जिसका द्रव्यमान और आयतन न हो।
प्रेम पदार्थ नहीं है। हवा, बादाम और ठंडा पेय जगह घेरते हैं।
कक्षा 9 · विज्ञान · अध्याय 1 · बिहार बोर्ड (BSEB)CBSE · NCERT 2026-27
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इस पेज को ऐसे पढ़ो:
1. पढ़ो — 1.1 नमक · 1.2 तनुकरण · 1.3 अगरबत्ती · 1.4 स्याही-शहद · 1.5 गर्म-ठंडा · 1.6–1.8 आकर्षण · 1.9–1.11 अवस्था · 1.12 बर्फ · 1.13 ऊर्ध्वपातन · 1.14 वाष्पीकरण, चित्र, हल उदाहरण, बोर्ड टिप
2. जाँचो — हर पाठ के अपने प्रश्न; संख्या पाठ के हिसाब से
3. महारत ★ — उस पाठ के सब सही। गलत वाले «दोबारा करो»
4. ठोस, द्रव और गैस का याद रखने वाला चित्र देखो — कण ठोस में पास-पास जमे रहते हैं, द्रव में फिसलते हैं और गैस में दूर-दूर बिखरे रहते हैं।
बिहार की किताब में यह अध्याय 1 है। NCERT 2026-27 की नई किताब अन्वेषण का पहला अध्याय अलग है। प्रगति इसी ब्राउज़र में सेव रहती है।
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Particles and the space between them — Activities 1.1, 1.2 · बिहार किताब 1.1 · क्रियाकलाप 1.1, 1.2
हवा, भोजन, पत्थर, बादल, तारे, पौधे, जंतु, पानी की बूँद और रेत का कण — सब पदार्थ हैं। प्राचीन भारत में इन्हें पाँच तत्त्वों में बाँटा गया: वायु, पृथ्वी, अग्नि, आकाश और जल। आज इस अध्याय में हम केवल भौतिक गुण देखेंगे। रासायनिक प्रकृति अगले अध्यायों में आएगी।
द्रव्यमान की SI इकाई किलोग्राम है। आयतन की SI इकाई घन मीटर है। 1 L = 1 dm³ = 1000 mL, और 1 mL = 1 cm³।
पदार्थ लगातार लकड़ी की तरह नहीं है। यह छोटे कणों से बना है। कणों के बीच जगह होती है, और वे इतने छोटे हैं कि एक क्रिस्टल में भी लाखों की गिनती है।
1.1। 100 mL का बीकर लो। आधा पानी भरो और स्तर पर निशान लगाओ। काँच की छड़ से नमक या चीनी घोलो। स्तर लगभग नहीं बढ़ता। चम्मच का नमक पूरे पानी में फैल जाता है, क्योंकि उसके कण पानी के कणों की जगह में समा जाते हैं। चाय, कॉफी और नींबू-पानी में भी एक पदार्थ के कण दूसरे की जगह में घुसते हैं।
1.2। पोटाशियम परमैंगनेट के 2-3 क्रिस्टल 100 mL पानी में घोलो। इस घोल के लगभग 10 mL निकालकर 90 mL साफ पानी में डालो। फिर उसी तरह 10 mL लेकर अगले 90 mL में डालो। ऐसा 5 से 8 बार करो। रंग हल्का होता है, पर बना रहता है। कुछ क्रिस्टल लगभग 1000 L पानी को रंग सकते हैं। 2 mL डेटॉल से भी यही गतिविधि हो सकती है। बार-बार पतला करने पर भी गंध रहती है।
प्रश्न: 100 mL बीकर में आधा पानी है। एक चम्मच नमक घोलने पर स्तर क्यों नहीं बढ़ता?
उत्तर: नमक गायब नहीं होता। उसके कण पानी के कणों के बीच की खाली जगह में फैल जाते हैं। इसलिए आयतन लगभग वही रहता है। यही क्रियाकलाप 1.1 का निष्कर्ष है।
1.1 जगह की बात है और 1.2 आकार की। उत्तर में दोनों को एक वाक्य में मत मिलाओ।
इकाई लिखो: 1 L = 1000 mL = 1000 cm³। घन मीटर आयतन की SI इकाई है।
जिसका द्रव्यमान और आयतन न हो।
प्रेम पदार्थ नहीं है। हवा, बादाम और ठंडा पेय जगह घेरते हैं।
गलत — नमक के कण पानी के कणों के बीच की जगह में चले जाते हैं।
हर बार 10 mL को 90 mL में।
5 से 8 बार।
1 L = 1000 mL।
1 mL = 1 cm³। 1 L = 1 dm³ = 1000 mL।
1.1 से पता चलता है कि कणों के बीच जगह है, इसलिए नमक घुलने पर स्तर नहीं बढ़ता। 1.2 से पता चलता है कि कण बहुत छोटे हैं, क्योंकि 5 से 8 बार पतला करने पर भी रंग रहता है।
Particles keep moving — Activities 1.3, 1.4, 1.5 · अनुभाग 1.2.2 · विसरण · गतिज ऊर्जा
कण लगातार चलते हैं। इस गति की ऊर्जा को गतिज ऊर्जा कहते हैं। ताप बढ़ाओ तो कण तेज चलते हैं और गतिज ऊर्जा बढ़ती है।
दो पदार्थों के कण अपने-आप एक-दूसरे की जगह में घुस जाएँ तो उसे विसरण कहते हैं। गर्म करने पर विसरण तेज होता है। इसलिए गरमागरम भोजन की गंध कई मीटर दूर पहुँचती है, और ठंडे भोजन की गंध लेने के लिए पास जाना पड़ता है।
1.3। कक्षा के कोने में बिना जली अगरबत्ती रखो। गंध पाने के लिए कितना पास जाना पड़ता है, लिखो। फिर अगरबत्ती जलाओ। दूर बैठे हुए भी गंध आती है, क्योंकि गर्म कण तेजी से हवा में फैलते हैं।
1.4। पानी से भरे दो बीकर लो। पहले में दीवार के सहारे धीरे एक बूँद नीली या लाल स्याही डालो। दूसरे में उसी तरह शहद डालो। इन्हें हिलाओ मत। स्याही का रंग जल्दी फैलता है। शहद देर से फैलता है। स्याही को पूरे पानी में समान रंग होने में घंटे या दिन लग सकते हैं।
1.5। कॉपर सल्फेट या पोटाशियम परमैंगनेट का एक क्रिस्टल गर्म पानी के गिलास में और एक ठंडे पानी में डालो। हिलाओ मत। क्रिस्टल को नीचे बैठने दो। क्रिस्टल के ठीक ऊपर रंग दिखता है। समय के साथ रंग फैलता है। गर्म पानी में मिलना तेज होता है। इन तीनों गतिविधियों से यही निकलता है कि कण स्वयं चलकर विसरण करते हैं और ताप बढ़ने पर दर बढ़ती है।
प्रश्न: शहद की बूँद स्याही से धीमी क्यों फैलती है, और गर्म पानी में क्रिस्टल का रंग तेज क्यों फैलता है?
उत्तर: शहद के कण पास-पास अधिक जकड़े होते हैं, इसलिए विसरण धीमा है। गर्म पानी में कणों की गतिज ऊर्जा अधिक है, इसलिए क्रियाकलाप 1.5 में मिलने की दर बढ़ जाती है।
गरमागरम भोजन वाला कारण विसरण और गतिज ऊर्जा है। केवल «हवा चलती है» अधूरा है।
1.4 में स्याही तेज है और शहद धीमी। 1.5 में गर्म पानी तेज है। संख्याएँ आपस में मत बदलना।
अगरबत्ती की गंध यही है।
इसे विसरण कहते हैं।
गलत — ताप बढ़ाने पर कण तेज चलते हैं और गतिज ऊर्जा बढ़ती है।
हिलाते नहीं।
गर्म पानी में।
क्रियाकलाप 1.4।
स्याही के कण शहद से अधिक स्वतंत्र होकर विसरण करते हैं।
गर्म भोजन के कणों की गतिज ऊर्जा अधिक होती है, इसलिए वे हवा में तेजी से विसरित होते हैं। ठंडे भोजन में कण धीमे हैं, इसलिए गंध दूर नहीं पहुँचती।
जलाने के बाद दूर से आती है।
बिना जली अगरबत्ती के लिए पास जाना पड़ता है। जलाने पर गंध दूर पहुँचती है।
Particles attract one another — Activities 1.6, 1.7, 1.8 · अनुभाग 1.2.3 · आकर्षण बल
कणों के बीच आकर्षण बल उन्हें साथ रखता है। इस बल की ताकत पदार्थ बदलने पर बदलती है। ठोस में बल सबसे अधिक, द्रव में बीच का, गैस में सबसे कम होता है।
तैराक पानी को काट पाता है, क्योंकि पानी के कणों का आकर्षण लकड़ी के गुटके जितना मजबूत नहीं है। हाथ हवा में आसानी से चलता है, क्योंकि गैस में आकर्षण और भी कमजोर है।
1.6। मैदान में चार समूह बनाओ। पहला समूह पीठ से बाँहें बाँधकर इदु-मिशमि नर्तकों की तरह जकड़े। दूसरा हाथ पकड़कर श्रृंखला बनाए। तीसरा केवल उँगलियों के सिरे से छुए। चौथा समूह दौड़कर तीनों श्रृंखलाएँ तोड़े। उँगलियों वाली श्रृंखला सबसे आसान टूटती है। जकड़ी हुई बाँहें सबसे कठिन। मजबूत पकड़ ठोस जैसी है, ढीली पकड़ गैस जैसी।
1.7। लोहे की कील, चाक का टुकड़ा और रबर बैंड लो। हथौड़े से, काटकर या खींचकर तोड़ने की कोशिश करो। कील के कण सबसे मजबूत बल से जकड़े हैं। चाक टूट जाता है। रबर बैंड खिंचता है।
1.8। नल की धार को उँगलियों से काटने की कोशिश करो। धार पूरी तरह नहीं कटती और बनी रहती है, क्योंकि पानी के कण एक-दूसरे को खींचे रखते हैं। ये तीनों गतिविधियाँ यही कहती हैं कि कणों के बीच बल है और उसकी ताकत अलग-अलग है।
प्रश्न: ऑक्सीजन, पानी और चीनी को कणों के आकर्षण के बढ़ते क्रम में रखो।
उत्तर: ऑक्सीजन गैस है, पानी द्रव है, चीनी ठोस है। बढ़ता क्रम: ऑक्सीजन < पानी < चीनी।
बढ़ते क्रम में सबसे कमजोर पहले लिखो। ऑक्सीजन, फिर पानी, फिर चीनी।
1.6 खेल है, 1.7 तीन वस्तुएँ हैं, 1.8 नल है। तीनों का निष्कर्ष एक ही बल है।
कील चाक से कठिन टूटती है।
ठोस में आकर्षण सबसे अधिक होता है।
सही — यही क्रियाकलाप 1.8 का निष्कर्ष है।
गैस, द्रव, फिर ठोस।
चीनी। क्रम ऑक्सीजन, पानी, चीनी है।
यह कणों के बीच आकर्षण बल दिखाता है। पानी में बल कमजोर है, इसलिए तैराक काट सकता है। लकड़ी के ठोस में बल बहुत अधिक है।
Solid, liquid and gas — Activities 1.9, 1.10, 1.11 · अनुभाग 1.3 · तीन अवस्थाएँ · एक चित्र
हमारे आस-पास पदार्थ तीन अवस्थाओं में है: ठोस, द्रव और गैस। अंतर आकार, आयतन, कठोरता, बहाव, संपीड्यता और गतिज ऊर्जा में है।
रबर बैंड खींचने पर आकार बदलता है और बल हटे तो लौट आता है। अधिक बल से टूट जाता है। फिर भी वह ठोस है। चीनी और नमक के हर क्रिस्टल का अपना आकार रहता है, चाहे डिब्बा कोई भी हो। स्पंज में छोटे छिद्र हैं। दबाने पर फँसी हवा निकलती है, इसलिए वह दबता है, पर ठोस ही है।
गैस का कण दीवार से टकराता है। दीवार की एकांक क्षेत्रफल पर यही बल दाब है। रसोई की गंध बिना अंदर गए पहुँच जाती है, क्योंकि गैस का विसरण बहुत तेज है। पानी में घुली ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड जलीय जीवों के लिए जरूरी हैं।
| गुण | ठोस | द्रव | गैस |
|---|---|---|---|
| आकार | निश्चित | बर्तन का | नहीं |
| आयतन | निश्चित | निश्चित | बर्तन भर लेती है |
| संपीड्यता | नगण्य | बहुत कम | अधिक |
| विसरण | बहुत धीमा | ठोस से तेज | सबसे तेज |
| आकर्षण | सबसे अधिक | बीच का | सबसे कम |
1.9। पेन, किताब, सुई और लकड़ी की सींक लो। पेंसिल घुमाकर उनका आकार कॉपी में उतारो। इनका आकार, सीमा और आयतन निश्चित है। हथौड़ा मारो, खींचो या गिराओ तो टूट सकते हैं, पर आसानी से नया आकार नहीं लेते। ये कठोर हैं और एक-दूसरे में विसरित नहीं होते। दबाने पर सिकुड़ते नहीं।
1.10। पानी, खाने का तेल, दूध, जूस और ठंडा पेय लो। अलग-अलग बर्तनों पर मापक सिलिंडर से 50 mL का निशान लगाओ। 50 mL द्रव एक बर्तन से दूसरे में डालो। आयतन 50 mL रहता है, आकार बर्तन का हो जाता है। फर्श पर गिरे तो बह जाता है। द्रव कठोर नहीं, पर तरल है। द्रव का विसरण ठोस से तेज होता है।
1.11। तीन 100 mL सिरिंज लो और नोजल रबर कॉर्क से बंद करो। पिस्टन निकालो। एक सिरिंज खाली, यानी हवा वाली, रहने दो। दूसरी में पानी भरो। तीसरी में चाक के टुकड़े भरो। पिस्टन पर वैसलीन लगाकर वापस डालो और दबाओ। हवा वाला पिस्टन सबसे आसानी से अंदर जाता है। गैस ठोस और द्रव से कहीं अधिक संपीड्य है। LPG, अस्पताल की ऑक्सीजन और वाहनों की CNG इसी कारण छोटे सिलिंडर में भरकर लाई जाती है।
प्रश्न: लकड़ी के गुटके का द्रव्यमान 50 g है और आयतन 100 cm³। घनत्व निकालो।
सूत्र: घनत्व = द्रव्यमान / आयतन।
प्रतिस्थापन: घनत्व = 50 g / 100 cm³ = 0.5 g/cm³।
पानी का घनत्व लगभग 1 g/cm³ है। यह गुटका पानी से हल्का है, इसलिए तैर सकता है। इकाई g/cm³ है।
स्पंज, रबर बैंड और चीनी के क्रिस्टल तीनों ठोस हैं। कारण अलग लिखो।
घनत्व वाले उत्तर में सूत्र, मान और इकाई तीनों हों। केवल 0.5 काफी नहीं।
क्रियाकलाप 1.11।
हवा, यानी गैस, सबसे अधिक संपीड्य है।
गलत — स्पंज ठोस है। छिद्रों की हवा निकलने से वह दबता है।
SI में kg/m³।
द्रव्यमान / आयतन।
क्रियाकलाप 1.10।
द्रव का आयतन निश्चित रहता है और आकार बर्तन का हो जाता है।
गैस के कण तेज और बेतरतीब चलकर दीवार से टकराते हैं। एकांक क्षेत्रफल पर यह बल दाब है। गैसों का विसरण ठोस और द्रव से तेज होता है, क्योंकि कण दूर हैं और चाल अधिक है।
Temperature, melting point and latent heat — Activity 1.12 · अनुभाग 1.4.1 · 273 K · 373 K
पानी तीनों रूपों में है: बर्फ, पानी और जलवाष्प। ठोस को गर्म करो तो कण तेजी से कंपन करते हैं। ऊष्मा आकर्षण को हराती है और कण अपनी जगह छोड़कर द्रव बन जाते हैं। वायुमंडलीय दाब पर जिस ताप पर ठोस द्रव बनता है, वह गलनांक है। गलनांक आकर्षण की ताकत बताता है। पिघलना संलयन भी कहलाता है।
बर्फ का गलनांक 273.16 K है। सुविधा के लिए 0°C = 273 K लिखते हैं। पिघलते समय ताप नहीं बढ़ता। यह ऊष्मा अवस्था बदलने में लगती है और छिप जाती है। इसे गुप्त ऊष्मा कहते हैं। वायुमंडलीय दाब पर गलनांक पर 1 kg ठोस को द्रव बनाने वाली ऊष्मा संलयन की गुप्त ऊष्मा है। इसलिए 0°C के पानी में कणों की ऊर्जा उसी ताप की बर्फ से अधिक है।
क्वथन पूरे द्रव की घटना है। पानी का क्वथनांक 373 K है, क्योंकि 100 + 273 = 373। 1 kg द्रव को क्वथनांक पर गैस बनाने वाली ऊष्मा वाष्पन की गुप्त ऊष्मा है। 373 K की भाप में ऊर्जा उसी ताप के पानी से अधिक है।
बीकर में लगभग 150 g बर्फ लो। प्रयोगशाला का थर्मामीटर ऐसा लटकाओ कि उसका बल्ब बर्फ को छुए। धीमी आँच पर गर्म करो। जिस ताप पर बर्फ पिघलनी शुरू हो और जिस ताप पर सारी बर्फ पानी बन जाए, दोनों लिखो। दोनों के बीच ताप नहीं बढ़ता।
फिर काँच की छड़ डालकर हिलाते हुए गर्म करो जब तक पानी उबलने न लगे। अधिकांश पानी वाष्प बन जाए तब तक थर्मामीटर देखो। उबलते समय भी पारा रुकता है। ठोस से द्रव और द्रव से गैस, दोनों परिवर्तन ताप से होते हैं। आँच और काँच के साथ सावधानी रखो।
प्रश्न: 25°C और 300 K को दूसरी मापनी में बदलो।
सूत्र: K = °C + 273, और °C = K − 273।
प्रतिस्थापन: 25°C = 25 + 273 = 298 K।
300 K = 300 − 273 = 27°C।
इसी तरह 293 K = 20°C और 470 K = 197°C। 373°C = 373 + 273 = 646 K।
273.16 को उत्तर में तब लिखो जब गलनांक पूछे। जोड़ने-घटाने में 273 लिखो।
भाप और उबलते पानी का ताप समान हो सकता है। अंतर गुप्त ऊष्मा का है।
10-सेकंड रिवीजन
100 + 273।
100°C = 373 K।
गलत — गलनांक के बाद सारी बर्फ पिघलने तक ताप नहीं बदलता। ऊष्मा गुप्त रहती है।
273 जोड़ो।
25 + 273 = 298 K।
वायुमंडलीय दाब और गलनांक पर।
यह 1 kg ठोस को गलनांक पर द्रव बनाने की ऊष्मा है।
सूत्र °C = K − 273। 470 − 273 = 197। उत्तर 197°C है।
यह गलनांक है।
0°C पर बर्फ और पानी दोनों रह सकते हैं। 25°C पर द्रव है। 100°C पर द्रव और वाष्प दोनों। 250°C पर गैस है।
Pressure and sublimation — Activity 1.13 · अनुभाग 1.4.2 · शुष्क बर्फ · 1 atm
कपूर और अमोनियम क्लोराइड गर्म करने पर सीधे गैस बन जाते हैं और ठंडी जगह पर सीधे ठोस जम जाते हैं। ठोस से गैस, या गैस से ठोस, बिना द्रव के — इसे ऊर्ध्वपातन कहते हैं। नैफ्थालीन की गोलियाँ समय के साथ बिना ठोस अवशेष गायब हो जाती हैं, यही कारण है।
दाब बढ़ाकर और ताप घटाकर गैसें द्रव बनती हैं। ठोस कार्बन डाइऑक्साइड अधिक दाब पर रखी जाती है। दाब 1 वायुमंडल होने पर वह बिना द्रव बने सीधे गैस बन जाती है। इसलिए उसे शुष्क बर्फ कहते हैं। 1 atm = 1.01 × 10⁵ Pa। समुद्र तल पर वायुमंडलीय दाब 1 atm माना जाता है।
अवस्था ताप और दाब दोनों तय करते हैं। चित्र में ठोस से द्रव संलयन है, द्रव से गैस वाष्पन, गैस से द्रव संघनन, द्रव से ठोस जमना। ऊष्मा बढ़ाकर और दाब घटाकर ठोस सीधे गैस बनता है। ऊष्मा घटाकर और दाब बढ़ाकर गैस सीधे ठोस बनती है। दोनों सीधे रास्ते ऊर्ध्वपातन हैं।
थोड़ा कपूर या अमोनियम क्लोराइड लो। कूटकर चीनी डिश में रखो। डिश पर उलटी कीप रखो। कीप की नली पर रुई का ढक्कन लगाओ, ताकि वाष्प बाहर न उड़ जाए। धीरे गर्म करो।
ठोस सीधे वाष्प बनता है और कीप की ठंडी दीवार पर फिर ठोस जम जाता है। द्रव की बूँद बीच में नहीं दिखती। यही ऊर्ध्वपातन है। गर्म डिश को हाथ से मत पकड़ना।
प्रश्न: चित्र के A, B, C, D, E और F के नाम लिखो। A ठोस से द्रव, B द्रव से गैस, C गैस से द्रव, D द्रव से ठोस, E ठोस से गैस, F गैस से ठोस है।
उत्तर: A संलयन, B वाष्पन, C संघनन, D जमना, E ऊर्ध्वपातन, F ऊर्ध्वपातन। E पर ऊष्मा बढ़ती और दाब घटता है। F पर ऊष्मा घटती और दाब बढ़ता है।
नैफ्थालीन का उत्तर ऊर्ध्वपातन है। पिघलना मत लिखना।
A से F का क्रम किताब के चित्र वाला रखो: संलयन, वाष्पन, संघनन, जमना, फिर दोनों सीधे रास्ते।
10-सेकंड रिवीजन
क्रियाकलाप 1.13।
कपूर ऊर्ध्वपातित होता है। द्रव बीच में नहीं आता।
गलत — ठोस CO2 दाब घटने पर सीधे गैस बनती है।
दाब की SI इकाई।
पास्कल, Pa।
दाब बढ़ाकर और ताप घटाकर गैस द्रव बनती है। ऊर्ध्वपातन वह परिवर्तन है जिसमें ठोस सीधे गैस बने, या गैस सीधे ठोस, और द्रव अवस्था बीच में न आए।
Evaporation and cooling — Activity 1.14 · अनुभाग 1.5 · चार कारक · समूह मॉडल
हर ताप पर कुछ कणों की गतिज ऊर्जा अधिक होती है। द्रव की सतह के ऐसे कण आकर्षण तोड़कर वाष्प बन जाते हैं। यह क्वथनांक से नीचे भी होता है। इसे वाष्पीकरण कहते हैं। भीगे कपड़े सूखते हैं और खुला पानी धीरे गायब होता है। क्वथन में पूरे द्रव के कण वाष्प बनते हैं। वाष्पीकरण केवल सतह की घटना है।
दर बढ़ती है जब सतह बढ़े, ताप बढ़े या हवा तेज हो। दर घटती है जब आर्द्रता बढ़े। हवा एक ताप पर एक सीमा से अधिक जलवाष्प नहीं थामती। वर्षा के दिन हवा में वाष्प पहले से अधिक होती है, इसलिए सूखना धीमा है।
खुले बर्तन में द्रव वाष्पित होता रहता है। सतह के कण ऊर्जा लेकर जाते हैं। बाकी द्रव और आस-पास से यह ऊर्जा फिर जुड़ती है, इसलिए ठंडक होती है। एसीटोन या इत्र हथेली पर ठंडक देता है। गर्म छत पर पानी छिड़कते हैं क्योंकि पानी की वाष्पन-ऊष्मा सतह ले लेती है। गर्मी में रुई का कपड़ा पसीना सोखकर उसे हवा के सामने रखता है। मटके के छिद्रों से पानी निकलकर वाष्पित होता है और अंदर का पानी ठंडा रहता है। रेगिस्तानी कूलर गर्म शुष्क दिन पर बेहतर ठंडक देता है। तश्तरी में चाय जल्दी ठंडी होती है क्योंकि सतह अधिक है।
बर्फ वाले गिलास की बाहरी सतह की बूँदें अंदर का पानी नहीं हैं। हवा की जलवाष्प ठंडे काँच पर ऊर्जा खोकर द्रव बन जाती है।
1.14। तीन जगह 5 mL पानी रखो। एक परखनली में, खिड़की के पास या पंखे के नीचे। एक खुली चीनी डिश में, उसी खिड़की या पंखे के पास। एक खुली चीनी डिश में, अलमारी या कक्षा की शेल्फ पर। कमरे का ताप लिखो। सूखने का समय या दिन लिखो। यही तीन कदम वर्षा वाले दिन दोहराओ।
खुली डिश परखनली से जल्दी सूखती है, क्योंकि सतह अधिक है। पंखे के पास अलमारी से जल्दी सूखता है। वर्षा के दिन सब धीमे सूखते हैं। निष्कर्ष: सतह, ताप और हवा की चाल दर बढ़ाते हैं। आर्द्रता दर घटाती है।
समूह मॉडल। नंबर वाला क्रियाकलाप समाप्त होने के बाद किताब एक मॉडल कहती है। पारदर्शी जार, रबर की चादर या गुब्बारा, डोरी, और चना या सूखी मटर लो। बीज जार में रखो। डोरी चादर के बीच में सिलो और टेप से बाँधो। चादर जार के मुँह पर खींचकर बाँधो। डोरी को पहले धीरे, फिर तेजी से ऊपर-नीचे चलाओ। धीमी झटके ठोस के कंपन जैसी है। तेज झटके द्रव और गैस की अधिक गति जैसी है।
प्रश्न: एक दिन पानी परखनली, खुली डिश और पंखे वाली डिश में रखा। सूखने का संभावित क्रम लिखो। वर्षा वाले दिन क्या बदलेगा?
उत्तर: पंखे वाली खुली डिश सबसे पहले सूखेगी, फिर बिना पंखे वाली खुली डिश, फिर परखनली। सतह और हवा की चाल दर बढ़ाती हैं। वर्षा वाले दिन आर्द्रता अधिक होने से तीनों में वाष्पीकरण धीमा हो जाएगा।
चार कारकों में आर्द्रता उलटी दिशा में है। तीन बढ़ाते हैं, आर्द्रता घटाती है।
गिलास की बाहरी बूँदों को रिसाव मत लिखना। वह हवा की वाष्प का संघनन है।
10-सेकंड रिवीजन
बाकी तीन दर बढ़ाते हैं।
अधिक आर्द्रता दर घटाती है। सतह, ताप और हवा की चाल दर बढ़ाते हैं।
गलत — क्वथन थोक घटना है। वाष्पीकरण केवल सतह पर, क्वथनांक से नीचे होता है।
तीन व्यवस्थाएँ।
5 mL।
ठंडक वाष्पीकरण से आती है।
रुई पसीना सोखती है और उसे हवा के सामने रखती है, इसलिए वाष्पीकरण से शरीर ठंडा रहता है।
शुष्क दिन पर आर्द्रता कम होती है, इसलिए पानी का वाष्पीकरण तेज होता है और अधिक ठंडक मिलती है। तश्तरी में सतह अधिक होती है, वाष्पीकरण तेज होता है और चाय जल्दी ठंडी होकर पी जा सकती है।
प्रकार चुनो। पाठों के 35 जाँच-प्रश्न अलग हैं — हर पाठ में जितने उसके विषय माँगते हैं। सब सही होने पर महारत ★ मिलती है।
कोई भी प्रश्न «सत्यापित PYQ» नहीं है। BSEB वाला सेट मॉडल अभ्यास है। CBSE वाले प्रश्न CBSE-शैली हैं, किसी वर्ष के पेपर की प्रति नहीं।
जगह और द्रव्यमान।
जिसका द्रव्यमान हो और जो जगह घेरे वह पदार्थ है।
क्रियाकलाप 1.2।
रंग हल्का होता है, पर बना रहता है। कण बहुत छोटे हैं।
विसरण ताप से तेज होता है।
गर्म कण तेजी से विसरित होते हैं।
गैस, द्रव, ठोस।
ऑक्सीजन < पानी < चीनी।
50 mL दूसरे बर्तन में भी 50 mL।
द्रव का आयतन निश्चित होता है और आकार बर्तन का।
क्रियाकलाप 1.11।
गैस अधिक संपीड्य है, इसलिए छोटे सिलिंडर में भरी जाती है।
ताप रुकता है।
यह गुप्त ऊष्मा है। ताप तब तक नहीं बढ़ता जब तक सारी बर्फ न पिघले।
273 घटाओ।
300 − 273 = 27°C।
1 atm पर सीधे गैस।
शुष्क बर्फ ठोस CO2 है। 1 atm पर वह बिना द्रव के गैस बनती है।
क्रियाकलाप 1.14।
बड़ी सतह और तेज हवा दर बढ़ाते हैं। अधिक आर्द्रता घटाती है।
अंदर का पानी नहीं रिसता।
हवा की वाष्प ठंडे काँच पर ऊर्जा खोकर द्रव बनती है।
आयनीकृत गैस।
फ्लोरोसेंट ट्यूब और नियॉन बत्ती में प्लाज्मा होता है। सूर्य में भी।
दो कारण काफी हैं।
आकार और आयतन निश्चित हैं और आकर्षण मजबूत है।
ताप दोनों का 373 K हो सकता है।
अतिरिक्त गुप्त ऊष्मा त्वचा को मिलती है।
गलत — विचार, प्रेम और घृणा पदार्थ नहीं। हवा और बादाम पदार्थ हैं। इत्र की गंध कणों का विसरण है, पर «घृणा» पदार्थ नहीं।
सही — किताब यही विकल्प देती है।
गलत — क्रियाकलाप 1.5 में गर्म पानी तेज है।
सही — अधिक बल से वह टूट भी सकता है।
सही — गलनांक और वायुमंडलीय दाब पर।
गलत — इस अध्याय में रासायनिक समीकरण नहीं है। अवस्था परिवर्तन भौतिक है।
गलत — आर्द्रता अधिक होने से दर घटती है।
सही — 1920 के आस-पास की गणना, और बाद में प्रयोग। यह अतिरिक्त जानकारी है, परीक्षा का मुख्य भाग तीन अवस्थाएँ हैं।
किलोग्राम द्रव्यमान की इकाई है।
घन मीटर। किलोग्राम द्रव्यमान की इकाई है।
आधा पानी भरा जाता है।
100 mL। उसमें लगभग आधा पानी भरा जाता है।
ताप से तेज होता है।
विसरण। ताप बढ़ाने पर यह तेज होता है।
100 + 273।
373 K, क्योंकि 100 + 273 = 373।
ठीक मान 273.16 K है।
273 K। ठीक मान 273.16 K है।
1 atm पर सीधे गैस।
शुष्क बर्फ। 1 atm पर यह सीधे गैस बनती है।
क्वथन थोक घटना है।
सतह। क्वथन थोक घटना है।
1 atm = 1.01 × 10^5 Pa।
पास्कल। 1 atm = 1.01 × 10^5 Pa।
1.1 स्तर, 1.5 ताप, 1.11 संपीड्यता, 1.13 ऊर्ध्वपातन।
संलयन, वाष्पन, संघनन, ऊर्ध्वपातन।
अभिकथन (A): नमक घुलने पर पानी का स्तर लगभग नहीं बढ़ता।
कारण (R): नमक के कण पानी के कणों के बीच की जगह में चले जाते हैं।
दोनों सही हैं और R, A की व्याख्या है।
अभिकथन (A): गर्म पानी में विसरण तेज होता है।
कारण (R): ठोस में कणों का आकर्षण गैस से अधिक होता है।
दोनों सही हैं, पर R गर्म पानी की दर की व्याख्या नहीं है।
अभिकथन (A): बर्फ पिघलते समय ताप स्थिर रहता है।
कारण (R): इस दौरान दी गई ऊष्मा कणों की संख्या बढ़ा देती है।
A सही है। R गलत — ऊष्मा अवस्था बदलने में लगती है, कणों की गिनती नहीं बढ़ाती।
अभिकथन (A): वाष्पीकरण पूरे द्रव की थोक घटना है।
कारण (R): सतह के कुछ कण अधिक गतिज ऊर्जा से वाष्प बन जाते हैं।
A गलत है। वाष्पीकरण सतह की घटना है। R सही है।
अभिकथन (A): 373 K की भाप उसी ताप के पानी से अधिक जलाती है।
कारण (R): भाप के कण वाष्पन की गुप्त ऊष्मा अतिरिक्त लिए होते हैं।
दोनों सही हैं और R सही कारण है।
कील और स्पंज ठोस हैं। तेल द्रव है। हवा गैस है।
कपड़ा और तश्तरी सतह पर वाष्पीकरण हैं। 100°C थोक क्वथन है। नैफ्थालीन ऊर्ध्वपातित होती है।
दो भिन्न पदार्थों के कणों का अपने-आप एक-दूसरे के बीच की जगह में फैलना विसरण है।
वायुमंडलीय दाब पर वह ताप जिस पर ठोस द्रव बन जाए, गलनांक है। बर्फ का गलनांक 273.16 K है।
वायुमंडलीय दाब पर गलनांक पर 1 kg ठोस को द्रव में बदलने के लिए जितनी ऊष्मा चाहिए, वह संलयन की गुप्त ऊष्मा है।
क्वथन पूरे द्रव में एक निश्चित ताप पर होता है। वाष्पीकरण केवल सतह पर, क्वथनांक से नीचे किसी भी ताप पर होता है।
K = °C + 273 = 25 + 273 = 298 K।
ठोस में कण पास और जमे होते हैं, आकर्षण सबसे अधिक और संपीड्यता नगण्य। द्रव में कण फिसलते हैं, आकर्षण बीच का और संपीड्यता बहुत कम। गैस में कण दूर होते हैं, आकर्षण सबसे कम और संपीड्यता सबसे अधिक।
°C = K − 273। 293 − 273 = 20°C। 470 − 273 = 197°C।
सतह बढ़ने, ताप बढ़ने और हवा की चाल बढ़ने से दर बढ़ती है। आर्द्रता बढ़ने से दर घटती है।
पानी बहता है और बर्तन का आकार लेता है, पर आयतन निश्चित रहता है, इसलिए द्रव है। अलमारी का आकार और आयतन निश्चित है और वह कठोर है, इसलिए ठोस है।
150 g बर्फ में थर्मामीटर का बल्ब लगाओ और धीमी आँच दो। पिघलने का ताप और पूरी बर्फ पिघलने तक का ताप लिखो। फिर हिलाकर उबालो। अवस्था बदलते समय ताप नहीं बढ़ता। यह छिपी ऊष्मा गुप्त ऊष्मा है। 1 kg के लिए परिभाषित है। बर्फ को पिघलने के लिए संलयन की गुप्त ऊष्मा और चाहिए, इसलिए वह अधिक ठंडक देती है। भाप में वाष्पन की गुप्त ऊष्मा अतिरिक्त होती है, इसलिए वह अधिक जलाती है।
कणों के बीच जगह है: 1.1 में नमक घुलने पर स्तर नहीं बढ़ता। कण लगातार चलते हैं: 1.3 में जली अगरबत्ती की गंध दूर पहुँचती है, यही विसरण है। कण एक-दूसरे को खींचते हैं: 1.7 में लोहे की कील चाक से कठिन टूटती है।
K = 373 + 273 = 646 K। 25°C पर पानी द्रव है। 0°C पर ठोस और द्रव दोनों हो सकते हैं। 100°C पर द्रव और वाष्प दोनों हो सकते हैं। नैफ्थालीन की गोलियाँ बिना द्रव बने गायब हो जाती हैं।
यह मॉडल सेट अभ्यास के लिए है। किसी वर्ष की वार्षिक परीक्षा का प्रश्न नहीं है। स्रोत पृष्ठ मिलने पर ही वार्षिक प्रश्न जोड़े जाएँगे।
इकाई kg/m³ या g/cm³।
घनत्व = द्रव्यमान / आयतन।
द्रव बीच में नहीं।
नैफ्थालीन ऊर्ध्वपातित होती है।
273 जोड़ो।
373 K। 100 में 273 जोड़ो।
इसका आयतन निश्चित रहता है पर आकार नहीं, और यह बहता है। कणों का आकर्षण आयतन बाँधे रखने जितना है, आकार तय करने जितना मजबूत नहीं।
सतह के कण ऊर्जा लेकर वाष्प बनते हैं, यह ऊर्जा आस-पास से आती है, इसलिए ठंडक होती है। एसीटोन हथेली से ऊर्जा लेकर उड़ता है। छत पर पानी वाष्पन की बड़ी ऊष्मा लेकर सतह ठंडी करता है। रुई पसीना सोखकर उसे वाष्पित होने देती है। मटके के छिद्रों से पानी वाष्पित होकर अंदर का पानी ठंडा रखता है।
ये योग्यता-आधारित अभ्यास प्रश्न हैं। किसी CBSE प्रश्नपत्र की प्रति नहीं हैं।
किताब कहती है हिलाओ मत।
हिलाना स्वयं मिलाता है, इसलिए केवल ताप वाली दर नहीं दिखती।
द्रव्यमान ÷ आयतन।
50 / 100 = 0.5 g/cm³।
अभिकथन (A): खुले बर्तन का पानी धीरे-धीरे कम होता है।
कारण (R): सतह के कुछ कण क्वथनांक से नीचे भी वाष्प बन जाते हैं।
दोनों सही हैं और R वाष्पीकरण के रूप में A की व्याख्या है।
अभिकथन (A): गैस अत्यधिक संपीड्य है।
कारण (R): गैस के कणों के बीच जगह नगण्य होती है।
A सही है। R गलत — गैस के कणों के बीच जगह सबसे अधिक होती है।
छत का पानी वाष्पित होकर सतह से वाष्पन की गुप्त ऊष्मा लेता है, इसलिए छत ठंडी होती है। गिलास के बाहर की बूँदें हवा की जलवाष्प हैं, जो ठंडे काँच पर ऊर्जा खोकर द्रव बन जाती हैं।
गलती यह है कि बर्फ को पिघलने के लिए संलयन की गुप्त ऊष्मा और चाहिए, इसलिए वह अधिक ऊष्मा लेती है। 298 − 273 = 25°C।
ऊपर «BSEB | CBSE» से बोर्ड बदलो। पाठ वही NCERT है।
इस पेज पर वार्षिक परीक्षा का सत्यापित प्रश्न नहीं है, क्योंकि स्रोत पृष्ठ नहीं जोड़ा गया। नीचे मॉडल सेट बोर्ड के पैटर्न पर अभ्यास के लिए है।
सत्यापित लेबल तभी लगेगा जब प्रश्न का स्रोत पृष्ठ उपलब्ध हो।
ये केस और अभिकथन-कारण अभ्यास हैं। इन्हें CBSE का पुराना प्रश्न मत समझो।
गलत प्रश्न जल्दी लौटते हैं, सही वाले कुछ दिन बाद।
आपने क्या सीखा
| क्या | याद रखने लायक |
|---|---|
| बर्फ का गलनांक | 273.16 K, taken as 273 K |
| पानी का क्वथनांक | 373 K, or 100°C |
| केल्विन बदलना | K = °C + 273 |
| 1 वायुमंडल | 1.01 × 10^5 Pa |
| गुप्त ऊष्मा | for 1 kg, temperature stays put |
| वाष्पीकरण | surface, below boiling point |
नोट्स मूल लेखन हैं। पाठ्यपुस्तक केवल क्रम और क्रियाकलाप-संख्या के लिए संदर्भ है। «सत्यापित» केवल स्रोत पृष्ठ वाले प्रश्न पर लिखा जाएगा।