कक्षा 10 · विज्ञान · अध्याय 11 · बिहार बोर्ड (BSEB)CBSE · NCERT 2026-27

विद्युत

Electricity

इस पेज को ऐसे पढ़ो:
1. पढ़ो — क्रियाकलाप 11.1 से 11.6, चित्र, हल उदाहरण, बोर्ड टिप
2. जाँचो — हर पाठ के अपने प्रश्न; संख्या पाठ के हिसाब से
3. महारत ★ — उस पाठ के सब सही। गलत वाले «दोबारा करो»
4. याद रखने वाला चित्र ओम-ग्राफ़ है — V ऊर्ध्वाधर अक्ष पर, I क्षैतिज अक्ष पर, मूलबिंदु से सीधी रेखा।

NCERT में यह अध्याय 11 है। बिहार की पुरानी किताब में यही पाठ अध्याय 12 कहलाता है। प्रगति इसी ब्राउज़र में सेव रहती है।

🏅 आपकी उपलब्धियाँ — 0/8 बैज

🔥 0दिन की स्ट्रीक · सबसे लंबी 0
⭐ 0कुल XP · आज 0
🎓 1लेवल
अगला लेवल: 150 XP बाकीसही उत्तर +10 · संकेत के बाद +5 · रिव्यू +6 · बैज +25

पिछले 7 दिन:

सब कुछ इसी फ़ोन/ब्राउज़र में सेव होता है — कोई लॉगिन नहीं।

  • 1 आवेश और धारा — I = Q/t
  • 2 विभवांतर — V = W/Q
  • 3 ओम का नियम — क्रियाकलाप 11.1
  • 4 प्रतिरोध किन बातों पर निर्भर है — क्रियाकलाप 11.2 और 11.3
  • 5 श्रेणीक्रम — क्रियाकलाप 11.4 और 11.5
  • 6 समांतर क्रम — क्रियाकलाप 11.6
  • 7 तापीय प्रभाव और शक्ति — H = I²Rt
  • 8 फ्यूज और घरेलू सुरक्षा
  • अध्याय-विजेता — सभी पाठ महारत ★

🎬 Shorts

इस अध्याय का कोई Short अभी चैनल पर नहीं है, इसलिए दस खाली कार्ड नहीं दिखाए गए। नोट्स, चित्र और जाँच-प्रश्न पूरे हैं।

चैनल के Shorts देखें

📄 PDF डाउनलोड — नोट्स + उत्तर-कुंजी

1

आवेश और धारा — I = Q/t

Charge and current — I = Q/t · NCERT 11.1 · कूलॉम · ऐम्पियर

नया
आवेश और धारासेलधारा बंद रास्ते में बहती है
श्रेणीक्रम में एक ही धारा हर प्रतिरोधक से गुज़रती है।
बंद रास्ता ही परिपथ हैनोट्स

चालक में आवेश बहे तो उसमें विद्युत धारा है। टॉर्च में सेल आवेश का प्रवाह देते हैं और बल्ब जलता है। स्विच सेल और बल्ब के बीच चालक कड़ी जोड़ता है। धारा का अविरत और बंद पथ विद्युत परिपथ कहलाता है। रास्ता कहीं टूटे या स्विच खुल जाए तो धारा रुकती है और बल्ब बुझ जाता है।

धातु के तार में आवेश इलेक्ट्रॉन ले जाते हैं। धारा को पहले धन आवेश का प्रवाह माना गया था। इसलिए परिपथ में धारा की दिशा इलेक्ट्रॉन की दिशा के विपरीत ली जाती है — सेल के धन सिरे से ऋण सिरे की ओर।

मात्रक और एक कूलॉम में इलेक्ट्रॉन

किसी अनुप्रस्थ काट से समय t में नेट आवेश Q गुज़रे तो धारा I = Q/t। आवेश का SI मात्रक कूलॉम (C) है। एक इलेक्ट्रॉन पर आवेश 1.6 × 10⁻¹⁹ C है, इसलिए 1 C में लगभग 6 × 10¹⁸ इलेक्ट्रॉन होते हैं।

1 ऐम्पियर वह धारा है जिसमें हर सेकंड 1 कूलॉम आवेश बहे: 1 A = 1 C/s। छोटी धारा मिलीऐम्पियर (1 mA = 10⁻³ A) या माइक्रोऐम्पियर (1 µA = 10⁻⁶ A) में लिखी जाती है। धारा नापने वाला ऐमीटर श्रेणी में लगता है।

हल किया हुआ उदाहरणउदाहरण

प्रश्न: एक तार में 0.40 A धारा 5 मिनट तक बहती है। प्रवाहित आवेश ज्ञात करो।

सूत्र: Q = It

स्थापन: t = 5 × 60 = 300 s। Q = 0.40 A × 300 s = 120 C।

10-सेकंड रिवीजन
  • I = Q/t और 1 A = 1 C/s
  • धारा की दिशा इलेक्ट्रॉन के विपरीत है
  • 1 C में लगभग 6 × 10¹⁸ इलेक्ट्रॉन; ऐमीटर श्रेणी में
बोर्ड टिप · BSEBबोर्ड टिप

BSEB में सूत्र के साथ मात्रक लिखो। केवल «ऐम्पियर» बिना 1 C/s के अधूरा रहता है।

बोर्ड टिप · CBSEबोर्ड टिप

CBSE इलेक्ट्रॉन की संख्या पूछता है। 1 C ÷ 1.6 × 10⁻¹⁹ C लगभग 6 × 10¹⁸ देता है।

समझ जाँचोसब सही = महारत ★
1
विद्युत धारा का SI मात्रक है —
जाँच
2
परिपथ में विद्युत धारा की दिशा इलेक्ट्रॉनों की दिशा के विपरीत ली जाती है।
जाँच
3
एक कूलॉम आवेश में इलेक्ट्रॉनों की संख्या लगभग ______ होती है।
जाँच
4
ऐमीटर को परिपथ में कैसे जोड़ते हैं?
जाँच
5
0.40 A धारा 5 मिनट तक बहे तो कितना आवेश बहता है? सूत्र, स्थापन और मात्रक लिखो।
जाँच2 अंक
अगला पाठ →
2

विभवांतर — V = W/Q

Potential difference — V = W/Q · NCERT 11.2 · वोल्ट · वोल्टमीटर समांतर में

नया
विभवांतरV ∝ I
सीधी रेखा कहती है: विभवांतर दुगुना करो तो धारा भी दुगुनी।
आवेश तभी बहता है जब विद्युत दाब का अंतर होनोट्स

समतल नली में पानी अपने आप नहीं बहता। एक सिरा ऊँचे टैंक से जुड़ जाए तो दाब का अंतर पानी को ढकेलता है। धातु के तार में इलेक्ट्रॉन तभी चलते हैं जब तार के अनुदिश विभवांतर हो। यह अंतर एक या अधिक सेलों की बैटरी बनाती है। सेल के अंदर रासायनिक क्रिया सिरों के बीच विभवांतर बनाए रखती है, चाहे धारा न भी खींची जाए। धारा बनाए रखने के लिए सेल अपनी रासायनिक ऊर्जा खर्च करता है।

दो बिंदुओं के बीच विभवांतर, एकांक आवेश को एक बिंदु से दूसरे तक ले जाने में किया गया कार्य है। V = W/Q। SI मात्रक वोल्ट है। 1 वोल्ट वह विभवांतर है जब 1 कूलॉम आवेश को ले जाने में 1 जूल कार्य हो: 1 V = 1 J/C। विभवांतर वोल्टमीटर से नापते हैं और वह उन बिंदुओं के समांतर लगता है।

हल किया हुआ उदाहरणउदाहरण

प्रश्न: 2 C आवेश को 15 V के दो बिंदुओं के बीच ले जाने में कितना कार्य होता है? 6 V की बैटरी हर कूलॉम को कितनी ऊर्जा देती है?

सूत्र: W = VQ

स्थापन: W = 15 V × 2 C = 30 J।

6 V बैटरी में हर 1 C के लिए W = 6 V × 1 C = 6 J।

10-सेकंड रिवीजन
  • V = W/Q और 1 V = 1 J/C
  • वोल्टमीटर समांतर में, ऐमीटर श्रेणी में
  • 6 V बैटरी हर कूलॉम को 6 J देती है
बोर्ड टिप · BSEBबोर्ड टिप

BSEB परिभाषा में «एकांक आवेश» और «कार्य» दोनों शब्द आने चाहिए।

बोर्ड टिप · CBSEबोर्ड टिप

CBSE यंत्र की जोड़ी पूछता है। ऐमीटर श्रेणी, वोल्टमीटर समांतर — इस जोड़ी को अदला-बदली मत करना।

समझ जाँचोसब सही = महारत ★
1
1 वोल्ट बराबर है —
जाँच
2
वोल्टमीटर उन बिंदुओं के समांतर जोड़ा जाता है जिनके बीच विभवांतर नापना हो।
जाँच
3
विभवांतर का सूत्र V = ______ है।
जाँच
4
6 V की बैटरी हर कूलॉम आवेश को कितनी ऊर्जा देती है? सूत्र और स्थापन लिखो।
जाँच2 अंक
अगला पाठ →
3

ओम का नियम — क्रियाकलाप 11.1

Ohm law — Activity 11.1 · NCERT 11.4 · क्रियाकलाप 11.1 · V = IR

नया
क्रियाकलाप 11.1 — नाइक्रोम तार, चार सेल, दो मीटरक्रियाकलाप

परिपथ में नाइक्रोम का तार XY रखो, लंबाई लगभग 0.5 m। साथ में ऐमीटर, वोल्टमीटर और 1.5 V के चार सेल। नाइक्रोम निकैल, क्रोमियम, मैंगनीज़ और लोहे की मिश्रधातु है। वोल्टमीटर तार XY के सिरों पर समांतर लगता है। ऐमीटर श्रेणी में धारा नापता है।

पहले एक सेल से ऐमीटर का पाठ I और वोल्टमीटर का पाठ V लिखो। फिर दो, तीन और चार सेल लगाकर हर जोड़ी का अनुपात V/I निकालो। हर बार अनुपात लगभग समान मिलता है। V को ऊर्ध्वाधर अक्ष और I को क्षैतिज अक्ष पर अंकित करो। ग्राफ़ मूलबिंदु से गुज़रती सीधी रेखा है।

ताप वही रहे तो V, I के समानुपाती हैनोट्स

1827 में जॉर्ज साइमन ओम ने पाया कि किसी धातु के तार के सिरों का विभवांतर उसमें बहती धारा के समानुपाती होता है, बशर्ते ताप न बदले। इसे ओम का नियम कहते हैं। V ∝ I, या V = IR। R उस तार का प्रतिरोध है।

प्रतिरोध आवेश के प्रवाह में रुकावट है। मात्रक ओम (Ω) है। 1 Ω = 1 V/1 A। धारा I = V/R, इसलिए प्रतिरोध दुगुना हो तो धारा आधी हो जाती है। स्रोत का वोल्टेज बदले बिना धारा घटाने-बढ़ाने वाले अवयव को परिवर्ती प्रतिरोध कहते हैं। परिपथ में इसके लिए अक्सर धारा नियंत्रक (rheostat) लगता है।

ओम-ग्राफ़ — V ऊर्ध्वाधर, I क्षैतिजVIमूल से सीधी रेखा, ढाल = Rताप समान हो तो V/I स्थिर रहता है। यही ओम का नियम है।
चित्र: नाइक्रोम तार का V–I ग्राफ़। ढाल प्रतिरोध R = V/I है। ताप बदल जाए तो यही रेखा नहीं रहती।
हल किया हुआ उदाहरणउदाहरण

प्रश्न: नाइक्रोम तार पर 6.0 V विभवांतर है और धारा 0.50 A है। प्रतिरोध ज्ञात करो।

सूत्र: R = V/I

स्थापन: R = 6.0 V / 0.50 A = 12 Ω।

चार सेल 1.5 V के मिलकर 6.0 V देते हैं। ताप वही रहे तो V/I इसी 12 Ω पर टिका रहता है।

10-सेकंड रिवीजन
  • नाइक्रोम = Ni, Cr, Mn, Fe; तार लगभग 0.5 m; सेल 1.5 V के चार
  • V–I ग्राफ़ मूल से सीधी रेखा; V ऊर्ध्वाधर, I क्षैतिज
  • V = IR, और 1 Ω = 1 V/1 A; ताप समान रहना ज़रूरी है
बोर्ड टिप · BSEBबोर्ड टिप

BSEB ग्राफ़ में अक्षों के नाम लिखो। I को ऊपर और V को आड़े लिखना अंक काटता है।

बोर्ड टिप · CBSEबोर्ड टिप

CBSE नियम के साथ शर्त माँगता है। «ताप समान रहे» वाक्य के बिना उत्तर अधूरा है।

समझ जाँचोसब सही = महारत ★
1
ओम के नियम का V–I ग्राफ़ कैसा होता है?
जाँच
2
ओम का नियम तभी लागू होता है जब चालक का ताप समान रहे।
जाँच
3
नाइक्रोम निकैल, क्रोमियम, मैंगनीज़ और ______ की मिश्रधातु है।
जाँच
4
1 ओम वह प्रतिरोध है जिसमें —
जाँच
5
एक तार पर 6.0 V है और धारा 0.50 A है। प्रतिरोध निकालो। सूत्र, स्थापन और मात्रक लिखो।
जाँच2 अंक
अगला पाठ →
4

प्रतिरोध किन बातों पर निर्भर है — क्रियाकलाप 11.2 और 11.3

What resistance depends on — Activities 11.2 and 11.3 · NCERT 11.5 · क्रियाकलाप 11.2, 11.3 · R = ρl/A

नया
प्रतिरोध किन बातों पर निर्भर हैसेलधारा बंद रास्ते में बहती है
श्रेणीक्रम में एक ही धारा हर प्रतिरोधक से गुज़रती है।
क्रियाकलाप 11.2 — अलग अवयव, अलग धाराक्रियाकलाप

नाइक्रोम तार, टॉर्च का बल्ब, 10 W का बल्ब, 0–5 A का ऐमीटर, प्लग कुंजी और जोड़ने वाले तार लो। चार शुष्क सेल, प्रत्येक 1.5 V, ऐमीटर के साथ श्रेणी में जोड़ो और परिपथ में जगह XY खाली छोड़ो।

जगह XY में पहले नाइक्रोम तार लगाओ, कुंजी दबाओ और ऐमीटर पढ़ो। सावधानी: धारा नापने के बाद कुंजी का प्लग निकाल दो। फिर टॉर्च बल्ब और बाद में 10 W बल्ब लगाकर धारा पढ़ो। हर अवयव पर धारा अलग मिलती है। कम प्रतिरोध वाला अवयव अच्छा चालक है। जिस चालक का प्रतिरोध स्पष्ट हो उसे प्रतिरोधक कहते हैं। उसी आकार का कुचालक और भी बड़ा प्रतिरोध देता है।

क्रियाकलाप 11.3 — लंबाई दुगुनी, धारा आधीक्रियाकलाप

सेल, ऐमीटर, लंबाई l का नाइक्रोम तार (1) और प्लग कुंजी का परिपथ बनाओ। धारा नोट करो। उसी मोटाई का दुगुनी लंबाई 2l वाला तार (2) लगाओ। ऐमीटर का पाठ आधा रह जाता है।

उतनी ही लंबाई l का मोटा नाइक्रोम तार (3) लगाने पर धारा बढ़ती है, क्योंकि अनुप्रस्थ क्षेत्रफल बड़ा है। समान लंबाई और समान क्षेत्रफल का ताँबे का तार (4) लगाने पर धारा फिर बदलती है। अतः धारा लंबाई, क्षेत्रफल और पदार्थ तीनों पर निर्भर करती है।

R = ρl/A — प्रतिरोधकता पदार्थ का गुण हैनोट्स

एकसमान धातु के तार का प्रतिरोध लंबाई l के समानुपाती और अनुप्रस्थ क्षेत्रफल A के व्युत्क्रमानुपाती होता है। R = ρl/A। ρ (रो) को प्रतिरोधकता कहते हैं। इसका SI मात्रक Ω m है। धातु और मिश्रधातु की प्रतिरोधकता लगभग 10⁻⁸ Ω m से 10⁻⁶ Ω m होती है। रबर और काँच जैसे कुचालकों की कोटि 10¹² से 10¹⁷ Ω m है। प्रतिरोध और प्रतिरोधकता दोनों ताप के साथ बदलते हैं।

मिश्रधातु की प्रतिरोधकता अपनी धातुओं से प्रायः अधिक होती है और वे ऊँचे ताप पर जल्दी ऑक्सीकृत नहीं होतीं। इसलिए इस्तरी और टोस्टर के तार मिश्रधातु के होते हैं। बल्ब के तंतु के लिए टंगस्टन है। संचरण लाइनों में ताँबा और ऐलुमिनियम लगते हैं। सारणी के मान रटने ज़रूरी नहीं। तुलना चाहिए तो चाँदी की प्रतिरोधकता सबसे कम है, फिर ताँबा। लोहे की प्रतिरोधकता पारे से कम है, इसलिए लोहा पारे से अच्छा चालक है।

हल किया हुआ उदाहरणउदाहरण

प्रश्न: एक तार का प्रतिरोध 8 Ω है। उसी पदार्थ के दूसरे तार की लंबाई आधी और अनुप्रस्थ क्षेत्रफल दुगुना है। नया प्रतिरोध ज्ञात करो।

सूत्र: R = ρl/A। पदार्थ वही है तो ρ वही है।

स्थापन: R2/R1 = (l2/l1) × (A1/A2) = (1/2) × (1/2) = 1/4।

R2 = 8 Ω × 1/4 = 2 Ω।

10-सेकंड रिवीजन
  • लंबाई दुगुनी हो तो धारा आधी; मोटा तार अधिक धारा देता है
  • R = ρl/A, मात्रक Ω m; कुंजी नाप के बाद निकालो
  • मिश्रधातु हीटर में, टंगस्टन बल्ब में, ताँबा-ऐलुमिनियम लाइन में
बोर्ड टिप · BSEBबोर्ड टिप

BSEB में तीन कारक लिखो — लंबाई, क्षेत्रफल, पदार्थ। केवल «मोटा तार» आधा उत्तर है।

बोर्ड टिप · CBSEबोर्ड टिप

CBSE अच्छा चालक कम प्रतिरोधकता से पहचानता है। लोहा पारे से अच्छा चालक है क्योंकि ρ कम है।

समझ जाँचोसब सही = महारत ★
1
एक ही पदार्थ और एक ही लंबाई का मोटा तार पतले तार से —
जाँच
2
नाइक्रोम तार की लंबाई दुगुनी करने पर ऐमीटर का पाठ आधा हो जाता है।
जाँच
3
प्रतिरोधकता का SI मात्रक ______ है।
जाँच
4
विद्युत इस्तरी का तार शुद्ध धातु की जगह मिश्रधातु का क्यों होता है?
जाँच
5
8 Ω के तार के पदार्थ का दूसरा तार आधी लंबाई और दुगुने क्षेत्रफल का है। नया प्रतिरोध निकालो।
जाँच3 अंक
अगला पाठ →
5

श्रेणीक्रम — क्रियाकलाप 11.4 और 11.5

Resistors in series — Activities 11.4 and 11.5 · NCERT 11.6.1 · क्रियाकलाप 11.4, 11.5 · Rs = R1 + R2 + R3

नया
श्रेणीक्रमसेलधारा बंद रास्ते में बहती है
श्रेणीक्रम में एक ही धारा हर प्रतिरोधक से गुज़रती है।
क्रियाकलाप 11.4 — ऐमीटर कहीं भी रखो, धारा वहीक्रियाकलाप

तीन अलग प्रतिरोध श्रेणी में जोड़ो। उन्हें बैटरी, ऐमीटर और प्लग कुंजी से जोड़ो। अभ्यास के लिए 1 Ω, 2 Ω, 3 Ω और 6 V की बैटरी ले सकते हो। कुंजी लगाकर ऐमीटर पढ़ो।

ऐमीटर को प्रतिरोधों के बीच कहीं भी खिसकाओ। हर जगह पाठ समान रहता है। श्रेणीक्रम में हर भाग में धारा समान होती है। एक अवयव टूटे तो पूरा परिपथ खुल जाता है और कोई अवयव काम नहीं करता।

क्रियाकलाप 11.5 — वोल्ट जोड़ बनते हैंक्रियाकलाप

उसी श्रेणी संयोजन के सिरों X और Y पर वोल्टमीटर लगाओ। कुंजी दबाकर विभवांतर V पढ़ो और बैटरी के सिरों के विभवांतर से मिलाओ। फिर वोल्टमीटर को पहले प्रतिरोध के सिरों पर लगाकर V1, दूसरे पर V2 और तीसरे पर V3 नापो।

मिलता है V = V1 + V2 + V3। हर प्रतिरोध में धारा I समान है, इसलिए V1 = IR1, V2 = IR2, V3 = IR3। जोड़ने पर IR = IR1 + IR2 + IR3, अतः Rs = R1 + R2 + R3। तुल्य प्रतिरोध हर एक प्रतिरोध से बड़ा होता है।

हल किया हुआ उदाहरणउदाहरण

प्रश्न: 1 Ω, 2 Ω और 3 Ω श्रेणी में 6 V की बैटरी से जुड़े हैं। तुल्य प्रतिरोध, धारा और हर प्रतिरोध पर विभवांतर निकालो।

सूत्र: Rs = R1 + R2 + R3, फिर I = V/Rs, और V1 = IR1।

स्थापन: Rs = 1 Ω + 2 Ω + 3 Ω = 6 Ω। I = 6 V / 6 Ω = 1 A।

V1 = 1 A × 1 Ω = 1 V, V2 = 1 A × 2 Ω = 2 V, V3 = 1 A × 3 Ω = 3 V। जोड़ 1 + 2 + 3 = 6 V, जो बैटरी के बराबर है।

10-सेकंड रिवीजन
  • श्रेणी में धारा समान; ऐमीटर की जगह बदलने से पाठ नहीं बदलता
  • V = V1 + V2 + V3 और Rs = R1 + R2 + R3
  • 1 Ω, 2 Ω, 3 Ω और 6 V पर धारा 1 A; वोल्ट 1 V, 2 V, 3 V
बोर्ड टिप · BSEBबोर्ड टिप

BSEB संख्या में पहले Rs, फिर I, फिर अलग-अलग V लिखो। सीधे उत्तर बिना जोड़ के कमजोर रहता है।

बोर्ड टिप · CBSEबोर्ड टिप

CBSE पूछता है कि बल्ब और हीटर श्रेणी में क्यों नहीं जोड़ते। दोनों को अलग धारा चाहिए, और एक टूटे तो दूसरा भी रुक जाता है।

समझ जाँचोसब सही = महारत ★
1
श्रेणीक्रम में ऐमीटर को बीच में खिसकाने पर धारा —
जाँच
2
श्रेणी में कुल विभवांतर अलग-अलग प्रतिरोधों के विभवांतरों के जोड़ के बराबर होता है।
जाँच
3
श्रेणीक्रम का तुल्य प्रतिरोध Rs = ______ होता है।
जाँच
4
1 Ω, 2 Ω और 3 Ω श्रेणी में 6 V पर धारा है —
जाँच
5
ऊपर वाले परिपथ में 3 Ω प्रतिरोध पर विभवांतर है —
जाँच
6
1 Ω, 2 Ω, 3 Ω श्रेणी में 6 V बैटरी से जुड़े हैं। तुल्य प्रतिरोध, धारा और 2 Ω पर विभवांतर निकालो।
जाँच3 अंक
अगला पाठ →
6

समांतर क्रम — क्रियाकलाप 11.6

Resistors in parallel — Activity 11.6 · NCERT 11.6.2 · क्रियाकलाप 11.6 · 1/Rp = 1/R1 + 1/R2 + 1/R3

नया
समांतर क्रमसेलधारा बंद रास्ते में बहती है
समांतर क्रम में धारा बँट जाती है। वोल्टेज हर शाखा पर समान रहता है।
क्रियाकलाप 11.6 — तीन रास्ते, एक विभवांतरक्रियाकलाप

R1, R2 और R3 का समांतर संयोजन XY बनाओ। इसे बैटरी, प्लग कुंजी और ऐमीटर से जोड़ो। संयोजन के समांतर वोल्टमीटर लगाओ। कुंजी दबाकर कुल धारा I और विभवांतर V पढ़ो। वोल्टमीटर को हर प्रतिरोध पर अलग-अलग लगाने से भी वही V मिलता है। समांतर में हर प्रतिरोध पर विभवांतर समान होता है।

कुंजी निकालो। ऐमीटर को बारी-बारी से R1, R2 और R3 की शाखा में लगाओ। शाखा धाराएँ I1, I2, I3 मिलती हैं और I = I1 + I2 + I3। ओम के नियम से I = V/Rp और I1 = V/R1। इसलिए 1/Rp = 1/R1 + 1/R2 + 1/R3। तुल्य प्रतिरोध सबसे छोटे प्रतिरोध से भी कम होता है।

घर के उपकरण समांतर क्यों रहते हैंनोट्स

श्रेणी में धारा सब जगह एक होती है। बल्ब और हीटर को अलग-अलग धारा चाहिए, इसलिए उन्हें श्रेणी में जोड़ना व्यावहारिक नहीं। एक बल्ब फ्यूज हो जाए तो पूरी लड़ी बुझ जाती है — त्योहार की सीरीज लाइट में खराब बल्ब ढूँढने में समय लगता है।

समांतर जोड़ में हर उपकरण को स्रोत का पूरा विभवांतर मिलता है और हर एक अपनी जरूरत की धारा लेता है। एक उपकरण बंद हो तो बाकी चलते रहते हैं। कुल प्रतिरोध घटता है, इसलिए स्रोत से कुल धारा बढ़ सकती है।

हल किया हुआ उदाहरणउदाहरण

प्रश्न: 2 Ω, 3 Ω और 6 Ω समांतर में 6 V की बैटरी से जुड़े हैं। तुल्य प्रतिरोध, कुल धारा और हर शाखा की धारा निकालो।

सूत्र: 1/Rp = 1/R1 + 1/R2 + 1/R3, फिर I = V/Rp और I1 = V/R1।

स्थापन: 1/Rp = 1/2 + 1/3 + 1/6 = 3/6 + 2/6 + 1/6 = 1/1। अतः Rp = 1 Ω।

I = 6 V / 1 Ω = 6 A। I1 = 6/2 = 3 A, I2 = 6/3 = 2 A, I3 = 6/6 = 1 A। जोड़ 3 + 2 + 1 = 6 A।

10-सेकंड रिवीजन
  • समांतर में V समान और I = I1 + I2 + I3
  • 1/Rp = 1/R1 + 1/R2 + 1/R3; Rp सबसे छोटे से भी छोटा
  • 2 Ω, 3 Ω, 6 Ω समांतर का Rp = 1 Ω
बोर्ड टिप · BSEBबोर्ड टिप

BSEB में पहले 1/Rp का जोड़ दिखाओ, फिर उलटकर Rp लिखो। केवल «1 ओम» बिना भिन्न के अधूरा है।

बोर्ड टिप · CBSEबोर्ड टिप

CBSE समांतर के दो लाभ पूछता है — पूरा वोल्ट हर उपकरण को, और एक के बंद होने पर बाकी चलते रहें।

समझ जाँचोसब सही = महारत ★
1
समांतर क्रम में हर प्रतिरोध पर समान रहता है —
जाँच
2
समांतर संयोजन का तुल्य प्रतिरोध सबसे छोटे प्रतिरोध से भी कम होता है।
जाँच
3
समांतर क्रम में 1/Rp = ______।
जाँच
4
2 Ω, 3 Ω और 6 Ω को समांतर जोड़ने पर तुल्य प्रतिरोध है —
जाँच
5
2 Ω, 3 Ω, 6 Ω समांतर में 6 V पर जुड़े हैं। Rp और कुल धारा निकालो। सूत्र और स्थापन लिखो।
जाँच3 अंक
अगला पाठ →
7

तापीय प्रभाव और शक्ति — H = I²Rt

Heating effect and power — H = I²Rt · NCERT 11.7–11.8 · जूल · वाट · किलोवाट घंटा

नया
तापीय प्रभाव और शक्तिसेलधारा बंद रास्ते में बहती है
श्रेणीक्रम में एक ही धारा हर प्रतिरोधक से गुज़रती है।
शुद्ध प्रतिरोध में सारी ऊर्जा ऊष्मा बन जाती हैनोट्स

सेल धारा बनाए रखने के लिए ऊर्जा खर्च करता है। पंखे में इसका कुछ भाग काम बनता है और बाकी ऊष्मा। केवल प्रतिरोधकों वाले परिपथ में सारी ऊर्जा ऊष्मा बन जाती है। इसे धारा का तापीय प्रभाव कहते हैं। हीटर, इस्तरी, टोस्टर और केतली इसी पर चलते हैं।

प्रतिरोध R में धारा I समय t तक बहे और विभवांतर V हो तो स्रोत द्वारा दी गई ऊर्जा VIt है। यही ऊष्मा है। ओम के नियम से V = IR रखने पर H = I²Rt। यह जूल का तापन नियम है। ऊष्मा धारा के वर्ग के समानुपाती है, दिए गए I पर R के समानुपाती है, और समय के समानुपाती है। मात्रक जूल है।

शक्ति ऊर्जा की दर है। P = VI = I²R = V²/R। मात्रक वाट है। 1 W = 1 V × 1 A। व्यावसायिक मात्रक किलोवाट घंटा है। 1 kWh = 1000 W × 3600 s = 3.6 × 10⁶ J। हम बोर्ड को इलेक्ट्रॉन की कीमत नहीं, ऊर्जा की कीमत देते हैं। इलेक्ट्रॉन परिपथ में खर्च नहीं होते।

हल किया हुआ उदाहरण — जूल और वाट दोनोंउदाहरण

प्रश्न: 44 Ω की इस्तरी 220 V पर 10 s तक चलती है। धारा, शक्ति और उत्पन्न ऊष्मा ज्ञात करो।

सूत्र: I = V/R, P = VI = I²R = V²/R, H = I²Rt।

स्थापन: I = 220 V / 44 Ω = 5 A।

P = 220 V × 5 A = 1100 W। जाँच: I²R = 25 × 44 = 1100 W, और V²/R = 48400 / 44 = 1100 W।

H = I²Rt = (5 A)² × 44 Ω × 10 s = 11000 J। यही H = VIt = 220 × 5 × 10 = 11000 J।

10-सेकंड रिवीजन
  • H = I²Rt जूल में; ऊष्मा I², R और t तीनों के समानुपाती
  • P = VI = I²R = V²/R, मात्रक वाट
  • 1 kWh = 3.6 × 10⁶ J; इलेक्ट्रॉन खर्च नहीं होते
बोर्ड टिप · BSEBबोर्ड टिप

BSEB में तीनों रूप P = VI, I²R और V²/R एक साथ लिखो। एक रूप से अंक कटते हैं।

बोर्ड टिप · CBSEबोर्ड टिप

CBSE ऊष्मा में I का वर्ग छूट जाए तो संख्या गलत हो जाती है। 5 A पर I² = 25 लिखकर आगे बढ़ो।

समझ जाँचोसब सही = महारत ★
1
जूल के नियम में उत्पन्न ऊष्मा समानुपाती है —
जाँच
2
1 वाट वह शक्ति है जब 1 वोल्ट पर युक्ति 1 ऐम्पियर ले।
जाँच
3
1 किलोवाट घंटा बराबर ______ जूल होता है।
जाँच
4
44 Ω की इस्तरी 220 V पर कितनी शक्ति लेती है?
जाँच
5
44 Ω की इस्तरी 220 V पर 10 s चलती है। शक्ति वाट में और ऊष्मा जूल में निकालो।
जाँच3 अंक
अगला पाठ →
8

फ्यूज और घरेलू सुरक्षा

The fuse and household safety · NCERT 11.7.1 · फ्यूज · 5 A · गीला हाथ नहीं

नया
फ्यूज और घरेलू सुरक्षासेलधारा बंद रास्ते में बहती है
श्रेणीक्रम में एक ही धारा हर प्रतिरोधक से गुज़रती है।
फ्यूज जान-बूझकर कमज़ोर कड़ी हैनोट्स

बल्ब का तंतु टंगस्टन का होता है। इसका गलनांक 3380 °C है, इसलिए यह पिघले बिना बहुत गर्म होकर प्रकाश देता है। तंतु को ऊष्मारोधी आधार पर रखते हैं। बल्ब में निष्क्रिय नाइट्रोजन और आर्गन भरी होती है ताकि तंतु अधिक देर चले। तंतु की अधिकतर शक्ति ऊष्मा बनती है और थोड़ा अंश प्रकाश।

फ्यूज परिपथ की रक्षा करता है। यह उपकरण के साथ श्रेणी में लगता है। तार ऐसी धातु या मिश्रधातु का होता है जो उचित ताप पर पिघले, जैसे ऐलुमिनियम, ताँबा, लोहा या सीसा। धारा निर्धारित मान से बढ़े तो तार पिघलता है और परिपथ टूट जाता है। घरेलू फ्यूज 1 A, 2 A, 3 A, 5 A, 10 A के होते हैं।

हीटर की डोरी नहीं चमकती और तापक अवयव चमकता है, क्योंकि दोनों में धारा समान है पर अवयव का प्रतिरोध बहुत अधिक है। H = I²Rt में बड़ा R अधिक ऊष्मा देता है।

मोटा तार फ्यूज की जगह मत लगाओसावधानी

फ्यूज की जगह मोटा ताँबे का तार लगाने पर वह समय पर नहीं पिघलता। अधिक धारा तारों को गर्म करती रहती है और आग लग सकती है। निर्धारित दर का ही फ्यूज लगाओ।

गीले हाथ से स्विच मत छुओ। क्रियाकलाप में धारा नापने के बाद प्लग कुंजी निकालते रहो। 220 V पर 1 kW की इस्तरी लगभग 4.55 A लेती है, इसलिए 5 A का फ्यूज लगता है, 2 A या 3 A का नहीं।

हल किया हुआ उदाहरणउदाहरण

प्रश्न: 220 V पर 1000 W की इस्तरी के लिए कौन-सा फ्यूज चुनोगे?

सूत्र: I = P/V

स्थापन: I = 1000 W / 220 V = 4.55 A।

4.55 A, 5 A से थोड़ा कम है और 3 A से अधिक है। अतः रेटेड फ्यूजों में 5 A का फ्यूज लगाना है। फ्यूज इस्तरी के साथ श्रेणी में होगा।

10-सेकंड रिवीजन
  • फ्यूज श्रेणी में लगता है और अधिक धारा पर पिघलकर परिपथ तोड़ता है
  • 1000 W, 220 V पर धारा 4.55 A, इसलिए फ्यूज 5 A
  • मोटा तार फ्यूज की जगह खतरनाक है; गीले हाथ से स्विच मत छुओ
बोर्ड टिप · BSEBबोर्ड टिप

BSEB में फ्यूज का स्थान लिखो — श्रेणी में। समांतर लिखोगे तो उत्तर गलत हो जाएगा।

बोर्ड टिप · CBSEबोर्ड टिप

CBSE डोरी और तापक अवयव की तुलना I²R से करवाता है। धारा समान है, प्रतिरोध अलग है।

समझ जाँचोसब सही = महारत ★
1
फ्यूज को परिपथ में कैसे जोड़ते हैं?
जाँच
2
फ्यूज के स्थान पर मोटा ताँबे का तार लगाना सुरक्षित है।
जाँच
3
220 V पर 1000 W की इस्तरी के लिए उपयुक्त फ्यूज है —
जाँच
4
हीटर की डोरी क्यों नहीं चमकती, जबकि तापक अवयव चमकता है?
जाँच2 अंक
प्रश्न बैंक →

❓ पूरा प्रश्न बैंक — उत्तर व व्याख्या सहित — 68 प्रश्न

कोई भी प्रश्न «सत्यापित PYQ» नहीं है। BSEB वाला सेट मॉडल अभ्यास है। CBSE वाले प्रश्न CBSE-शैली हैं, किसी वर्ष के पेपर की प्रति नहीं।

बहुविकल्पी

0/15
एक विकल्प चुनो। गलत पर संकेत मिलेगा।
1
विद्युत धारा का सही संबंध है —
NCERT-शैली · अभ्यास1 अंक
2
परिपथ में धारा की दिशा ली जाती है —
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
3
वोल्टमीटर लगता है —
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
4
1 वोल्ट का अर्थ है —
NCERT-शैली · अभ्यास1 अंक
5
ओम के नियम में स्थिर रहता है, जब ताप न बदले —
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
6
V–I ग्राफ़ में ऊर्ध्वाधर अक्ष पर रखते हैं —
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
7
तार की लंबाई दुगुनी और क्षेत्रफल वही हो तो प्रतिरोध —
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
8
प्रतिरोधकता का मात्रक है —
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
9
श्रेणी में तीन प्रतिरोधों का तुल्य है —
NCERT-शैली · अभ्यास1 अंक
10
समांतर में समान रहता है —
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
11
2 Ω, 3 Ω, 6 Ω समांतर का तुल्य प्रतिरोध है —
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
12
जूल के नियम का सही रूप है —
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
13
1 kWh बराबर है —
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
14
220 V पर 1000 W की इस्तरी के लिए फ्यूज होना चाहिए —
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
15
हीटर की डोरी नहीं चमकती क्योंकि —
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
↑ प्रश्न-हब

सही / गलत

0/8
1
ऐमीटर को समांतर में जोड़ते हैं।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
2
1 Ω = 1 V/1 A।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
3
ओम का नियम ताप बदलने पर भी ज्यों का त्यों रहता है।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
4
मोटा तार, समान पदार्थ और समान लंबाई पर, पतले तार से कम प्रतिरोध देता है।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
5
श्रेणीक्रम में तुल्य प्रतिरोध सबसे बड़े प्रतिरोध से छोटा होता है।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
6
समांतर में कुल धारा शाखा धाराओं के जोड़ के बराबर होती है।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
7
विद्युत परिपथ में इलेक्ट्रॉन खर्च हो जाते हैं और बिल उसी खपत का होता है।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
8
फ्यूज उपकरण के साथ श्रेणी में लगाया जाता है।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
↑ प्रश्न-हब

रिक्त स्थान

0/8
1
I = Q/t में t सेकंड और Q कूलॉम हो तो I का मात्रक ______ है।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
2
ओम के नियम में V = ______।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
3
प्रतिरोध का सूत्र R = ρ ______ है।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
4
श्रेणी में 1 Ω, 2 Ω और 3 Ω का तुल्य ______ Ω है।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
5
समांतर में 2 Ω, 3 Ω और 6 Ω का तुल्य ______ Ω है।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
6
ऊष्मा का जूल रूप H = ______ है।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
7
1 वाट = 1 वोल्ट × ______।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
8
नाइक्रोम में लोहे के साथ निकैल, क्रोमियम और ______ होते हैं।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
↑ प्रश्न-हब

मिलान करो

0/2
1
राशि को उसके मात्रक से मिलाओ।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)2 अंक
स्तंभ B: A. वोल्ट · B. ऐम्पियर · C. वाट · D. ओम
1. धारा
2. विभवांतर
3. प्रतिरोध
4. शक्ति
2
नियम को उसके रूप से मिलाओ।
NCERT-शैली · अभ्यास2 अंक
स्तंभ B: A. 1/Rp = 1/R1 + 1/R2 + 1/R3 · B. V = IR · C. H = I²Rt · D. Rs = R1 + R2 + R3
1. ओम
2. श्रेणी
3. समांतर
4. जूल
↑ प्रश्न-हब

अभिकथन–कारण

0/5
पहले दोनों कथन जाँचो, फिर देखो कि कारण व्याख्या है या नहीं।
1

अभिकथन (A): किसी धातु के तार का V–I ग्राफ़ मूल से सीधी रेखा होता है।

कारण (R): ताप समान रहे तो विभवांतर धारा के समानुपाती होता है।

बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
2

अभिकथन (A): श्रेणीक्रम में हर प्रतिरोध में धारा समान होती है।

कारण (R): श्रेणी का तुल्य प्रतिरोध सबसे छोटे प्रतिरोध से कम होता है।

बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
3

अभिकथन (A): घर के पंखे और बल्ब समांतर जोड़े जाते हैं।

कारण (R): समांतर में हर उपकरण को पूरा विभवांतर मिलता है और एक के बंद होने पर बाकी चलते रहते हैं।

NCERT-शैली · अभ्यास1 अंक
4

अभिकथन (A): मोटा तार फ्यूज से अधिक सुरक्षित होता है।

कारण (R): फ्यूज निर्धारित धारा से अधिक पर पिघलकर परिपथ तोड़ता है।

बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
5

अभिकथन (A): ऐमीटर श्रेणी में लगाया जाता है।

कारण (R): 1 kWh = 3.6 × 10⁶ J।

CBSE-शैली · योग्यता-आधारित (PYQ नहीं)1 अंक
↑ प्रश्न-हब

गुणांक अभ्यास

0/4
ये समीकरण इस अध्याय के परिणाम नहीं हैं। केवल गुणांक भरने का अभ्यास है।
1
यह गुणांक-अभ्यास है, इस अध्याय का परिणाम नहीं। H2 + O2 → H2O संतुलित करो।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
H2 + O2 → H2O
2
यह गुणांक-अभ्यास है, विद्युत अध्याय की कोई अभिक्रिया नहीं। N2 + H2 → NH3 संतुलित करो।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
N2 + H2 → NH3
3
यह गुणांक-अभ्यास है, इस अध्याय का परिणाम नहीं। CH4 + O2 → CO2 + H2O संतुलित करो।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
CH4 + O2 → CO2 + H2O
4
यह गुणांक-अभ्यास है, इस अध्याय का परिणाम नहीं। Fe + O2 → Fe2O3 संतुलित करो।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)2 अंक
Fe + O2 → Fe2O3
↑ प्रश्न-हब

वर्गीकरण

0/2
1
हर कथन को श्रेणी या समांतर में रखो।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)2 अंक
धारा हर प्रतिरोध में समान
विभवांतर हर प्रतिरोध पर समान
Rs = R1 + R2 + R3
1/Rp = 1/R1 + 1/R2 + 1/R3
2
हर उपयोग को सही पदार्थ-वर्ग में रखो।
NCERT-शैली · अभ्यास2 अंक
बल्ब का तंतु
इस्तरी का तापक तार
संचरण लाइन
↑ प्रश्न-हब

अति लघु उत्तरीय

0/5
1
एक ऐम्पियर की परिभाषा लिखो।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
2
ओम का नियम एक पंक्ति में लिखो।
NCERT-शैली · अभ्यास1 अंक
3
प्रतिरोधकता किसे कहते हैं? मात्रक लिखो।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)2 अंक
4
विद्युत शक्ति की परिभाषा और एक रूप लिखो।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)2 अंक
5
फ्यूज तार का काम दो पंक्ति में लिखो।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)2 अंक
↑ प्रश्न-हब

लघु उत्तरीय

0/4
1
0.50 A धारा 10 मिनट बहे तो आवेश निकालो। सूत्र, स्थापन और मात्रक लिखो।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)3 अंक
2
प्रतिरोध लंबाई और क्षेत्रफल पर कैसे निर्भर करता है? क्रियाकलाप 11.3 का एक प्रेक्षण दो।
NCERT-शैली · अभ्यास3 अंक
3
श्रेणी के तीन लाभ-हानि में से दो हानियाँ लिखो, समांतर से तुलना करके।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)3 अंक
4
5 Ω के प्रतिरोध में 2 A धारा 10 s तक बहे तो ऊष्मा निकालो।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)3 अंक
↑ प्रश्न-हब

दीर्घ उत्तरीय

0/3
1
क्रियाकलाप 11.1 का परिपथ लिखो और ओम का नियम ग्राफ़ सहित समझाओ।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)5 अंक
2
1 Ω, 2 Ω और 3 Ω श्रेणी में 6 V से जुड़े हैं। Rs, धारा और हर प्रतिरोध पर विभवांतर निकालो। हर चरण में सूत्र और मात्रक दिखाओ।
NCERT-शैली · अभ्यास5 अंक
3
44 Ω की इस्तरी 220 V पर 10 s चलती है। धारा, शक्ति के तीनों रूप और ऊष्मा निकालो। फिर बताओ कि 2 घंटे में ऊर्जा कितने kWh होगी।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)5 अंक
↑ प्रश्न-हब

BSEB मॉडल प्रश्न-पत्र · अभ्यास

0/6

यह मॉडल सेट अभ्यास के लिए है। यह किसी वर्ष की वार्षिक परीक्षा का प्रश्न-पत्र नहीं है।

1
चार सेल 1.5 V के श्रेणी में कुल विभवांतर देते हैं —
BSEB मॉडल · अभ्यास (वार्षिक नहीं)1 अंक
2
लोहा और पारे में अच्छा चालक है —
BSEB मॉडल · अभ्यास (वार्षिक नहीं)1 अंक
3
धारा नियंत्रक का अंग्रेज़ी नाम ______ है।
BSEB मॉडल · अभ्यास (वार्षिक नहीं)1 अंक
4
6 V की बैटरी से हर कूलॉम को कितनी ऊर्जा मिलती है?
BSEB मॉडल · अभ्यास (वार्षिक नहीं)2 अंक
5
2 Ω, 3 Ω और 6 Ω समांतर में 6 V पर हैं। हर शाखा की धारा और कुल धारा निकालो।
BSEB मॉडल · अभ्यास (वार्षिक नहीं)3 अंक
6
ओम का नियम, श्रेणी का सूत्र और समांतर का सूत्र लिखो। प्रत्येक का एक वाक्य में अर्थ भी लिखो।
BSEB मॉडल · अभ्यास (वार्षिक नहीं)5 अंक
↑ प्रश्न-हब

CBSE-शैली प्रश्न

0/6

ये योग्यता-आधारित अभ्यास प्रश्न हैं। ये किसी CBSE प्रश्नपत्र की प्रति या पुराना पेपर नहीं हैं।

1
एक छात्र ने V को क्षैतिज अक्ष और I को ऊर्ध्वाधर अक्ष पर रखा और मूल से सीधी रेखा पाई। सही आलेख के लिए उसे —
CBSE-शैली · योग्यता-आधारित (PYQ नहीं)1 अंक
2
तीन प्रतिरोध 2 Ω, 3 Ω और 6 Ω हैं। इन्हें ऐसा जोड़ना है कि तुल्य 1 Ω मिले। सही जोड़ है —
CBSE-शैली · योग्यता-आधारित (PYQ नहीं)1 अंक
3

अभिकथन (A): हीटर की डोरी नहीं चमकती।

कारण (R): डोरी और तापक अवयव में धारा समान है, पर डोरी का प्रतिरोध बहुत कम है इसलिए I²R ऊष्मा कम बनती है।

CBSE-शैली · योग्यता-आधारित (PYQ नहीं)1 अंक
4

अभिकथन (A): समांतर संयोजन का तुल्य प्रतिरोध घट जाता है।

कारण (R): समांतर में हर शाखा की धारा शून्य होती है।

CBSE-शैली · योग्यता-आधारित (PYQ नहीं)1 अंक
5
एक परिपथ में ऐमीटर श्रेणी में 0.50 A पढ़ता है और वोल्टमीटर समांतर में 6.0 V पढ़ता है। प्रतिरोध निकालो और बताओ कि ये यंत्र उलटे क्यों नहीं लग सकते।
CBSE-शैली · योग्यता-आधारित (PYQ नहीं)3 अंक
6
220 V की लाइन पर एक मोटर 5 A लेती है। 2 घंटे में शक्ति और खर्च हुई ऊर्जा kWh में निकालो।
CBSE-शैली · योग्यता-आधारित (PYQ नहीं)3 अंक
↑ प्रश्न-हब

🏛️ बोर्ड परीक्षा कॉर्नर — बिहार बोर्ड (BSEB)— CBSE

ऊपर «BSEB | CBSE» से बोर्ड बदलो। पाठ वही NCERT है।

BSEB मॉडल · अभ्यासबोर्ड टिप

इस पेज पर वार्षिक परीक्षा का सत्यापित प्रश्न नहीं है, क्योंकि स्रोत पृष्ठ नहीं जोड़ा गया। नीचे मॉडल सेट बोर्ड के पैटर्न पर अभ्यास के लिए है।

🏛️ मॉडल प्रश्न एक पेज पर →

सत्यापित लेबल तभी लगेगा जब प्रश्न का स्रोत पृष्ठ उपलब्ध हो।

CBSE-शैली · योग्यता-आधारित

ये केस और अभिकथन-कारण अभ्यास हैं। इन्हें CBSE का पुराना प्रश्न मत समझो।

CBSE-शैली प्रश्न खोलो →

🔁 स्पेस्ड रिव्यू — आज के प्रश्न

गलत प्रश्न जल्दी लौटते हैं, सही वाले कुछ दिन बाद।

🧠 आपने क्या सीखा + समीकरण-पत्रक

आपने क्या सीखा

क्यायाद रखने लायक
धाराI = Q/t, मात्रक A
विभवांतरV = W/Q, मात्रक V
ओम का नियमV = IR (ताप समान)
प्रतिरोधकताR = ρl/A, मात्रक Ω m
श्रेणी और समांतरRs = R1+R2+R3 ; 1/Rp = 1/R1+1/R2+1/R3
ऊष्मा और शक्तिH = I²Rt ; P = VI = I²R = V²/R

नोट्स मूल लेखन हैं। पाठ्यपुस्तक केवल क्रम और क्रियाकलाप-संख्या के लिए संदर्भ है। «सत्यापित» केवल स्रोत पृष्ठ वाले प्रश्न पर लिखा जाएगा।