कक्षा 10 · विज्ञान · अध्याय 9 · बिहार बोर्ड (BSEB)CBSE · NCERT 2026-27

प्रकाश—परावर्तन तथा अपवर्तन

Light — Reflection and Refraction

इस पेज को ऐसे पढ़ो:
1. पढ़ो — क्रियाकलाप 9.1 से 9.13 · चम्मच, दर्पण, सिक्का, सिल्ली और लेंस, चित्र, हल उदाहरण, बोर्ड टिप
2. जाँचो — हर पाठ के अपने प्रश्न; संख्या पाठ के हिसाब से
3. महारत ★ — उस पाठ के सब सही। गलत वाले «दोबारा करो»
4. चिह्न-परिपाटी वाला चित्र देखो — वस्तु बाईं ओर है, और दूरियाँ ध्रुव या प्रकाशिक केन्द्र से नापी जाती हैं।

NCERT 2026-27 में यह अध्याय 9 है। बिहार की पुरानी 16-अध्याय वाली किताब में यही पाठ अध्याय 10 है। प्रगति इसी ब्राउज़र में सेव रहती है।

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  • 1 चम्मच के दो पृष्ठ — क्रियाकलाप 9.1
  • 2 अवतल दर्पण की फोकस दूरी — क्रियाकलाप 9.2
  • 3 वक्रता केन्द्र और मोमबत्ती — क्रियाकलाप 9.3
  • 4 किरण आरेख और दर्पण सूत्र — क्रियाकलाप 9.4
  • 5 उत्तल दर्पण — क्रियाकलाप 9.5
  • 6 समतल दर्पण — क्रियाकलाप 9.6
  • 7 सिक्का और आभासी गहराई — क्रियाकलाप 9.7, 9.8
  • 8 काँच की सिल्ली और स्नेल — क्रियाकलाप 9.9, 9.10
  • 9 उत्तल लेंस, प्रतिबिंब और लेंस सूत्र — क्रियाकलाप 9.11, 9.12
  • 10 अवतल लेंस — क्रियाकलाप 9.13
  • अध्याय-विजेता — सभी पाठ महारत ★

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1

चम्मच के दो पृष्ठ — क्रियाकलाप 9.1

Two faces of a spoon — Activity 9.1 · NCERT 9.1 · क्रियाकलाप 9.1

नया
चम्मच के दो पृष्ठवस्तुपरावर्तित किरण
अवतल दर्पण किरणों को समेटता है। ध्रुव, फोकस और वक्रता-केन्द्र एक रेखा पर हैं।
प्रकाश सीधी रेखा में चलता दिखता हैनोट्स

अँधेरे कमरे में वस्तु नहीं दिखती। प्रकाश पड़े तो वस्तु उसे लौटाती है और वही प्रकाश आँख में पहुँचकर वस्तु दिखाता है। पारदर्शी माध्यम से प्रकाश आर-पार निकल जाता है।

इस अध्याय में हम किरण को सीधी रेखा मानकर चलेंगे। परावर्तन के दो नियम हर चमकदार सतह पर लागू होते हैं, गोलीय सतह पर भी। आपतन कोण = परावर्तन कोण। आपतित किरण, अभिलंब और परावर्तित किरण एक ही तल में होते हैं।

समतल दर्पण का प्रतिबिंब सदा आभासी और सीधा होता है, वस्तु जितना बड़ा, और उतना ही पीछे जितना वस्तु आगे है। साथ में वह पार्श्व-उलटा होता है।

क्रियाकलाप 9.1 — चमकदार चम्मचक्रियाकलाप

बड़ी चमकदार चम्मच लो। पहले अंदर धँसी सतह में अपना चेहरा देखो। पास रखने पर प्रतिबिंब सीधा और बड़ा दिखता है। चम्मच को धीरे दूर ले जाओ। एक दूरी के बाद चेहरा उलटा और छोटा पड़ने लगता है।

अब चम्मच उलटा करो, बाहर उभरी सतह में देखो। प्रतिबिंब सदा सीधा और छोटा रहता है। अंदर की सतह अवतल दर्पण जैसी है, बाहर की उत्तल जैसी। गोलीय दर्पण किसी गोले के पृष्ठ का भाग होता है। चित्र में दर्पण की पीछे की ओर छायांकित रहती है — वही ओर नहीं चमकती।

हल किया हुआ उदाहरणउदाहरण

प्रश्न: चम्मच की कौन-सी सतह दाढ़ी बनाने वाले दर्पण जैसी है, और क्यों?

उत्तर: अंदर धँसी सतह। पास लाने पर वह सीधा और बड़ा प्रतिबिंब देती है, जैसे अवतल दर्पण तब देता है जब चेहरा ध्रुव और फोकस के बीच हो।

10-सेकंड रिवीजन
  • अंदर धँसा पृष्ठ = अवतल; बाहर उभरा = उत्तल
  • पास अवतल: सीधा बड़ा; दूर ले जाने पर उलटा छोटा हो सकता है
  • उत्तल सतह सदा सीधा और छोटा प्रतिबिंब देती है
बोर्ड टिप · BSEBबोर्ड टिप

वस्तुनिष्ठ में चम्मच की सतह का नाम लिखो — केवल «चमकदार» अधूरा है।

बोर्ड टिप · CBSEबोर्ड टिप

CBSE नियम पूछता है तो दोनों लिखो: कोण बराबर, और तीनों एक तल में। एक नियम आधा अंक छोड़ देता है।

समझ जाँचोसब सही = महारत ★
1
चम्मच की बाहर उभरी सतह किस दर्पण जैसी है?
जाँच
2
परावर्तन के नियम केवल समतल दर्पण पर लागू होते हैं।
जाँच
3
आपतन कोण, परावर्तन कोण के ______ होता है।
जाँच
4
क्रियाकलाप 9.1 में चम्मच दूर ले जाने पर अंदर की सतह का प्रतिबिंब कैसे बदलता है?
जाँच2 अंक
अगला पाठ →
2

अवतल दर्पण की फोकस दूरी — क्रियाकलाप 9.2

Focal length of a concave mirror — Activity 9.2 · NCERT 9.2 · क्रियाकलाप 9.2 · सावधानी

नया
अवतल दर्पण की फोकस दूरीवस्तुपरावर्तित किरण
अवतल दर्पण किरणों को समेटता है। ध्रुव, फोकस और वक्रता-केन्द्र एक रेखा पर हैं।
सूर्य की ओर मत देखोसावधानी

सावधानी: सूर्य को सीधे मत देखो, और सूर्य का प्रकाश लौटा रहे दर्पण में भी मत देखो। आँख खराब हो सकती है। कागज पर बना चमकीला धब्बा ही देखो।

क्रियाकलाप 9.2 — कागज पर तीखा धब्बाक्रियाकलाप

अवतल दर्पण को हाथ में लो और उसका चमकदार पृष्ठ सूर्य की ओर करो। परावर्तित प्रकाश को दर्पण के पास रखे कागज पर डालो। कागज को आगे-पीछे खिसकाओ जब तक एक तीखा चमकीला बिंदु न बने।

उसी स्थिति पर कुछ मिनट रखो। कागज पहले धुआँ देता है और फिर जल सकता है। सूर्य की किरणें उस बिंदु पर सिमटती हैं। यही बिंदु दर्पण का फोकस है, और यह सूर्य का छोटा वास्तविक प्रतिबिंब है। दर्पण से इस बिंदु तक की दूरी फोकस दूरी का लगभग मान है।

ध्रुव, फोकस और R = 2fनोट्स

दर्पण के चमकदार पृष्ठ का मध्य बिंदु ध्रुव P है। यह दर्पण पर ही होता है। जिस गोले का यह पृष्ठ भाग है, उसका केन्द्र वक्रता केन्द्र C है। C दर्पण पर नहीं होता। अवतल में C सामने होता है, उत्तल में पीछे। PC ही वक्रता त्रिज्या R है।

P और C से जाने वाली रेखा मुख्य अक्ष है। यह ध्रुव पर दर्पण के अभिलंब होती है। मुख्य अक्ष के समांतर किरणें अवतल दर्पण से परावर्तन के बाद अक्ष पर एक बिंदु से गुजरती हैं। वह मुख्य फोकस F है। उत्तल में परावर्तित किरणें ऐसे बिंदु से आती हुई दिखती हैं। PF = f।

छोटे द्वारक के दर्पण में R = 2f। फोकस, ध्रुव और वक्रता केन्द्र के बीचों-बीच होता है। द्वारक चमकदार पृष्ठ का व्यास है।

हल किया हुआ उदाहरणउदाहरण

प्रश्न: एक गोलीय दर्पण की वक्रता त्रिज्या 20 cm है। फोकस दूरी क्या है?

सूत्र: f = R / 2

रखो: f = 20 cm / 2 = 10 cm

चिह्न बाद में लगेंगे। यदि दर्पण अवतल है तो फोकस सामने है और f = −10 cm। यदि उत्तल है तो f = +10 cm।

10-सेकंड रिवीजन
  • सूर्य या उसके प्रतिबिंब को दर्पण में मत देखो
  • कागज जलता है क्योंकि किरणें फोकस पर सिमटती हैं
  • R = 2f; फोकस P और C के मध्य में है
बोर्ड टिप · BSEBबोर्ड टिप

सावधानी वाला अंक अलग मिलता है। उत्तर में «आँख खराब हो सकती है» लिखो।

बोर्ड टिप · CBSEबोर्ड टिप

CBSE R = 20 cm पर 10 cm लिखता है। चिह्न तभी लगाओ जब प्रश्न अवतल या उत्तल कहे।

समझ जाँचोसब सही = महारत ★
1
क्रियाकलाप 9.2 में कागज क्यों जल सकता है?
जाँच
2
इस क्रियाकलाप में सूर्य का प्रतिबिंब दर्पण में आँख लगाकर देखना सुरक्षित है।
जाँच
3
वक्रता त्रिज्या 32 cm हो तो फोकस दूरी का मान ______ cm है।
जाँच
4
छोटे द्वारक के गोलीय दर्पण में फोकस कहाँ होता है?
जाँच
5
अवतल दर्पण सूर्य का प्रकाश कागज पर क्यों जलाता है? सावधानी भी लिखो।
जाँच2 अंक
अगला पाठ →
3

वक्रता केन्द्र और मोमबत्ती — क्रियाकलाप 9.3

Centre of curvature and the candle — Activity 9.3 · NCERT 9.2.1 · क्रियाकलाप 9.3 · सारणी 9.1

नया
वक्रता केन्द्र और मोमबत्तीवस्तुपरावर्तित किरण
अवतल दर्पण किरणों को समेटता है। ध्रुव, फोकस और वक्रता-केन्द्र एक रेखा पर हैं।
P, F और C एक रेखा परनोट्स

क्रियाकलाप 9.2 वाली दूरी ही लगभग f है। छोटे द्वारक में F, ध्रुव और वक्रता केन्द्र के मध्य होता है, इसलिए C की दूरी 2f है। अवतल दर्पण का प्रतिबिंब वस्तु की जगह पर निर्भर करता है — कभी वास्तविक, कभी आभासी; कभी बड़ा, कभी छोटा।

क्रियाकलाप 9.3 — मोमबत्ती को छह जगह रखोक्रियाकलाप

अवतल दर्पण का लगभग f निकालो। मेज पर एक रेखा खींचो और दर्पण का ध्रुव उसी पर रखो। फिर f के बराबर अंतर पर दो और समांतर रेखाएँ खींचो। ये P, F और C की जगह बनेंगी।

जलती मोमबत्ती पहले C से बहुत दूर रखो। पर्दा आगे-पीछे करो जब तक लौ का तीखा प्रतिबिंब न मिले। फिर मोमबत्ती को (a) C से ठीक आगे, (b) C पर, (c) F और C के बीच, (d) F पर, (e) P और F के बीच रखो।

एक स्थिति में पर्दे पर प्रतिबिंब नहीं मिलता। वह जगह P और F के बीच है। तब प्रतिबिंब दर्पण में ही देखो — आभासी, सीधा और बड़ा। F पर किरणें समांतर निकलती हैं, इसलिए सीमित दूरी पर प्रतिबिंब नहीं बनता।

वस्तुप्रतिबिंबआकारप्रकृति
अनंतF परबिंदु-समानवास्तविक, उलटा
C से दूरF और C के बीचछोटावास्तविक, उलटा
C परC परबराबरवास्तविक, उलटा
C और F के बीचC से दूरबड़ावास्तविक, उलटा
F परअनंतनहीं बनता—
P और F के बीचदर्पण के पीछेबड़ाआभासी, सीधा
हल किया हुआ उदाहरणउदाहरण

प्रश्न: दाढ़ी का दर्पण चेहरा बड़ा और सीधा दिखाता है। चेहरा कहाँ है?

उत्तर: ध्रुव और फोकस के बीच। सारणी में केवल यही एक जगह आभासी, सीधा और बड़ा प्रतिबिंब देती है। दाँत देखने वाला दंत-दर्पण भी इसी जगह काम करता है।

10-सेकंड रिवीजन
  • रेखाएँ f के अंतर पर P, F और C दिखाती हैं
  • पर्दे पर न मिलने वाला प्रतिबिंब P और F के बीच की वस्तु का है
  • C पर वस्तु हो तो प्रतिबिंब C पर, उसी आकार का, उलटा
बोर्ड टिप · BSEBबोर्ड टिप

सारणी की अंतिम पंक्ति सबसे अधिक पूछी जाती है। छह पंक्तियों में केवल वही आभासी है।

बोर्ड टिप · CBSEबोर्ड टिप

CBSE «वास्तविक का अर्थ» पूछता है। वास्तविक पर्दे पर मिलता है और उलटा होता है। आभासी केवल दर्पण में दिखता है।

समझ जाँचोसब सही = महारत ★
1
अवतल दर्पण में वस्तु P और F के बीच हो तो प्रतिबिंब होता है —
जाँच
2
वस्तु वक्रता केन्द्र पर हो तो प्रतिबिंब भी वक्रता केन्द्र पर और उसी आकार का बनता है।
जाँच
3
टॉर्च और गाड़ी की हेडलाइट में अवतल दर्पण इसलिए लगता है कि —
जाँच
4
वस्तु F पर हो तो अवतल दर्पण का प्रतिबिंब ______ पर बनता है।
जाँच
5
क्रियाकलाप 9.3 में पर्दा एक जगह खाली क्यों रह जाता है?
जाँच2 अंक
अगला पाठ →
4

किरण आरेख और दर्पण सूत्र — क्रियाकलाप 9.4

Ray diagrams and the mirror formula — Activity 9.4 · NCERT 9.2.2–9.2.4 · क्रियाकलाप 9.4 · चिह्न परिपाटी

नया
क्रियाकलाप 9.4 — सारणी की हर जगह का आरेखक्रियाकलाप

सारणी 9.1 की हर वस्तु-स्थिति का साफ़ किरण आरेख बनाओ। प्रतिबिंब पकड़ने के लिए निम्न में से कोई दो किरणें लो।

  • अक्ष के समांतर किरण परावर्तन के बाद अवतल के फोकस से गुजरती है। उत्तल में वह फोकस से आती हुई दिखती है।
  • फोकस से होकर आने वाली किरण परावर्तन के बाद अक्ष के समांतर हो जाती है।
  • वक्रता केन्द्र से होकर आने वाली किरण उसी रास्ते लौट जाती है, क्योंकि वह अभिलंब पर पड़ती है।
  • ध्रुव की ओर तिरछी किरण i = r के साथ लौटती है।

अपना आरेख पुस्तक के आरेख से मिलाओ और प्रकृति, जगह तथा आकार लिखो।

नई कार्तीय चिह्न परिपाटी और सूत्रनोट्स

ध्रुव को मूल बिंदु मानो। वस्तु हमेशा बाईं ओर रखी जाती है, ताकि प्रकाश बाएँ से पड़े। दूरियाँ ध्रुव से नापो। बाईं ओर (आपतित प्रकाश की दिशा) ऋणात्मक है, दाईं ओर धनात्मक। अक्ष के ऊपर धनात्मक, नीचे ऋणात्मक।

इसलिए u सदा ऋणात्मक है। अवतल का f ऋणात्मक, उत्तल का धनात्मक। दर्पण के सामने बना वास्तविक प्रतिबिंब ऋणात्मक v देता है। पीछे का आभासी प्रतिबिंब धनात्मक v देता है।

चिह्न परिपाटी · वस्तु बाईं ओरबाईं ओर · ऋणात्मकदाईं ओर · धनात्मकआपतित प्रकाशवस्तुu ऋणात्मकP / Oपीछे की दूरी +नाप ध्रुव (दर्पण) या प्रकाशिक केन्द्र (लेंस) से।
चित्र: बाईं दूरियाँ ऋणात्मक, दाईं धनात्मक। दर्पण में मूल ध्रुव है, लेंस में प्रकाशिक केन्द्र।
संबंधरूपयाद रखने की बात
दर्पण सूत्र1/v + 1/u = 1/fहर गोलीय दर्पण, हर जगह
आवर्धनm = −v/uऋण चिह्न = वास्तविक उलटा
ऊँचाई सेm = h′/hवस्तु की ऊँचाई धनात्मक लो
हल किया हुआ उदाहरण — एक संख्या, इकाई cmउदाहरण

प्रश्न: 4.0 cm ऊँची वस्तु अवतल दर्पण से 25 cm दूर है। फोकस दूरी 15 cm है। पर्दा कहाँ रखें? प्रतिबिंब का आकार और प्रकृति क्या है?

दिया है: h = +4.0 cm, u = −25 cm, f = −15 cm। अवतल है, इसलिए f ऋणात्मक। वस्तु बाईं ओर है, इसलिए u ऋणात्मक।

सूत्र: 1/v + 1/u = 1/f

रखो: 1/v = 1/f − 1/u = 1/(−15) − 1/(−25) = −1/15 + 1/25

= −5/75 + 3/75 = −2/75

v = −37.5 cm

आवर्धन: m = −v/u = −(−37.5 cm)/(−25 cm) = −1.5

h′ = m × h = (−1.5) × (+4.0 cm) = −6.0 cm

पर्दा दर्पण के सामने 37.5 cm पर रखो। प्रतिबिंब वास्तविक, उलटा और बड़ा है।

10-सेकंड रिवीजन
  • किसी भी दो आसान किरणों से प्रतिबिंब बनता है
  • u सदा ऋणात्मक; अवतल f ऋणात्मक; सूत्र 1/v + 1/u = 1/f
  • m = −v/u; ऊपर वाले उदाहरण में v = −37.5 cm और h′ = −6.0 cm
बोर्ड टिप · BSEBबोर्ड टिप

संख्या में तीन पंक्तियाँ अनिवार्य हैं: सूत्र, मान रखकर चरण, और इकाई cm के साथ उत्तर।

बोर्ड टिप · CBSEबोर्ड टिप

CBSE चिह्न का कारण पूछता है। «ऋणात्मक लिखा क्योंकि अवतल है» आधा है। लिखो: फोकस दर्पण के सामने है, और सामने की दूरी ऋणात्मक है।

समझ जाँचोसब सही = महारत ★
1
अवतल दर्पण पर अक्ष के समांतर किरण परावर्तन के बाद —
जाँच
2
गोलीय दर्पण में वस्तु-दूरी u धनात्मक रखी जाती है।
जाँच
3
दर्पण का आवर्धन m = ______ होता है।
जाँच
4
ऊपर वाले हल उदाहरण में पर्दा कहाँ है?
जाँच
5

अभिकथन (A): अवतल दर्पण की फोकस दूरी ऋणात्मक लिखी जाती है।

कारण (R): चिह्न परिपाटी में दर्पण के सामने की दूरी ऋणात्मक होती है और फोकस सामने होता है।

जाँच
6
वक्रता केन्द्र से होकर आने वाली किरण उसी रास्ते क्यों लौटती है?
जाँच2 अंक
अगला पाठ →
5

उत्तल दर्पण — क्रियाकलाप 9.5

Convex mirror — Activity 9.5 · NCERT सारणी 9.2 · क्रियाकलाप 9.5

नया
उत्तल दर्पणवस्तुपरावर्तित किरण
उत्तल दर्पण किरणें फैलाता है। प्रतिबिंब हमेशा सीधा और छोटा बनता है।
क्रियाकलाप 9.5 — पेंसिल और उत्तल दर्पणक्रियाकलाप

उत्तल दर्पण एक हाथ में लो और सीधी पेंसिल दूसरे हाथ में। दर्पण में प्रतिबिंब सीधा और छोटा है। पेंसिल को धीरे दूर ले जाओ। प्रतिबिंब और छोटा होता है।

वस्तु जितनी दूर जाती है, प्रतिबिंब ध्रुव से हटकर फोकस की ओर बढ़ता है। अनंत पर वस्तु हो तो प्रतिबिंब फोकस पर, बिंदु जैसा, दर्पण के पीछे, आभासी और सीधा होता है।

वस्तुप्रतिबिंबआकारप्रकृति
अनंतF पर, पीछेबिंदु-समानआभासी, सीधा
अनंत और P के बीचP और F के बीच, पीछेछोटाआभासी, सीधा
पीछे देखने का दर्पणनोट्स

उत्तल दर्पण वाहन के पार्श्व में लगता है। प्रतिबिंब सदा सीधा रहता है, भले छोटा हो। बाहर की ओर मुड़ा पृष्ठ चौड़ा क्षेत्र दिखाता है। चालक पीछे का बड़ा हिस्सा एक साथ देख लेता है। सौर भट्टी या हेडलाइट का काम यह नहीं है — वे अवतल के हैं।

हल किया हुआ उदाहरणउदाहरण

प्रश्न: पेंसिल दर्पण से दूर जा रही है। उत्तल दर्पण में प्रतिबिंब फोकस की ओर जाएगा या ध्रुव की ओर?

उत्तर: फोकस की ओर। पास की वस्तु का प्रतिबिंब ध्रुव के निकट होता है। वस्तु अनंत की ओर बढ़े तो प्रतिबिंब F की ओर बढ़ता है, पर F को पार नहीं करता।

10-सेकंड रिवीजन
  • उत्तल दर्पण सदा आभासी, सीधा और छोटा प्रतिबिंब देता है
  • वस्तु दूर जाए तो प्रतिबिंब फोकस के निकट आता है
  • पीछे का दर्पण इसलिए कि क्षेत्र चौड़ा है और प्रतिबिंब सीधा है
बोर्ड टिप · BSEBबोर्ड टिप

«सदा उलटा» उत्तल के लिए गलत विकल्प है। उलटा अवतल की अधिकांश जगहों का है।

बोर्ड टिप · CBSEबोर्ड टिप

CBSE दो कारण माँगता है: सीधा प्रतिबिंब और चौड़ा क्षेत्र। एक कारण अधूरा रहता है।

समझ जाँचोसब सही = महारत ★
1
उत्तल दर्पण में पेंसिल का प्रतिबिंब होता है —
जाँच
2
उत्तल दर्पण वाहन की हेडलाइट में समांतर पुंज बनाने के लिए लगता है।
जाँच
3
वस्तु अनंत से ध्रुव की ओर आए तो उत्तल दर्पण में प्रतिबिंब —
जाँच
4
उत्तल दर्पण को पीछे का दर्पण क्यों बनाते हैं? दो कारण लिखो।
जाँच2 अंक
अगला पाठ →
6

समतल दर्पण — क्रियाकलाप 9.6

Plane mirror — Activity 9.6 · NCERT क्रियाकलाप 9.6 · समतल दर्पण

नया
समतल दर्पणवस्तुपरावर्तित किरण
अवतल दर्पण किरणों को समेटता है। ध्रुव, फोकस और वक्रता-केन्द्र एक रेखा पर हैं।
क्रियाकलाप 9.6 — दूर का पेड़ तीन दर्पणों मेंक्रियाकलाप

दूर के पेड़ का प्रतिबिंब समतल दर्पण में देखो। क्या पूरी लंबाई दिखी? अलग-अलग आकार के समतल दर्पण आज़माओ। छोटा दर्पण पूरे ऊँचे पेड़ को एक साथ नहीं समेटता।

वही पेड़ अवतल दर्पण में देखो। पूरी लंबाई का सीधा प्रतिबिंब वहाँ भी आसान नहीं। अब उत्तल दर्पण लो। छोटा उत्तल दर्पण पूरे पेड़ को दिखा देता है, क्योंकि क्षेत्र चौड़ा है और प्रतिबिंब छोटा बनता है। आगरा के किले की दीवार पर लगा ऐसा दर्पण ताज का पूरा प्रतिबिंब दिखाता है।

समतल दर्पण के चार गुणनोट्स

प्रतिबिंब आभासी और सीधा होता है। आकार वस्तु जितना होता है, इसलिए आवर्धन m = +1। धन चिह्न कहता है कि प्रतिबिंब सीधा है। प्रतिबिंब उतना ही पीछे बनता है जितना वस्तु आगे है। वह पार्श्व-उलटा होता है — दायाँ बायाँ दिखता है।

आप कितनी भी दूर खड़े रहो, समतल दर्पण का प्रतिबिंब सीधा ही रहता है। उत्तल भी ऐसा ही करता है। अवतल केवल P और F के बीच सीधा प्रतिबिंब देता है। इसलिए «जितनी भी दूर हो, सीधा» वाले दर्पण समतल या उत्तल हैं।

हल किया हुआ उदाहरणउदाहरण

प्रश्न: समतल दर्पण का आवर्धन +1 है। इसका क्या अर्थ है?

उत्तर: प्रतिबिंब वस्तु जितना बड़ा है। धन चिह्न का अर्थ सीधा प्रतिबिंब है, उलटा नहीं। दूरी भी बराबर है: वस्तु 30 cm आगे हो तो प्रतिबिंब 30 cm पीछे।

10-सेकंड रिवीजन
  • समतल: आभासी, सीधा, समान आकार, समान दूरी, पार्श्व-उलटा
  • m = +1
  • पूरा बड़ा दृश्य छोटे उत्तल दर्पण में समाता है, छोटे समतल में नहीं
बोर्ड टिप · BSEBबोर्ड टिप

m = +1 के दोनों भाग लिखो — आकार बराबर और सीधा। केवल «बड़ा» गलत है।

बोर्ड टिप · CBSEबोर्ड टिप

CBSE विकल्प «केवल समतल» और «समतल या उत्तल» में दूसरा सही है, जब दूरी कोई भी हो।

समझ जाँचोसब सही = महारत ★
1
समतल दर्पण का आवर्धन होता है —
जाँच
2
छोटा समतल दर्पण दूर के ऊँचे पेड़ की पूरी लंबाई आसानी से दिखा देता है।
जाँच
3
आप कितनी भी दूर खड़े हों, प्रतिबिंब सीधा रहे। दर्पण हो सकता है —
जाँच
4
समतल दर्पण में दायाँ हाथ बायाँ दिखना ______ कहलाता है।
जाँच
5
क्रियाकलाप 9.6 में उत्तल दर्पण पूरा पेड़ क्यों दिखा देता है?
जाँच2 अंक
अगला पाठ →
7

सिक्का और आभासी गहराई — क्रियाकलाप 9.7, 9.8

The coin and apparent depth — Activities 9.7 and 9.8 · NCERT 9.3 · क्रियाकलाप 9.7 और 9.8

नया
सिक्का और आभासी गहराईलेंसरेटिना
लेंस प्रकाश को मोड़कर रेटिना पर चित्र बनाता है।
तिरछी किरण मुड़ती हैनोट्स

एक माध्यम में प्रकाश सीधा चलता है। तिरछा होकर दूसरे पारदर्शी माध्यम में जाए तो दिशा बदल जाती है। इसी को अपवर्तन कहते हैं। कारण यह है कि प्रकाश की चाल दोनों माध्यमों में अलग होती है।

तालाब का तल उठा हुआ लगता है। काँच की सिल्ली के नीचे अक्षर उठे लगते हैं। गिलास में आधी डूबी पेंसिल सतह पर मुड़ी लगती है। नींबू पानी में बगल से बड़ा लगता है। पानी की जगह मिट्टी का तेल लें तो मुड़ाव उतना नहीं रहता — प्रभाव माध्यम की जोड़ी पर निर्भर है।

क्रियाकलाप 9.7 — बाल्टी का सिक्काक्रियाकलाप

पानी भरी बाल्टी की तली पर सिक्का रखो। आँख को पानी के ऊपर एक ओर रखो और एक ही बार में सिक्का उठाने की कोशिश करो। प्रायः हाथ खाली रह जाता है।

सिक्का अपनी असली जगह पर नहीं दिखता। अपवर्तन के कारण वह थोड़ा ऊपर उठा लगता है। हाथ उसी आभासी जगह पर जाता है। दोबारा करो और मित्रों से भी करवाओ — अनुभव एक जैसा रहता है।

क्रियाकलाप 9.8 — कटोरी में गायब सिक्काक्रियाकलाप

छिछली बड़ी कटोरी में सिक्का रखो। धीरे पीछे हटो। जहाँ सिक्का ठीक ओझल हो जाए, रुक जाओ। मित्र से कहो कि सिक्के को हिलाए बिना कटोरी में धीरे पानी डाले।

उसी जगह से सिक्का फिर दिखने लगता है। पानी भरने पर सिक्का आभासी रूप से ऊपर उठता है, इसलिए किरण अब आँख तक पहुँचती है। यह जादू नहीं, अपवर्तन है।

हल किया हुआ उदाहरणउदाहरण

प्रश्न: खाली कटोरी में सिक्का ओझल हो चुका है। पानी डालते ही वही सिक्का फिर दिखता है। सिक्का सच में ऊपर उठा या नहीं?

उत्तर: सिक्का नहीं उठा। पानी में से आई किरण मुड़कर आँख में पहुँची, इसलिए सिक्का अपनी जगह से ऊपर दिखा। असली गहराई अधिक है, आभासी गहराई कम।

10-सेकंड रिवीजन
  • अपवर्तन = तिरछी किरण का दूसरे माध्यम में मुड़ना
  • बाल्टी में सिक्का उठा लगता है, इसलिए हाथ चूकता है
  • कटोरी में पानी सिक्के को आभासी रूप से ऊपर लाकर फिर दिखाता है
बोर्ड टिप · BSEBबोर्ड टिप

उत्तर में लिखो कि सिक्का नहीं हिला। हिली किरण।

बोर्ड टिप · CBSEबोर्ड टिप

CBSE आभासी गहराई को परावर्तन मत कहना। यहाँ माध्यम बदलने से मुड़ाव है, दर्पण नहीं।

समझ जाँचोसब सही = महारत ★
1
पानी भरी बाल्टी में सिक्का एक बार में क्यों नहीं उठता?
जाँच
2
कटोरी में पानी डालने पर सिक्का अपनी जगह छोड़कर ऊपर तैर आता है।
जाँच
3
तिरछी किरण का दूसरे माध्यम में मुड़ना ______ कहलाता है।
जाँच
4
क्रियाकलाप 9.8 में पीछे खड़े व्यक्ति को सिक्का फिर क्यों दिखता है?
जाँच2 अंक
अगला पाठ →
8

काँच की सिल्ली और स्नेल — क्रियाकलाप 9.9, 9.10

Glass slab and Snell — Activities 9.9 and 9.10 · NCERT 9.3.1–9.3.2 · क्रियाकलाप 9.9, 9.10

नया
काँच की सिल्ली और स्नेललेंसरेटिना
लेंस प्रकाश को मोड़कर रेटिना पर चित्र बनाता है।
क्रियाकलाप 9.9 — स्याही की रेखा और सिल्लीक्रियाकलाप

सफ़ेद कागज पर स्याही की मोटी सीधी रेखा खींचो। काँच की सिल्ली को ऐसे रखो कि एक किनारा रेखा से कोण बनाए। बगल से देखो। सिल्ली के नीचे की रेखा किनारों पर मुड़ी लगती है।

अब सिल्ली को रेखा के अभिलंब रखो। नीचे का भाग किनारों पर मुड़ा नहीं लगता। ऊपर से देखो तो रेखा का वही भाग उठा हुआ लगता है। लंबवत आपतन पर किरण नहीं मुड़ती; तिरछे आपतन पर मुड़ती है।

क्रियाकलाप 9.10 — चार पिनक्रियाकलाप

ड्रॉइंग बोर्ड पर कागज लगाओ। बीच में आयताकार सिल्ली रखो और पेंसिल से घेरा ABCD बनाओ। दो पिन E और F ऐसे गाड़ो कि EF किनारे AB पर तिरछी पड़े। विपरीत किनारे से E और F के प्रतिबिंब देखो और दो पिन G तथा H ऐसे गाड़ो कि चारों एक सीध में दिखें।

सिल्ली और पिन हटाओ। EF को AB तक बढ़ाओ, मिलन O। HG को CD तक बढ़ाओ, मिलन O′। O और O′ जोड़ो। निर्गत किरण आपतित किरण के समांतर है, पर पार्श्व में खिसकी हुई। हवा से काँच (विरल से सघन) में किरण अभिलंब की ओर मुड़ती है। काँच से हवा में अभिलंब से दूर मुड़ती है। दोनों फलकों पर मुड़ाव बराबर और विपरीत है।

स्नेल और अपवर्तनांकनोट्स

अपवर्तन के दो नियम हैं। आपतित किरण, अपवर्तित किरण और अभिलंब एक तल में होते हैं। दिए रंग और दी जोड़ी के लिए sin i / sin r स्थिर रहता है। यही स्नेल का नियम है। यह स्थिर मान दूसरे माध्यम का पहले के सापेक्ष अपवर्तनांक है।

n = sin i / sin r। निरपेक्ष अपवर्तनांक n = c / v, जहाँ c निर्वात में चाल है और v माध्यम में। c = 3 × 108 m/s। जल का n लगभग 1.33 है, क्राउन काँच का 1.52, हीरे का 2.42। अधिक n वाला माध्यम प्रकाशीय रूप से सघन है। यह द्रव्यमान घनत्व नहीं है — मिट्टी का तेल जल से प्रकाशीय सघन है, पर द्रव्यमान में हल्का है। प्रकाश विरल माध्यम में तेज चलता है।

माध्यमn
वायु1.0003
बर्फ1.31
जल1.33
मिट्टी का तेल1.44
क्राउन काँच1.52
हीरा2.42
हल किया हुआ उदाहरणउदाहरण

प्रश्न: वायु से काँच में प्रकाश जाता है। काँच का अपवर्तनांक 1.50 है। निर्वात में चाल 3 × 108 m/s है। काँच में चाल क्या है?

सूत्र: n = c / v, इसलिए v = c / n

रखो: v = (3 × 108 m/s) / 1.50 = 2 × 108 m/s

काँच प्रकाशीय सघन है, इसलिए चाल घटती है और तिरछी किरण अभिलंब की ओर मुड़ती है।

10-सेकंड रिवीजन
  • सिल्ली में निर्गत किरण समांतर, पर पार्श्व विस्थापित
  • विरल से सघन: अभिलंब की ओर; सघन से विरल: अभिलंब से दूर
  • n = sin i / sin r और n = c / v
बोर्ड टिप · BSEBबोर्ड टिप

पार्श्व विस्थापन और मुड़ाव अलग शब्द हैं। किरण समांतर रहकर भी खिसकती है।

बोर्ड टिप · CBSEबोर्ड टिप

CBSE जल, तेल और तारपीन में सबसे तेज चाल जल में है, क्योंकि n सबसे कम है। याद रखने की पूरी सारणी ज़रूरी नहीं।

समझ जाँचोसब सही = महारत ★
1
हवा से काँच में तिरछी किरण मुड़ती है —
जाँच
2
आयताकार सिल्ली की निर्गत किरण आपतित किरण के समांतर होती है।
जाँच
3
स्नेल के नियम में sin i / sin r को ______ कहते हैं।
जाँच
4
जल, मिट्टी का तेल और तारपीन में प्रकाश सबसे तेज चलता है —
जाँच
5
हीरे का अपवर्तनांक 2.42 है। इसका अर्थ है —
जाँच
6
क्रियाकलाप 9.10 में निर्गत किरण आपतित के समांतर क्यों रहती है?
जाँच3 अंक
अगला पाठ →
9

उत्तल लेंस, प्रतिबिंब और लेंस सूत्र — क्रियाकलाप 9.11, 9.12

Convex lens, image positions and the lens formula — Activities 9.11 and 9.12 · NCERT 9.3.3–9.3.8 · क्रियाकलाप 9.11, 9.12

नया
उत्तल लेंस, प्रतिबिंब और लेंस सूत्रलेंसरेटिना
लेंस प्रकाश को मोड़कर रेटिना पर चित्र बनाता है।
लेंस से सूर्य मत देखोसावधानी

सावधानी: इस क्रियाकलाप में या अन्यथा सूर्य को सीधे या लेंस के रास्ते मत देखो। आँख खराब हो सकती है। कागज पर बना बिंदु ही देखो।

लेंस और उसका सूत्रनोट्स

लेंस कम से कम एक गोलीय पृष्ठ से घिरा पारदर्शी पदार्थ है। उत्तल लेंस बीच में मोटा होता है और किरणें समेटता है। अवतल किनारे पर मोटा होता है और किरणें फैलाता है। दोनों वक्रता केन्द्रों से जाने वाली रेखा मुख्य अक्ष है। मध्य बिंदु प्रकाशिक केन्द्र O है। O से गई किरण बिना मुड़े निकलती है।

लेंस के दो फोकस होते हैं, F1 और F2। दूरियाँ प्रकाशिक केन्द्र से नापो, उसी चिह्न परिपाटी से। उत्तल का f धनात्मक, अवतल का ऋणात्मक।

लेंस सूत्र 1/v − 1/u = 1/f है। आवर्धन m = v/u = h′/h। दर्पण वाला ऋण चिह्न यहाँ नहीं है। वास्तविक प्रतिबिंब लेंस की दूसरी ओर बनता है, इसलिए v धनात्मक। उसी ओर का आभासी प्रतिबिंब ऋणात्मक v देता है।

क्षमता P = 1/f, f मीटर में। मात्रक डायोप्टर। +2.0 D का अर्थ उत्तल लेंस और f = +0.50 m। संपर्क के लेंसों में P = P1 + P2।

क्रियाकलाप 9.11 — कागज फिर जलता हैक्रियाकलाप

उत्तल लेंस को सूर्य की ओर करो और कागज पर तीखा चमकीला बिंदु बनाओ। कुछ देर में कागज धुआँ देता है और जल सकता है। सूर्य की समांतर किरणें लेंस के फोकस पर सिमटीं। लेंस से उस बिंदु तक की दूरी लगभग फोकस दूरी है। अवतल दर्पण वाले क्रियाकलाप 9.2 जैसी ही सावधानी है।

क्रियाकलाप 9.12 — पाँच रेखाएँ और मोमबत्तीक्रियाकलाप

लगभग f निकालो। लंबी मेज पर पाँच समांतर रेखाएँ खींचो, क्रमागत दूरी f के बराबर। लेंस बीच वाली रेखा पर रखो ताकि प्रकाशिक केन्द्र रेखा पर हो। दोनों ओर की रेखाएँ F और 2F हैं: 2F1, F1, F2, 2F2।

मोमबत्ती पहले 2F1 से बहुत दूर बाईं ओर रखो और दाईं ओर पर्दे पर तीखा प्रतिबिंब लो। फिर मोमबत्ती को 2F1 के ठीक आगे, F1 और 2F1 के बीच, F1 पर, तथा F1 और O के बीच रखो। F1 और O के बीच प्रतिबिंब पर्दे पर नहीं मिलता — वह उसी ओर, सीधा और बड़ा होता है।

वस्तुप्रतिबिंबआकारप्रकृति
अनंतF2बिंदुवास्तविक, उलटा
2F1 से दूरF2 और 2F2 के बीचछोटावास्तविक, उलटा
2F1 पर2F2 परबराबरवास्तविक, उलटा
F1 और 2F1 के बीच2F2 से दूरबड़ावास्तविक, उलटा
F1 परअनंतनहीं—
F1 और O के बीचउसी ओरबड़ाआभासी, सीधा
हल किया हुआ उदाहरण — इकाई cmउदाहरण

प्रश्न: 2.0 cm ऊँची वस्तु उत्तल लेंस से 15 cm दूर है। फोकस दूरी 10 cm है। प्रतिबिंब कहाँ है, कैसा है, और कितना ऊँचा है?

दिया है: h = +2.0 cm, u = −15 cm, f = +10 cm। उत्तल है, इसलिए f धनात्मक। वस्तु बाईं ओर है, इसलिए u ऋणात्मक।

सूत्र: 1/v − 1/u = 1/f

रखो: 1/v = 1/f + 1/u = 1/10 + 1/(−15) = 1/10 − 1/15

= 3/30 − 2/30 = 1/30

v = +30 cm

आवर्धन: m = v/u = (+30 cm)/(−15 cm) = −2

h′ = m × h = (−2) × (+2.0 cm) = −4.0 cm

प्रतिबिंब लेंस के दूसरी ओर 30 cm पर है। वह वास्तविक, उलटा और दुगुना बड़ा है।

10-सेकंड रिवीजन
  • सूर्य को लेंस से मत देखो; कागज फोकस पर जलता है
  • लेंस सूत्र 1/v − 1/u = 1/f और m = v/u
  • उदाहरण में v = +30 cm और h′ = −4.0 cm
बोर्ड टिप · BSEBबोर्ड टिप

दर्पण और लेंस के सूत्र का चिह्न अदला-बदली मत करना। लेंस में बीच में ऋण है: 1/v − 1/u।

बोर्ड टिप · CBSEबोर्ड टिप

CBSE इकाई माँगता है। दूरी cm में दो, और क्षमता पूछे तो f को मीटर में बदलकर डायोप्टर लिखो।

समझ जाँचोसब सही = महारत ★
1
उत्तल लेंस से सूर्य देखते समय सही सावधानी है —
जाँच
2
वस्तु उत्तल लेंस के 2F1 पर हो तो प्रतिबिंब 2F2 पर और उसी आकार का बनता है।
जाँच
3
लेंस सूत्र 1/v − 1/u = ______ है।
जाँच
4
हल उदाहरण में प्रतिबिंब की ऊँचाई है —
जाँच
5
1 डायोप्टर की परिभाषा लिखो। +1.5 D लेंस कैसा है और फोकस दूरी क्या है?
जाँच3 अंक
अगला पाठ →
10

अवतल लेंस — क्रियाकलाप 9.13

Concave lens — Activity 9.13 · NCERT सारणी 9.5 · क्रियाकलाप 9.13

नया
अवतल लेंसलेंसरेटिना
लेंस प्रकाश को मोड़कर रेटिना पर चित्र बनाता है।
क्रियाकलाप 9.13 — मोमबत्ती और अवतल लेंसक्रियाकलाप

अवतल लेंस को स्टैंड पर रखो। एक ओर जलती मोमबत्ती रखो। दूसरी ओर से लेंस में देखो। प्रतिबिंब को पर्दे पर लाने की कोशिश करो।

पर्दा खाली रहता है। प्रतिबिंब लेंस में ही दिखता है — आभासी, सीधा और छोटा। मोमबत्ती दूर ले जाओ तो प्रतिबिंब और छोटा होता है। बहुत दूर ले जाने पर वह बिंदु-समान होकर फोकस की ओर लगने लगता है। जगह चाहे जो हो, अवतल लेंस बड़ा या उलटा प्रतिबिंब नहीं देता।

वस्तुप्रतिबिंबआकारप्रकृति
अनंतF1 परबिंदु-समानआभासी, सीधा
अनंत और O के बीचF1 और O के बीचछोटाआभासी, सीधा
ऋणात्मक क्षमतानोट्स

अवतल लेंस किरणें फैलाता है। चिह्न परिपाटी में इसका f ऋणात्मक है, इसलिए क्षमता भी ऋणात्मक है। P = −2.0 D का अर्थ f = 1/(−2.0) = −0.50 m = −50 cm। यह अपसारी लेंस है।

आधी काली की हुई उत्तल लेंस भी पूरा प्रतिबिंब बनाती है, केवल कम चमकीला, क्योंकि बची आधी से भी हर बिंदु की किरणें आती हैं। मिट्टी अपारदर्शी है, इसलिए लेंस नहीं बनती। छोटे अक्षर पढ़ने के लिए कम फोकस दूरी का उत्तल लेंस चुनो, अवतल नहीं।

हल किया हुआ उदाहरणउदाहरण

प्रश्न: अवतल लेंस के दूसरी ओर पर्दा रखने पर मोमबत्ती का तीखा प्रतिबिंब क्यों नहीं मिलता?

उत्तर: लेंस किरणें फैलाता है। वे दूसरी ओर मिलती नहीं, उसी ओर फोकस से आती हुई लगती हैं। प्रतिबिंब आभासी है। आभासी प्रतिबिंब पर्दे पर नहीं पकड़ा जाता।

10-सेकंड रिवीजन
  • अवतल लेंस सदा आभासी, सीधा और छोटा प्रतिबिंब देता है
  • पर्दे पर प्रतिबिंब नहीं मिलता
  • P ऋणात्मक; −2.0 D का अर्थ f = −50 cm
बोर्ड टिप · BSEBबोर्ड टिप

उत्तल और अवतल लेंस की सारणी अदला-बदली मत करना। अवतल की केवल दो पंक्तियाँ हैं, दोनों आभासी।

बोर्ड टिप · CBSEबोर्ड टिप

CBSE f = −15 cm वाले दर्पण और लेंस दोनों अवतल हैं। ऋण चिह्न दोनों में सामने या अपसारी पक्ष बताता है।

समझ जाँचोसब सही = महारत ★
1
अवतल लेंस का प्रतिबिंब सदा होता है —
जाँच
2
अवतल लेंस की क्षमता धनात्मक होती है।
जाँच
3
−2.0 D लेंस की फोकस दूरी ______ m है।
जाँच
4
शब्दकोश के छोटे अक्षर पढ़ने के लिए उचित लेंस है —
जाँच
5
फोकस दूरी −15 cm वाला दर्पण और उतनी ही फोकस दूरी वाला लेंस किस प्रकार के हैं?
जाँच2 अंक
प्रश्न बैंक →

❓ पूरा प्रश्न बैंक — उत्तर व व्याख्या सहित — 66 प्रश्न

कोई भी प्रश्न «सत्यापित PYQ» नहीं है। BSEB वाला सेट मॉडल अभ्यास है। CBSE वाले प्रश्न CBSE-शैली हैं, किसी वर्ष के पेपर की प्रति नहीं।

बहुविकल्पी

0/14
एक विकल्प चुनो। गलत पर संकेत मिलेगा।
1
चम्मच की अंदर धँसी सतह पास लाने पर चेहरा दिखाती है —
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
2
R = 20 cm हो तो f का मान है —
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
3
अवतल दर्पण में आभासी और बड़ा प्रतिबिंब तब बनता है जब वस्तु हो —
NCERT-शैली · अभ्यास1 अंक
4
वाहन की हेडलाइट में दर्पण होता है —
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
5
उत्तल दर्पण पीछे देखने के लिए इसलिए अच्छा है कि —
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
6
समतल दर्पण का m = +1 बताता है कि प्रतिबिंब —
NCERT-शैली · अभ्यास1 अंक
7
जितनी भी दूर खड़े रहो, प्रतिबिंब सीधा है। दर्पण है —
NCERT-शैली · अभ्यास1 अंक
8
कटोरी में पानी डालने पर गायब सिक्का फिर दिखता है, क्योंकि —
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
9
काँच की सिल्ली से निर्गत किरण —
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
10
n = 1.50 और c = 3 × 10^8 m/s हो तो काँच में चाल है —
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
11
लेंस नहीं बन सकता —
NCERT-शैली · अभ्यास1 अंक
12
उत्तल लेंस से वस्तु जितना वास्तविक प्रतिबिंब पाने के लिए वस्तु रखो —
NCERT-शैली · अभ्यास1 अंक
13
f = −15 cm वाला दर्पण और उतनी ही f वाला लेंस हैं —
NCERT-शैली · अभ्यास1 अंक
14
शब्दकोश के छोटे अक्षरों के लिए चुनो —
NCERT-शैली · अभ्यास1 अंक
↑ प्रश्न-हब

सही / गलत

0/8
1
क्रियाकलाप 9.2 में सूर्य को दर्पण में देखना सुरक्षित है।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
2
छोटे द्वारक पर फोकस, ध्रुव और वक्रता केन्द्र के मध्य में होता है।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
3
उत्तल दर्पण वास्तविक बड़ा प्रतिबिंब पर्दे पर बना सकता है।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
4
समतल दर्पण में प्रतिबिंब उतना ही पीछे होता है जितना वस्तु आगे।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
5
अपवर्तन में सघन से विरल माध्यम में किरण अभिलंब की ओर मुड़ती है।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
6
लंबवत आपतन पर काँच की सिल्ली किरण को नहीं मोड़ती।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
7
उत्तल लेंस की फोकस दूरी ऋणात्मक होती है।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
8
अवतल लेंस हर स्थान पर सीधा और छोटा प्रतिबिंब देता है।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
↑ प्रश्न-हब

रिक्त स्थान

0/8
1
दर्पण सूत्र 1/v + 1/u = ______ है।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
2
दर्पण का आवर्धन m = ______ है।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
3
लेंस का आवर्धन m = ______ है।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
4
क्षमता का मात्रक ______ है।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
5
स्नेल का नियम लिखें तो n = sin i / ______।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
6
जल का अपवर्तनांक लगभग ______ है।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
7
+2.0 D लेंस की फोकस दूरी ______ m है।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
8
प्रकाशिक केन्द्र से जाने वाली किरण ______ नहीं मुड़ती।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
↑ प्रश्न-हब

मिलान करो

0/2
1
उपकरण को काम से मिलाओ।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)2 अंक
स्तंभ B: A. हेडलाइट का पुंज · B. पीछे देखने का दर्पण · C. छोटे अक्षर पढ़ना · D. सदा छोटा सीधा प्रतिबिंब
1. अवतल दर्पण
2. उत्तल दर्पण
3. उत्तल लेंस
4. अवतल लेंस
2
सूत्र को उसके उपयोग से मिलाओ।
NCERT-शैली · अभ्यास2 अंक
स्तंभ B: A. गोलीय दर्पण · B. दर्पण का आवर्धन · C. गोलीय लेंस · D. अपवर्तनांक
1. 1/v + 1/u = 1/f
2. m = −v/u
3. 1/v − 1/u = 1/f
4. n = c/v
↑ प्रश्न-हब

अभिकथन–कारण

0/4
पहले दोनों कथन जाँचो, फिर देखो कि कारण व्याख्या है या नहीं।
1

अभिकथन (A): उत्तल दर्पण को पीछे का दर्पण बनाया जाता है।

कारण (R): वह सीधा प्रतिबिंब और चौड़ा क्षेत्र देता है।

बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
2

अभिकथन (A): क्रियाकलाप 9.2 में कागज जल सकता है।

कारण (R): फोकस देखने के लिए सूर्य को दर्पण में आँख से देखना चाहिए।

बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
3

अभिकथन (A): सिल्ली की निर्गत किरण आपतित किरण के समांतर होती है।

कारण (R): दो समांतर फलकों पर मुड़ाव बराबर और विपरीत होता है।

NCERT-शैली · अभ्यास1 अंक
4

अभिकथन (A): अवतल लेंस पर्दे पर वास्तविक बड़ा प्रतिबिंब बना देता है।

कारण (R): अवतल लेंस किरणें फैलाता है।

बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
↑ प्रश्न-हब

समीकरण संतुलन

0/4

इस अध्याय में कोई रासायनिक समीकरण नहीं है। नीचे का ट्रे केवल गुणांक अभ्यास है, प्रकाश का परिणाम नहीं।

1
यह गुणांक अभ्यास 1 है, इस अध्याय का परिणाम नहीं। प्रकाश के इस अध्याय में कोई रासायनिक समीकरण नहीं है।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
H2 + O2 → H2O
2
यह गुणांक अभ्यास 2 है, इस अध्याय का परिणाम नहीं। प्रकाश के इस अध्याय में कोई रासायनिक समीकरण नहीं है।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
H2 + O2 → H2O
3
यह गुणांक अभ्यास 3 है, इस अध्याय का परिणाम नहीं। प्रकाश के इस अध्याय में कोई रासायनिक समीकरण नहीं है।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
H2 + O2 → H2O
4
यह गुणांक अभ्यास 4 है, इस अध्याय का परिणाम नहीं। प्रकाश के इस अध्याय में कोई रासायनिक समीकरण नहीं है।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
H2 + O2 → H2O
↑ प्रश्न-हब

वर्गीकरण

0/2
1
हर उपयोग को अवतल दर्पण, उत्तल दर्पण या समतल दर्पण में रखो।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)2 अंक
सौर भट्टी
वाहन का पार्श्व दर्पण
m = +1 वाला सामान्य दर्पण
2
हर प्रतिबिंब को वास्तविक, आभासी-बड़ा, या आभासी-छोटा में रखो।
NCERT-शैली · अभ्यास2 अंक
अवतल, वस्तु C पर
अवतल, वस्तु P और F के बीच
उत्तल, वस्तु कहीं भी सामने
↑ प्रश्न-हब

अति लघु उत्तरीय

0/5
1
गोलीय दर्पण में R और f का संबंध लिखो।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
2
दर्पण सूत्र लिखो।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
3
1 डायोप्टर किसे कहते हैं?
NCERT-शैली · अभ्यास2 अंक
4
स्नेल का नियम लिखो।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)2 अंक
5
क्रियाकलाप 9.2 की सावधानी एक वाक्य में लिखो।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)2 अंक
↑ प्रश्न-हब

लघु उत्तरीय

0/4
1
कोई वस्तु उत्तल दर्पण से 10 cm दूर है। दर्पण की फोकस दूरी 15 cm है। प्रतिबिंब की जगह और प्रकृति निकालो। इकाई cm रखो।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)3 अंक
2
अवतल लेंस की फोकस दूरी 15 cm है। प्रतिबिंब लेंस से 10 cm पर है। वस्तु कितनी दूर है? इकाई cm रखो।
NCERT-शैली · अभ्यास3 अंक
3
क्रियाकलाप 9.7 और 9.8 दोनों क्या दिखाते हैं? एक-एक वाक्य में लिखो।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)3 अंक
4
अवतल दर्पण की फोकस दूरी 15 cm है। सीधा प्रतिबिंब चाहिए। वस्तु की दूरी किस परिसर में हो? प्रतिबिंब कैसा होगा?
NCERT-शैली · अभ्यास3 अंक
↑ प्रश्न-हब

दीर्घ उत्तरीय

0/3
1
4.0 cm ऊँची वस्तु अवतल दर्पण से 25 cm दूर है और f = 15 cm। पर्दे की जगह, प्रतिबिंब की प्रकृति और ऊँचाई निकालो। हर चरण में इकाई लिखो।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)5 अंक
2
उत्तल लेंस के लिए किरण आरेख के तीन नियम लिखो और बताओ कि आधा लेंस काला कर देने पर पूरा प्रतिबिंब बनता है या नहीं।
NCERT-शैली · अभ्यास5 अंक
3
दर्पण सूत्र और लेंस सूत्र की तुलना करो। चिह्न परिपाटी की दो बातें भी लिखो।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)5 अंक
↑ प्रश्न-हब

BSEB मॉडल प्रश्न-पत्र · अभ्यास

0/6

यह मॉडल सेट अभ्यास के लिए है। यह किसी वर्ष का वार्षिक प्रश्नपत्र नहीं है।

1
दाढ़ी बनाने का दर्पण होता है —
BSEB मॉडल · अभ्यास (वार्षिक नहीं)1 अंक
2
प्रकाश की चाल जल में मिट्टी के तेल से —
BSEB मॉडल · अभ्यास (वार्षिक नहीं)1 अंक
3
R = 2f में R = 30 cm हो तो f = ______ cm।
BSEB मॉडल · अभ्यास (वार्षिक नहीं)1 अंक
4
पार्श्व विस्थापन किसे कहते हैं?
BSEB मॉडल · अभ्यास (वार्षिक नहीं)2 अंक
5
अवतल दर्पण के चार उपयोग में से दो लिखो और प्रत्येक का एक कारण दो।
BSEB मॉडल · अभ्यास (वार्षिक नहीं)3 अंक
6
चिह्न परिपाटी के नियम लिखो और बताओ कि अवतल दर्पण का f ऋणात्मक क्यों है।
BSEB मॉडल · अभ्यास (वार्षिक नहीं)5 अंक
↑ प्रश्न-हब

CBSE-शैली प्रश्न

0/6

ये योग्यता-आधारित अभ्यास प्रश्न हैं। यह कोई पिछला प्रश्नपत्र नहीं है।

1
एक छात्र कागज जलाकर फोकस नापता है और साथ ही दर्पण में सूर्य देखता है। गलती है —
CBSE-शैली · योग्यता-आधारित (PYQ नहीं)1 अंक
2
आधा काला किया उत्तल लेंस किसी वस्तु का —
CBSE-शैली · योग्यता-आधारित (PYQ नहीं)1 अंक
3

अभिकथन (A): मिट्टी से लेंस नहीं बनता।

कारण (R): लेंस के लिए पदार्थ पारदर्शी होना चाहिए।

CBSE-शैली · योग्यता-आधारित (PYQ नहीं)1 अंक
4

अभिकथन (A): हीरे का अपवर्तनांक 2.42 है।

कारण (R): हीरा प्रकाशीय रूप से वायु से सघन है।

CBSE-शैली · योग्यता-आधारित (PYQ नहीं)1 अंक
5
कोई डॉक्टर +2.0 D और +0.25 D के दो लेंस एक साथ रखता है। कुल क्षमता और कुल फोकस दूरी निकालो। लेंस उत्तल है या अवतल?
CBSE-शैली · योग्यता-आधारित (PYQ नहीं)3 अंक
6
एक बालक तालाब में सिक्का उठाता है और हाथ सिक्के से ऊपर निकल आता है। क्रियाकलाप 9.7 से कारण लिखो। क्या सिक्का सच में ऊपर था?
CBSE-शैली · योग्यता-आधारित (PYQ नहीं)3 अंक
↑ प्रश्न-हब

🏛️ बोर्ड परीक्षा कॉर्नर — बिहार बोर्ड (BSEB)— CBSE

ऊपर «BSEB | CBSE» से बोर्ड बदलो। पाठ वही NCERT है।

BSEB मॉडल · अभ्यासबोर्ड टिप

इस पेज पर वार्षिक परीक्षा का सत्यापित प्रश्न नहीं है, क्योंकि स्रोत पृष्ठ नहीं जोड़ा गया। नीचे मॉडल सेट बोर्ड के पैटर्न पर अभ्यास के लिए है।

🏛️ मॉडल प्रश्न एक पेज पर →

सत्यापित लेबल तभी लगेगा जब प्रश्न का स्रोत पृष्ठ उपलब्ध हो।

CBSE-शैली · योग्यता-आधारित

ये केस और अभिकथन-कारण अभ्यास हैं। इन्हें CBSE का पुराना प्रश्न मत समझो।

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🧠 आपने क्या सीखा + समीकरण-पत्रक

आपने क्या सीखा

क्यायाद रखने लायक
दर्पण सूत्र1/v + 1/u = 1/f
दर्पण का आवर्धनm = −v/u
फोकस और त्रिज्याR = 2f
लेंस सूत्र1/v − 1/u = 1/f
लेंस का आवर्धनm = v/u
स्नेलn = sin i / sin r

नोट्स मूल लेखन हैं। पाठ्यपुस्तक केवल क्रम और क्रियाकलाप-संख्या के लिए संदर्भ है। «सत्यापित» केवल स्रोत पृष्ठ वाले प्रश्न पर लिखा जाएगा।