क्रियाकलाप 2.1 की तालिका याद करो — क्षारक में फ़ीनॉल्फ़्थेलिन…
फ़ीनॉल्फ़्थेलिन अम्ल में रंगहीन और क्षारक में गुलाबी होता है। NaOH क्षारक है।
कक्षा 10 · विज्ञान · अध्याय 2 · बिहार बोर्ड (BSEB)CBSE · NCERT 2026-27
Acids, Bases and Salts
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3. जाँचो — हर पाठ के 3 प्रश्न; गलत पर संकेत
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5. पाठ 7 का pH याद-पट्टा रंग से ताकत याद दिलाता है।
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Acids and bases — from taste to indicators · NCERT 2.1, 2.1.1 · क्रियाकलाप 2.1, 2.2 · पाठ्य प्रश्न पृष्ठ 18
खाने का खट्टा स्वाद अम्ल (acid) के कारण और कड़वा स्वाद क्षारक (base) के कारण होता है। पर प्रयोगशाला में कोई भी रसायन चखा नहीं जाता — इसलिए हम सूचक (indicator) का उपयोग करते हैं।
लिटमस थैलोफाइटा समूह के लाइकेन पौधे से निकाला गया बैंगनी रंजक है। न अम्लीय न क्षारकीय विलयन में यह बैंगनी रहता है। हल्दी, लाल पत्तागोभी, हाइड्रेंजिया, पेटूनिया और जेरेनियम की पंखुड़ियाँ भी प्राकृतिक सूचक हैं। मेथिल ऑरेंज और फ़ीनॉल्फ़्थेलिन संश्लेषित (synthetic) सूचक हैं।
प्रयोगशाला से HCl, H2SO4, HNO3, CH3COOH, NaOH, Ca(OH)2, KOH, Mg(OH)2 और NH4OH के विलयन लो। हर विलयन की एक बूँद वॉच-ग्लास पर रखो और लाल लिटमस, नीला लिटमस, फ़ीनॉल्फ़्थेलिन तथा मेथिल ऑरेंज की एक-एक बूँद से जाँचो। प्रेक्षण तालिका 2.1 में लिखो।
| सूचक | अम्ल में | क्षारक में |
|---|---|---|
| नीला लिटमस | लाल | कोई परिवर्तन नहीं |
| लाल लिटमस | कोई परिवर्तन नहीं | नीला |
| फ़ीनॉल्फ़्थेलिन | रंगहीन | गुलाबी |
| मेथिल ऑरेंज | लाल | पीला |
(सूचक रंग इसी तरह बोर्ड में पूछे जाते हैं — तालिका रट लो।)
बारीक कटे प्याज़ को कपड़े की पट्टियों के साथ थैली में रात भर फ्रिज में रखो — पट्टियों में प्याज़ की गंध आ जाती है। एक पट्टी पर तनु HCl और दूसरी पर तनु NaOH डालो: क्षारक (NaOH) में प्याज़ की गंध गायब हो जाती है, अम्ल में बनी रहती है। वैनिला एसेंस और लौंग के तेल की गंध भी क्षारक में समाप्त हो जाती है।
जिन पदार्थों की गंध अम्लीय या क्षारकीय माध्यम में बदल जाती है, उन्हें गंधीय सूचक कहते हैं — ये दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए विशेष उपयोगी हैं।
सफ़ेद कपड़े पर लगे सब्ज़ी (हल्दी) के दाग पर क्षारकीय साबुन रगड़ने से दाग भूरा-लाल हो जाता है और पानी से धोने पर फिर पीला — हल्दी एक प्राकृतिक सूचक है।
प्रश्न: तीन परखनलियों में आसवित जल, अम्लीय विलयन और क्षारकीय विलयन हैं। केवल लाल लिटमस पत्र दिया गया है — प्रत्येक की पहचान कैसे करोगे?
उत्तर (ढाँचा):
वस्तुनिष्ठ प्रश्न में अक्सर पूछते हैं — «फ़ीनॉल्फ़्थेलिन क्षारक में कौन-सा रंग देता है?» (गुलाबी) और «लिटमस किससे प्राप्त होता है?» (लाइकेन)। चारों सूचकों की रंग-तालिका याद रखो।
CBSE में «केवल लाल लिटमस से तीन विलयन पहचानो» जैसा तर्क-आधारित प्रश्न आता है — उत्तर में क्रम और कारण दोनों लिखो।
क्रियाकलाप 2.1 की तालिका याद करो — क्षारक में फ़ीनॉल्फ़्थेलिन…
फ़ीनॉल्फ़्थेलिन अम्ल में रंगहीन और क्षारक में गुलाबी होता है। NaOH क्षारक है।
सही — लिटमस एक प्राकृतिक सूचक है जो लाइकेन से मिलता है; उदासीन विलयन में यह बैंगनी रहता है।
गंधीय सूचक की गंध क्षारकीय माध्यम में बदलती है।
प्याज़, वैनिला और लौंग का तेल गंधीय सूचक हैं — क्षारक (NaOH) में इनकी गंध गायब हो जाती है, अम्ल में बनी रहती है।
Activities 2.3 and 2.4 — how acids and bases react with metals · NCERT 2.1.2 · क्रियाकलाप 2.3, 2.4 · अभ्यास 5, 10
एक परखनली में ज़िंक के दाने लो और तनु सल्फ़्यूरिक अम्ल डालो। परखनली को स्टैंड में लगाकर निकास नली से निकलती गैस को साबुन के विलयन से गुज़ारो — गैस भरे बुलबुले बनते हैं। बुलबुलों के पास जलती मोमबत्ती ले जाओ: «पॉप» की आवाज़ के साथ गैस जलती है। यह हाइड्रोजन है।
तनु HCl, HNO3 और CH3COOH के साथ दोहराओ — प्रेक्षण लिखो। हर अम्ल धातु से लवण और हाइड्रोजन गैस बनाता है।
परखनली में ज़िंक के दाने और NaOH विलयन लो, गर्म करो। यहाँ भी हाइड्रोजन गैस बनती है और लवण सोडियम ज़िंकेट बनता है।
(Na2ZnO2 = सोडियम ज़िंकेट — इसका ऋणायन धातु और ऑक्सीजन से बना है।) सावधान: ऐसी अभिक्रियाएँ सभी धातुओं के साथ नहीं होतीं।
| शब्द-समीकरण | संतुलित समीकरण |
|---|---|
| ज़िंक + तनु सल्फ़्यूरिक अम्ल → ज़िंक सल्फ़ेट + हाइड्रोजन | Zn + H2SO4 → ZnSO4 + H2 |
| मैग्नीशियम + तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल → मैग्नीशियम क्लोराइड + हाइड्रोजन | Mg + 2HCl → MgCl2 + H2 |
| ऐलुमिनियम + तनु सल्फ़्यूरिक अम्ल → ऐलुमिनियम सल्फ़ेट + हाइड्रोजन | 2Al + 3H2SO4 → Al2(SO4)3 + 3H2 |
| लोहा + तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल → आयरन(II) क्लोराइड + हाइड्रोजन | Fe + 2HCl → FeCl2 + H2 |
प्रश्न: परखनली A और B में बराबर लंबाई के मैग्नीशियम रिबन हैं। A में HCl और B में ऐसीटिक अम्ल (CH3COOH) डाला गया — मात्रा और सांद्रता समान। किसमें बुदबुदाहट अधिक तेज़ होगी और क्यों?
उत्तर: परखनली A में। HCl प्रबल अम्ल है — जल में पूरी तरह आयनित होकर अधिक H+ देता है; ऐसीटिक अम्ल दुर्बल है — कम H+ देता है। अधिक H+ = तेज़ अभिक्रिया = तेज़ H2 की बुदबुदाहट।
BSEB में 2 अंक का प्रश्न: «अम्ल की धातु से अभिक्रिया में कौन-सी गैस निकलती है? उसकी जाँच कैसे करोगे?» — समीकरण + पॉप-टेस्ट, दोनों लिखो।
CBSE में अभ्यास 10 जैसा तुलना-प्रश्न (HCl बनाम CH₃COOH) आता है — प्रबल/दुर्बल अम्ल और H⁺ की मात्रा से कारण समझाओ।
यह गैस जलती मोमबत्ती के पास «पॉप» की आवाज़ करती है।
दाईं ओर Na के 2 परमाणु हैं — बाईं ओर NaOH के आगे क्या लगेगा?
Na: 2 = 2, O: 2 = 2, H: 2 = 2, Zn: 1 = 1 ✓ — सोडियम ज़िंकेट + हाइड्रोजन।
कौन-सा अम्ल अधिक H⁺ आयन देता है?
HCl पूरी तरह आयनित होकर अधिक H⁺ देता है, इसलिए A में H₂ तेज़ी से बनती है।
Activity 2.5 — metal carbonates and hydrogencarbonates + acid · NCERT 2.1.3 · क्रियाकलाप 2.5 · पाठ्य प्रश्न पृष्ठ 22 (प्र. 3) · अभ्यास 2
परखनली A में सोडियम कार्बोनेट (Na2CO3) और B में सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट (NaHCO3) लेकर दोनों में तनु HCl डालो — बुदबुदाहट के साथ गैस निकलती है। गैस को चूने के पानी Ca(OH)2 से गुज़ारो: यह दूधिया हो जाता है। गैस CO2 है।
दूधिया क्यों? अघुलनशील सफ़ेद कैल्सियम कार्बोनेट बनता है:
अधिक CO2 पर दूधियापन गायब — घुलनशील कैल्सियम हाइड्रोजनकार्बोनेट बनता है:
प्रश्न: धातु यौगिक A तनु HCl से अभिक्रिया करके बुदबुदाहट देता है। निकली गैस जलती मोमबत्ती को बुझा देती है। यदि बने यौगिकों में एक कैल्सियम क्लोराइड है, तो संतुलित समीकरण लिखो।
उत्तर: मोमबत्ती बुझाने वाली गैस CO2 है, और लवण CaCl2 है — इसलिए A = कैल्सियम कार्बोनेट (CaCO3, जैसे चूना-पत्थर/संगमरमर)।
«चूने के पानी को दूधिया करने वाली गैस» और «अधिक गैस प्रवाहित करने पर दूधियापन क्यों हटता है» — दोनों समीकरण 2 अंक के प्रश्न में बार-बार आते हैं।
CBSE में अभ्यास 2 जैसा «अंडे का छिलका + विलयन → दूधिया» वाला MCQ और «यौगिक A पहचानो» वाला केस-प्रश्न आता है।
CO₂ निकालने के लिए कार्बोनेट पर अम्ल चाहिए — चारों में अम्ल कौन है?
अंडे का छिलका CaCO₃ है; केवल HCl (अम्ल) इससे CO₂ निकालता है। बाकी तीनों लवण हैं। (NCERT अभ्यास 2)
बाईं ओर Na के 2 परमाणु हैं — NaCl के आगे 2 लगाओ, फिर Cl गिनो।
Na: 2 = 2, C: 1 = 1, O: 3 = 3, H: 2 = 2, Cl: 2 = 2 ✓
Neutralisation and oxides — Activities 2.6, 2.7 · NCERT 2.1.4, 2.1.5, 2.1.6 · क्रियाकलाप 2.6, 2.7 · पाठ्य प्रश्न पृष्ठ 22 (प्र. 1) · अभ्यास 3, 14
परखनली में लगभग 2 mL तनु NaOH लेकर दो बूँद फ़ीनॉल्फ़्थेलिन डालो — विलयन गुलाबी हो जाता है। अब बूँद-बूँद तनु HCl डालो — किसी बिंदु पर रंग गायब हो जाता है (अम्ल ने क्षारक का प्रभाव समाप्त कर दिया)। फिर कुछ बूँद NaOH डालो — रंग फिर गुलाबी।
अम्ल और क्षारक एक-दूसरे के प्रभाव को समाप्त कर लवण और जल बनाते हैं — इसे उदासीनीकरण अभिक्रिया कहते हैं।
बीकर में थोड़ा कॉपर(II) ऑक्साइड (काला) लेकर हिलाते हुए धीरे-धीरे तनु HCl डालो। विलयन नीला-हरा हो जाता है और ऑक्साइड घुल जाता है — कॉपर(II) क्लोराइड बनता है।
यह बिल्कुल क्षारक + अम्ल जैसा है, इसलिए धात्विक ऑक्साइड क्षारकीय होते हैं।
क्रियाकलाप 2.5 में CO2 (अधातु का ऑक्साइड) ने चूने के पानी Ca(OH)2 (क्षारक) से मिलकर लवण और जल बनाया — वही जो अम्ल करता है। इसलिए अधात्विक ऑक्साइड अम्लीय होते हैं।
प्रश्न 1: दही और खट्टे पदार्थ पीतल व ताँबे के बर्तनों में क्यों नहीं रखने चाहिए?
उत्तर: दही और खट्टे पदार्थों में अम्ल (लैक्टिक, सिट्रिक आदि) होते हैं। ये ताँबे/पीतल की धातु से अभिक्रिया कर विषैले लवण बनाते हैं, जिससे भोजन खराब और हानिकारक हो जाता है।
अभ्यास 3: 10 mL NaOH विलयन 8 mL HCl से पूरी तरह उदासीन होता है। 20 mL उसी NaOH को उदासीन करने के लिए कितना HCl चाहिए?
उत्तर: NaOH दोगुना → HCl भी दोगुना = 16 mL (विकल्प d)।
«उदासीनीकरण अभिक्रिया क्या है? दो उदाहरण दो» (अभ्यास 14) — 2 अंक का पक्का प्रश्न। परिभाषा + दो संतुलित समीकरण (NaOH + HCl; Ca(OH)₂ + H₂SO₄) लिखो।
CBSE में क्रियाकलाप 2.6 का प्रेक्षण-आधारित प्रश्न आता है: «गुलाबी रंग क्यों गायब हुआ?» — सूचक और उदासीनीकरण दोनों का ज़िक्र करो।
क्षारक दोगुना हुआ, तो अम्ल…?
उदासीनीकरण में अम्ल और क्षारक निश्चित अनुपात में मिलते हैं — NaOH दोगुना तो HCl भी दोगुना: 2 × 8 = 16 mL। (NCERT अभ्यास 3)
बनने वाला लवण CuCl₂ है — कॉपर(II) लवणों का रंग?
निम्न ऑक्साइड की प्रकृति और यह किससे अभिक्रिया करके लवण + जल बनाएगा — चुनो: CO2
CO₂ अधातु कार्बन का ऑक्साइड है।
अधात्विक ऑक्साइड अम्लीय होते हैं — CO₂ क्षारक Ca(OH)₂ से मिलकर CaCO₃ + H₂O बनाता है।
What do all acids have in common? — H⁺ ions, conduction, dry HCl · NCERT 2.2, 2.2.1 · क्रियाकलाप 2.8, 2.9 · पाठ्य प्रश्न पृष्ठ 25 (प्र. 1–3) · अभ्यास 6, 7, 8
बीकर में रबर की कॉर्क पर दो कीलें लगाकर उन्हें 6 V बैटरी, बल्ब और स्विच से जोड़ो। बीकर में बारी-बारी तनु HCl, तनु H2SO4, ग्लूकोस का विलयन और ऐल्कोहॉल डालो।
प्रेक्षण: अम्लों के विलयन में बल्ब जलता है; ग्लूकोस और ऐल्कोहॉल में नहीं जलता।
निष्कर्ष: अम्ल जल में आयन देते हैं — धनायन H+ — इसलिए धारा बहती है। ग्लूकोस और ऐल्कोहॉल में हाइड्रोजन तो है, पर वे जल में H+ नहीं देते; इसलिए वे अम्ल नहीं हैं (अभ्यास 6)।
परखनली में लगभग 1 g NaCl लेकर सांद्र H2SO4 डालो और गर्म करो — HCl गैस बनती है, जिसे निर्जल CaCl2 वाली गार्ड-ट्यूब से सुखाया जाता है। इस शुष्क गैस के पास सूखा नीला लिटमस ले जाओ — कोई परिवर्तन नहीं। गीला नीला लिटमस — लाल!
क्यों? HCl में H+ आयन केवल जल की उपस्थिति में बनते हैं। H+ अकेला नहीं रह सकता — जल के अणु से मिलकर हाइड्रोनियम आयन H3O+ बनाता है:
इसीलिए जल की अनुपस्थिति में अम्ल अम्लीय गुण नहीं दिखाते (अभ्यास 8)।
प्रश्न: आसवित जल विद्युत का चालन क्यों नहीं करता, जबकि वर्षा-जल करता है?
उत्तर: आसवित जल शुद्ध है — इसमें घुले आयन नहीं होते, इसलिए धारा नहीं बहती। वर्षा-जल में वायु की CO2 (और SO2, NO2) घुलकर कार्बोनिक अम्ल आदि बनाती है, जो H+ और अन्य आयन देते हैं — इसलिए वर्षा-जल चालक है।
«शुष्क HCl गैस सूखे लिटमस का रंग क्यों नहीं बदलती?» — BSEB लघु उत्तरीय का प्रिय प्रश्न। उत्तर में जल की ज़रूरत और H₃O⁺ ज़रूर लिखो।
CBSE में क्रियाकलाप 2.8 का चित्र-आधारित प्रश्न आता है — «किन बीकरों में बल्ब जलेगा और क्यों?» आयन बनने/न बनने से कारण दो।
क्रियाकलाप 2.8 में उनके विलयन में बल्ब क्यों नहीं जला?
अम्लीय गुण जल में H⁺(aq) बनने से आता है। ग्लूकोस/ऐल्कोहॉल आयनित नहीं होते — न आयन, न धारा, न अम्लीयता। (अभ्यास 6)
गलत — शुष्क HCl में H⁺ आयन नहीं बनते; जल (नमी) की उपस्थिति में ही H₃O⁺ बनता है और लिटमस लाल होता है।
नाम में «हाइड्रो…» है और सूत्र H₃O⁺।
H⁺ अकेला नहीं रह सकता; H⁺ + H₂O → H₃O⁺ (हाइड्रोनियम आयन)।
Bases in water, what an alkali is, and dilution — add acid to water · NCERT 2.2.1 · क्रियाकलाप 2.10 · पाठ्य प्रश्न पृष्ठ 25 (प्र. 4–6)
जल में घुलकर हाइड्रॉक्साइड आयन OH−(aq) देने वाले पदार्थ क्षारक हैं। जो क्षारक जल में घुलनशील हैं, उन्हें क्षार (alkali) कहते हैं — जैसे NaOH, KOH, NH4OH; Ca(OH)2 अल्प घुलनशील है। सभी क्षार क्षारक हैं, पर सभी क्षारक क्षार नहीं (जैसे Cu(OH)2, Fe(OH)3 अघुलनशील क्षारक हैं)। क्षार छूने में साबुन जैसे, स्वाद में कड़वे और संक्षारक होते हैं।
उदासीनीकरण आयनों में: अम्ल का H+ और क्षारक का OH− मिलकर जल बनाते हैं —
बीकर में 10 mL जल लेकर उसमें कुछ बूँद सांद्र H2SO4 डालो और धीरे-धीरे घुमाओ। बीकर का तल छुओ — गर्म! NaOH की गोलियों के साथ दोहराओ — फिर गर्म। सांद्र अम्ल या क्षारक को जल में मिलाना अत्यधिक ऊष्माक्षेपी है।
सांद्र अम्ल को तनु करते समय अम्ल को धीरे-धीरे, हिलाते हुए जल में मिलाओ। यदि जल को सांद्र अम्ल में डालोगे तो इतनी ऊष्मा निकलेगी कि मिश्रण उबलकर छलक सकता है, जलन हो सकती है और काँच का बर्तन भी टूट सकता है (स्थानीय अति-तापन)।
तनुकरण का असर: जल मिलाने से प्रति इकाई आयतन H3O+ (या OH−) आयनों की सांद्रता घटती है — विलयन तनु हो जाता है। NaOH विलयन में और NaOH घोलने पर OH− की सांद्रता बढ़ती है।
प्र. 4: अम्ल को तनु करते समय अम्ल को जल में क्यों मिलाना चाहिए, जल को अम्ल में नहीं? — उत्तर: प्रक्रिया अत्यधिक ऊष्माक्षेपी है; जल को अम्ल में डालने पर ऊष्मा से मिश्रण छलक सकता है और जलन/बर्तन टूटने का खतरा है। अम्ल को जल में धीरे-धीरे डालने से ऊष्मा अधिक जल में फैल जाती है।
प्र. 5: अम्ल को तनु करने पर H3O+ की सांद्रता पर क्या प्रभाव? — घटती है (प्रति इकाई आयतन आयन कम)।
प्र. 6: NaOH के विलयन में अधिक क्षारक घोलने पर OH− की सांद्रता? — बढ़ती है।
«अम्ल को जल में क्यों मिलाते हैं?» 2 अंक में लगभग हर साल पूछा जाता है — ऊष्माक्षेपी शब्द और छलकना/जलना दोनों लिखो।
CBSE में अभिकथन–कारण: «A: सभी क्षार क्षारक हैं। R: सभी क्षारक जल में घुलनशील हैं।» — A सही, R गलत।
प्रक्रिया ऊष्माक्षेपी है — ऊष्मा को कहाँ फैलाना सुरक्षित है?
अम्ल को जल में धीरे-धीरे मिलाने से निकली ऊष्मा बड़ी मात्रा के जल में फैल जाती है; उल्टा करने पर मिश्रण छलक सकता है।
गलत — केवल जल में घुलनशील क्षारक (NaOH, KOH…) क्षार हैं। Cu(OH)₂ जैसे अघुलनशील क्षारक क्षार नहीं हैं। सही कथन: सभी क्षार क्षारक हैं।
तनुकरण में आयनों की संख्या वही रहती है पर आयतन बढ़ता है — प्रति इकाई आयतन सांद्रता घटती है (शून्य नहीं होती)।
The pH scale — Activity 2.11 · NCERT 2.3 · क्रियाकलाप 2.11
pH बताता है कि विलयन में H⁺ (हाइड्रोनियम) आयन कितने हैं। पैमाना 0 से 14 तक चलता है।
एक इकाई pH घटने का मतलब H⁺ की सांद्रता लगभग दस गुना बढ़ना है। इसलिए pH 2 वाला विलयन pH 3 वाले से ज़्यादा प्रबल अम्ल है।
सार्वत्रिक सूचक (universal indicator) या pH पत्र से कुछ रोज़मर्रा के विलयन जाँचो और स्वभाव लिखो। रंग केवल मोटा संकेत है।
| पदार्थ | लगभग pH | स्वभाव |
|---|---|---|
| तनु HCl | 1 | प्रबल अम्ल |
| नींबू का रस | 2–3 | अम्ल |
| सिरका | 3 | अम्ल |
| दूध | 6 | दुर्बल अम्ल |
| शुद्ध जल | 7 | उदासीन |
| बेकिंग सोडा का विलयन | 8–9 | दुर्बल क्षारक |
| चूने का पानी | 10–11 | क्षारक |
| तनु NaOH | 13–14 | प्रबल क्षारक |
प्रश्न: दो विलयनों का pH 1 और 5 है। कौन-सा अधिक अम्लीय है, और क्यों?
उत्तर: pH 1 वाला विलयन अधिक अम्लीय है, क्योंकि pH घटने पर H⁺ आयनों की सांद्रता बढ़ती है। pH 1 और pH 5 के बीच 4 इकाई का अंतर है, इसलिए H⁺ की सांद्रता लगभग 10⁴ = 10,000 गुना अधिक है।
वस्तुनिष्ठ में «pH 2 और pH 4 में कौन प्रबल?» पूछते हैं — हमेशा कम pH चुनो। पैमाना 0–14 भी याद रखो।
केस में तालिका देकर पूछते हैं कि कौन-सा विलयन दाँत या धातु के लिए नुकसानदेह है। pH को H⁺ की मात्रा से जोड़कर एक वाक्य में कारण लिखो।
pH जितना कम, H⁺ उतने अधिक।
pH 2 सबसे छोटा है, इसलिए उसमें H⁺ सबसे अधिक हैं। pH 8 क्षारकीय है।
सही — pH 7 उदासीन होता है। 7 से कम अम्ल और 7 से अधिक क्षारक।
पैमाने का ऊपरी सिरा।
प्रबल क्षारक (जैसे तनु NaOH) का pH 13–14 के निकट होता है।
pH in daily life and soil — Activity 2.12 · NCERT 2.3 · क्रियाकलाप 2.12
परखनली में लगभग 2 g मिट्टी और 5 mL जल लो, हिलाओ, छानो। निस्यंद का pH सार्वत्रिक सूचक पत्र से पढ़ो। अधिकांश फ़सलें लगभग उदासीन से हल्की अम्लीय मिट्टी (लगभग 6–7) में अच्छी बढ़ती हैं। बहुत अम्लीय मिट्टी में चूना (CaO या Ca(OH)₂) मिलाकर pH बढ़ाते हैं।
प्रश्न: अधिक भोजन के बाद जलन होती है। नींबू, सिरका या बेकिंग सोडा — किसे चुनोगे?
उत्तर: जलन अतिरिक्त अम्ल से होती है। नींबू और सिरका स्वयं अम्ल हैं, वे जलन बढ़ाएँगे। बेकिंग सोडा क्षीण क्षारक है — यह अम्ल को उदासीन करके लवण और जल बनाता है, इसलिए वही उपाय ठीक है।
2 अंक में «दाँत खराब क्यों?» का उत्तर: मिठाई → मुँह में अम्ल → pH 5.5 से कम → इनेमल का क्षय। बचाव का एक उपाय भी लिखो।
मधुमक्खी और ततैया के डंक का अंतर केस में आता है। अम्ल वाले डंक पर क्षारक, क्षारक वाले डंक पर दुर्बल अम्ल — जोड़ी उल्टी मत लिखना।
उदासीन से थोड़ा नीचे वाली सीमा।
मुँह का pH 5.5 से कम होने पर इनेमल का कैल्शियम फ़ॉस्फ़ेट क्षय होता है।
गलत — मिल्क ऑफ़ मैग्नीशिया Mg(OH)₂ एक क्षारक (ऐन्टैसिड) है। यह अतिरिक्त अम्ल को उदासीन करता है।
मधुमक्खी मेथैनॉइक अम्ल छोड़ती है।
अम्लीय डंक को क्षीण क्षारक (बेकिंग सोडा) उदासीन करता है। सिरका ततैया के क्षारकीय डंक के लिए है।
Families of salts and the pH of their solutions — Activities 2.13 and 2.14 · NCERT 2.4 · क्रियाकलाप 2.13, 2.14
अम्ल और क्षारक की उदासीनीकरण अभिक्रिया में लवण और जल बनते हैं। एक ही अम्ल से बने लवण एक परिवार में रखे जाते हैं, क्योंकि उनका ऋणायन समान होता है।
| परिवार | जनक अम्ल | उदाहरण |
|---|---|---|
| क्लोराइड | HCl | NaCl, KCl, CaCl₂ |
| सल्फ़ेट | H₂SO₄ | Na₂SO₄, CuSO₄, CaSO₄ |
| नाइट्रेट | HNO₃ | NaNO₃, KNO₃ |
| कार्बोनेट | H₂CO₃ | Na₂CO₃, CaCO₃ |
| सोडियम लवण | विभिन्न अम्ल | NaCl, Na₂SO₄, Na₂CO₃, NaHCO₃ |
पोटैशियम सल्फ़ेट K₂SO₄, सोडियम सल्फ़ेट Na₂SO₄, कैल्शियम सल्फ़ेट CaSO₄, मैग्नीशियम सल्फ़ेट MgSO₄, कॉपर सल्फ़ेट CuSO₄, सोडियम क्लोराइड NaCl, सोडियम नाइट्रेट NaNO₃, सोडियम कार्बोनेट Na₂CO₃ और अमोनियम क्लोराइड NH₄Cl। आवेश संतुलित रखो: SO₄²⁻ के साथ Na⁺ दो चाहिए, Ca²⁺ एक।
आसवित जल में लवण घोलो, लिटमस और pH पत्र से जाँचो। नियम सरल है:
उत्तर: Na₂CO₃ प्रबल क्षारक NaOH और दुर्बल अम्ल कार्बोनिक अम्ल से बना है। जल में कार्बोनेट आयन जल से अभिक्रिया कर OH⁻ देता है, इसलिए विलयन का pH 7 से अधिक होता है और लाल लिटमस नीला हो जाता है।
मिलान प्रश्न में लवण ↔ pH स्वभाव बहुत आता है। तीन जोड़ी रट लो: NaCl उदासीन, धावन सोडा क्षारकीय, NH₄Cl अम्लीय।
कारण पूछें तो केवल «pH 8 है» मत लिखो। लिखो कि यह प्रबल क्षारक और दुर्बल अम्ल से बना है, इसलिए विलयन क्षारकीय है।
HCl और NaOH दोनों प्रबल हैं, इसलिए NaCl का विलयन उदासीन (pH ≈ 7) रहता है।
प्रबल अम्ल + दुर्बल क्षारक।
NH₄Cl प्रबल अम्ल HCl और दुर्बल क्षारक NH₄OH से बनता है, इसलिए विलयन अम्लीय है। Na₂CO₃ और CH₃COONa क्षारकीय हैं।
हर लवण के विलयन का स्वभाव चुनो।
जनक अम्ल और क्षारक में जो प्रबल हो, विलयन उसी तरफ़ झुकता है।
Na₂CO₃ क्षारकीय, KNO₃ (प्रबल + प्रबल) उदासीन, CuSO₄ (प्रबल अम्ल + दुर्बल क्षारक) अम्लीय।
Common salt and the chlor-alkali process · NCERT 2.4.1, 2.4.2
हमारा भोजन वाला नमक सोडियम क्लोराइड (NaCl) है — समुद्र के जल और सेंधा नमक दोनों से मिलता है। इसके जलीय विलयन (ब्राइन) का विद्युत-अपघटन क्लोर-क्षार प्रक्रिया कहलाता है, क्योंकि उत्पाद क्लोरीन और क्षार (NaOH) हैं।
क्लोरीन ऐनोड (धन ध्रुव) पर और हाइड्रोजन कैथोड (ऋण ध्रुव) पर निकलती है। NaOH ऐनोड पर नहीं बनता — वह विलयन में बचता है।
प्रश्न: ब्राइन के विद्युत-अपघटन में एक गैस नम लाल लिटमस को पहले सफ़ेद करती है। वह कौन-सी है?
उत्तर: क्लोरीन। वह ऐनोड पर निकलती है, विरंजक है, इसलिए रंगीन लिटमस को उड़ा देती है। दूसरी गैस H₂ है — वह पॉप ध्वनि से जलती है, लिटमस नहीं बिगाड़ती।
समीकरण में जल लिखना मत भूलना — बिना जल के NaOH नहीं बनता। गुणांक 2, 2, 2, 1, 1 हैं।
उत्पाद और उपयोग की तालिका केस-आधारित प्रश्न में दी जाती है। गैस को इलेक्ट्रोड से जोड़ो, केवल नाम मत लिखो।
Cl₂ के लिए NaCl दो चाहिए, और जल भी दो।
Cl₂ ऐनोड पर और H₂ कैथोड पर निकलती है। NaOH विलयन में रहता है।
सही — धन आयन कैथोड की ओर जाते हैं; जल के अपचयन से H₂ बनती है।
Bleaching powder · NCERT 2.4.3
शुष्क बुझा चूना Ca(OH)₂ पर क्लोरीन गैस प्रवाहित करने से विरंजक चूर्ण बनता है। परीक्षा में सूत्र CaOCl₂ लिखा जाता है। परमाणु-संतुलित रूप यह है:
Ca(OCl)₂ ही सक्रिय भाग है — यही क्लोरीन छोड़कर विरंजन और कीटाणुनाश करता है। CaOCl₂ उसी मिश्रण का संक्षिप्त सूत्र है।
इसे हवा में खुला मत छोड़ो — CO₂ और नमी से यह धीरे-धीरे क्लोरीन खो देता है।
प्रश्न (2 अंक): विरंजक चूर्ण का सूत्र और पीने के जल में इसका एक उपयोग लिखो।
उत्तर: सूत्र CaOCl₂ (या Ca(OCl)₂)। यह जल में क्लोरीन छोड़ता है, जो कीटाणुओं को मारती है — इसलिए पेयजल को संक्रमित होने से बचाती है।
«CaOCl₂ किसका सूत्र है?» वस्तुनिष्ठ में सीधा आता है। बुझा चूना Ca(OH)₂ है, बिना बुझा चूना CaO — दोनों मत मिलाओ।
उपयोग लिखते समय उद्योग का नाम (कपड़ा / पेयजल) जोड़ो, केवल «सफ़ाई» मत लिखो।
शुष्क बुझे चूने पर क्लोरीन प्रवाहित करने से विरंजक चूर्ण बनता है।
सही — यह क्लोरीन छोड़कर कीटाणुओं को मारता है।
बोर्ड उत्तर में CaOCl₂ लिखो। संतुलित समीकरण में सक्रिय भाग Ca(OCl)₂ है।
Baking soda — NaHCO₃ · NCERT 2.4.4
बेकिंग सोडा का सूत्र NaHCO₃ है। यह क्षीण क्षारकीय लवण है। सोडा-ऐश प्रक्रिया में यह इस अभिक्रिया से बनता है:
गर्म करने पर यह वियोजित होता है — यही केक और डबलरोटी को फुलाता है, क्योंकि CO₂ के बुलबुले आटे में फँस जाते हैं।
उत्तर: अकेले NaHCO₃ को फूलने के लिए ओवन की गर्मी चाहिए। बेकिंग पाउडर में टार्टरिक अम्ल जैसा एक ठोस अम्ल भी मिला होता है। पानी पड़ते ही अम्ल और NaHCO₃ की अभिक्रिया कमरे के ताप पर ही CO₂ दे देती है, इसलिए आटा बिना जोर की गर्मी के भी फूलता है। बचा हुआ अम्ल अंत में सोडियम कार्बोनेट को उदासीन कर देता है, वरना केक कड़वा लगता।
NaHCO₃ और Na₂CO₃·10H₂O का अंतर हर साल पूछा जाता है। बेकिंग सोडा गर्म करने पर CO₂ देता है; धावन सोडा का मुख्य काम सफ़ाई और काँच है।
केक फूलने का कारण «हवा» मत लिखो। कारण CO₂ गैस है, और समीकरण 2NaHCO₃ → Na₂CO₃ + H₂O + CO₂ लिखो।
बाईं ओर सोडियम दो करने के लिए NaHCO₃ को दुगुना करो।
NaHCO₃ के वियोजन से CO₂ निकलती है और आटे में बुलबुले बनाती है।
सही — यह क्षीण क्षारक है और अतिरिक्त जठर अम्ल को उदासीन करता है।
Washing soda — Na₂CO₃·10H₂O · NCERT 2.4.5
बेकिंग सोडा को गर्म करने से सोडियम कार्बोनेट मिलता है। उसे जल में घोलकर पुनः क्रिस्टलीकृत करने पर क्रिस्टलन-जल के दस अणु जुड़ते हैं — यही धावन सोडा है।
यह क्षारकीय लवण है। उपयोग:
उत्तर: Na₂CO₃·10H₂O में बिंदु के बाद का 10H₂O क्रिस्टलन-जल है। ये जल के अणु क्रिस्टल जालक का हिस्सा हैं, अलग से खड़े पानी की तरह नहीं। गर्म करने पर यही जल भाप बनकर निकलता है और क्रिस्टल अपना रूप खो देता है।
सूत्र में ·10H₂O लिखना अनिवार्य है। केवल Na₂CO₃ लिखोगे तो वह सोडा ऐश है, धावन सोडा नहीं।
कठोर जल वाला उपयोग कारण सहित लिखो: Ca²⁺/Mg²⁺ अघुलनशील कार्बोनेट बन जाते हैं।
धावन सोडा सोडियम कार्बोनेट का दशहाइड्रेट है — Na₂CO₃·10H₂O।
काँच, साबुन और कागज़ — तीनों स्वीकृत उत्तर हैं।
गलत — Na₂CO₃ प्रबल क्षारक और दुर्बल अम्ल से बना है, इसलिए विलयन क्षारकीय होता है।
Water of crystallisation and plaster of Paris — Activity 2.15 · NCERT 2.4.6, 2.4.7 · क्रियाकलाप 2.15
सूखी क्वथन नली में नीले कॉपर सल्फ़ेट के कुछ क्रिस्टल गर्म करो। रंग नीले से सफ़ेद हो जाता है और नली के ठंडे मुँह पर जल की बूँदें जमती हैं। ये बूँदें क्रिस्टल के अंदर के जल से आई हैं। ठंडे सफ़ेद चूर्ण पर 2–3 बूँद जल डालो — नीला रंग लौट आता है।
क्रिस्टल जालक में निश्चित अनुपात में बँधे जल को क्रिस्टलन-जल कहते हैं। CuSO₄·5H₂O में पाँच अणु हैं, इसलिए इसे कॉपर सल्फ़ेट पेंटाहाइड्रेट कहते हैं।
जिप्सम CaSO₄·2H₂O को 373 K (100 °C) पर सावधानी से गर्म करने पर उसका तीन-चौथाई क्रिस्टलन-जल निकल जाता है। बचा हुआ पदार्थ प्लास्टर ऑफ़ पेरिस है — CaSO₄·½H₂O। परमाणु-संतुलित रूप:
जल मिलाने पर यह फिर जिप्सम की कठोर मात्रा बन जाता है — इसी से साँचा, पट्टी और खिलौने जमते हैं। जमते समय आयतन थोड़ा बढ़ता है, इसलिए साँचे की बारीक लकीरें भर जाती हैं।
सावधानी: POP को नमी से दूर, वायुरोधी डिब्बे में रखो। अधिक गर्म करने पर वह मृत-जला जिप्सम बन जाता है और फिर ठीक से जमता नहीं।
उत्तर: गर्मी ने CuSO₄·5H₂O से क्रिस्टलन-जल हटाकर सफ़ेद CuSO₄ बना दिया। बूँद डालने पर वही पाँच अणु वापस जालक में जुड़ते हैं और नीला पेंटाहाइड्रेट फिर बन जाता है। रंग का लौटना साबित करता है कि जल क्रिस्टल का हिस्सा था, कोई अलग अशुद्धि नहीं।
ताप 373 K लिखो। ½H₂O या (CaSO₄)₂·H₂O दोनों चलते हैं — आधा अणु प्रति सूत्र इकाई।
क्रियाकलाप 2.15 को प्रेक्षण के क्रम में लिखो: नीला → गर्म → सफ़ेद + बूँदें → जल → फिर नीला। क्रम टूटने पर अंक कटते हैं।
क्रिस्टलन-जल निकलने से CuSO₄·5H₂O सफ़ेद निर्जल CuSO₄ बन जाता है।
सही — CaSO₄·2H₂O को 373 K पर गर्म करने से CaSO₄·½H₂O बनता है।
पाँच जल के अणु दाईं ओर अलग लिखो।
Board revision — the whole chapter at a glance · अध्याय 2 · समीकरण-पत्रक
| नाम | सूत्र | एक पहचान |
|---|---|---|
| बेकिंग सोडा | NaHCO₃ | गर्म → CO₂ |
| धावन सोडा | Na₂CO₃·10H₂O | काँच, साबुन |
| विरंजक चूर्ण | CaOCl₂ | Cl₂ + Ca(OH)₂ |
| जिप्सम | CaSO₄·2H₂O | POP का कच्चा माल |
| प्लास्टर ऑफ़ पेरिस | CaSO₄·½H₂O | 373 K, जल से जमता है |
| नीला थोथा | CuSO₄·5H₂O | गर्म → सफ़ेद |
प्रश्न: एक सफ़ेद चूर्ण गर्म करने पर CO₂ देता है और बचा ठोस जल से क्रिस्टलीकृत होकर धावन सोडा बनता है। मूल चूर्ण क्या था?
उत्तर: बेकिंग सोडा, NaHCO₃। गर्म करने पर 2NaHCO₃ → Na₂CO₃ + H₂O + CO₂। बचा Na₂CO₃ दस जल लेकर Na₂CO₃·10H₂O बन जाता है।
दीर्घ उत्तर में पहले सामान्य समीकरण, फिर एक संतुलित उदाहरण, फिर परीक्षण (पॉप या चूने का पानी)। तीनों भाग लिखोगे तो पूरे अंक मिलते हैं।
अभिकथन-कारण में pH और लवण का स्वभाव साथ आते हैं। कारण तभी सही व्याख्या है जब वह अभिकथन की वजह बताए, केवल सच हो यह काफ़ी नहीं।
CaOCl₂ विरंजक चूर्ण है। बेकिंग सोडा NaHCO₃, धावन सोडा Na₂CO₃·10H₂O और जिप्सम CaSO₄·2H₂O है।
अम्ल + धातु → लवण + हाइड्रोजन। पॉप ध्वनि से पहचान होती है।
सही — जैसे CuO + 2HCl → CuCl₂ + H₂O। यह क्षारक जैसा व्यवहार है।
प्रकार चुनो। हर पाठ के अंत के 45 जाँच-प्रश्न अलग हैं — सब सही होने पर महारत ★ मिलती है।
कोई भी प्रश्न «सत्यापित PYQ» नहीं है। BSEB वाला सेट मॉडल अभ्यास है। CBSE वाले प्रश्न CBSE-शैली हैं, किसी वर्ष के पेपर की प्रति नहीं।
सूचक-तालिका देखो।
फ़ीनॉल्फ़्थेलिन अम्ल में रंगहीन और क्षारक में गुलाबी होता है।
अम्ल में लाल, क्षारक में पीला।
मेथिल ऑरेंज अम्लीय माध्यम में लाल हो जाता है।
थैलोफाइटा का एक पौधा।
लिटमस लाइकेन से निकला बैंगनी रंजक है।
गंधीय सूचक क्षारक में बदलते हैं।
NaOH क्षारक है — प्याज़, वैनिला और लौंग की गंध इसमें समाप्त हो जाती है।
पॉप ध्वनि वाली गैस।
अम्ल + धातु → लवण + हाइड्रोजन।
कार्बोनेट और अम्ल की गैस।
CO₂ चूने के पानी Ca(OH)₂ से CaCO₃ का सफ़ेद अवक्षेप बनाती है।
कॉपर(II) क्लोराइड का रंग।
CuO + 2HCl → CuCl₂ + H₂O। CuCl₂ नीला-हरा होता है।
चालकता आयनों से आती है।
ग्लूकोस और ऐल्कोहॉल H⁺ नहीं देते, इसलिए धारा नहीं बहती।
अम्लीय गुण आयन से आता है।
बिना जल HCl, H⁺ नहीं दे पाता, इसलिए सूखा लिटमस नहीं बदलता।
क्रियाकलाप 2.10 ऊष्माक्षेपी है।
अम्ल को जल में धीरे डालो और हिलाओ। उलटा करने पर जल उबलकर छिटक सकता है।
कम pH = अधिक H⁺।
pH 1 पर H⁺ सबसे अधिक हैं।
उदासीन से थोड़ा कम।
pH 5.5 से नीचे इनेमल का कैल्शियम फ़ॉस्फ़ेट क्षय होता है।
अतिरिक्त जठर अम्ल को उदासीन करना है।
Mg(OH)₂ जैसा क्षारक अतिरिक्त अम्ल से लवण और जल बनाता है।
प्रबल क्षारक + दुर्बल अम्ल।
सोडियम कार्बोनेट का विलयन क्षारकीय होता है, pH 7 से अधिक।
क्लोरीन धन ध्रुव पर।
ऐनोड पर Cl₂, कैथोड पर H₂, और विलयन में NaOH।
चूना और क्लोरीन का उत्पाद।
विरंजक चूर्ण CaOCl₂ है। CaO बिना बुझा चूना है।
बेकिंग सोडा के गर्म वियोजन की गैस।
2NaHCO₃ → Na₂CO₃ + H₂O + CO₂।
दस क्रिस्टलन-जल।
धावन सोडा सोडियम कार्बोनेट डिकाहाइड्रेट है।
क्रिस्टलन-जल निकल जाता है।
रंग सफ़ेद हो जाता है और नली पर जल की बूँदें जमती हैं।
100 °C के पास, सावधानी से।
जिप्सम को 373 K पर गर्म करने से CaSO₄·½H₂O बनता है।
गलत — क्षार केवल वे क्षारक हैं जो जल में घुलते हैं। CuO क्षारक है पर क्षार नहीं।
सही — ग्लूकोस में हाइड्रोजन है फिर भी वह अम्ल नहीं है।
सही — CaCO₃ घुलनशील Ca(HCO₃)₂ में बदल जाता है।
गलत — अम्ल को धीरे-धीरे जल में डालो। अभिक्रिया ऊष्माक्षेपी है।
सही — प्रबल अम्ल और प्रबल क्षारक से बना लवण।
गलत — यह प्रबल अम्ल और दुर्बल क्षारक से बना है, इसलिए अम्लीय है।
सही — इसलिए बेकिंग सोडा जैसा क्षारक आराम देता है।
गलत — नमी और CO₂ से यह क्लोरीन खो देता है।
सही — इसी से पट्टी और साँचा जमते हैं।
गलत — क्षारक OH⁻ देता है। स्वाद की जाँच प्रयोगशाला में कभी नहीं की जाती।
निकलने वाली गैस हाइड्रोजन है।
उदासीनीकरण में लवण और जल बनते हैं।
हाइड्रोजन आयन अकेला नहीं रहता; वह H₃O⁺ बनता है।
हर क्षारक क्षार नहीं होता।
7 उदासीन बिंदु है।
सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट।
सूत्र Na₂CO₃·10H₂O है।
दो अणु क्रिस्टलन-जल।
पेंटाहाइड्रेट — पाँच जल।
कभी जल को अम्ल में मत डालो।
NaHCO₃ बेकिंग सोडा, Na₂CO₃·10H₂O धावन सोडा, CaOCl₂ विरंजक चूर्ण, CaSO₄·½H₂O प्लास्टर ऑफ़ पेरिस।
फ़ीनॉल्फ़्थेलिन गुलाबी, मेथिल ऑरेंज अम्ल में लाल, नीला लिटमस अम्ल में लाल, लाल लिटमस क्षारक में नीला। मेथिल ऑरेंज और नीला लिटमस दोनों अम्ल में लाल हैं — दोनों का उत्तर «लाल» है।
NaCl उदासीन। Na₂CO₃ और CH₃COONa क्षारकीय। NH₄Cl अम्लीय।
अभिकथन (A): Zn और तनु HCl की अभिक्रिया में हाइड्रोजन निकलती है।
कारण (R): अम्ल धातु से अभिक्रिया कर लवण और हाइड्रोजन गैस देता है।
A और R दोनों सही हैं और R, A की वजह बताता है।
अभिकथन (A): ग्लूकोस का विलयन नीले लिटमस को लाल नहीं करता।
कारण (R): ग्लूकोस में हाइड्रोजन होती है।
दोनों सही हैं, पर हाइड्रोजन का होना अम्ल होने की व्याख्या नहीं है — आयन बनने चाहिए।
अभिकथन (A): शुष्क HCl गैस सूखे नीले लिटमस का रंग नहीं बदलती।
कारण (R): शुष्क HCl में पहले से ही मुक्त H⁺ आयन होते हैं।
A सही है, R गलत। H⁺ जल की उपस्थिति में बनता है।
अभिकथन (A): pH 2 वाला विलयन pH 5 वाले से अधिक अम्लीय है।
कारण (R): कम pH का अर्थ अधिक H⁺ सांद्रता है।
A और R दोनों सही हैं और R सही व्याख्या है।
अभिकथन (A): सभी क्षारक जल में घुलकर क्षार बनाते हैं।
कारण (R): क्षार वे क्षारक हैं जो जल में घुलनशील हों।
A गलत है — CuO नहीं घुलता। R सही परिभाषा है।
अभिकथन (A): बेकिंग सोडा को गर्म करने पर केक फूलता है।
कारण (R): गर्म करने पर NaHCO₃ कार्बन डाइऑक्साइड देता है।
A और R दोनों सही हैं और CO₂ ही फूलने का कारण है।
हर अभिक्रिया को पहचानो।
पहली अम्ल-धातु, दूसरी उदासीनीकरण, तीसरी कार्बोनेट।
गैस की पहचान करो।
पॉप हाइड्रोजन, दूधियापन कार्बन डाइऑक्साइड, विरंजन क्लोरीन।
ऑक्साइड की प्रकृति चुनो।
धातु ऑक्साइड प्रायः क्षारकीय, अधातु ऑक्साइड प्रायः अम्लीय। जल उदासीन है।
pH देखकर स्वभाव चुनो।
7 से कम अम्ल, 7 उदासीन, 7 से अधिक क्षारक।
जल में घुलने वाले क्षारक को क्षार कहते हैं।
जलती तीली ले जाने पर गैस पॉप ध्वनि से जलती है।
क्रिस्टल जालक में निश्चित अनुपात में बँधा जल क्रिस्टलन-जल है। उदाहरण: CuSO₄·5H₂O।
अघुलनशील CaCO₃ और अधिक CO₂ मिलकर घुलनशील कैल्शियम हाइड्रोजनकार्बोनेट बनाते हैं।
जो लाल लिटमस को नीला करे वह क्षारक है। उस नीले पत्र को शेष में डालो — जो उसे फिर लाल करे वह अम्ल है। जिसमें बदलाव न हो वह जल है।
खट्टे पदार्थ अम्लीय होते हैं। वे ताँबे या पीतल की धातु से अभिक्रिया कर विषैले लवण बना सकते हैं।
अम्ल खट्टा होता है, नीला लिटमस लाल करता है और जल में H⁺ देता है। क्षारक कड़वा और साबुन-सा होता है, लाल लिटमस नीला करता है और जल में OH⁻ देता है।
मुँह का pH 5.5 से कम होने पर दाँत का इनेमल क्षय होता है। आमाशय में अधिक अम्ल हो तो Mg(OH)₂ जैसा ऐन्टैसिड उसे उदासीन करता है।
Cl₂ पेयजल के कीटाणुनाश में, H₂ वनस्पति तेल के हाइड्रोजनीकरण में, और NaOH साबुन बनाने में काम आता है।
बेकिंग सोडा NaHCO₃ है, गर्म करने पर CO₂ देता है और केक फुलाता है। धावन सोडा Na₂CO₃·10H₂O है, काँच-साबुन में काम आता है और कठोर जल साफ़ करता है।
परखनली में ठोस NaCl और सांद्र सल्फ़्यूरिक अम्ल से शुष्क HCl गैस बनाओ। सूखा नीला लिटमस नहीं बदलता, नम नीला लिटमस लाल हो जाता है। अतः H⁺ केवल जल की उपस्थिति में बनता है: HCl + H₂O → H₃O⁺ + Cl⁻।
जिप्सम CaSO₄·2H₂O को 373 K पर गर्म करने से प्लास्टर ऑफ़ पेरिस CaSO₄·½H₂O बनता है। जल मिलाने पर यह फिर जिप्सम की कठोर मात्रा बनकर जम जाता है। उपयोग: टूटी हड्डी की पट्टी और सजावटी साँचे।
ब्राइन में अमोनिया और कार्बन डाइऑक्साइड प्रवाहित करने से बेकिंग सोडा बनता है: NaCl + H₂O + CO₂ + NH₃ → NaHCO₃ + NH₄Cl। गर्म करने पर 2NaHCO₃ → Na₂CO₃ + H₂O + CO₂। Na₂CO₃ को पुनः क्रिस्टलीकृत करने पर धावन सोडा बनता है: Na₂CO₃ + 10H₂O → Na₂CO₃·10H₂O।
यह मॉडल सेट अभ्यास के लिए है। किसी वर्ष की वार्षिक परीक्षा का प्रश्न नहीं है, इसलिए इस पर «सत्यापित» नहीं लिखा गया। स्रोत पृष्ठ मिलने पर ही वार्षिक प्रश्न जोड़े जाएँगे।
जल में घुलने वाला क्षारक।
NaOH जल में घुलता है, इसलिए क्षार है। CuO क्षारक है पर क्षार नहीं।
जिप्सम से आधा जल कम।
जिप्सम CaSO₄·2H₂O है और POP CaSO₄·½H₂O।
सामान्य वर्षा भी हल्की अम्लीय होती है; 5.6 से नीचे अम्ल वर्षा कहते हैं।
Ca(OH)₂ पर Cl₂ प्रवाहित करने से CaOCl₂ बनता है। उपयोग: कपड़े का विरंजन या पेयजल का कीटाणुनाश।
pH 0 से 14 तक H⁺ की मात्रा बताता है। 7 से कम अम्ल (नींबू, pH लगभग 2), 7 उदासीन (शुद्ध जल), 7 से अधिक क्षारक (NaOH, pH लगभग 14)। मुँह का pH 5.5 से नीचे जाने पर इनेमल क्षय होता है।
ये योग्यता-आधारित अभ्यास प्रश्न हैं। किसी CBSE प्रश्नपत्र की प्रति नहीं हैं।
इनेमल अम्ल से क्षय होता है।
सबसे कम pH सबसे अधिक H⁺ देता है। A (pH 2) इनेमल के लिए सबसे हानिकारक है।
प्रबल अम्ल अधिक H⁺ देता है।
HCl प्रबल अम्ल है और ऐसीटिक अम्ल (सिरका) दुर्बल। A में अभिक्रिया तेज़ होती है।
अभिकथन (A): मिट्टी बहुत अम्लीय हो तो किसान चूना मिलाता है।
कारण (R): चूना क्षारकीय ऑक्साइड है और अम्ल को उदासीन करता है।
A और R दोनों सही हैं और R सही कारण है।
अभिकथन (A): बेकिंग पाउडर में एक ठोस अम्ल भी मिलाया जाता है।
कारण (R): अम्ल बेकिंग सोडा को और क्षारकीय बना देता है।
A सही है। R गलत — अम्ल NaHCO₃ से CO₂ बनवाता है और बचे कार्बोनेट को उदासीन करता है।
A बेकिंग सोडा (NaHCO₃) है और B धावन सोडा है। 2NaHCO₃ → Na₂CO₃ + H₂O + CO₂।
यह अम्ल वर्षा है। यह संगमरमर की मूर्ति (CaCO₃) को धीरे-धीरे घोलती है और नदी का pH गिराकर मछलियों व जलीय जीवन को नुकसान करती है।
ऊपर «BSEB | CBSE» से बोर्ड बदलो। पाठ वही NCERT है।
इस पेज पर वार्षिक परीक्षा का सत्यापित प्रश्न नहीं है, क्योंकि स्रोत पृष्ठ नहीं जोड़ा गया। नीचे मॉडल सेट बोर्ड के पैटर्न पर अभ्यास के लिए है।
सत्यापित लेबल तभी लगेगा जब प्रश्न का स्रोत पृष्ठ उपलब्ध हो।
ये केस और अभिकथन-कारण अभ्यास हैं। इन्हें CBSE का पुराना प्रश्न मत समझो।
गलत प्रश्न जल्दी लौटते हैं, सही वाले कुछ दिन बाद।
आपने क्या सीखा
| क्या | संतुलित समीकरण |
|---|---|
| अम्ल + धातु | Zn + H₂SO₄ → ZnSO₄ + H₂ |
| क्षारक + धातु | 2NaOH + Zn → Na₂ZnO₂ + H₂ |
| अम्ल + कार्बोनेट | Na₂CO₃ + 2HCl → 2NaCl + H₂O + CO₂ |
| उदासीनीकरण | NaOH + HCl → NaCl + H₂O |
| क्षारकीय ऑक्साइड | CuO + 2HCl → CuCl₂ + H₂O |
| क्लोर-क्षार | 2NaCl + 2H₂O → 2NaOH + Cl₂ + H₂ |
| बेकिंग सोडा, ऊष्मा | 2NaHCO₃ → Na₂CO₃ + H₂O + CO₂ |
| नीला थोथा, ऊष्मा | CuSO₄·5H₂O → CuSO₄ + 5H₂O |
नोट्स मूल लेखन हैं। पाठ्यपुस्तक केवल क्रम और क्रियाकलाप-संख्या के लिए संदर्भ है। «सत्यापित» केवल स्रोत पृष्ठ वाले प्रश्न पर लिखा जाएगा।