परिणाम शून्य है।
बल संतुलित हैं, इसलिए गुटका नहीं हिलता।
कक्षा 9 · विज्ञान · अध्याय 9 · बिहार बोर्ड (BSEB)CBSE · NCERT 2026-27
Force and Laws of Motion
इस पेज को ऐसे पढ़ो:
1. पढ़ो — 9.1 कैरम · 9.2 सिक्का · 9.3 ट्रे · 9.4 ठेले · 9.5 गुब्बारा · 9.6 कॉर्क, चित्र, हल उदाहरण, बोर्ड टिप
2. जाँचो — हर पाठ के अपने प्रश्न; संख्या पाठ के हिसाब से
3. महारत ★ — उस पाठ के सब सही। गलत वाले «दोबारा करो»
4. याद रखने वाला चित्र दो ठेलों की टक्कर दिखाता है — पहले और बाद के संवेग-तीर, जब बाहर कोई असंतुलित बल नहीं है।
बिहार की किताब में यह अध्याय 9 है। NCERT 2026-27 अन्वेषण में बल का अध्याय 6 है। प्रगति इसी ब्राउज़र में सेव रहती है।
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इस अध्याय का कोई Short अभी चैनल पर नहीं है, इसलिए दस खाली कार्ड नहीं दिखाए गए। नोट्स, चित्र और जाँच-प्रश्न पूरे हैं।
Balanced and unbalanced forces · अनुभाग 9.1 · घर्षण
धक्का, खिंचाव या चोट ही रोजमर्रा का बल है। बल किसी वस्तु को चला सकता है, रोक सकता है, दिशा बदल सकता है, या आकार बदल सकता है। स्प्रिंग खिंचती है और रबर की गेंद दबकर लंबी हो जाती है।
गुटके की दो विपरीत डोरियाँ X और Y बराबर खिंची हों तो गुटका नहीं हिलता। ऐसे बल संतुलित हैं। एक ओर का खिंचाव बड़ा हो तो गुटका बड़ी ओर चलता है। यह असंतुलित बल है।
केवल असंतुलित बल ही विराम या एकसमान गति को बदलता है। खुरदरे फर्श पर छोटा धक्का घर्षण से कट जाता है, इसलिए बक्सा नहीं सरकता। धक्का घर्षण से बड़ा होते ही बक्सा चल पड़ता है। साइकिल का पैडल छोड़ो तो घर्षण उसे धीमा करता है। घर्षण हटे तो वस्तु अपनी उस चाल से चलती रहती है जो उसे मिल चुकी है।
| स्थिति | बल | परिणाम |
|---|---|---|
| X और Y बराबर | संतुलित | गुटका नहीं हिलता |
| एक ओर बड़ा खिंचाव | असंतुलित | बड़ी ओर गति |
| धक्का = घर्षण | संतुलित | बक्सा रुका रहता है |
प्रश्न: दो बच्चे बक्से को विपरीत दिशा में 40 N और 40 N से धकेलते हैं। बक्सा क्यों नहीं चलता?
उत्तर: दोनों बल बराबर और विपरीत हैं, इसलिए परिणाम शून्य है। बल संतुलित हैं। गति की अवस्था नहीं बदलती।
उत्तर में लिखो कि संतुलित बल त्वरण नहीं देते। केवल «बल लगा» अधूरा है।
घर्षण वाला चित्र 9.4 याद रखो: छोटा धक्का संतुलित, बड़ा धक्का असंतुलित।
परिणाम शून्य है।
बल संतुलित हैं, इसलिए गुटका नहीं हिलता।
सही — तब बक्सा नहीं सरकता।
संतुलित बल यह काम नहीं करते।
असंतुलित बल।
फर्श और पहिए के बीच।
घर्षण गति के विपरीत है, इसलिए चाल घटती है।
संतुलित बलों का परिणाम शून्य होता है और गति की अवस्था नहीं बदलती। असंतुलित बल का परिणाम शून्य नहीं होता और वह चाल या दिशा बदलता है।
The first law — Activity 9.1 · अनुभाग 9.2 · क्रियाकलाप 9.1
गैलीलियो ने झुके तल पर कंचे देखे। नीचे लुढ़कते कंचे की चाल बढ़ती है, ऊपर चढ़ते घटती है। दोनों तल समतल हों और घर्षण न हो तो कंचा अपनी चाल नहीं बदलता।
वस्तु विराम या सरल रेखा की एकसमान गति में तब तक रहती है, जब तक कोई असंतुलित बल उसे बदलने को मजबूर न करे। यही प्रथम नियम है। अवस्था बदलने का विरोध जड़त्व है, इसलिए इसे जड़त्व का नियम भी कहते हैं।
बस अचानक रुके तो शरीर आगे की गति जारी रखना चाहता है, इसलिए यात्री आगे झुकता है। सीट-बेल्ट शरीर पर बल लगाकर इस आगे की गति को धीमा करती है। बस अचानक चले तो पैर फर्श के साथ आगे जाते हैं और शेष शरीर जड़त्व से पीछे रह जाता है। तीखे मोड़ पर शरीर सीधी गति जारी रखना चाहता है।
मेज पर एक जैसे कैरम सिक्कों की ढेरी बनाओ। स्ट्राइकर से नीचे के सिक्के पर तेज क्षैतिज चोट मारो। चोट काफी तेज हो तो केवल नीचे का सिक्का निकल जाता है। ऊपर के सिक्के अपने जड़त्व से सीधे नीचे मेज पर गिरते हैं। वे स्ट्राइकर के साथ क्षैतिज नहीं भागते।
प्रश्न: चलती बस के ब्रेक पर यात्री आगे क्यों गिरता है?
उत्तर: ब्रेक से बस की चाल घटती है। यात्री का शरीर जड़त्व के कारण अपनी पहले वाली गति जारी रखता है, इसलिए वह आगे की ओर झुकता है।
परिभाषा में विराम और एकसमान सरल गति दोनों लिखो। केवल विराम अधूरा है।
बस के दो केस अलग लिखो: रुकना आगे, अचानक चलना पीछे।
नीचे वाला सिक्का ही निकलता है।
ऊपर के सिक्के जड़त्व से अपनी विराम अवस्था बनाए रखते हैं और सीधे गिरते हैं।
सही — अवस्था बदलने का विरोध जड़त्व है।
शरीर पुरानी गति जारी रखता है।
आगे।
गैलीलियो का निष्कर्ष।
कोई असंतुलित बल न हो तो चाल नहीं बदलती।
सही — अचानक रुकने पर चोट कम करने के लिए।
वस्तु विराम या सरल रेखा में एकसमान गति की अवस्था में तब तक रहती है जब तक कोई असंतुलित बल उसे न बदले। चलती बस अचानक रुके तो यात्री का शरीर आगे की गति जारी रखता है, इसलिए वह आगे झुकता है।
Inertia and mass — Activities 9.2 and 9.3 · अनुभाग 9.3 · क्रियाकलाप 9.2 · 9.3
9.2 खाली गिलास पर कड़ा कार्ड रखो और उस पर पाँच रुपये का सिक्का। कार्ड को उँगली से तेज क्षैतिज झटका दो। कार्ड निकल जाता है और सिक्का जड़त्व के कारण सीधे गिलास में गिरता है। वह कार्ड के साथ नहीं भागता।
9.3 पानी भरा गिलास ट्रे पर रखो और ट्रे लेकर तेजी से घूमो। पानी छलकता है, क्योंकि पानी अपनी अवस्था बदलने का विरोध करता है। तश्तरी में खाँचा कप को अचानक झटके में गिरने से रोकता है।
जड़त्व हर वस्तु में एक जैसा नहीं होता। खाली डिब्बा धकेलना आसान है, किताबों से भरा डिब्बा कठिन। समान आकार की फुटबॉल उड़ जाती है, वही बल पत्थर पर लगे तो पत्थर मुश्किल से हिलता है और पैर चोट खा सकता है।
द्रव्यमान जड़त्व की माप है। SI मात्रक kg है। भारी वस्तु का जड़त्व अधिक होता है। रेलगाड़ी का जड़त्व साइकिल से अधिक है, इसलिए छोटी ठेली को बड़ी चाल देने वाला बल रेलगाड़ी में न के बराबर परिवर्तन लाता है। डाल को जोर से झाड़ो तो कुछ पत्ते अलग हो जाते हैं, क्योंकि डाल हिलती है और पत्ते जड़त्व से अपनी जगह रहना चाहते हैं।
प्रश्न: एक ही आकार की रबर की गेंद और पत्थर में किसका जड़त्व अधिक है?
उत्तर: पत्थर का द्रव्यमान अधिक है, इसलिए उसका जड़त्व अधिक है। द्रव्यमान ही जड़त्व की माप है।
जड़त्व की परिभाषा के साथ मात्रक kg जरूर लिखो।
पाँच रुपये का सिक्का एक रुपये के सिक्के से भारी है, इसलिए जड़त्व अधिक है।
द्रव्यमान देखो।
रेलगाड़ी का द्रव्यमान सबसे अधिक है, इसलिए जड़त्व भी सबसे अधिक है।
गलत — सिक्का जड़त्व से सीधे गिलास में गिरता है।
SI मात्रक kg।
द्रव्यमान।
डाल हिलती है, पत्ते जड़त्व से अपनी विराम अवस्था बनाए रखना चाहते हैं, इसलिए कुछ पत्ते अलग हो जाते हैं। ट्रे तेजी से घूमे तो पानी भी अवस्था बदलने का विरोध करता है और छलकता है।
Momentum and the second law — F = ma · अनुभाग 9.4 · सूत्र 9.1 से 9.5
टेबल-टेनिस की गेंद चोट नहीं करती, तेज क्रिकेट की गेंद कर सकती है। रुकी ट्रक खतरनाक नहीं लगती, धीमी चलती ट्रक भी खतरनाक हो सकती है। असर द्रव्यमान और वेग दोनों पर है।
संवेग p = mv। दिशा वेग की दिशा है। SI मात्रक kg m s⁻¹ है। असंतुलित बल संवेग बदलता है।
द्वितीय नियम: संवेग-परिवर्तन की दर लगाए गए असंतुलित बल के समानुपाती होती है और बल की दिशा में होती है। m द्रव्यमान, प्रारंभिक वेग u, अंतिम v, समय t हो तो परिवर्तन m(v − u) है। दर m(v − u)/t = ma है। SI में अनुपात-स्थिरांक 1 चुना गया है, इसलिए F = ma। 1 N = 1 kg m s⁻²। F = 0 हो तो v = u रहता है। यही प्रथम नियम का गणितीय रूप है।
प्रश्न: 5 kg वस्तु पर बल 2 s लगता है। वेग 3 m s⁻¹ से 7 m s⁻¹ हो जाता है। बल का परिमाण निकालो।
सूत्र: F = m(v − u)/t
प्रतिस्थापन: F = 5 kg × (7 − 3) m s⁻¹ / 2 s = 5 × 4 / 2
उत्तर: F = 10 N।
यही 10 N बल 5 s लगे और u = 3 m s⁻¹ हो, तो v = u + Ft/m = 3 + (10 × 5)/5 = 13 m s⁻¹।
संख्यात्मक में सूत्र, मान और मात्रक तीनों लिखो। केवल 10 लिखना अधूरा है।
1 N की परिभाषा याद रखो: 1 kg में 1 m s⁻² का त्वरण।
p = mv।
kg गुणा m s⁻¹, यानी kg m s⁻¹। न्यूटन बल का मात्रक है।
k = 1।
F = ma।
गलत — संवेग की दिशा वेग की दिशा होती है।
F = ma से दोनों निकालो।
F1 = 2 × 5 = 10 N और F2 = 4 × 2 = 8 N। पहला बल बड़ा है।
सूत्र m = F/a। m1 = 5/10 = 0.50 kg। m2 = 5/20 = 0.25 kg। कुल m = 0.75 kg। a = F/m = 5 N / 0.75 kg = 6.67 m s⁻²।
The third law — Activity 9.4 · अनुभाग 9.5 · क्रियाकलाप 9.4
हर क्रिया की बराबर और विपरीत प्रतिक्रिया होती है, और दोनों बल दो भिन्न वस्तुओं पर लगते हैं। दो स्प्रिंग तुलाएँ जोड़ो। एक का सिरा दीवार से जकड़ा हो। जितना एक तुला खींचती है, दूसरी उतना ही विपरीत दिखाती है।
चलने के लिए तुम सड़क को पीछे धकेलते हो। सड़क तुम्हारे पैर को आगे धकेलती है। नाविक नाव से आगे कूदता है तो नाव पीछे हटती है। बंदूक गोली को आगे बल देती है। गोली बंदूक को बराबर बल से पीछे धकेलती है, इसलिए बंदूक झटका खाती है। गोली का द्रव्यमान कम है, इसलिए उसका त्वरण बहुत बड़ा है। बल बराबर हैं, त्वरण बराबर होना जरूरी नहीं।
दो बच्चे दो अलग ठेलों पर खड़े हों। उन्हें रेत की थैली दो और लपक-झपक का खेल करने को कहो। थैली फेंकना क्रिया है। फेंकने वाला बच्चा तुरंत विपरीत प्रतिक्रिया पाता है और उसका ठेला पीछे हटता है। पहियों पर सफेद रेखा खींचो तो गति साफ दिखती है।
फिर एक ठेले पर दो बच्चे और दूसरे पर एक बच्चा रखो। बल एक जैसा होने पर भी त्वरण अलग दिखते हैं। यह द्वितीय नियम है, क्योंकि द्रव्यमान अलग हैं। ठेला लगभग 50 cm × 100 cm प्लाई का हो और बॉल-बेयरिंग पहिए हों। स्केटबोर्ड पर सीधी रेखा बनाए रखना कठिन है।
प्रश्न: सड़क किनारे खड़ी भारी ट्रक को धक्का देने पर ट्रक नहीं हिलती। क्या क्रिया और प्रतिक्रिया एक ही वस्तु पर कट गईं?
उत्तर: नहीं। तुम्हारा धक्का ट्रक पर है और ट्रक का धक्का तुम पर है। ये दो वस्तुओं पर हैं, इसलिए एक-दूसरे को काटकर शून्य नहीं होते। ट्रक का विशाल द्रव्यमान त्वरण को बहुत छोटा कर देता है।
हमेशा लिखो कि क्रिया और प्रतिक्रिया एक ही वस्तु पर नहीं लगतीं।
बंदूक और गोली का जोड़ा आरेख के साथ दो। त्वरण उलटा द्रव्यमान के अनुपात में है।
10-सेकंड रिवीजन
तुम सड़क को पीछे धकेलते हो।
सड़क पैर पर आगे की ओर बराबर प्रतिक्रिया लगाती है।
गलत — वे दो भिन्न वस्तुओं पर लगती हैं।
चित्र 9.12।
पीछे।
F बराबर है, a = F/m।
बल बराबर हैं। गोली का m छोटा है, इसलिए a बड़ा है।
सही — बल एक जैसा हो तो भी द्रव्यमान अलग होने से त्वरण अलग होता है।
हर क्रिया की बराबर और विपरीत प्रतिक्रिया होती है और वे दो भिन्न वस्तुओं पर लगती हैं। बंदूक और गोली पर बल बराबर हैं। गोली का द्रव्यमान कम है, इसलिए a = F/m से उसका त्वरण बहुत बड़ा होता है और बंदूक धीमी पीछे हटती है।
Conservation of momentum — Activities 9.5 and 9.6 · अनुभाग 9.6 · क्रियाकलाप 9.5 · 9.6
दो गेंदें A और B एक सीधी रेखा पर uA और uB से चल रही हैं, और uA बड़ा है। टक्कर के छोटे समय t में A, B पर FAB लगाती है और B, A पर FBA। तृतीय नियम से FAB = −FBA।
इसी से mA uA + mB uB = mA vA + mB vB मिलता है, बशर्ते कोई बाहरी असंतुलित बल न हो। टक्कर से पहले का कुल संवेग बाद के कुल संवेग के बराबर है। यह संवेग संरक्षण है। संरक्षण-नियम प्रयोग से जाँचा जाता है, उसे एक प्रयोग से सिद्ध नहीं मानते।
9.5 बड़ा गुब्बारा फुलाकर मुँह धागे से बाँधो। सतह पर स्ट्रॉ चिपकाओ और उसमें धागा पिरोकर दोनों सिरे पकड़ो। मुँह खोलो। निकलती हवा एक ओर जाती है और स्ट्रॉ विपरीत दिशा में चलता है।
9.6 यह शिक्षक का प्रदर्शन है। अच्छी काँच की परखनली में थोड़ा पानी और मुँह पर कॉर्क लगाओ। दो डोरियों से उसे क्षैतिज लटकाओ। गर्म करो जब तक भाप कॉर्क को उड़ा दे। परखनली कॉर्क के विपरीत झटका खाती है। कॉर्क हल्की है, इसलिए उसकी चाल परखनली की पीछे की चाल से बड़ी दिखती है। मुँह चेहरे की ओर न हो।
प्रश्न: 20 g गोली 150 m s⁻¹ से चलती है। पिस्तौल का द्रव्यमान 2 kg है। दोनों पहले विराम में हैं। पिस्तौल की झटका-चाल निकालो।
सूत्र: m1 v1 + m2 v2 = 0, क्योंकि पहले कुल संवेग शून्य है।
प्रतिस्थापन: 0.02 kg × 150 m s⁻¹ + 2 kg × v = 0, यानी 3 + 2v = 0।
उत्तर: v = −1.5 m s⁻¹। ऋण चिह्न गोली के विपरीत दिशा बताता है।
ऋण चिह्न की दिशा वाक्य में लिखो। केवल −1.5 अधूरा रहता है।
9.5 और 9.6 दोनों में हल्की चीज तेज चलती है और भारी चीज धीमी।
10-सेकंड रिवीजन
निकाय अलग-थलग हो।
बाहरी असंतुलित बल न हो तभी कुल संवेग नहीं बदलता।
गलत — गुब्बारा हवा के विपरीत चलता है।
3 + 2v = 0।
1.5 m s⁻¹, गोली के विपरीत।
सूत्र: 40 × 5 + 3 × 0 = (40 + 3) v। प्रतिस्थापन: 200 = 43 v। v = 200/43 = 4.65 m s⁻¹, लड़की की कूद की दिशा में।
A longer time means a smaller force · द्वितीय नियम · दैनिक उदाहरण
F = (mv − mu)/t। संवेग-परिवर्तन तय हो तो समय t बड़ा होने पर बल छोटा होता है।
तेज गेंद पकड़ते हुए खिलाड़ी हाथों को गेंद के साथ पीछे खींचता है। गेंद को रुकने में अधिक समय मिलता है, त्वरण घटता है, और हाथ पर चोट का बल घटता है। ऊँची कूद में गद्दा या रेत भी समय बढ़ाकर बल घटाते हैं।
ऋण चिह्न बल की दिशा गति के विपरीत बताता है। ब्रेक का बल कार की चाल के विपरीत होता है।
प्रश्न: 1000 kg की कार 108 km/h से चल रही है और ब्रेक लगने पर 4 s में रुकती है। ब्रेक का बल निकालो।
सूत्र: F = m(v − u)/t, और 108 km/h = 108 × 1000/3600 = 30 m s⁻¹।
प्रतिस्थापन: F = 1000 kg × (0 − 30) m s⁻¹ / 4 s = −30000/4।
उत्तर: F = −7500 N। ऋण चिह्न बल को गति के विपरीत बताता है।
km/h को m/s में 5/18 से गुणा करके बदलो, फिर सूत्र लगाओ।
ऋण बल को वाक्य में «गति के विपरीत» लिखो।
10-सेकंड रिवीजन
F = Δp / t।
समय बढ़ने से वही संवेग-परिवर्तन छोटे बल से होता है।
सही — 108 × 5/18 = 30।
1000 × (0 − 30) / 4।
−7500 N, गति के विपरीत।
वही विचार जो कैच में है।
रुकने का समय बढ़ता है, इसलिए बल घटता है।
0 = 20² + 2a(50)। 0 = 400 + 100a। a = −4 m s⁻²। F = ma = 1 × (−4) = −4 N। घर्षण गति के विपरीत 4 N है।
प्रकार चुनो। पाठों के 35 जाँच-प्रश्न अलग हैं — हर पाठ में जितने उसके विषय माँगते हैं। सब सही होने पर महारत ★ मिलती है।
कोई भी प्रश्न «सत्यापित PYQ» नहीं है। BSEB वाला सेट मॉडल अभ्यास है। CBSE वाले प्रश्न CBSE-शैली हैं, किसी वर्ष के पेपर की प्रति नहीं।
परिणाम शून्य।
बल संतुलित हैं, अवस्था नहीं बदलती।
भारी वस्तु अधिक विरोध करती है।
द्रव्यमान जड़त्व की माप है। मात्रक kg है।
पैर आगे जाते हैं, शरीर पीछे रहता है।
जड़त्व से शरीर पीछे रह जाता है।
संवेग सदिश है।
संवेग की दिशा वेग की दिशा है।
F = ma।
1 N = 1 kg × 1 m s⁻²।
द्वितीय नियम से प्रथम नियम।
बल शून्य हो तो वेग नहीं बदलता।
F = ma।
F = 10 N।
तृतीय नियम।
गोली बंदूक को पीछे धकेलती है।
क्रियाकलाप 9.4।
फेंकना क्रिया है, ठेला प्रतिक्रिया से पीछे हटता है।
3 + 2v = 0।
v = −1.5 m s⁻¹।
200 = 43v।
v = 200/43 = 4.65 m s⁻¹।
F = Δp/t।
समय बड़ा, बल छोटा।
m(v−u)/t।
F = 1000 × (0−30)/4 = −7500 N।
डाल हिलती है।
पत्ते अपनी विराम अवस्था बनाए रखना चाहते हैं।
गलत — परिणाम शून्य होता है, त्वरण नहीं।
सही — SI मात्रक kg है।
गलत — दिशा वेग की दिशा है।
सही — F = ma से मात्रक चुना गया है।
गलत — वे दो भिन्न वस्तुओं पर लगती हैं।
सही — यही संवेग संरक्षण है।
गलत — परखनली कॉर्क के विपरीत झटका खाती है।
गलत — F = Δp/t से बल घटता है।
अवस्था।
प्रथम नियम।
mv।
दिशा वेग की है।
न्यूटन।
kg m s⁻²।
m s⁻²।
वेग-परिवर्तन की दर।
पीछे।
चित्र 9.12।
mA vA + mB vB।
बाद के वेग v हैं।
0.02 kg।
1000 g = 1 kg।
7500 N।
चिह्न ऋण है।
संवेग kg m s⁻¹, बल का रूप न्यूटन, द्रव्यमान kg, 1 N = 1 kg m s⁻²।
9.1 सीधे गिरना, 9.2 गिलास, 9.5 हवा के विपरीत, 9.6 कॉर्क के विपरीत।
अभिकथन (A): असंतुलित बल वस्तु की चाल बदल सकता है।
कारण (R): असंतुलित बल त्वरण देता है।
दोनों सही हैं और R, A की व्याख्या है।
अभिकथन (A): द्रव्यमान जड़त्व की माप है।
कारण (R): संवेग का मात्रक न्यूटन है।
A सही है। R गलत है — संवेग का मात्रक kg m s⁻¹ है, न्यूटन नहीं।
अभिकथन (A): तेज गेंद पकड़ते समय हाथ पीछे खींचने से चोट घटती है।
कारण (R): समय घटने से बल भी घटता है।
A सही है। R गलत — समय बढ़ने से बल घटता है, घटने से नहीं।
अभिकथन (A): क्रिया और प्रतिक्रिया एक ही वस्तु पर कट जाती हैं।
कारण (R): ये बल दो भिन्न वस्तुओं पर लगते हैं।
A गलत है। R सही है।
अभिकथन (A): बाहरी बल के बिना दो गेंदों का कुल संवेग टक्कर में नहीं बदलता।
कारण (R): टक्कर के दौरान क्रिया और प्रतिक्रिया बराबर व विपरीत होती हैं।
दोनों सही हैं और R इसी संरक्षण की व्याख्या है।
बराबर खिंचाव और रुकी किताब संतुलित हैं। घर्षण से बड़ा धक्का और ब्रेक असंतुलित हैं।
कैरम जड़त्व, F = ma द्वितीय, बंदूक तृतीय, कुल p संरक्षण।
जड़त्व वस्तु की वह प्रवृत्ति है जिससे वह अपनी विराम या एकसमान गति की अवस्था बदलने का विरोध करती है।
संवेग द्रव्यमान और वेग का गुणनफल है, p = mv। दिशा वेग की दिशा है। SI मात्रक kg m s⁻¹ है।
1 न्यूटन वह बल है जो 1 kg द्रव्यमान में 1 m s⁻² का त्वरण उत्पन्न करे।
बस अचानक रुके, चले या मुड़े तो सामान जड़त्व के कारण अपनी अवस्था बनाए रखना चाहता है और गिर सकता है। रस्सी असंतुलित बल लगाकर उसे थामती है।
निकाय पर कोई बाहरी असंतुलित बल नहीं लगना चाहिए।
u = 0, s = ut + ½at²। 400 = ½ a × 400। a = 2 m s⁻²। m = 7000 kg। F = ma = 7000 × 2 = 14000 N।
m = 0.2 kg। आगे की दिशा धन मानो। u = 10, v = −5। Δp = m(v − u) = 0.2(−5 − 10) = −3 kg m s⁻¹। परिमाण 3 kg m s⁻¹ है, दिशा प्रारंभिक वेग के विपरीत।
F = ma = 1500 × (−1.7) = −2550 N। परिमाण 2550 N है, गति के विपरीत।
एक दिशा धन लो। कुल p = 1.5×2.5 + 1.5×(−2.5) = 0। चिपकने के बाद भी कुल संवेग 0 है, इसलिए साझी चाल 0 है।
प्रथम: असंतुलित बल के बिना वस्तु विराम या एकसमान सरल गति में रहती है। द्वितीय: संवेग-परिवर्तन की दर असंतुलित बल के समानुपाती है। तृतीय: क्रिया और प्रतिक्रिया बराबर, विपरीत और दो वस्तुओं पर हैं। F = m(v−u)/t में F = 0 रखने पर v = u। क्रिया एक वस्तु पर और प्रतिक्रिया दूसरी पर है, इसलिए वे एक वस्तु पर जोड़ा बनाकर शून्य नहीं होते।
पहले कुल संवेग = 60×5 + 55×(−6) = 300 − 330 = −30 kg m s⁻¹। बाद में (60+55)v = 115v। 115v = −30। v = −30/115 = −0.26 m s⁻¹। दिशा दाएँ से बाएँ है, यानी दूसरे खिलाड़ी की प्रारंभिक दिशा।
कीट और कार पर बल बराबर और विपरीत हैं, क्योंकि यह क्रिया-प्रतिक्रिया है। दोनों के संवेग-परिवर्तन भी बराबर परिमाण के हैं। कीट का वेग बहुत बदलता है क्योंकि द्रव्यमान छोटा है, इसलिए वह मर जाता है। यह कहना गलत है कि कीट का संवेग-परिवर्तन कार से बड़ा है, या कि कार की बड़ी चाल के कारण कार ने अधिक बल लगाया।
यह मॉडल सेट अभ्यास के लिए है। किसी वर्ष की वार्षिक परीक्षा का प्रश्न नहीं है।
प्रथम नियम।
बल शून्य हो तो विराम बनी रहती है। एकसमान वेग भी संभव है यदि वह पहले से चल रही हो।
कालीन चलता है।
धूल अपनी अवस्था बनाए रखना चाहती है।
200 N, विपरीत दिशा में।
एकसमान वेग का अर्थ त्वरण शून्य।
हाँ। वेग अशून्य हो सकता है, पर उसका परिमाण और दिशा दोनों स्थिर रहने चाहिए। यही एकसमान सरल गति है।
m = 0.01 kg। a = (0 − 150)/0.03 = −5000 m s⁻²। F = ma = 0.01 × (−5000) = −50 N। परिमाण 50 N। दूरी s = ut + ½at² = 150×0.03 + ½(−5000)(0.03)² = 4.5 − 2.25 = 2.25 m।
डिब्बों का द्रव्यमान 5×2000 = 10000 kg। इंजन सहित कुल m = 18000 kg। शुद्ध बल = 40000 − 5000 = 35000 N। a = F/m = 35000/18000 = 1.94 m s⁻²।
ये योग्यता-आधारित अभ्यास प्रश्न हैं। किसी CBSE प्रश्नपत्र की प्रति नहीं हैं।
चित्र 9.4।
घर्षण धक्के को संतुलित कर देता है।
F = m(v−u)/t।
F = 100×(8−5)/6 = 50 N।
अभिकथन (A): सड़क पर खड़ी भारी ट्रक छोटे धक्के से नहीं हिलती।
कारण (R): क्रिया और प्रतिक्रिया एक ही वस्तु पर कट जाती हैं।
A सही है। R गलत — दोनों बल भिन्न वस्तुओं पर हैं। ट्रक का बड़ा द्रव्यमान त्वरण को नगण्य कर देता है।
अभिकथन (A): गुब्बारे से हवा निकलने पर गुब्बारा विपरीत दिशा में चलता है।
कारण (R): बाहरी क्षैतिज बल न के बराबर हो तो कुल संवेग संरक्षित रहता है।
दोनों सही हैं और R, A की व्याख्या है।
कोई असंतुलित बल न हो तो गेंद एकसमान वेग से चलती रहती है। वह इसलिए रुकती है क्योंकि घर्षण गति का विरोध करता है। विराम कोई खास प्राकृतिक अवस्था नहीं है।
पहले p = 1×10 + 5×0 = 10 kg m s⁻¹। बाहरी बल न हो तो बाद का कुल संवेग भी 10 kg m s⁻¹। (1+5)v = 10। v = 10/6 = 1.67 m s⁻¹।
ऊपर «BSEB | CBSE» से बोर्ड बदलो। पाठ वही NCERT है।
इस पेज पर वार्षिक परीक्षा का सत्यापित प्रश्न नहीं है, क्योंकि स्रोत पृष्ठ नहीं जोड़ा गया। नीचे मॉडल सेट बोर्ड के पैटर्न पर अभ्यास के लिए है।
सत्यापित लेबल तभी लगेगा जब प्रश्न का स्रोत पृष्ठ उपलब्ध हो।
ये केस और अभिकथन-कारण अभ्यास हैं। इन्हें CBSE का पुराना प्रश्न मत समझो।
गलत प्रश्न जल्दी लौटते हैं, सही वाले कुछ दिन बाद।
आपने क्या सीखा
| क्या | याद रखने लायक |
|---|---|
| संवेग | p = mv, unit kg m s⁻¹ |
| बल | F = ma, unit newton N |
| 1 न्यूटन | 1 kg × 1 m s⁻² |
| प्रथम नियम | F = 0 means v stays u |
| तृतीय नियम | FAB = −FBA, two bodies |
| संरक्षण | mA uA + mB uB = mA vA + mB vB |
नोट्स मूल लेखन हैं। पाठ्यपुस्तक केवल क्रम और क्रियाकलाप-संख्या के लिए संदर्भ है। «सत्यापित» केवल स्रोत पृष्ठ वाले प्रश्न पर लिखा जाएगा।