सम्मुख/कर्ण।
BC/AC = 15/17।
कक्षा 10 · गणित · अध्याय 8 · बिहार बोर्ड (BSEB)CBSE · NCERT 2026-27
Introduction to Trigonometry
इस पेज को ऐसे पढ़ो:
1. पढ़ो — sin cos tan · व्युत्क्रम · 0° से 90° · sin²+cos²=1 · sec²−tan²=1, चित्र, हल उदाहरण, बोर्ड टिप
2. जाँचो — हर पाठ के अपने प्रश्न; संख्या पाठ के हिसाब से
3. महारत ★ — उस पाठ के सब सही। गलत वाले «दोबारा करो»
4. याद रखने वाला चित्र समकोण त्रिभुज में सम्मुख, आसन्न और कर्ण दिखाकर sin A = सम्मुख/कर्ण लिखता है।
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sin, cos and tan · NCERT 8.2 · प्रश्नावली 8.1 · सम्मुख और कर्ण
त्रिभुज समकोण पर हो। कोण A न्यून हो। sin A = सम्मुख/कर्ण, cos A = आसन्न/कर्ण, tan A = सम्मुख/आसन्न।
कर्ण सबसे लंबी भुजा है और समकोण के सामने होती है। समकोण वाले शीर्ष के लिए ये अनुपात नहीं बनाते। प्रश्नावली 8.1 पहले इन्हीं तीनों को भुजाओं से निकलवाती है। tan = sin/cos भी है, जब cos शून्य न हो।
भुजाएँ 8 cm, 15 cm और 17 cm हों और समकोण B पर हो। A के सम्मुख BC = 15 cm है, आसन्न AB = 8 cm है, कर्ण AC = 17 cm है। 8² + 15² = 64 + 225 = 289 = 17²। जाँच बिना अनुपात मत लिखो।
प्रश्न: समकोण B पर है। AB = 8 cm, BC = 15 cm, AC = 17 cm। sin A, cos A और tan A निकालो।
सूत्र: sin A = BC/AC, cos A = AB/AC, tan A = BC/AB।
प्रतिस्थापन: sin A = 15/17, cos A = 8/17, tan A = 15/8।
उत्तर: sin A = 15/17, cos A = 8/17, tan A = 15/8। इकाई अनुपात में नहीं रहती। जाँच: (8/17)² + (15/17)² = (64+225)/289 = 1।
BSEB में भुजा cm में और अनुपात भिन्न में लिखो। दोनों को एक इकाई मत दो।
CBSE में समकोण वाले अक्षर को कोण A मत बना देना। चित्र का अक्षर ही रखो।
सम्मुख/कर्ण।
BC/AC = 15/17।
सही — आसन्न/कर्ण = AB/AC।
सम्मुख/आसन्न।
15/8।
C के सम्मुख AB = 8 cm और आसन्न BC = 15 cm है। sin C = 8/17, cos C = 15/17।
Reciprocals, and the rest from one ratio · प्रश्नावली 8.1 · cosec, sec, cot · sin ≤ 1
cosec A = 1/sin A, sec A = 1/cos A, cot A = 1/tan A। न्यून कोण में सब धनात्मक हैं।
sin A = 3/5 हो तो सम्मुख 3, कर्ण 5, आसन्न √(25−9) = 4। फिर cos = 4/5 और tan = 3/4। sin या cos कभी 1 से बड़ा नहीं। sin θ = 4/3 असंभव है। sec = 13/5 संभव है, क्योंकि sec कम से कम 1 होता है। cos, cosecant का नाम नहीं। प्रश्नावली 8.1 का सही-गलत हिस्सा यही सावधानियाँ हैं।
cot A = 8/15 हो तो आसन्न 8 और सम्मुख 15। कर्ण √(64+225) = √289 = 17। sin A = 15/17 और sec A = 17/8। अगर कोई कहे कि कर्ण 8 है, तो त्रिभुज बन ही नहीं सकता।
प्रश्न: sin A = 3/5 और A न्यून है। cos A और tan A निकालो।
सूत्र: cos²A = 1 − sin²A, और tan A = sin A / cos A।
प्रतिस्थापन: cos²A = 1 − 9/25 = 16/25। cos A = 4/5, क्योंकि न्यून कोण पर cos धनात्मक है। tan A = (3/5)/(4/5) = 3/4।
उत्तर: cos A = 4/5, tan A = 3/4। जाँच: सम्मुख 3, आसन्न 4, कर्ण 5।
BSEB में 3-4-5 वाला त्रिभुज एक पंक्ति में दिखाओ, फिर अनुपात।
CBSE में sin = 4/3 को “बड़ा मान” कहकर छोड़ना काफी नहीं। लिखो कि यह असंभव है।
आसन्न 4, कर्ण 5।
4/5।
गलत — sin 1 से बड़ा नहीं होता।
व्युत्क्रम।
5/3।
8² + 15²।
√289 = 17।
गलत — cos cosine है। cosecant का नाम cosec है।
कर्ण 13, आसन्न 5। सम्मुख √(169−25) = √144 = 12। sin A = 12/13।
Values at 0°, 30°, 45°, 60°, 90° · NCERT 8.3 · प्रश्नावली 8.2 की सारणी
sin की पंक्ति 0, 1/2, 1/√2, √3/2, 1 है। cos की पंक्ति उलटी है। tan = sin/cos।
45° वाले समद्विबाहु समकोण में दोनों भुजाएँ a हों तो कर्ण a√2, इसलिए sin 45° = cos 45° = 1/√2 और tan 45° = 1। 30° और 60° समबाहु त्रिभुज को आधा काटने से आते हैं। tan 90° और sec 90° नहीं बने। cot 0° और cosec 0° नहीं बने। प्रश्नावली 8.2 इसी सारणी को पढ़ती है।
कोण 0, 30, 45, 60, 90 के नीचे sin लिखो। फिर वही पाँच मान दाएँ से बाएँ cos की पंक्ति बन जाते हैं। tan 30° = (1/2)/(√3/2) = 1/√3। tan 60° = (√3/2)/(1/2) = √3। सारणी में sin 30° और cos 60° दोनों 1/2 हैं। यह जोड़ का नियम नहीं है।
| कोण | sin | cos | tan |
|---|---|---|---|
| 0° | 0 | 1 | 0 |
| 30° | 1/2 | √3/2 | 1/√3 |
| 45° | 1/√2 | 1/√2 | 1 |
| 60° | √3/2 | 1/2 | √3 |
| 90° | 1 | 0 | नहीं |
प्रश्न: sin 30° और tan 45° के मान लिखो। cos 60° भी।
सूत्र: सारणी — sin 30° = 1/2, tan 45° = 1, cos 60° = 1/2।
प्रतिस्थापन: कोई भुजा नहीं दी। मान सीधे सारणी के हैं।
उत्तर: 1/2, 1 और 1/2। sin 30° = cos 60°।
BSEB में 1/√2 को √2/2 भी लिख सकते हो, पर एक ही रूप पूरे उत्तर में रखो।
CBSE में tan 90° को 0 या अनंत की संख्या मत लिखो। लिखो कि परिभाषित नहीं।
सारणी का दूसरा कोण।
1/2।
सही — सम्मुख और आसन्न बराबर हैं।
sin 30° के बराबर।
1/2।
cos 90° = 0।
tan = sin/cos, और हर शून्य है।
45°-45°-90° त्रिभुज में सम्मुख और आसन्न दोनों a हैं और कर्ण a√2 है। इसलिए दोनों अनुपात 1/√2 हैं।
Adding and subtracting the values · प्रश्नावली 8.2 · sin(A+B) ≠ sin A + sin B
0° से 90° तक sin बढ़ता है और cos घटता है। sin(A + B) = sin A + sin B नहीं होता।
sin 60° cos 30° + sin 30° cos 60° = 1, जो sin 90° है। पर sin 60° + sin 30° = √3/2 + 1/2, जो 1 नहीं। sin θ = cos θ केवल 45° पर, हर कोण पर नहीं। cot 0° नहीं बना। प्रश्नावली 8.2 का सही-गलत हिस्सा यही है।
2 tan² 45° + cos² 30° − sin² 60°। tan 45° = 1, इसलिए पहला पद 2। cos 30° = √3/2, वर्ग 3/4। sin 60° = √3/2, वर्ग 3/4। 2 + 3/4 − 3/4 = 2। वर्ग को कोण पर मत लगा देना।
प्रश्न: sin 60° cos 30° + sin 30° cos 60° का मान निकालो।
सूत्र: sin 60° = cos 30° = √3/2, sin 30° = cos 60° = 1/2।
प्रतिस्थापन: (√3/2)(√3/2) + (1/2)(1/2) = 3/4 + 1/4 = 1।
उत्तर: 1। यह sin 90° के बराबर है। sin 60° + sin 30° इसका मान नहीं।
BSEB में हर मानक मान अलग पंक्ति में लिखो, फिर एक ही भिन्न में जोड़ो।
CBSE में “बढ़ता है” वाला वाक्य कोण की सीमा 0° से 90° के साथ लिखो।
3/4 + 1/4।
1।
गलत — 60° और 30° पर बायाँ पक्ष 1 है, दायाँ नहीं।
2 + 3/4 − 3/4।
2।
cos 0° = 1 और cos 90° = 0, इसलिए cos घटता है। sin 0° = 0 और sin 90° = 1, इसलिए sin बढ़ता है।
sin²A + cos²A = 1 · NCERT 8.4 · प्रश्नावली 8.3 · पहली पहचान
समकोण त्रिभुज में सम्मुख² + आसन्न² = कर्ण²। हर पद को कर्ण² से भाग दो। sin²A + cos²A = 1।
यह 0° से 90° तक हर कोण पर सच है, इसलिए पहचान है। एक समीकरण जो केवल एक कोण पर सही हो, पहचान नहीं। प्रश्नावली 8.3 इसी से बाकी अनुपात को cot या sec के रूप में लिखवाती है। वर्ग को कोण पर नहीं, अनुपात पर लगाते हैं: sin²A का अर्थ (sin A)² है।
sin A = 5/13 हो तो sin²A = 25/169। cos²A = 1 − 25/169 = 144/169। cos A = 12/13। tan A = 5/12। कर्ण 13, सम्मुख 5, आसन्न 12। 5-12-13 की जाँच 25 + 144 = 169।
प्रश्न: sin A = 5/13, A न्यून है। cos A निकालो।
सूत्र: cos²A = 1 − sin²A।
प्रतिस्थापन: cos²A = 1 − 25/169 = 144/169।
उत्तर: cos A = 12/13। ऋण मूल नहीं, क्योंकि A न्यून है।
BSEB में 1 − 25/169 को एक भिन्न 144/169 तक लिखो। सीधे 12/13 मत कूदो।
CBSE में sin²A को sin(A²) मत पढ़ो।
10-सेकंड रिवीजन
144/169 का मूल।
12/13।
गलत — यह 0° से 90° तक पहचान है।
1 − 25/169।
144/169।
वर्ग अनुपात पर है।
(sin A) का वर्ग।
सही — 25/169 + 144/169 = 1।
sin²A = 1 − 64/289 = 225/289। sin A = 15/17। tan A = (15/17)/(8/17) = 15/8।
The identities with sec and cosec · प्रश्नावली 8.3 · 1 + tan²A = sec²A
पाइथागोरस को आसन्न के वर्ग से भाग दो। 1 + tan²A = sec²A। सम्मुख के वर्ग से भाग दो तो 1 + cot²A = cosec²A।
इसलिए sec²A − tan²A = 1। 9 sec²A − 9 tan²A = 9। यह प्रश्नावली 8.3 का पहला विकल्प वाला प्रश्न है। कोण 90° पर tan और sec नहीं बने, और 0° पर cot और cosec नहीं बने। (sec A + tan A)(1 − sin A) = cos A, क्योंकि (1 − sin²A)/cos A = cos A।
9 sec²A − 9 tan²A = 9(sec²A − tan²A) = 9 × 1 = 9। विकल्पों में 1, 9, 8 और 0 हैं। 9 ही सही है। घटाव को अंदर किए बिना 9 बाहर निकालो।
प्रश्न: 9 sec²A − 9 tan²A का मान निकालो।
सूत्र: sec²A − tan²A = 1।
प्रतिस्थापन: 9(sec²A − tan²A) = 9 × 1।
उत्तर: 9। यह हर उस A पर है जहाँ sec और tan बने हों।
BSEB में 9 को कोष्ठक के बाहर दिखाओ। सीधे 9 लिखना अधूरा है।
CBSE में पहचान उसी कोण-सीमा में लिखो जहाँ वह बनी हो। tan 90° पर sec² − tan² मत लगाओ।
10-सेकंड रिवीजन
9(sec² − tan²)।
9।
सही — जहाँ cot और cosec बने हों।
पहचान।
1।
(1 − sin²A)/cos A।
cos²A / cos A = cos A।
sec²A = 1 + tan²A = 1 + 9/16 = 25/16। sec A = 5/4। जाँच: आसन्न 4, सम्मुख 3, कर्ण 5।
प्रकार चुनो। पाठों के 30 जाँच-प्रश्न अलग हैं — हर पाठ में जितने उसके विषय माँगते हैं। सब सही होने पर महारत ★ मिलती है।
कोई भी प्रश्न «सत्यापित PYQ» नहीं है। BSEB वाला सेट मॉडल अभ्यास है। CBSE वाले प्रश्न CBSE-शैली हैं, किसी वर्ष के पेपर की प्रति नहीं।
परिभाषा।
सम्मुख/कर्ण।
आसन्न/कर्ण।
8/17।
3-4-5।
4/5।
सारणी।
1/2।
सम्मुख = आसन्न।
1।
3/4 + 1/4।
1।
144/169।
12/13।
9 × 1।
9।
cos 90° = 0।
परिभाषित नहीं।
सम्मुख 12।
12/13।
2 + 3/4 − 3/4।
2।
1 + 9/16 = 25/16।
5/4।
सही।
गलत — sin ≤ 1।
गलत — tan 60° = √3 > 1।
सही।
गलत।
सही।
गलत — sin 0° = 0, इसलिए cot नहीं बनता।
सही, जहाँ दोनों बने हों।
आसन्न।
नीचे वाली भुजा।
5/3।
उलट दो।
1।
सारणी का आखिरी।
1/√3।
sin/cos।
sin²A।
पहली पहचान।
1।
पहचान।
1।
सबसे बायाँ cos।
1/√2।
cos 45° भी यही है।
sin सम्मुख/कर्ण, cos आसन्न/कर्ण, tan सम्मुख/आसन्न, cosec उसका उलट।
8.1 अनुपात, 8.2 मानक मान, 8.3 पहचान। 45° पर tan = 1।
अभिकथन (A): sin A = 3/5 हो तो cos A = 4/5।
कारण (R): cos²A = 1 − sin²A और न्यून कोण पर मूल धनात्मक है।
दोनों सही हैं और R कारण है।
अभिकथन (A): tan 45° = 1।
कारण (R): sin²A + cos²A = 1।
दोनों सही हैं, पर R इस मान की व्याख्या नहीं। मान सम्मुख और आसन्न के बराबर होने से आता है।
अभिकथन (A): 9 sec²A − 9 tan²A = 9।
कारण (R): sec²A − tan²A = 0।
A सही है। R गलत है, अंतर 1 है।
अभिकथन (A): sin θ = 4/3 किसी कोण पर संभव है।
कारण (R): सम्मुख भुजा कर्ण से लंबी नहीं हो सकती।
A गलत है। R सही है।
अभिकथन (A): sin 60° cos 30° + sin 30° cos 60° = 1।
कारण (R): मान √3/2 और 1/2 रखने पर 3/4 + 1/4 बचता है।
दोनों सही हैं और R गणना है।
4/3 असंभव है। 13/5 संभव है। tan 90° बना ही नहीं। sin 30° सारणी में 1/2 है।
कर्ण पहली पहचान, आसन्न sec वाली, सम्मुख cosec वाली। अंतर का 9 गुना 9 है।
sin = सम्मुख/कर्ण, cos = आसन्न/कर्ण, tan = सम्मुख/आसन्न।
1/2, 1/√2 और √3/2।
sin²A + cos²A = 1, 1 + tan²A = sec²A, 1 + cot²A = cosec²A।
cosec A = 1/sin A।
सम्मुख भुजा कर्ण से बड़ी नहीं हो सकती, इसलिए sin 1 से बड़ा नहीं होता।
कर्ण √(25+144) = √169 = 13 cm। sin A = सम्मुख/कर्ण = 12/13।
(√3/2)(1/2) + (√3/2)(1/2) = √3/4 + √3/4 = √3/2।
आसन्न 3, सम्मुख 4, कर्ण 5। sin A = 4/5।
sec²A − tan²A = 1। 1 + cot²A = cosec²A।
आसन्न 12, सम्मुख 5, कर्ण √(144+25) = 13। sin A = 5/13, cos A = 12/13, sec A = 13/12। (25+144)/169 = 1।
sec A + tan A = (1 + sin A)/cos A। गुणा (1 − sin A) से: (1 − sin²A)/cos A = cos²A / cos A = cos A।
सम्मुख √(225−81) = √144 = 12 cm। sin = 12/15 = 4/5, cos = 9/15 = 3/5, tan = 12/9 = 4/3। भुजाएँ 9, 12, 15, यानी 3-4-5 का तीन गुना।
यह मॉडल सेट अभ्यास के लिए है। किसी वर्ष की वार्षिक परीक्षा का प्रश्न नहीं है।
sin ≤ 1।
sin θ = 4/3 असंभव है।
1 + 1।
2।
√3।
sin/cos = (√3/2)/(1/2)।
आसन्न 5, सम्मुख 12, कर्ण 13। sec A = कर्ण/आसन्न = 13/5।
सम्मुख² + आसन्न² = कर्ण²। कर्ण² से भाग: sin²A + cos²A = 1। sin²A = 1 − 49/625 = 576/625। sin A = 24/25।
अभिकथन (A): 0° से 90° तक sin बढ़ता है।
कारण (R): उसी अंतराल में cos भी बढ़ता है।
A सही है, 0 से 1। R गलत है, cos 1 से 0 तक घटता है।
ये योग्यता-आधारित अभ्यास प्रश्न हैं। किसी वर्ष के प्रश्नपत्र की प्रति नहीं हैं।
मान अलग रखो।
√3/2 + 1/2। गुणन वाला रूप sin 60 cos 30 + sin 30 cos 60 ही 1 देता है।
सम्मुख 12।
sin = 12/15 = 4/5।
अभिकथन (A): 9 sec²A − 9 tan²A = 9।
कारण (R): sec²A − tan²A = 1।
दोनों सही हैं और R गुणक 9 का आधार है।
अभिकथन (A): cos A, cosecant का संक्षिप्त नाम है।
कारण (R): cosec A = 1/sin A और sec A = 1/cos A।
A गलत है। R सही है।
ऊँचाई सम्मुख है और रैंप कर्ण। sin 30° = h/4। h = 4 × 1/2 = 2 m।
सम्मुख 8, आसन्न 15, कर्ण 17। sin A = 8/17, cos A = 15/17।
ऊपर «BSEB | CBSE» से बोर्ड बदलो। पाठ वही NCERT है।
इस पेज पर वार्षिक परीक्षा का सत्यापित प्रश्न नहीं है, क्योंकि स्रोत पृष्ठ नहीं जोड़ा गया। नीचे मॉडल सेट बोर्ड के पैटर्न पर अभ्यास के लिए है।
सत्यापित लेबल तभी लगेगा जब प्रश्न का स्रोत पृष्ठ उपलब्ध हो।
ये केस और अभिकथन-कारण अभ्यास हैं। इन्हें CBSE का पुराना प्रश्न मत समझो।
गलत प्रश्न जल्दी लौटते हैं, सही वाले कुछ दिन बाद।
आपने क्या सीखा
| क्या | याद रखने लायक |
|---|---|
| sin A | opposite / hypotenuse |
| cos A | adjacent / hypotenuse |
| tan A | opposite / adjacent |
| sin 30° | 1/2 |
| tan 45° | 1 |
| पहचान | sin²A + cos²A = 1 |
नोट्स मूल लेखन हैं। पाठ्यपुस्तक केवल क्रम और क्रियाकलाप-संख्या के लिए संदर्भ है। «सत्यापित» केवल स्रोत पृष्ठ वाले प्रश्न पर लिखा जाएगा।