कक्षा 10 · विज्ञान · अध्याय 5 · बिहार बोर्ड (BSEB)CBSE · NCERT 2026-27

जैव प्रक्रम

Life Processes

इस पेज को ऐसे पढ़ो:
1. पढ़ो — क्रियाकलाप 5.1 से 5.8, चित्र, हल उदाहरण, बोर्ड टिप
2. जाँचो — हर पाठ के अपने प्रश्न; संख्या पाठ के हिसाब से
3. महारत ★ — उस पाठ के सब सही। गलत वाले «दोबारा करो»
4. प्रकाश-संश्लेषण के समीकरण वाला चित्र देखो — 6CO2 + 6H2O से ग्लूकोज और 6O2

NCERT 2026-27 में यह अध्याय 5 है। बिहार की 16-अध्याय वाली पुरानी किताब में यही जैव प्रक्रम अध्याय 6 है। प्रगति इसी ब्राउज़र में सेव रहती है।

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  • 1 पोषण और मंड की जाँच — क्रियाकलाप 5.1
  • 2 धूप ज़रूरी है — क्रियाकलाप 5.2
  • 3 लार और मंड — क्रियाकलाप 5.3
  • 4 आमाशय से आँत तक
  • 5 चूने का पानी और यीस्ट — क्रियाकलाप 5.4, 5.5
  • 6 मछली के गलफड़े और हमारे फुफ्फुस — क्रियाकलाप 5.6
  • 7 हीमोग्लोबिन और दोहरा परिसंचरण — क्रियाकलाप 5.7
  • 8 वाष्पोत्सर्जन और नेफ्रॉन — क्रियाकलाप 5.8
  • अध्याय-विजेता — सभी पाठ महारत ★

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1

पोषण और मंड की जाँच — क्रियाकलाप 5.1

Nutrition and the starch test — Activity 5.1 · NCERT 5.1–5.2 · क्रियाकलाप 5.1

नया
जीवित रहने के लिए अणुओं को हिलना पड़ता हैनोट्स

कुत्ता सो रहा हो तो भी हम उसे जीवित मानते हैं, क्योंकि साँस चल रही है। केवल दिखने वाली गति काफी नहीं। विषाणु में स्वयं कोई आणविक गति नहीं होती जब तक वह किसी कोशिका को न घेरे। इसलिए उन पर विवाद है।

शरीर की मरम्मत रुक जाए तो व्यवस्था टूटती है। इस मरम्मत को जैव प्रक्रम कहते हैं। बाहर से ऊर्जा भोजन के रूप में आती है — यही पोषण है। भोजन तोड़ने के लिए कई जीव ऑक्सीजन लेते हैं — यही श्वसन है। बहुकोशिकीय शरीर में हर कोशिका सतह को नहीं छूती, इसलिए परिवहन चाहिए। हानिकारक अपशिष्ट निकालना उत्सर्जन है।

हरे पौधे और कुछ जीवाणु स्वपोषी हैं। वे CO2 और जल से भोजन बनाते हैं। जंतु और कवक परपोषी हैं। वे जटिल भोजन एंजाइम से तोड़ते हैं।

प्रकाश-संश्लेषण का समीकरण6CO2कार्बन डाइऑक्साइड+6H2Oजलसूर्य का प्रकाशक्लोरोफिलC6H12O6ग्लूकोज+6O2ऑक्सीजनगुणांक 6, 6, 1, 6 — मंड बाद में जमा होता है
सूर्य का प्रकाश और क्लोरोफिल तीर पर हैं। जो कार्बोहाइड्रेट तुरंत नहीं खर्च होता वह मंड बनकर जमा होता है। हमारे शरीर में ऐसा भंडार ग्लाइकोजन है।
प्रकाश-संश्लेषण के तीन घटनाक्रमनोट्स

क्लोरोफिल प्रकाश सोखता है। प्रकाश की ऊर्जा रासायनिक ऊर्जा बनती है और जल हाइड्रोजन तथा ऑक्सीजन में टूटता है। फिर कार्बन डाइऑक्साइड कार्बोहाइड्रेट में बदलती है। ये तीनों कदम एक ही पल में पूरे हों, यह ज़रूरी नहीं। रेगिस्तानी पौधे रात को CO2 लेकर एक मध्यवर्ती बनाते हैं और दिन को प्रकाश की ऊर्जा लगाते हैं।

पत्ती की काट में हरे बिंदु हरितलवक हैं। उन्हीं में क्लोरोफिल है।

सावधानी — ऐल्कोहॉल जल-ऊष्मक मेंसावधानी

ऐल्कोहॉल ज्वलनशील है। बीकर को सीधी लौ पर मत रखना। जल-ऊष्मक में गर्म करो, जब तक ऐल्कोहॉल उबलने लगे।

क्रियाकलाप 5.1 — चितकबरी पत्ती और मंडक्रियाकलाप

मनीप्लांट या क्रोटन जैसा चितकबरा पौधा तीन दिन अँधेरे कमरे में रखो, ताकि पुराना मंड खर्च हो जाए। फिर लगभग छह घंटे धूप दो। एक पत्ती तोड़ो। हरे भाग कागज पर उतार लो। पत्ती को कुछ मिनट उबलते जल में डुबोओ। फिर ऐल्कोहॉल में डालो।

पत्ती का हरा रंग ऐल्कोहॉल में उतर आता है और पत्ती फीकी हो जाती है। अब तनु आयोडीन में डुबोओ। जहाँ क्लोरोफिल था, वहाँ पत्ती नीली-काली होती है। फीके भाग में मंड नहीं बनता। निष्कर्ष: मंड बनने के लिए क्लोरोफिल चाहिए।

किताब का जार-परीक्षण कार्बन डाइऑक्साइड की ज़रूरत दिखाता है। दो पौधे तीन दिन अँधेरे में रखो। एक के पास वॉच-ग्लास में पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड रखो, जो CO2 सोख लेता है। दोनों पर घंटाकार जार और वैसलीन से हवा बंद करो। दो घंटे धूप के बाद मंड जाँचो। KOH वाले पौधे में मंड नहीं बनता।

हल किया हुआ उदाहरणउदाहरण

प्रश्न: क्रियाकलाप 5.1 में पत्ती को पहले अँधेरे में क्यों रखते हैं?

उत्तर: पत्ती में पहले से जमा मंड हो तो आयोडीन हर जगह नीला-काला कर देगा। तीन दिन के अँधेरे में वह मंड खर्च हो जाता है। उसके बाद जो नीला-काला रंग आए, वह नई धूप में बने मंड का है।

10-सेकंड रिवीजन
  • जैव प्रक्रम: पोषण, श्वसन, परिवहन, उत्सर्जन
  • स्वपोषी CO2 और जल से भोजन बनाते हैं
  • आयोडीन केवल क्लोरोफिल वाले भाग को नीला-काला करता है
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वस्तुनिष्ठ में मंड की पहचान आयोडीन है। रंग नीला-काला है, लाल नहीं।

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CBSE तीन दिन के अँधेरे का कारण पूछता है। लिखो: पुराना मंड हटाना, ताकि नया मंड पहचाना जा सके।

समझ जाँचोसब सही = महारत ★
1
प्रकाश-संश्लेषण में क्लोरोफिल वाला भाग आयोडीन से कैसा होता है?
जाँच
2
परपोषी सरल अकार्बनिक पदार्थों से अपना भोजन स्वयं बनाते हैं।
जाँच
3
पत्तियों में अतिरिक्त कार्बोहाइड्रेट ______ के रूप में जमा होता है।
जाँच
4
जार में पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड क्यों रखते हैं?
जाँच
5
बहुकोशिकीय जंतु में केवल विसरण ऑक्सीजन की जरूरत क्यों नहीं पूरी करता?
जाँच2 अंक
अगला पाठ →
2

धूप ज़रूरी है — क्रियाकलाप 5.2

Sunlight is essential — Activity 5.2 · NCERT 5.2 · क्रियाकलाप 5.2

नया
धूप ज़रूरी हैप्रकाशCO₂O₂पत्ती में मंड बनता है — आयोडीन से नीला-काला
प्रकाश, CO₂ और जल से पत्ती भोजन बनाती है और O₂ छोड़ती है।
क्रियाकलाप 5.2 — धूप का प्रयोग स्वयं बनाओक्रियाकलाप

किताब पूछती है: ऊपर के दो परीक्षणों के बाद क्या हम ऐसा प्रयोग बना सकते हैं जो दिखाए कि प्रकाश-संश्लेषण के लिए धूप ज़रूरी है?

एक स्वस्थ पौधा तीन दिन अँधेरे में रखो। एक पत्ती का कुछ भाग काले कागज से ढक दो, शेष खुला रहे। पौधे को कुछ घंटे धूप दो। पत्ती तोड़कर क्रियाकलाप 5.1 की तरह मंड जाँचो।

खुला हरा भाग नीला-काला होता है। ढका भाग नहीं। अतः मंड बनने के लिए सूर्य का प्रकाश आवश्यक है।

रंध्र और कच्चे पदार्थनोट्स

पत्ती पर सूक्ष्म छिद्र रंध्र हैं। इन्हीं से गैसों का बड़ा आदान-प्रदान होता है। जल भी यहीं से खो सकता है, इसलिए CO2 की जरूरत न हो तो रंध्र बंद हो जाते हैं। द्वार कोशिकाएँ फूलें तो छिद्र खुलता है। सिकुड़ें तो बंद होता है। गैस का आदान-प्रदान तने और जड़ की सतह से भी होता है।

जल जड़ें मिट्टी से लेती हैं। नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, लोहा और मैग्नीशियम भी मिट्टी से आते हैं। नाइट्रोजन प्रोटीन बनाने के लिए ज़रूरी है। वह नाइट्रेट या नाइट्राइट के रूप में आती है, या जीवाणु वायु की नाइट्रोजन से जो यौगिक बनाएँ उन्हें पौधे ले लेते हैं।

हल किया हुआ उदाहरणउदाहरण

प्रश्न: काला कागज हटाने के बाद पत्ती के दोनों भागों में आयोडीन का रंग अलग क्यों है?

उत्तर: खुले भाग को धूप और क्लोरोफिल दोनों मिले, इसलिए वहाँ मंड बना और आयोडीन ने उसे नीला-काला किया। ढके भाग को धूप नहीं मिली, मंड नहीं बना, रंग नहीं बदला। अंतर केवल प्रकाश का है।

10-सेकंड रिवीजन
  • ढका भाग मंड नहीं बनाता, खुला भाग बनाता है
  • द्वार कोशिका फूले तो रंध्र खुलता है
  • नाइट्रोजन प्रोटीन के लिए मिट्टी से आती है
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वस्तुनिष्ठ में काला कागज धूप रोकता है, कार्बन डाइऑक्साइड नहीं। CO2 रोकने का काम KOH का है।

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CBSE नियंत्रण भी पूछता है। लिखो: दोनों भाग एक ही पत्ती के हैं, अंतर केवल ढकने का है।

समझ जाँचोसब सही = महारत ★
1
क्रियाकलाप 5.2 में काला कागज क्या रोकता है?
जाँच
2
रंध्र तभी खुले रहते हैं जब द्वार कोशिकाएँ जल से फूल जाती हैं।
जाँच
3
पत्ती के छिद्रों को ______ कहते हैं।
जाँच
4
स्थलीय पौधे प्रकाश-संश्लेषण का जल कहाँ से लेते हैं?
जाँच
5
रेगिस्तानी पौधे कार्बन डाइऑक्साइड केवल दोपहर की कड़ी धूप में लेते हैं।
जाँच
6
प्रकाश-संश्लेषण के लिए नाइट्रोजन क्यों चाहिए और वह पौधे में कैसे पहुँचती है?
जाँच2 अंक
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3

लार और मंड — क्रियाकलाप 5.3

Saliva and starch — Activity 5.3 · NCERT 5.2.2–5.2.4 · क्रियाकलाप 5.3

नया
लार और मंडमुँहआमाशयआँतभोजन मुँह, आमाशय और आँत में टूटता है
भोजन मुँह में शुरू होकर आमाशय और आँत में टूटता है।
परपोषी भोजन अलग-अलग तरह से लेते हैंनोट्स

कवक, जैसे ब्रेड की फफूँद, यीस्ट और मशरूम, भोजन शरीर के बाहर पचाकर सोखते हैं। अमरबेल, किलनी, जूँ, जोंक और फीताकृमि दूसरे जीव पर पलते हैं, उसे मारे बिना। यह परजीवी पोषण है।

अमीबा अस्थायी पादों से भोजन समेटकर खाद्य रसधानी बनाता है। पचा भोजन कोशिकाद्रव्य में चला जाता है, बचा भाग सतह से बाहर फेंक दिया जाता है। पैरामीशियम का आकार निश्चित है। पक्ष्माभ भोजन को एक निश्चित स्थान तक ले जाते हैं।

क्रियाकलाप 5.3 — लार मंड को मिटा देती हैक्रियाकलाप

दो परखनलियों A और B में 1 mL एक प्रतिशत मंड घोल लो। केवल A में 1 mL लार डालो। दोनों को 20–30 मिनट चुप छोड़ दो। फिर दोनों में तनु आयोडीन की कुछ बूँदें डालो।

B में नीला-काला रंग आता है, क्योंकि मंड बचा है। A में यह रंग नहीं आता। लार का एंजाइम लार-एमिलेस मंड को सरल शर्करा में तोड़ चुका है।

मुँह से भोजन की नली तकनोट्स

दाँत भोजन पीसते हैं। लार उसे गीला करती है, ताकि नली की मुलायम दीवार न छिले। जीभ निवाला घुमाती है। आहार नाल की पेशियाँ लहर की तरह सिकुड़कर भोजन को आगे बढ़ाती हैं। इसी को क्रमाकुंचन कहते हैं।

हल किया हुआ उदाहरणउदाहरण

प्रश्न: क्रियाकलाप 5.3 में नली B क्यों रखी जाती है?

उत्तर: B में लार नहीं है। वह नियंत्रण है। अगर B भी नीली-काली न हो तो हम नहीं कह सकते कि रंग मिटाने का काम लार ने किया। B नीली-काली रहती है और A नहीं, इसलिए अंतर लार का है।

10-सेकंड रिवीजन
  • लार-एमिलेस मंड को शर्करा बनाता है
  • A में आयोडीन का नीला-काला रंग नहीं आता
  • अमीबा खाद्य रसधानी बनाता है, पैरामीशियम पक्ष्माभ का उपयोग करता है
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वस्तुनिष्ठ में मंड तोड़ने वाला एंजाइम लार-एमिलेस है, पेप्सिन नहीं। पेप्सिन प्रोटीन का है।

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CBSE नियंत्रण नली पूछता है। लिखो: B बिना लार के दिखाती है कि मंड अपने आप नहीं मिटा।

समझ जाँचोसब सही = महारत ★
1
क्रियाकलाप 5.3 में आयोडीन का नीला-काला रंग किस नली में आता है?
जाँच
2
अमरबेल परजीवी पोषण करती है।
जाँच
3
लार में मंड तोड़ने वाले एंजाइम का नाम ______ है।
जाँच
4
अमीबा भोजन कैसे लेता है? एक रेखाचित्र के बदले चार शब्द-कदम लिखो।
जाँच2 अंक
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4

आमाशय से आँत तक

From the stomach to the intestine · NCERT 5.2.4 · मानव पाचन

नया
आमाशय से आँत तकमुँहआमाशयआँतभोजन मुँह, आमाशय और आँत में टूटता है
भोजन मुँह में शुरू होकर आमाशय और आँत में टूटता है।
अम्ल, पित्त और रसांकुरनोट्स

ग्रासनाल भोजन को आमाशय तक ले जाती है। आमाशय की जठर ग्रंथियाँ हाइड्रोक्लोरिक अम्ल, पेप्सिन और श्लेष्मा छोड़ती हैं। अम्ल माध्यम पेप्सिन के लिए बनता है और भोजन के कीटाणु मरते हैं। श्लेष्मा दीवार को अम्ल से बचाती है। सुरक्षा हटे तो अम्लता की जलन होती है।

आमाशय का निर्गम एक अवरोधिनी छोटी मात्रा में भोजन को छोटी आँत में छोड़ता है। घास खाने वाले जीवों की छोटी आँत लंबी होती है, क्योंकि सेलुलोज देर से पचता है। बाघ जैसी मांसाहारी आँत छोटी होती है।

आमाशय से आया भोजन अम्लीय है। अग्न्याशय के एंजाइम क्षारीय माध्यम चाहते हैं। यकृत का पित्त माध्यम क्षारीय बनाता है और वसा की बड़ी बूँदों को छोटी बूँदों में बाँटता है, जैसे साबुन तेल को बाँटता है। अग्न्याशय रस में ट्रिप्सिन प्रोटीन पचाता है और लाइपेज वसा। आँत्र रस प्रोटीन को अमीनो अम्ल, कार्बोहाइड्रेट को ग्लूकोज और वसा को वसा अम्ल तथा ग्लिसरॉल बनाता है।

छोटी आँत की भीतरी दीवार पर अँगुली जैसे रसांकुर क्षेत्रफल बढ़ाते हैं। इनमें रक्त वाहिकाएँ हैं, जो पचा भोजन हर कोशिका तक ले जाती हैं। बड़ी आँत जल सोखती है। बचा अपशिष्ट गुदा से बाहर जाता है। दाँतों पर बैक्टीरिया शर्करा से अम्ल बनाते हैं। प्लाक के नीचे लार अम्ल को बेअसर नहीं कर पाती। खाने के बाद ब्रश करने से प्लाक हटता है।

हल किया हुआ उदाहरणउदाहरण

प्रश्न: पित्त वसा को एंजाइम कैसे नहीं पचाता, फिर भी ज़रूरी क्यों है?

उत्तर: पित्त में वसा तोड़ने वाला एंजाइम नहीं है। वह बूँदों को छोटा करके उनका क्षेत्रफल बढ़ाता है। तब लाइपेज हर बूँद पर आसानी से काम करता है। साथ ही वह अम्लीय भोजन को क्षारीय करता है।

10-सेकंड रिवीजन
  • HCl पेप्सिन के लिए अम्लीय माध्यम बनाता है, श्लेष्मा दीवार बचाती है
  • पित्त वसा का पायस बनाता है और माध्यम क्षारीय करता है
  • रसांकुर अवशोषण का क्षेत्रफल बढ़ाते हैं
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वस्तुनिष्ठ में ट्रिप्सिन प्रोटीन का है, एमिलेस मंड का, लाइपेज वसा का। तीनों को आपस में मत बदलना।

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CBSE पित्त के दो काम पूछता है। केवल «वसा पचाता है» मत लिखना। लिखो: क्षारीय माध्यम और बूँदों को छोटा करना।

समझ जाँचोसब सही = महारत ★
1
आमाशय में प्रोटीन पचाने वाला एंजाइम है —
जाँच
2
मांसाहारी की छोटी आँत घास खाने वाले जीव से लंबी होती है।
जाँच
3
वसा की बड़ी बूँदों को छोटी बूँदों में कौन बाँटता है?
जाँच
4
छोटी आँत की अँगुली जैसी रचनाएँ ______ कहलाती हैं।
जाँच
5
आमाशय की दीवार सुरक्षित क्यों रहती है? अम्ल के दो काम भी लिखो।
जाँच3 अंक
अगला पाठ →
5

चूने का पानी और यीस्ट — क्रियाकलाप 5.4, 5.5

Lime water and yeast — Activities 5.4 and 5.5 · NCERT 5.3 · क्रियाकलाप 5.4, 5.5

नया
चूने का पानी और यीस्टO₂CO₂ऑक्सीजन अंदर आती है, कार्बन डाइऑक्साइड बाहर जाती है
साँस में ऑक्सीजन आती है और कार्बन डाइऑक्साइड बाहर जाती है।
क्रियाकलाप 5.4 — फूँक जल्दी दूधिया करती हैक्रियाकलाप

ताज़ा चूने का पानी परखनली में लो और उसमें मुँह से हवा फूँको। नोट करो कि दूधिया होने में कितना समय लगा। दूसरी परखनली में पिचकारी या सिरिंज से साधारण हवा भेजो।

फूँकी हुई हवा चूने के पानी को जल्दी दूधिया करती है। साँस से निकली हवा में कार्बन डाइऑक्साइड अधिक है।

क्रियाकलाप 5.5 — यीस्ट और चूने का पानीक्रियाकलाप

फलों के रस या शक्कर के घोल में यीस्ट मिलाओ। मिश्रण एक छेद वाले कॉर्क वाली परखनली में लो। मुड़ी नली का खुला सिरा ताज़े चूने के पानी में डुबोओ।

चूने का पानी दूधिया हो जाता है। किण्वन में कार्बन डाइऑक्साइड बनती है। यीस्ट इसी अवायवीय मार्ग में एथेनॉल भी बनाता है।

पायरुवेट के तीन रास्तेनोट्स

ग्लूकोज छह कार्बन का अणु है। पहला कदम कोशिका द्रव्य में होता है: ग्लूकोज तीन कार्बन वाले पायरुवेट में टूटता है।

ऑक्सीजन हो तो पायरुवेट माइटोकॉन्ड्रिया में कार्बन डाइऑक्साइड और जल बनता है। यही वायवीय श्वसन है। ऊर्जा बहुत अधिक मिलती है। ऑक्सीजन न हो तो यीस्ट में पायरुवेट एथेनॉल और CO2 बनता है। यही अवायवीय श्वसन या किण्वन है। हमारी पेशी में ऑक्सीजन कम पड़े तो पायरुवेट लैक्टिक अम्ल बनता है। अचानक दौड़ने पर यही अम्ल ऐंठन देता है।

निकली ऊर्जा ADP और फॉस्फेट से ATP बनाती है। ATP का अंतिम फॉस्फेट टूटे तो लगभग 30.5 kJ/mol ऊर्जा मिलती है। ATP कोशिका की ऊर्जा-मुद्रा है। C6H12O6 + 6O2 → 6CO2 + 6H2O

हल किया हुआ उदाहरणउदाहरण

प्रश्न: यीस्ट के किण्वन का शब्द-समीकरण लिखो और क्रियाकलाप 5.5 से उसकी एक पुष्टि बताओ।

उत्तर: C6H12O6 → 2C2H5OH + 2CO2 चूने का पानी दूधिया होना CO2 की पुष्टि है। एथेनॉल दूसरा उत्पाद है। ऑक्सीजन इस मार्ग में नहीं लगती।

10-सेकंड रिवीजन
  • साँस की हवा में CO2 अधिक है, चूने का पानी जल्दी दूधिया होता है
  • यीस्ट: ग्लूकोज → एथेनॉल + CO2, ऑक्सीजन के बिना
  • वायवीय पथ माइटोकॉन्ड्रिया में है और ऊर्जा अधिक देता है
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वस्तुनिष्ठ में पायरुवेट का वायवीय विखंडन माइटोकॉन्ड्रिया में होता है, हरितलवक में नहीं।

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CBSE तीन रास्ते पूछता है: यीस्ट में एथेनॉल, पेशी में लैक्टिक अम्ल, ऑक्सीजन में CO2 और जल। जगह का नाम साथ लिखो।

समझ जाँचोसब सही = महारत ★
1
क्रियाकलाप 5.4 में चूने का पानी जल्दी कौन दूधिया करता है?
जाँच
2
यीस्ट का किण्वन ऑक्सीजन की उपस्थिति में ही होता है।
जाँच
3
ग्लूकोज से पायरुवेट बनने की जगह है —
जाँच
4
अचानक दौड़ने पर पेशी में ऐंठन ______ अम्ल के जमा होने से होती है।
जाँच
5
ATP का अंतिम फॉस्फेट टूटने पर लगभग कितनी ऊर्जा मिलती है?
जाँच
6
वायवीय और अवायवीय श्वसन में तीन अंतर लिखो। यीस्ट का नाम भी लो।
जाँच3 अंक
अगला पाठ →
6

मछली के गलफड़े और हमारे फुफ्फुस — क्रियाकलाप 5.6

Fish gills and our lungs — Activity 5.6 · NCERT 5.3 · क्रियाकलाप 5.6

नया
मछली के गलफड़े और हमारे फुफ्फुसO₂CO₂ऑक्सीजन अंदर आती है, कार्बन डाइऑक्साइड बाहर जाती है
साँस में ऑक्सीजन आती है और कार्बन डाइऑक्साइड बाहर जाती है।
क्रियाकलाप 5.6 — मुँह और गलफड़ एक लय मेंक्रियाकलाप

मछलीघर में मछली देखो। मुँह खुलता-बंद होता है और आँख के पीछे गलफड़-दरार या उसे ढकने वाला प्रच्छद भी खुलता-बंद होता है। दोनों की लय मिली होती है। एक मिनट में मुँह कितनी बार खुले, गिनो। अपनी साँस की गिनती से तुलना करो।

जल में घुली ऑक्सीजन हवा की ऑक्सीजन से बहुत कम है। इसलिए जलीय जीव तेज़ साँस लेते हैं। मछली मुँह से जल लेती है और उसे गलफड़ों पर से निकालती है। रक्त वहीं घुली ऑक्सीजन उठाता है।

कूपिका और उपास्थि के छल्लेनोट्स

थल के जीव वायु की ऑक्सीजन लेते हैं। नासा छिद्र के बाल और श्लेष्मा धूल रोकते हैं। गले में उपास्थि के छल्ले वायु-मार्ग को पिचकने नहीं देते। फेफड़े के अंदर नलिकाएँ गुब्बारे जैसी कूपिकाओं में खत्म होती हैं। यदि सारी कूपिकाएँ बिछा दी जाएँ तो क्षेत्रफल लगभग 80 वर्ग मीटर बनता है।

साँस लेते समय पसलियाँ उठती हैं और मध्यपट चपटा होता है। वक्ष गुहा बड़ी होती है और हवा अंदर खिंचती है। रक्त CO2 कूपिका में छोड़ता है और कूपिका की ऑक्सीजन उठाता है। फेफड़े में थोड़ी हवा सदा बची रहती है, जिसे अवशिष्ट आयतन कहते हैं, ताकि गैसों के आदान-प्रदान को समय मिले।

रात को पौधे मुख्य रूप से CO2 बाहर करते हैं। दिन को श्वसन की CO2 प्रकाश-संश्लेषण में लग जाती है और बाहर ऑक्सीजन निकलती है। तंबाकू और गुटखा मुख, फेफड़े और हृदय को नुकसान पहुँचाते हैं। धूम्रपान पक्ष्माभ नष्ट करता है, इसलिए धूल और कीटाणु फेफड़े में पहुँचते हैं।

हल किया हुआ उदाहरणउदाहरण

प्रश्न: मछली की साँस हमारी साँस से तेज़ क्यों होती है?

उत्तर: पानी में घुली ऑक्सीजन वायु की ऑक्सीजन से कम होती है। जरूरत पूरी करने के लिए मछली को अधिक जल गलफड़ों पर से गुजारना पड़ता है। इसलिए मुँह और प्रच्छद जल्दी-जल्दी खुलते हैं।

10-सेकंड रिवीजन
  • जल में ऑक्सीजन कम है, इसलिए मछली तेज़ साँस लेती है
  • कूपिकाएँ गैसों के आदान-प्रदान का क्षेत्र बढ़ाती हैं
  • उपास्थि के छल्ले वायु-मार्ग को खुला रखते हैं
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वस्तुनिष्ठ में जलीय जीव की साँस तेज़ है, धीमी नहीं। कारण घुली ऑक्सीजन की कमी है।

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CBSE कूपिका की दीवार और रक्त के दो काम लिखवाता है: CO2 छोड़ना और O2 उठाना। अवशिष्ट आयतन भी लिखो।

समझ जाँचोसब सही = महारत ★
1
मछली जल में घुली ऑक्सीजन कहाँ ग्रहण करती है?
जाँच
2
जलीय जीव थल के जीवों से धीमी साँस लेते हैं।
जाँच
3
फेफड़े की गुब्बारे जैसी थैलियों को ______ कहते हैं।
जाँच
4
साँस अंदर लेते समय मध्यपट क्या करता है?
जाँच
5
फेफड़ों में अवशिष्ट आयतन क्यों छोड़ा जाता है?
जाँच2 अंक
अगला पाठ →
7

हीमोग्लोबिन और दोहरा परिसंचरण — क्रियाकलाप 5.7

Haemoglobin and double circulation — Activity 5.7 · NCERT 5.4 · क्रियाकलाप 5.7

नया
हीमोग्लोबिन और दोहरा परिसंचरणदायाँबायाँखून दो बार हृदय से गुज़रता है
दायाँ भाग फेफड़ों को खून भेजता है, बायाँ भाग पूरे शरीर को।
क्रियाकलाप 5.7 — हीमोग्लोबिन की सीमा एक जैसी नहींक्रियाकलाप

अपने मोहल्ले के स्वास्थ्य केंद्र पर मनुष्य में हीमोग्लोबिन की सामान्य सीमा पूछो। बच्चों और बड़ों में वह एक जैसी नहीं होती। स्त्रियों और पुरुषों में भी अंतर होता है। पशु चिकित्सालय में भैंस या गाय की सीमा पूछो। बछड़े, नर और मादा में भी अंतर मिलता है।

किताब संख्या छपवाकर नहीं देती। वह तुमसे स्थानीय आँकड़ा बनवाती है। हीमोग्लोबिन लाल रक्त कणिकाओं में होता है और ऑक्सीजन से बहुत आसक्ति रखता है। इसकी कमी से कोशिकाओं तक ऑक्सीजन कम पहुँचती है और थकान होती है। अगर केवल विसरण होता तो फेफड़े से पैर के अँगूठे तक ऑक्सीजन को लगभग तीन वर्ष लगते।

चार कोष्ठ और दोहरा चक्रनोट्स

हृदय मुट्ठी जितना पेशीय अंग है। फेफड़ों से ऑक्सीजनयुक्त रक्त बाएँ आलिंद में आता है, फिर बाएँ निलय में, और निलय उसे पूरे शरीर में धकेलता है। शरीर से विऑक्सीजनित रक्त दाएँ आलिंद में आता है, दाएँ निलय में जाता है, और निलय उसे फेफड़ों में भेजता है। निलय की दीवार मोटी है, क्योंकि उन्हें दूर तक धकेलना है। वाल्व रक्त को पीछे नहीं लौटने देते।

एक चक्र में रक्त हृदय से दो बार गुजरता है। यही दोहरा परिसंचरण है। मछली का हृदय दो कोष्ठ का है और रक्त एक बार गुजरता है। मेंढक जैसे जंतुओं का हृदय तीन कोष्ठ का होता है और कुछ रक्त मिल जाता है। पक्षी और स्तनधारी शरीर का ताप स्वयं बनाए रखते हैं, इसलिए उन्हें ऑक्सीजन की अलग और पूरी आपूर्ति चाहिए।

धमनियाँ हृदय से रक्त ले जाती हैं, दीवार मोटी और लचीली होती है। शिराएँ रक्त वापस लाती हैं और उनमें वाल्व होते हैं। केशिका की दीवार एक कोशिका मोटी होती है। प्लेटलेट्स चोट पर रक्त का थक्का बनाकर रिसाव रोकते हैं। सामान्य प्रकुंचन दाब लगभग 120 mm Hg और अनुशिथिलन दाब लगभग 80 mm Hg है। लसीका रंगहीन है, प्रोटीन कम है, और आँत से पची वसा ले जाती है।

हल किया हुआ उदाहरणउदाहरण

प्रश्न: बायाँ निलय दाएँ निलय से अधिक पेशीय क्यों होता है?

उत्तर: बायाँ निलय रक्त को पूरे शरीर में धकेलता है। दायाँ निलय केवल फेफड़ों तक धकेलता है। दूर का मार्ग अधिक दाब माँगता है, इसलिए बाईं दीवार मोटी होती है।

10-सेकंड रिवीजन
  • हीमोग्लोबिन की सीमा आयु और लिंग के साथ बदलती है
  • दोहरा परिसंचरण: रक्त एक चक्र में हृदय से दो बार गुजरता है
  • सामान्य रक्तचाप लगभग 120/80 mm Hg है
बोर्ड टिप · BSEBबोर्ड टिप

वस्तुनिष्ठ में ऑक्सीजन लाल रक्त कणिका के हीमोग्लोबिन पर है। CO2 अधिकतर घुली हुई यात्रा करती है।

बोर्ड टिप · CBSEबोर्ड टिप

CBSE मछली, मेंढक और मनुष्य के हृदय की कोष्ठ-संख्या एक साथ पूछता है: 2, 3 और 4।

समझ जाँचोसब सही = महारत ★
1
मनुष्य में ऑक्सीजन मुख्य रूप से कौन ढोता है?
जाँच
2
स्त्रियों और पुरुषों की हीमोग्लोबिन सीमा एक ही होती है।
जाँच
3
एक चक्र में मनुष्य का रक्त हृदय से कितनी बार गुजरता है?
जाँच
4
सामान्य प्रकुंचन रक्तचाप लगभग ______ mm Hg है।
जाँच
5
धमनियाँ और शिराएँ में दो अंतर लिखो।
जाँच2 अंक
अगला पाठ →
8

वाष्पोत्सर्जन और नेफ्रॉन — क्रियाकलाप 5.8

Transpiration and the nephron — Activity 5.8 · NCERT 5.4–5.5 · क्रियाकलाप 5.8

नया
वाष्पोत्सर्जन और नेफ्रॉनपतलागाढ़ाजल →
जल अर्धपारगम्य झिल्ली से पतले घोल की ओर से गाढ़े की ओर जाता है।
जाइलम चढ़ाता है, फ्लोएम बाँटता हैनोट्स

पौधे कम ऊर्जा से काम चलाते हैं, पर ऊँचे वृक्ष में दूरी बड़ी है। जाइलम जल और खनिज जड़ से पत्ती तक ले जाता है। जड़ के कोशिकाएँ आयन सक्रियता से लेती हैं, जल पीछे-पीछे घुसता है। यह जड़ दाब रात को अधिक मायने रखता है। दिन को असली खिंचाव वाष्पोत्सर्जन का है।

फ्लोएम प्रकाश-संश्लेषण के घुलनशील उत्पाद, अमीनो अम्ल और अन्य पदार्थ ले जाता है। यह दोनों दिशाओं में चलता है। सुक्रोज ATP की ऊर्जा से चालनी नलिका में जाता है, परासरण दाब बढ़ता है और जल अंदर आता है। वसंत में जड़ का संग्रह कलियों की ओर चढ़ता है।

क्रियाकलाप 5.8 — पौधे वाले गमले पर पानी की बूँदेंक्रियाकलाप

एक ही माप के दो छोटे गमले लो, मिट्टी भी बराबर। एक में पौधा हो। दूसरे में पौधे जितनी ऊँची छड़ी गाड़ दो। दोनों की मिट्टी प्लास्टिक शीट से ढक दो, ताकि वाष्पन मिट्टी से न हो। फिर दोनों को प्लास्टिक से ढककर आधे घंटे तेज धूप में रखो।

पौधे वाले आवरण के अंदर पानी की बूँदें दिखती हैं। छड़ी वाले में नहीं। पत्ती से जलवाष्प का निकलना वाष्पोत्सर्जन है। यह जाइलम का जल ऊपर खींचता है, खनिज साथ लाता है और पत्ती को ठंडा रखता है।

नेफ्रॉन छानता है, नली लौटाती हैनोट्स

मनुष्य में एक जोड़ी वृक्क, मूत्रवाहिनी, मूत्राशय और मूत्रमार्ग होते हैं। नाइट्रोजनी अपशिष्ट, जैसे यूरिया, वृक्क में रक्त से अलग होता है। हर वृक्क में असंख्य नेफ्रॉन हैं। केशिकाओं का गुच्छा कप जैसे बोमन संपुट में छनित छोड़ता है।

शुरुआती छनित में ग्लूकोज, अमीनो अम्ल, लवण और बहुत जल होता है। नली में ये चुनकर वापस रक्त में चले जाते हैं। जल की वापसी शरीर के अतिरिक्त जल और घुले अपशिष्ट पर निर्भर है। स्वस्थ वयस्क में छनित लगभग 180 लीटर प्रति दिन बनता है, मूत्र केवल एक-दो लीटर। कृत्रिम वृक्क में नली अर्धपारगम्य होती है और अपोहन द्रव में नाइट्रोजनी अपशिष्ट नहीं होता। वहाँ पुनरवशोषण नहीं होता।

पौधे अतिरिक्त जल वाष्पोत्सर्जन से छोड़ते हैं। अन्य अपशिष्ट रसधानी में, गिरती पत्तियों में, पुराने जाइलम में रेजिन और गोंद के रूप में, या आसपास की मिट्टी में छोड़ते हैं। प्रकाश-संश्लेषण की ऑक्सीजन भी एक अर्थ में अपशिष्ट है।

हल किया हुआ उदाहरणउदाहरण

प्रश्न: 180 लीटर छनित से मूत्र एक-दो लीटर कैसे बचता है?

उत्तर: नेफ्रॉन की नली ग्लूकोज, अमीनो अम्ल, उपयोगी लवण और अधिकतर जल को रक्त में लौटा देती है। यही पुनरवशोषण है। अपोहन में यह कदम नहीं होता, इसलिए कृत्रिम वृक्क केवल अपशिष्ट हटाता है, उपयोगी पदार्थ नहीं लौटाता।

10-सेकंड रिवीजन
  • वाष्पोत्सर्जन दिन का मुख्य खिंचाव है, जड़ दाब रात का
  • फ्लोएम ATP खर्च करके भोजन दोनों ओर ले जाता है
  • छनित लगभग 180 L, मूत्र 1–2 L; शेष पुनरवशोषित
बोर्ड टिप · BSEBबोर्ड टिप

वस्तुनिष्ठ में जल जाइलम का काम है, भोजन फ्लोएम का। दिशा भी याद रखो: जाइलम ऊपर, फ्लोएम दोनों ओर।

बोर्ड टिप · CBSEबोर्ड टिप

CBSE कूपिका और नेफ्रॉन की तुलना पूछता है। दोनों में पतली केशिकाएँ हैं। नेफ्रॉन में पुनरवशोषण अतिरिक्त कदम है।

समझ जाँचोसब सही = महारत ★
1
क्रियाकलाप 5.8 में पानी की बूँदें किस आवरण पर दिखती हैं?
जाँच
2
फ्लोएम केवल नीचे की ओर भोजन ले जाता है।
जाँच
3
वृक्क की छानने वाली इकाई को ______ कहते हैं।
जाँच
4
स्वस्थ वयस्क में प्रति दिन छनित लगभग कितना बनता है?
जाँच
5
अपोहन में उपयोगी पदार्थों का पुनरवशोषण भी होता है।
जाँच
6
जाइलम और फ्लोएम में तीन अंतर लिखो। दिन और रात का जल-चढ़ाव भी बताओ।
जाँच3 अंक
प्रश्न बैंक →

❓ पूरा प्रश्न बैंक — उत्तर व व्याख्या सहित — 67 प्रश्न

कोई भी प्रश्न «सत्यापित PYQ» नहीं है। BSEB वाला सेट मॉडल अभ्यास है। CBSE वाले प्रश्न CBSE-शैली हैं, किसी वर्ष के पेपर की प्रति नहीं।

बहुविकल्पी

0/14
एक विकल्प चुनो। गलत पर संकेत मिलेगा।
1
जीवित होने की पूरी पहचान केवल यही नहीं है —
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
2
स्वपोषी का उदाहरण है —
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
3
मंड की जाँच का अभिकर्मक है —
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
4
काला कागज रोकता है —
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
5
पक्ष्माभ से भोजन समेटने वाला जीव है —
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
6
वसा का पायस बनाता है —
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
7
पायरुवेट का वायवीय विखंडन होता है —
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
8
पेशी में ऑक्सीजन कम हो तो पायरुवेट बनता है —
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
9
जलीय जीव तेज़ साँस लेते हैं क्योंकि —
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
10
मछली के हृदय में कोष्ठ होते हैं —
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
11
सामान्य अनुशिथिलन दाब लगभग है —
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
12
आँत से पची वसा ले जाता है —
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
13
दिन में जाइलम के जल का मुख्य खिंचाव है —
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
14
बोमन संपुट किसका हिस्सा है?
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
↑ प्रश्न-हब

सही / गलत

0/8
1
विषाणु संक्रमण से पहले अपनी ओर से आणविक गति नहीं दिखाते।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
2
रेगिस्तानी पौधे कार्बन डाइऑक्साइड केवल कड़ी दोपहर में लेते हैं।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
3
लार मंड को सरल शर्करा में तोड़ती है।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
4
पित्त में वसा पचाने वाला एंजाइम होता है।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
5
वायवीय श्वसन अवायवीय से अधिक ऊर्जा देता है।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
6
कार्बन डाइऑक्साइड मुख्य रूप से हीमोग्लोबिन पर चढ़कर चलती है।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
7
शिराओं में वाल्व रक्त को एक दिशा में रखते हैं।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
8
अपोहन द्रव में नाइट्रोजनी अपशिष्ट भरे होते हैं।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
↑ प्रश्न-हब

रिक्त स्थान

0/8
1
पौधों में भोजन का भंडार ______ है और हमारे शरीर में ग्लाइकोजन।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
2
रंध्र को खोलने और बंद करने वाली कोशिकाएँ ______ कहलाती हैं।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
3
आमाशय की दीवार को अम्ल से ______ बचाता है।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
4
कोशिका की ऊर्जा-मुद्रा ______ है।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
5
गले की वायु-नली को पिचकने से ______ के छल्ले रोकते हैं।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
6
थक्का बनाने में ______ मदद करते हैं।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
7
जड़ से पत्ती तक जल ______ ले जाता है।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
8
नेफ्रॉन का कप जैसा छोर ______ संपुट कहलाता है।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
↑ प्रश्न-हब

मिलान करो

0/2
1
एंजाइम या रस को उसके काम से मिलाओ।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)2 अंक
स्तंभ B: A. मंड को शर्करा · B. आमाशय में प्रोटीन · C. वसा को वसा अम्ल · D. वसा की बूँद छोटी करना
1. लार-एमिलेस
2. पेप्सिन
3. लाइपेज
4. पित्त
2
क्रियाकलाप को उसकी देखी बात से मिलाओ।
NCERT-शैली · अभ्यास2 अंक
स्तंभ B: A. हरा भाग नीला-काला · B. चूने का पानी जल्दी दूधिया · C. मुँह और प्रच्छद एक लय में · D. पौधे पर पानी की बूँदें
1. 5.1 चितकबरी पत्ती
2. 5.4 फूँक
3. 5.6 मछली
4. 5.8 गमला
↑ प्रश्न-हब

अभिकथन–कारण

0/5
पहले दोनों कथन जाँचो, फिर देखो कि कारण व्याख्या है या नहीं।
1

अभिकथन (A): चितकबरी पत्ती का हरा भाग ही आयोडीन से नीला-काला होता है।

कारण (R): मंड वहीं बनता है जहाँ क्लोरोफिल होता है।

बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
2

अभिकथन (A): छोटी आँत में पचे भोजन का अवशोषण रसांकुर बढ़ाते हैं।

कारण (R): रसांकुर आमाशय की जठर ग्रंथियाँ हैं।

बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
3

अभिकथन (A): वायवीय श्वसन में ऑक्सीजन लगती है।

कारण (R): इस मार्ग में ATP बन सकता है।

CBSE-शैली · योग्यता-आधारित (PYQ नहीं)1 अंक
4

अभिकथन (A): पक्षियों और स्तनधारियों में ऑक्सीजनयुक्त रक्त अलग रखा जाता है।

कारण (R): उन्हें शरीर का ताप बनाए रखने के लिए ऑक्सीजन की कुशल आपूर्ति चाहिए।

NCERT-शैली · अभ्यास1 अंक
5

अभिकथन (A): अपोहन में ग्लूकोज का पुनरवशोषण हो जाता है।

कारण (R): नेफ्रॉन की नली उपयोगी पदार्थ रक्त में लौटाती है।

बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
↑ प्रश्न-हब

समीकरण संतुलन

0/4
1
प्रकाश-संश्लेषण का समीकरण संतुलित करो।
NCERT-शैली · अभ्यास2 अंक
CO2 + H2O → C6H12O6 + O2
2
वायवीय श्वसन संतुलित करो।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)2 अंक
C6H12O6 + O2 → CO2 + H2O
3
यीस्ट के किण्वन को संतुलित करो। यह एथेनॉल और कार्बन डाइऑक्साइड देता है।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)2 अंक
C6H12O6 → C2H5OH + CO2
4
पेशी में लैक्टिक अम्ल बनने का समीकरण संतुलित करो।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
C6H12O6 → C3H6O3
↑ प्रश्न-हब

वर्गीकरण

0/2
1
हर जीव को स्वपोषी, मृतोपजीवी या परजीवी में रखो।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)2 अंक
हरा पौधा
ब्रेड की फफूँद
अमरबेल
यीस्ट
2
रक्त के मार्ग को धमनी, शिरा या केशिका में रखो।
NCERT-शैली · अभ्यास2 अंक
हृदय से अंग की ओर, मोटी दीवार
अंग से हृदय की ओर, वाल्व
दीवार एक कोशिका मोटी
↑ प्रश्न-हब

अति लघु उत्तरीय

0/5
1
जैव प्रक्रम की परिभाषा एक पंक्ति में लिखो।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
2
रंध्र क्या है?
बोर्ड-शैली (अभ्यास)1 अंक
3
क्रमाकुंचन किसे कहते हैं?
NCERT-शैली · अभ्यास2 अंक
4
ATP का एक उपयोग लिखो। ऊर्जा का मान भी दो।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)2 अंक
5
मूल दाब और वाष्पोत्सर्जन खिंचाव में दिन-रात का अंतर लिखो।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)2 अंक
↑ प्रश्न-हब

लघु उत्तरीय

0/4
1
स्वपोषी और परपोषी पोषण में तीन अंतर लिखो।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)3 अंक
2
मानव आहार नाल में वसा कैसे पचती है? जगह का नाम लो।
NCERT-शैली · अभ्यास3 अंक
3
ग्लूकोज के ऑक्सीकरण के तीन मार्ग लिखो। प्रत्येक की जगह बताओ।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)3 अंक
4
पौधे अपशिष्ट कैसे छोड़ते हैं? चार तरीके लिखो।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)3 अंक
↑ प्रश्न-हब

दीर्घ उत्तरीय

0/3
1
प्रकाश-संश्लेषण के लिए क्लोरोफिल, धूप और कार्बन डाइऑक्साइड ज़रूरी हैं। तीनों को एक-एक प्रयोग से दिखाओ।
बोर्ड-शैली (अभ्यास)5 अंक
2
मनुष्य के हृदय में रक्त का मार्ग लिखो। दोहरा परिसंचरण क्यों उपयोगी है?
NCERT-शैली · अभ्यास5 अंक
3
नेफ्रॉन की बनावट और मूत्र बनने की क्रिया लिखो। अपोहन इससे कैसे अलग है?
BSEB मॉडल · अभ्यास (वार्षिक नहीं)5 अंक
↑ प्रश्न-हब

BSEB मॉडल प्रश्न-पत्र · अभ्यास

0/6

यह मॉडल सेट अभ्यास के लिए है। किसी वर्ष की वार्षिक परीक्षा का प्रश्न नहीं है। स्रोत पृष्ठ मिलने पर ही वार्षिक प्रश्न जोड़े जाएँगे।

1
वृक्क किस तंत्र का अंग है?
BSEB मॉडल · अभ्यास (वार्षिक नहीं)1 अंक
2
जाइलम का मुख्य काम है —
BSEB मॉडल · अभ्यास (वार्षिक नहीं)1 अंक
3
प्रकाश-संश्लेषण के लिए क्लोरोफिल के अलावा बाहर से ______ और जल चाहिए।
BSEB मॉडल · अभ्यास (वार्षिक नहीं)1 अंक
4
दाँतों में छेद कैसे शुरू होता है? एक बचाव लिखो।
BSEB मॉडल · अभ्यास (वार्षिक नहीं)2 अंक
5
प्रकाश-संश्लेषण संतुलित करो। गुणांक 6, 6, 1, 6 रखो।
BSEB मॉडल · अभ्यास (वार्षिक नहीं)2 अंक
CO2 + H2O → C6H12O6 + O2
6
मानव श्वसन तंत्र हवा को नाक से कूपिका तक कैसे ले जाता है? ऑक्सीजन रक्त में कैसे चढ़ती है?
BSEB मॉडल · अभ्यास (वार्षिक नहीं)5 अंक
↑ प्रश्न-हब

CBSE-शैली प्रश्न

0/6

ये योग्यता-आधारित अभ्यास प्रश्न हैं। किसी CBSE प्रश्नपत्र की प्रति नहीं हैं।

1
एक छात्र ने मंड की दो नलियाँ रखीं। केवल A में लार डाली। 30 मिनट बाद आयोडीन से B नीली-काली हुई, A नहीं। निष्कर्ष है —
CBSE-शैली · योग्यता-आधारित (PYQ नहीं)1 अंक
2
पत्ती का आधा भाग काले कागज से ढका था। आयोडीन के बाद केवल खुला भाग नीला-काला हुआ। इससे सिद्ध होता है कि ज़रूरी है —
CBSE-शैली · योग्यता-आधारित (PYQ नहीं)1 अंक
3

अभिकथन (A): साँस से निकली हवा पिचकारी की हवा से जल्दी चूने के पानी को दूधिया करती है।

कारण (R): साँस की हवा में कार्बन डाइऑक्साइड अधिक होती है।

CBSE-शैली · योग्यता-आधारित (PYQ नहीं)1 अंक
4

अभिकथन (A): हीमोग्लोबिन की कमी से थकान हो सकती है।

कारण (R): हीमोग्लोबिन आँत में वसा पचाता है।

CBSE-शैली · योग्यता-आधारित (PYQ नहीं)1 अंक
5
दो गमले धूप में रखे हैं। मिट्टी प्लास्टिक से ढकी है। एक में पौधा है, दूसरे में छड़ी। आधे घंटे बाद केवल पौधे के आवरण पर बूँदें हैं। क्या सिद्ध होता है?
CBSE-शैली · योग्यता-आधारित (PYQ नहीं)3 अंक
6
एक व्यक्ति की वृक्क विफल हो गई है। अपोहन उसका रक्त कैसे साफ करता है, और नेफ्रॉन से एक अंतर क्या है?
CBSE-शैली · योग्यता-आधारित (PYQ नहीं)3 अंक
↑ प्रश्न-हब

🏛️ बोर्ड परीक्षा कॉर्नर — बिहार बोर्ड (BSEB)— CBSE

ऊपर «BSEB | CBSE» से बोर्ड बदलो। पाठ वही NCERT है।

BSEB मॉडल · अभ्यासबोर्ड टिप

इस पेज पर वार्षिक परीक्षा का सत्यापित प्रश्न नहीं है, क्योंकि स्रोत पृष्ठ नहीं जोड़ा गया। नीचे मॉडल सेट बोर्ड के पैटर्न पर अभ्यास के लिए है।

🏛️ मॉडल प्रश्न एक पेज पर →

सत्यापित लेबल तभी लगेगा जब प्रश्न का स्रोत पृष्ठ उपलब्ध हो।

CBSE-शैली · योग्यता-आधारित

ये केस और अभिकथन-कारण अभ्यास हैं। इन्हें CBSE का पुराना प्रश्न मत समझो।

CBSE-शैली प्रश्न खोलो →

🔁 स्पेस्ड रिव्यू — आज के प्रश्न

गलत प्रश्न जल्दी लौटते हैं, सही वाले कुछ दिन बाद।

🧠 आपने क्या सीखा + समीकरण-पत्रक

आपने क्या सीखा

क्यायाद रखने लायक
प्रकाश-संश्लेषण6CO2 + 6H2O → C6H12O6 + 6O2
वायवीय श्वसनC6H12O6 + 6O2 → 6CO2 + 6H2O
यीस्ट किण्वनC6H12O6 → 2C2H5OH + 2CO2
ATPएक फॉस्फेट टूटने पर 30.5 kJ/mol
रक्तचापलगभग 120 / 80 mm Hg
मूत्रछनित लगभग 180 L, मूत्र 1–2 L प्रति दिन

नोट्स मूल लेखन हैं। पाठ्यपुस्तक केवल क्रम और क्रियाकलाप-संख्या के लिए संदर्भ है। «सत्यापित» केवल स्रोत पृष्ठ वाले प्रश्न पर लिखा जाएगा।