।
कोण का नाम भुजा के सामने देखो। BC के सामने ∠A होता है, ∠B नहीं।
विषमबाहु की नाप को प्रमाण मत लिखना। लिखो कि नाप प्रमेय 7.6 से मेल खाती है।
10-सेकंड रिवीजन
सामने का शीर्ष।
∠A।
सही — यह 7.6 का विलोम है।
सबसे लंबी।
7 cm।
∠B के सामने AC है और ∠C के सामने AB है। AC > AB, प्रमेय 7.7 से।
The triangle inequality — Exercise 7.4 · पाठ्यपुस्तक 7.6 · प्रमेय 7.8 · अभ्यास 7.4
प्रमेय 7.8: किन्हीं दो भुजाओं का योग तीसरी भुजा से बड़ा होता है। तीन जाँच करो: a + b > c, b + c > a, और c + a > b। एक भी जाँच गिरे तो त्रिभुज नहीं बनता।
अभ्यास 7.4 इसी असमिका और बड़े कोण की भाषा में है। समकोण त्रिभुज में कर्ण सबसे बड़ी भुजा है, क्योंकि उसके सामने 90° सबसे बड़ा कोण होता है। योग बराबर हो तो बिंदु एक रेखा पर आ जाते हैं, त्रिभुज नहीं बनता।
अभ्यास 7.4 में समकोण की बड़ी भुजा, दो त्रिभुजों के कोणों की तुलना, और कोण समद्विभाजक वाली असमिका आती है। संख्या हो तो तीनों जोड़ लिखो और इकाई cm रखो। केवल चित्र हो तो प्रमेय 7.6 या 7.7 का नाम दो। वैकल्पिक अभ्यास अभी नहीं। वह 7.5 अगले पाठ में है।
प्रश्न: 3 cm, 4 cm और 8 cm से त्रिभुज बनेगा या नहीं?
सूत्र: हर दो भुजाओं का योग तीसरी से बड़ा हो। प्रमेय 7.8।
मान: 3 + 4 = 7, और 7 > 8 नहीं। 3 + 8 = 11 > 4, तथा 4 + 8 = 12 > 3। एक जाँच गिरती है, इसलिए त्रिभुज नहीं। इकाई cm है।
केवल सबसे छोटी दो भुजाओं का जोड़ काफी है देखने के लिए, पर उत्तर में तीनों जाँच लिखो।
7 cm को 8 cm से «लगभग बड़ा» मत कहना। 7 > 8 गलत है, इसलिए त्रिभुज नहीं।
10-सेकंड रिवीजन
3 + 4 = 7।
नहीं बनता, क्योंकि 7 > 8 नहीं।
गलत — योग बड़ा होना चाहिए, बराबर नहीं।
जोड़।
7 cm।
90° के सामने।
कर्ण।
5 + 6 = 11 > 7, 6 + 7 = 13 > 5, 7 + 5 = 12 > 6। तीनों सच हैं, इसलिए त्रिभुज बनता है। इकाई cm है।
सही — योग तीसरी से बड़ा होता है।
Optional Exercise 7.5 · पाठ्यपुस्तक · अभ्यास 7.5 वैकल्पिक
पुस्तक अभ्यास 7.5 को वैकल्पिक बताती है। नंबर हटाया नहीं जाता। पहला बिंदु तीनों शीर्षों से समान दूरी पर होता है। दूसरा बिंदु तीनों भुजाओं से समान दूरी पर होता है।
AB का लंब समद्विभाजक उन बिंदुओं का रास्ता है जो A और B से समान दूरी पर हैं। BC का लंब समद्विभाजक B और C के लिए यही करता है। दोनों जहाँ मिलें, वहाँ से तीनों शीर्ष बराबर दूरी पर हैं। भुजाओं से समान दूरी वाले बिंदु के लिए कोण समद्विभाजक मिलते हैं। रंगोली वाला प्रश्न समरूप टुकड़े भरने की बात है, नया नंबर नहीं।
पहले भीतर वह बिंदु खोजो जो तीनों शीर्षों से समान दूरी पर हो। दो लंब समद्विभाजक काफी हैं। फिर वह बिंदु खोजो जो तीनों भुजाओं से समान दूरी पर हो। कोण समद्विभाजक उपयोग करो। पार्क वाले प्रश्न में भी यही दूरी की भाषा है। रंगोली में खाली समरूप हिस्से उसी नियम से भरो।
प्रश्न: AB और BC के लंब समद्विभाजक O पर मिलते हैं। OA = 5 cm। OB और OC निकालो।
नियम: लंब समद्विभाजक पर का बिंदु सिरों से समान दूरी पर होता है।
मान: OA = OB = 5 cm, क्योंकि O, AB के लंब समद्विभाजक पर है। OB = OC = 5 cm, क्योंकि O, BC के लंब समद्विभाजक पर है। इसलिए OC = 5 cm। इकाई cm है।
दो बिंदुओं को एक मत लिखना। शीर्षों वाला बिंदु और भुजाओं वाला बिंदु अलग प्रश्न हैं।
5 cm केवल OA दिया है। OB और OC भी 5 cm इसलिए हैं कि O दोनों लंब समद्विभाजकों पर है। कारण लिखो।
10-सेकंड रिवीजन
सिरों से दूरी।
लंब समद्विभाजक।
गलत — नंबर 7.5 ही रहता है। पुस्तक उसे वैकल्पिक कहती है।
समान दूरी।
5 cm।
कोण आधे होते हैं।
कोण समद्विभाजक।
पहला बिंदु तीनों शीर्षों से समान दूरी पर है और लंब समद्विभाजकों का कटान है। दूसरा बिंदु तीनों भुजाओं से समान दूरी पर है और कोण समद्विभाजकों का कटान है।
प्रकार चुनो। पाठों के 35 जाँच-प्रश्न अलग हैं — हर पाठ में जितने उसके विषय माँगते हैं। सब सही होने पर महारत ★ मिलती है।
कोई भी प्रश्न «सत्यापित PYQ» नहीं है। BSEB वाला सेट मॉडल अभ्यास है। CBSE वाले प्रश्न CBSE-शैली हैं, किसी वर्ष के पेपर की प्रति नहीं।
पूरा ढकें।
आकार और माप दोनों समान।
अभिगृहीत 7.1।
दो भुजाओं के बीच का कोण।
शामिल भुजा।
प्रमेय 7.1।
AAA काफी नहीं।
भुजा भी चाहिए।
प्रमेय 7.2।
∠B = ∠C।
(180 − 80) / 2।
50°।
तीन भुजाएँ।
प्रमेय 7.4।
कर्ण समकोण के सामने।
समकोण त्रिभुज।
प्रमेय 7.6।
∠A।
3 + 4 = 7।
त्रिभुज नहीं।
A↔P, B↔Q।
PQ।
अभ्यास 7.5।
लंब समद्विभाजक।
असमिका।
तीसरी से बड़ा।
गलत — CPCT संगत भागों की बराबरी है, सर्वांगसमता के बाद।
सही।
सही — इसलिए एक भुजा के साथ सर्वांगसमता बनती है।
गलत — 7.3 विलोम है। बराबर कोणों से भुजाएँ बराबर होती हैं।
गलत — समकोण कर्ण और भुजा के बीच शामिल कोण नहीं माना जाता। नाम RHS है।
सही — प्रमेय 7.7।
गलत — 5 + 6 = 11 > 7, और बाकी जाँच भी सच हैं।
सही।
B↔E, C↔F।
EF।
180 − 110।
70।
100 का आधा।
50।
RHS 7.5 है।
7.4।
SSS 7.4 है।
7.5।
सबसे लंबी भुजा।
7।
जोड़।
7।
समान दूरी।
5।
SAS 7.1 अभिगृहीत, ASA प्रमेय 7.1, SSS प्रमेय 7.4, RHS प्रमेय 7.5।
7.2 समद्विबाहु कोण, 7.7 विलोम भुजा, 7.8 योग, 7.6 बड़ा कोण।
अभिकथन (A): SAS में कोण दो भुजाओं के बीच होता है।
कारण (R): शामिल कोण वही है जो दोनों बराबर भुजाएँ बनाती हैं।
दोनों सही हैं और R, A की व्याख्या है।
अभिकथन (A): बराबर भुजाओं के सम्मुख कोण बराबर होते हैं।
कारण (R): दो भुजाओं का योग तीसरी से बड़ा होता है।
दोनों सही हैं, पर R समद्विबाहु कोण की व्याख्या नहीं करता।
अभिकथन (A): RHS दो समकोण त्रिभुजों का नियम है।
कारण (R): RHS में समकोण की जरूरत नहीं होती।
A सही है। R गलत है।
अभिकथन (A): 3 cm, 4 cm और 8 cm त्रिभुज बनाते हैं।
कारण (R): दो भुजाओं का योग तीसरी से बड़ा होना चाहिए।
A गलत है क्योंकि 7 > 8 नहीं। R सही है, प्रमेय 7.8।
अभिकथन (A): बड़ी भुजा के सामने बड़ा कोण होता है।
कारण (R): असमान भुजाओं में सम्मुख कोण भी असमान होते हैं और बड़ा कोण बड़ी भुजा के सामने आता है।
दोनों सही हैं और R प्रमेय 7.6 की व्याख्या है।
केवल SAS अभिगृहीत 7.1 है। ASA, SSS और RHS प्रमेय हैं।
समद्विबाहु बात 7.2 के परिवार में है। बड़ी भुजा 7.6 है। योग 7.8 है।
सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग बराबर होते हैं।
दो भुजाएँ और शामिल कोण बराबर हों तो त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं।
(180° − 40°) / 2 = 70°। दोनों आधार कोण 70° हैं।
दो समकोण त्रिभुज, जब कर्ण और एक भुजा बराबर हों।
किन्हीं दो भुजाओं का योग तीसरी भुजा से बड़ा होता है।
तीसरा कोण = 180° − 110° = 70°। BC शामिल भुजा है, इसलिए ASA, प्रमेय 7.1।
सबसे बड़ी भुजा 6 cm है, इसलिए सबसे बड़ा कोण उसके सामने है। 4 + 5 = 9 > 6, इसलिए त्रिभुज बनता है।
OB = OA = 6 cm और OC = OA = 6 cm, क्योंकि लंब समद्विभाजक पर दूरी बराबर होती है।
RHS, प्रमेय 7.5। SAS नहीं, क्योंकि 90° उस भुजा और कर्ण का शामिल कोण मानकर नहीं लिया जाता।
SAS में दो भुजाएँ और बीच का कोण। ASA में दो कोण और बीच की भुजा। AAS में दो कोण और एक संगत भुजा, तीसरा कोण 180° से बराबर होता है। तीसरा कोण = 180° − 110° = 70°।
बराबर भुजाओं के कोण बराबर। बड़ी भुजा के सामने बड़ा कोण। दो भुजाओं का योग तीसरी से बड़ा। आधार कोण = (180° − 100°) / 2 = 40°। 2 + 3 = 5, जो 6 से बड़ा नहीं, इसलिए त्रिभुज नहीं।
क्रम 7.1, 7.2, 7.3, 7.4, फिर वैकल्पिक 7.5। SSS तीन भुजाएँ माँगता है। RHS समकोण, कर्ण और एक भुजा माँगता है। 7.5 का एक बिंदु शीर्षों से समान दूरी पर है, दूसरा भुजाओं से।
यह मॉडल सेट अभ्यास के लिए है। किसी वर्ष की वार्षिक परीक्षा का प्रश्न नहीं है। स्रोत पृष्ठ मिलने पर ही वार्षिक प्रश्न जोड़े जाएँगे।
(180 − 70) / 2।
55°।
प्रमेय 7.5।
RHS।
4 + 5।
9।
सही।
सबसे बड़ी भुजा AB = 8 cm के सामने ∠C है। सबसे छोटी BC = 6 cm के सामने ∠A है। प्रमेय 7.6।
ये योग्यता-आधारित अभ्यास प्रश्न हैं। किसी CBSE प्रश्नपत्र की प्रति नहीं हैं।
प्रमेय 7.8।
7, 8 से बड़ा नहीं, इसलिए त्रिभुज नहीं।
अभ्यास 7.5 की भाषा।
लंब समद्विभाजकों का कटान तीनों शीर्षों से समान दूरी देता है।
अभिकथन (A): समद्विबाहु त्रिभुज में आधार कोण बराबर होते हैं।
कारण (R): त्रिभुज की तीनों भुजाओं का योग 180° होता है।
A सही है। R गलत है। 180° कोणों का योग है, भुजाओं का नहीं।
गलत — कोण मेल खाएँ तो आकार मिलता है, माप के लिए एक भुजा चाहिए।
(180° − 96°) / 2 = 42°। दोनों आधार कोण 42° हैं। नाप चित्र समझाती है। कारण प्रमेय 7.2 और कोण योग 180° है।
RHS, प्रमेय 7.5। कर्ण 15 m समकोण के सामने है और भुजा 9 m बराबर है। SAS नहीं लिखना।
ऊपर «BSEB | CBSE» से बोर्ड बदलो। पाठ वही NCERT है।
इस पेज पर वार्षिक परीक्षा का सत्यापित प्रश्न नहीं है, क्योंकि स्रोत पृष्ठ नहीं जोड़ा गया। नीचे मॉडल सेट बोर्ड के पैटर्न पर अभ्यास के लिए है।
सत्यापित लेबल तभी लगेगा जब प्रश्न का स्रोत पृष्ठ उपलब्ध हो।
ये केस और अभिकथन-कारण अभ्यास हैं। इन्हें CBSE का पुराना प्रश्न मत समझो।
गलत प्रश्न जल्दी लौटते हैं, सही वाले कुछ दिन बाद।
आपने क्या सीखा
| क्या | याद रखने लायक |
|---|---|
| SAS | Axiom 7.1, included angle |
| ASA | Theorem 7.1 |
| SSS | Theorem 7.4 |
| RHS | Theorem 7.5 |
| समद्विबाहु | Theorems 7.2 and 7.3 |
| असमिका | side sum greater |
नोट्स मूल लेखन हैं। पाठ्यपुस्तक केवल क्रम और क्रियाकलाप-संख्या के लिए संदर्भ है। «सत्यापित» केवल स्रोत पृष्ठ वाले प्रश्न पर लिखा जाएगा।