निम्न में अनैच्छिक है —
उत्तर: वमन मेडुला के अधीन अनैच्छिक है।
ये अभ्यास प्रश्न हैं। किसी वर्ष की वार्षिक परीक्षा से «सत्यापित» नहीं हैं। CBSE वाले प्रश्न CBSE-शैली हैं।
यह मॉडल सेट अभ्यास के लिए है। किसी वर्ष की वार्षिक परीक्षा का प्रश्न नहीं है। स्रोत पृष्ठ मिलने पर ही वार्षिक प्रश्न जोड़े जाएँगे।
निम्न में अनैच्छिक है —
उत्तर: वमन मेडुला के अधीन अनैच्छिक है।
साइटोकाइनिन अधिक होता है —
उत्तर: फल और बीज में कोशिका विभाजन तेज होता है।
संतुलन रखने वाला भाग ___ है।
उत्तर: पश्चमस्तिष्क।
क्रियाकलाप 6.1 में जुकाम का उल्लेख क्यों आता है?
उत्तर: जुकाम में नाक बंद होती है और घ्राण ग्राही साथ नहीं दे पाते। इसलिए भोजन का स्वाद वैसे ही फीका पड़ता है जैसे नाक दबाकर खाने पर।
छुई-मुई और हमारी टाँग की गति की तुलना तीन बिंदुओं में करो।
उत्तर: टाँग में तंत्रिका आवेग और पेशी का प्रोटीन है। छुई-मुई में अलग तंत्रिका ऊतक नहीं है। पत्ते की कोशिका पानी बदलकर आकार बदलती है। टाँग की गति वृद्धि नहीं है, और पत्ते की गति भी वृद्धि नहीं है, पर तरीका अलग है।
जंतुओं में नियंत्रण की जरूरत एक उदाहरण से समझाओ। तंत्रिका और हॉर्मोन दोनों क्यों हैं?
उत्तर: गर्म वस्तु पर हाथ तुरंत हटना चाहिए, नहीं तो जलन होगी। प्रतिवर्ती चाप यह तेज काम करता है। डर में पूरे शरीर को तैयार करना है, जो केवल जुड़ी हुई नसों से नहीं हो पाता। एड्रिनलिन रक्त के साथ कई अंगों तक पहुँचता है। तंत्रिका तेज और सीमित है। हॉर्मोन धीमा और व्यापक है।
ये योग्यता-आधारित अभ्यास प्रश्न हैं। किसी CBSE प्रश्नपत्र या past paper की प्रति नहीं हैं।
एक छात्र ने सेम के अंकुर गत्ते के डिब्बे में रखे। दो दिन बाद प्ररोह छेद की ओर था। फ्लास्क घुमाया। अगले दिनों में —
उत्तर: नई वृद्धि दिशा बदलती है। पानी का दूधिया होना इस प्रयोग का निष्कर्ष नहीं है।
किसी व्यक्ति की गर्दन सूजी है और आयोडीन वाला नमक नहीं खाया। सबसे उचित संबंध है —
उत्तर: आयोडीन के बिना थायरॉक्सिन नहीं बनता। थायरॉइड फूलकर घेघा दिखाती है।
उत्तर: A और R दोनों सही हैं और R सही कारण है।
उत्तर: A सही है। R गलत — इस गति में वृद्धि नहीं होती। पानी की मात्रा बदलती है।
एक ही छात्र दो वाक्य लिखता है: «संतुलन मेडुला रखता है» और «वमन अनुमस्तिष्क रखता है»। दोनों सुधारो।
उत्तर: संतुलन और मुद्रा अनुमस्तिष्क रखता है। वमन, लार और रक्तचाप मेडुला रखते हैं। छात्र ने दोनों नाम उलट दिए हैं।
रक्त शर्करा 140 से ऊपर जाकर फिर सामान्य हुई। अग्न्याशय ने इस बीच क्या किया होगा? इसे पुनर्भरण क्यों कहते हैं?
उत्तर: शर्करा बढ़ते ही अग्न्याशय की कोशिकाएँ अधिक इंसुलिन बनाती हैं। शर्करा गिरने पर स्राव घट जाता है। परिणाम खुद कारण को घटाता है, इसलिए इसे पुनर्भरण कहते हैं।