सोने की पत्ती की मोटाई लगभग थी —
उत्तर: लगभग 1000 परमाणु।
ये अभ्यास प्रश्न हैं। किसी वर्ष की वार्षिक परीक्षा से «सत्यापित» नहीं हैं। CBSE वाले प्रश्न CBSE-शैली हैं।
यह मॉडल सेट अभ्यास के लिए है। किसी वर्ष की वार्षिक परीक्षा का प्रश्न नहीं है। स्रोत पृष्ठ मिलने पर ही वार्षिक प्रश्न जोड़े जाएँगे।
सोने की पत्ती की मोटाई लगभग थी —
उत्तर: लगभग 1000 परमाणु।
निष्क्रिय आर्गन का विन्यास है —
उत्तर: 2, 8, 8।
हीलियम में न्यूट्रॉनों की संख्या ___ है जब द्रव्यमान 4 u और प्रोटॉन 2 हों।
उत्तर: 4 − 2।
क्रियाकलाप 4.1 कंघी वाले भाग से क्या निष्कर्ष निकलता है?
उत्तर: रगड़ने पर कंघी आवेशित होकर कागज खींचती है। आवेश परमाणु के भीतर के कणों से आता है, इसलिए परमाणु अविभाज्य नहीं है।
Na+ के K और L कोश पूरे क्यों कहे जाते हैं? क्लोरीन आयन के बाहरी इलेक्ट्रॉन अलग से बताओ।
उत्तर: सोडियम 2, 8, 1 है। एक इलेक्ट्रॉन खोने पर 2, 8 बचता है। K में 2 और L में 8, दोनों भरे हैं। Cl− में विन्यास 2, 8, 8 होता है, इसलिए संयोजी इलेक्ट्रॉन 8 हैं।
बोहर-बरी के तीन नियम लिखो। कार्बन, सोडियम और उन परमाणु का विन्यास बताओ जिसके K और L पूरे हों। M का अधिकतम 2n^2 से भी लिखो।
उत्तर: अधिकतम 2n^2 है। बाहरी कोश में 8 से अधिक नहीं। भीतरी कोश पहले भरता है। कार्बन 2, 4। सोडियम 2, 8, 1। K और L पूरे हों तो इलेक्ट्रॉन 2 + 8 = 10। M का अधिकतम 2 × 3^2 = 18 है।
ये योग्यता-आधारित अभ्यास प्रश्न हैं। किसी CBSE प्रश्नपत्र की प्रति नहीं हैं।
एक छात्र कहता है कि M कोश में कभी 8 से अधिक इलेक्ट्रॉन नहीं हो सकते, क्योंकि चित्र में 8 हैं। सही सुधार है —
उत्तर: क्षमता 18 है। आर्गन में M बाहरी है इसलिए 8 इलेक्ट्रॉन हैं।
12000 अल्फा कण सोने की पत्ती पर पड़े। सबसे उचित अपेक्षा है —
उत्तर: लगभग एक लौटेगा। अधिकांश खाली जगह से सीधे निकलेंगे।
उत्तर: दोनों सही हैं और R, A की व्याख्या है। कुल इलेक्ट्रॉन 18 हैं, पर संयोजी 8 हैं।
उत्तर: A गलत है। R सही है। टिंक्चर साधारण घोल है।
एक छात्र न्यूट्रॉन को इलेक्ट्रॉन और प्रोटॉन का जोड़ा बताता है, क्योंकि आवेश शून्य है। गलती क्या है? चैडविक वाला तथ्य लिखो।
उत्तर: आवेश शून्य होने से वह जोड़ा सिद्ध नहीं होता। न्यूट्रॉन अलग कण है। चैडविक ने इसे 1932 में पाया। द्रव्यमान प्रोटॉन के लगभग बराबर है और हाइड्रोजन को छोड़कर नाभिक में रहता है।
नमूने का औसत 16.2 u है और समस्थानिक 16 तथा 18 हैं। भारी वाले का प्रतिशत निकालो। यह औसत क्लोरीन के 35.5 जैसा क्यों है?
उत्तर: (16(100 − x) + 18x)/100 = 16.2 से x = 10। भारी समस्थानिक 10% है। क्लोरीन का 35.5 भी किसी एक परमाणु का द्रव्यमान नहीं, दो समस्थानिकों का औसत है।