किसमें नया पदार्थ (गैस, राख) बनता है?
कोयला जलकर CO2 और राख बनाता है — नया पदार्थ, इसलिए रासायनिक। बाकी तीनों में पदार्थ वही रहता है।
कक्षा 10 · विज्ञान · अध्याय 1 · बिहार बोर्ड (BSEB)CBSE · NCERT 2026-27
Chemical Reactions and Equations
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What is a chemical reaction? Physical vs chemical change · NCERT परिचय
अपने आस-पास देखो — गर्मी में बाहर रखा दूध खट्टा हो जाता है, नम हवा में लोहे का तवा या कील जंग खा जाती है, अंगूर का किण्वन होता है, खाना पकता है, हमारा शरीर भोजन पचाता है और हम साँस लेते हैं। इन सभी में शुरू वाले पदार्थ की प्रकृति और पहचान बदल जाती है।
जब नया पदार्थ बनता है तो उसे रासायनिक परिवर्तन कहते हैं, और जिस प्रक्रिया से यह होता है उसे रासायनिक अभिक्रिया कहते हैं।
| आधार | भौतिक परिवर्तन | रासायनिक परिवर्तन |
|---|---|---|
| नया पदार्थ बनता है? | नहीं — पदार्थ वही रहता है | हाँ — नया पदार्थ बनता है |
| उलटा करना | प्रायः आसान (बर्फ ↔ पानी) | प्रायः कठिन (दही से दूध नहीं बनता) |
| उदाहरण | बर्फ/मोम पिघलना, नमक घुलना, कागज़ मोड़ना | दूध → दही, कोयला जलना, जंग लगना, भोजन पचना |
बर्फ → पानी = भौतिक परिवर्तन (H2O वही रहता है)। दूध → दही = रासायनिक परिवर्तन (दूध की शर्करा लैक्टोज़ से लैक्टिक अम्ल बनता है)।
मोमबत्ती जलाना — इसमें दोनों होते हैं! मोम का पिघलना = भौतिक; बत्ती पर मोम का जलकर CO2 और जलवाष्प बनना = रासायनिक।
चीनी को पानी में घोलना — भौतिक (पानी उड़ा दो तो चीनी वापस मिल जाती है)।
भोजन का पचना — रासायनिक (भोजन टूटकर ग्लूकोज़ जैसे नए पदार्थ बनते हैं)।





वस्तुनिष्ठ प्रश्नों में अक्सर पूछा जाता है «कौन-सा रासायनिक परिवर्तन है?» — पहचान: नया पदार्थ बना या नहीं। दूध से दही, लोहे में जंग, भोजन का पचना = रासायनिक; बर्फ़ पिघलना, पानी उबलना = भौतिक।
CBSE में स्थिति-आधारित प्रश्न आते हैं: «सब्ज़ी काटकर रखने पर रंग बदलना — भौतिक या रासायनिक, कारण सहित?» उत्तर में प्रमाण (रंग/गंध/गैस/ताप में बदलाव) ज़रूर लिखो।
किसमें नया पदार्थ (गैस, राख) बनता है?
कोयला जलकर CO2 और राख बनाता है — नया पदार्थ, इसलिए रासायनिक। बाकी तीनों में पदार्थ वही रहता है।
H2O ठोस से द्रव बना — पदार्थ वही, केवल अवस्था बदली। यह भौतिक परिवर्तन है।
पूछो — नया पदार्थ बना या नहीं?
दही में स्वाद (खट्टा) और संरचना बदल जाती है क्योंकि नया पदार्थ बनता है; इसे वापस दूध नहीं बना सकते।
Activity 1.1 — burning a magnesium ribbon · NCERT क्रियाकलाप 1.1 · पाठ्य प्रश्न 1
3–4 cm लंबे मैग्नीशियम रिबन को रेगमाल (sand paper) से रगड़कर साफ़ करो, चिमटे से पकड़कर स्पिरिट लैंप या बर्नर पर जलाओ और बनी राख को वॉच-ग्लास में इकट्ठा करो।
क्या दिखता है? रिबन चमकदार सफ़ेद लौ के साथ जलता है और सफ़ेद चूर्ण बचता है — यह मैग्नीशियम ऑक्साइड (MgO) है।
रगड़ते क्यों हैं? हवा में रखे Mg पर धीरे-धीरे MgO की एक परत जम जाती है। यह परत Mg को ऑक्सीजन से मिलने नहीं देती, इसलिए रिबन ठीक से नहीं जलता। रगड़ने से परत हट जाती है और चमकदार Mg सामने आ जाता है।
सुरक्षा: रिबन चिमटे से पकड़ो, जलते रिबन को आँखों से दूर रखो और उसकी तेज़ रोशनी को देर तक मत देखो।
प्रश्न: वायु में जलाने से पहले मैग्नीशियम रिबन को साफ़ क्यों किया जाता है?
उत्तर: मैग्नीशियम रिबन पर वायु की ऑक्सीजन से मैग्नीशियम ऑक्साइड की परत जम जाती है, जो जलने में रुकावट डालती है। रेगमाल से रगड़ने पर यह परत हट जाती है और शुद्ध Mg ऑक्सीजन से सीधे अभिक्रिया करके आसानी से जलता है।


2 अंक के प्रश्न «मैग्नीशियम रिबन को जलाने से पहले रेगमाल से क्यों साफ़ करते हैं?» के लिए एक लाइन याद रखो: ऊपर की MgO / कार्बोनेट की परत हटाने के लिए, ताकि Mg सीधे ऑक्सीजन से जुड़े।
प्रेक्षण → निष्कर्ष के रूप में लिखो: चमकदार सफ़ेद लौ + सफ़ेद चूर्ण → नया पदार्थ MgO बना। संतुलित समीकरण 2Mg + O₂ → 2MgO साथ में दो।
Mg वायु की ऑक्सीजन से मिलकर मैग्नीशियम ऑक्साइड (MgO) बनाता है — सफ़ेद चूर्ण।
हवा में रखे रिबन पर कौन-सी परत जम जाती है?
MgO की परत ऑक्सीजन को Mg तक पहुँचने नहीं देती; रगड़ने से परत हटती है और रिबन ठीक से जलता है।
बाईं ओर O के 2 परमाणु हैं — दाईं ओर MgO के आगे क्या लगाओगे? फिर Mg बराबर करो।
O: 2 = 2, Mg: 2 = 2 ✓
Activities 1.2 & 1.3 — signs that a reaction has happened · NCERT क्रियाकलाप 1.2, 1.3
लेड नाइट्रेट के रंगहीन विलयन में पोटैशियम आयोडाइड का रंगहीन विलयन डालो — तुरंत चमकीला पीला अवक्षेप बनता है। यह लेड आयोडाइड (PbI2) है।
शंक्वाकार फ्लास्क में जिंक के दाने लेकर तनु सल्फ़्यूरिक अम्ल (या तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल) डालो — जिंक के चारों ओर बुलबुले (H2 गैस) बनते हैं और फ्लास्क गरम हो जाता है। जलती तीली पास लाने पर «पॉप» की आवाज़ = हाइड्रोजन की पहचान।
(i) रंग परिवर्तन — लोहे की कील को CuSO4 विलयन में डालने पर नीला रंग हल्का हरा हो जाता है।
(ii) गैस निकलना — Zn पर तनु H2SO4 डालने से H2 के बुलबुले।
(iii) तापमान परिवर्तन — CaO में पानी डालने पर बीकर गरम।
(iv) अवक्षेप बनना — Pb(NO3)2 + KI से पीला ठोस PbI2।





अभिक्रिया के चार संकेत (अवस्था बदलना, रंग बदलना, गैस निकलना, ताप बदलना) की सूची वस्तुनिष्ठ और लघु उत्तरीय, दोनों में काम आती है — हर एक का एक उदाहरण याद रखो।
प्रश्न दे सकता है: «परखनली गर्म हुई और बुलबुले निकले — इससे क्या निष्कर्ष?» → ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया + गैस बनी। संकेत को कारण से जोड़ो।
लेड आयोडाइड (PbI2) चमकीले पीले रंग का अघुलनशील ठोस है।
हाइड्रोजन गैस हवा में जलती है...
H₂ जलती तीली के पास «पॉप» की आवाज़ के साथ जलती है। चूने का पानी दूधिया होना CO2 की पहचान है।
काटने से केवल आकार बदला, नया पदार्थ नहीं बना — भौतिक परिवर्तन।
Writing a chemical equation — word, formula and skeletal · NCERT 1.1, 1.1.1
किसी अभिक्रिया को छोटे और साफ़ ढंग से लिखने का तरीका = रासायनिक समीकरण।
2. सूत्र-समीकरण — शब्दों की जगह रासायनिक सूत्र लिखो:
अब परमाणु गिनो — बाईं ओर O के 2 परमाणु, दाईं ओर केवल 1। दोनों ओर परमाणु बराबर नहीं हैं, अर्थात समीकरण असंतुलित है। ऐसे असंतुलित सूत्र-समीकरण को कंकाली समीकरण (skeletal equation) कहते हैं।
शब्द: जिंक + सल्फ़्यूरिक अम्ल → जिंक सल्फ़ेट + हाइड्रोजन
सूत्र: Zn + H2SO4 → ZnSO4 + H2
गिनती: Zn 1 = 1 · H 2 = 2 · S 1 = 1 · O 4 = 4 → यह पहले से ही संतुलित है।
शब्द-समीकरण → सूत्र-समीकरण बदलने वाले प्रश्न सीधे आते हैं। अभिकारक बाएँ, उत्पाद दाएँ, बीच में तीर (→) और «+» — «=» कभी मत लगाओ।
ढाँचा समीकरण (skeletal) को पहचानना सीखो — CBSE पूछ सकता है «यह समीकरण द्रव्यमान संरक्षण का पालन क्यों नहीं करता?» → दोनों ओर परमाणु बराबर नहीं हैं।
बाईं ओर अभिकारक (reactants), दाईं ओर उत्पाद (products)।
जिस सूत्र-समीकरण में दोनों ओर परमाणुओं की संख्या बराबर न हो, वह कंकाली (skeletal) समीकरण है।
O2 में नीचे लिखी छोटी संख्या देखो।
O2 = ऑक्सीजन के 2 परमाणु; दाईं ओर MgO में केवल 1 — इसलिए असंतुलित।
Balancing — law of conservation of mass and the hit-and-trial method · NCERT 1.1.2
किसी भी रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान न तो बनाया जा सकता है, न नष्ट किया जा सकता है। मतलब — परमाणु न बनते हैं, न गायब होते हैं; सिर्फ़ नए ढंग से जुड़ते हैं। इसलिए हर तत्व के परमाणुओं की संख्या दोनों ओर बराबर होनी चाहिए। ऐसा समीकरण संतुलित रासायनिक समीकरण कहलाता है।
अंदाज़ा लगाओ → गिनो → सुधारो — इस तरीके को हिट एंड ट्रायल विधि कहते हैं। गुणांक हमेशा सबसे छोटे पूर्ण अंक हों।
| तत्व | बाईं ओर | दाईं ओर |
|---|---|---|
| Fe | 1 | 3 |
| H | 2 | 2 |
| O | 1 | 4 |
चरण 1 — O (सबसे बड़ा यौगिक Fe3O4, उसमें O = 4): H₂O के आगे 4 → Fe + 4H2O → Fe3O4 + H2
चरण 2 — H: अब बाईं ओर H = 8, तो दाईं ओर H₂ के आगे 4 → Fe + 4H2O → Fe3O4 + 4H2
चरण 3 — Fe: दाईं ओर Fe = 3, तो बाईं ओर 3Fe →
जाँच: Fe 3 = 3 · H 8 = 8 · O 4 = 4 ✓ संतुलित।


«रासायनिक समीकरण को संतुलित करना क्यों आवश्यक है?» — उत्तर: द्रव्यमान संरक्षण का नियम; परमाणु न बनते हैं न नष्ट होते हैं। यह 2 अंक का पसंदीदा प्रश्न है।
संतुलन करते समय सूत्र (subscript) कभी मत बदलो, केवल गुणांक बदलो — CBSE के अभिकथन–कारण प्रश्न इसी पर बनते हैं।
द्रव्यमान संरक्षण: अभिक्रिया में कुल द्रव्यमान (और परमाणुओं की संख्या) नहीं बदलती।
सूत्र के अंदर कुछ नहीं बदलता — संख्या सूत्र के आगे लगती है।
गुणांक सूत्र के आगे लगता है: 4H2O। H2O4 बिल्कुल अलग पदार्थ होगा।
पहले O बराबर करो (Fe3O4 में 4 O), फिर H, अंत में Fe।
Fe 3 = 3, H 8 = 8, O 4 = 4 ✓
Balancing drills — easy, harder and word statements · NCERT पाठ्य प्रश्न 2 · अभ्यास 5, 6
H2 + Cl2 → 2HCl
2Na + 2H2O → 2NaOH + H2
SO4, NO3, OH जैसे समूह दोनों ओर वैसे ही रहें, तो उन्हें एक «ब्लॉक» मानकर गिनो।
3BaCl2 + Al2(SO4)3 → 3BaSO4 + 2AlCl3
(SO₄ ब्लॉक: बाईं ओर 3, दाईं ओर 3 · Ba 3 = 3 · Al 2 = 2 · Cl 6 = 6)
2HNO3 + Ca(OH)2 → Ca(NO3)2 + 2H2O
2NaOH + H2SO4 → Na2SO4 + 2H2O
BaCl2 + H2SO4 → BaSO4 + 2HCl
पहले शब्द-समीकरण, फिर सूत्र, फिर संतुलन।
- नाइट्रोजन + हाइड्रोजन → अमोनिया: N2 + 3H2 → 2NH3
- हाइड्रोजन सल्फ़ाइड का वायु में दहन: 2H2S + 3O2 → 2H2O + 2SO2
- पोटैशियम + जल: 2K + 2H2O → 2KOH + H2
परीक्षा में समीकरण लिखो तो संतुलित ही लिखो — बिना संतुलन के अंक कटते हैं। आख़िर में हर तत्व के परमाणु दोनों ओर गिनकर जाँचो।
शब्दों में दी गई अभिक्रिया («बेरियम क्लोराइड + सोडियम सल्फेट …») को खुद सूत्रों में बदलकर संतुलित करना पड़ता है — रोज़ 2 ऐसे अभ्यास करो।
H2 के 2 H के लिए NaOH और H₂O दोनों को 2 करना पड़ेगा।
Na 2 = 2, H 4 = 4, O 2 = 2 ✓
SO₄ को एक ब्लॉक मानो: Al2(SO4)3 में 3 SO₄ हैं → 3BaSO₄।
Ba 3 = 3, SO₄ 3 = 3, Al 2 = 2, Cl 6 = 6 ✓
N के 2 परमाणु → 2NH₃; फिर H गिनो।
N 2 = 2, H 6 = 6 ✓
State symbols (s)(l)(g)(aq), ↑ ↓ and reaction conditions · NCERT 1.1.2 (चरण VII) · पाठ्य प्रश्न 3
समीकरण को और जानकारी भरा बनाने के लिए हर पदार्थ के आगे उसकी भौतिक अवस्था लिखते हैं:
| संकेत | अर्थ | उदाहरण |
|---|---|---|
| (s) | ठोस (solid) | Fe(s), MgO(s) |
| (l) | द्रव (liquid) | H2O(l) |
| (g) | गैस (gas) | O2(g), भाप = H2O(g) |
| (aq) | जलीय विलयन — पानी में घुला | NaCl(aq), CuSO4(aq) |
| ↑ | गैस निकली | H2↑ |
| ↓ | अवक्षेप बना | BaSO4↓ |
ध्यान दो — भाप (गैस) के रूप में जल को H2O(g) लिखते हैं:
अवस्था संकेत आमतौर पर तभी लिखते हैं जब ज़रूरी हो या प्रश्न में माँगा जाए।
ताप, दाब, उत्प्रेरक या प्रकाश जैसी शर्तें तीर पर लिखी जाती हैं —
CO(g) + 2H2(g) 340 atm→ CH3OH(l)
6CO2(aq) + 12H2O(l) सूर्य का प्रकाश→क्लोरोफ़िल C6H12O6(aq) + 6O2(aq) + 6H2O(l)
(i) बेरियम क्लोराइड और सोडियम सल्फ़ेट के जलीय विलयन → अघुलनशील बेरियम सल्फ़ेट + सोडियम क्लोराइड का विलयन:
BaCl2(aq) + Na2SO4(aq) → BaSO4(s) + 2NaCl(aq)
(ii) सोडियम हाइड्रॉक्साइड विलयन + हाइड्रोक्लोरिक अम्ल विलयन → सोडियम क्लोराइड विलयन + जल:
NaOH(aq) + HCl(aq) → NaCl(aq) + H2O(l)
ट्रिक: «अघुलनशील / अवक्षेप» → (s) · «विलयन» → (aq) · शुद्ध जल → (l) · भाप → (g)





(s), (l), (g), (aq) के अर्थ वस्तुनिष्ठ प्रश्न में पूछे जाते हैं — (aq) = जलीय विलयन। तीर के ऊपर/नीचे ताप, दाब, उत्प्रेरक लिखना याद रखो।
अवस्था-संकेत वाला पूरा समीकरण माँगा जाए तो हर पदार्थ के साथ संकेत लिखो, जैसे Zn(s) + H₂SO₄(aq) → ZnSO₄(aq) + H₂(g)।
भाप गैस है, इसलिए H2O(g) — जैसे 3Fe(s) + 4H2O(g) → Fe3O4(s) + 4H2(g)
BaSO₄ पानी में नहीं घुलता — अवक्षेप बनता है।
अघुलनशील अवक्षेप = ठोस, इसलिए BaSO4(s)।
ताप, दाब, उत्प्रेरक, प्रकाश जैसी शर्तें तीर के ऊपर/नीचे लिखते हैं।
Types of reactions · combination reaction · whitewashing · NCERT 1.2, 1.2.1 · क्रियाकलाप 1.4 · पाठ्य प्रश्न (पदार्थ X)
अभिक्रिया में परमाणु न नष्ट होते हैं, न नए बनते हैं, न एक तत्व दूसरे तत्व में बदलता है — बस परमाणुओं के बीच के बंध टूटते और नए बनते हैं। इसी आधार पर अभिक्रियाओं के प्रकार बनते हैं (नीचे चित्र)।
जब दो या अधिक पदार्थ (तत्व या यौगिक) मिलकर एक ही उत्पाद बनाते हैं।
बीकर में थोड़ा कैल्शियम ऑक्साइड (बिना बुझा चूना) लेकर धीरे-धीरे पानी डालो — बीकर बहुत गरम हो जाता है और बुझा चूना (कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड) बनता है।
बुझे चूने का विलयन दीवार पर लगाते हैं। यह वायु की CO2 से धीरे-धीरे अभिक्रिया करके दीवार पर कैल्शियम कार्बोनेट की पतली परत बनाता है — 2–3 दिन बाद दीवार चमकने लगती है। (संगमरमर का रासायनिक सूत्र भी CaCO3 है।)
(i) X = कैल्शियम ऑक्साइड (बिना बुझा चूना), सूत्र CaO।
(ii) जल के साथ अभिक्रिया — बुझा चूना बनता है और बहुत ऊष्मा निकलती है:
CaO(s) + H2O(l) → Ca(OH)2(aq) + ऊष्मा
ध्यान दो: दीवार पर जो विलयन लगता है वह बुझे चूने Ca(OH)2 का है; इसलिए कुछ पुस्तकें «X = बुझा चूना» भी लिखती हैं। पर प्रश्न का भाग (ii) «X की जल से अभिक्रिया» पूछता है — यह CaO पर ही लागू होता है।
सफ़ेदी (बिना बुझा चूना + पानी) वाला प्रश्न बार-बार आता है: CaO + H₂O → Ca(OH)₂ + ऊष्मा; दीवार पर CO₂ से CaCO₃ की चमकदार परत बनती है।
«पदार्थ X» वाले पहेली-प्रश्न में X = CaO, बुझा चूना Ca(OH)₂ — पहचान के साथ दोनों समीकरण लिखो।
बिना बुझा चूना = CaO (कैल्शियम ऑक्साइड); बुझा चूना = Ca(OH)2।
Ca(OH)₂ हवा की किस गैस से धीरे-धीरे क्रिया करता है?
Ca(OH)2(aq) + CO2(g) → CaCO3(s) + H2O(l) — CaCO₃ की पतली परत चमक देती है।
दो → एक; जलने पर ऊष्मा निकलती है; C को O मिली।
कोयले का जलना = संयोजन + ऊष्माक्षेपी; कार्बन का उपचयन (O का योग)।
Exothermic reactions — respiration, burning natural gas, compost · NCERT 1.2.1 · अभ्यास 10
जिन अभिक्रियाओं में उत्पाद बनने के साथ-साथ ऊष्मा बाहर निकलती है, उन्हें ऊष्माक्षेपी अभिक्रियाएँ कहते हैं। CaO + जल वाली अभिक्रिया में बीकर का गरम होना इसका उदाहरण है।
भोजन (चावल, आलू, रोटी के कार्बोहाइड्रेट) पाचन में टूटकर ग्लूकोज़ बनता है। कोशिकाओं में ग्लूकोज़ ऑक्सीजन से अभिक्रिया करके CO2 और जल बनाता है और साथ में ऊर्जा मुक्त होती है — इसी ऊर्जा से शरीर काम करता है और गरम रहता है। ऊर्जा बाहर निकलती है, इसलिए श्वसन ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है।

«श्वसन को ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया क्यों कहते हैं?» — ग्लूकोज़ का ऑक्सीकरण होकर ऊर्जा निकलती है: C₆H₁₂O₆ + 6O₂ → 6CO₂ + 6H₂O + ऊर्जा।
ऊष्माक्षेपी उदाहरणों को रोज़मर्रा से जोड़ो — कंपोस्ट का गर्म होना, प्राकृतिक गैस का जलना; केस-आधारित प्रश्नों में यही पूछा जाता है।
किसमें बर्तन अपने-आप गरम हो जाता है?
CaO + जल में बहुत ऊष्मा निकलती है। बाकी तीनों वियोजन हैं जिनमें ऊर्जा देनी पड़ती है (ऊष्माशोषी)।
श्वसन में ग्लूकोज़ के उपचयन से ऊर्जा निकलती है — ऊष्माक्षेपी।
पहले H बराबर करो (CH4 के 4 H → 2H₂O), फिर O गिनो।
C 1 = 1, H 4 = 4, O 4 = 4 ✓
Decomposition by heat — FeSO₄, limestone, lead nitrate · NCERT 1.2.2 · क्रियाकलाप 1.5, 1.6
जब एक अभिकारक टूटकर दो या अधिक सरल उत्पाद देता है, तो उसे वियोजन (अपघटन) अभिक्रिया कहते हैं। ऊष्मा देकर होने वाला वियोजन = ऊष्मीय वियोजन।
सूखी परखनली में लगभग 2 g हरे फ़ेरस सल्फ़ेट क्रिस्टल (FeSO4·7H2O) गरम करो। पहले क्रिस्टल का जल निकलता है और रंग बदलता है; और गरम करने पर यह टूटता है — जलते सल्फ़र जैसी गंध आती है।
(Fe2O3 = फ़ेरिक ऑक्साइड, लाल-भूरा ठोस)
कैल्शियम कार्बोनेट गरम करने पर बिना बुझा चूना बनता है, जिसका एक उपयोग सीमेंट बनाने में होता है।
लेड नाइट्रेट चूर्ण गरम करने पर भूरा धुआँ निकलता है — यह नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (NO2) है।
बाईं ओर एक ही अभिकारक + दाईं ओर दो या अधिक उत्पाद = वियोजन।
CaCO3(s) ऊष्मा→ CaO(s) + CO2(g) — 1 → 2 ✓
2Pb(NO3)2(s) ऊष्मा→ 2PbO(s) + 4NO2(g) + O2(g) — 1 → 3 ✓
(गुणांक 2 होने से अभिकारक «दो» नहीं हो जाते — पदार्थ एक ही है।)
फेरस सल्फेट गर्म करने पर रंग हरा → सफ़ेद/भूरा और जलते गंधक की गंध — यह प्रेक्षण वाला प्रश्न आम है। लेड नाइट्रेट से भूरा धुआँ (NO₂) याद रखो।
ऊष्मीय वियोजन के एक-एक उदाहरण का संतुलित समीकरण लिखने का अभ्यास करो: CaCO₃ → CaO + CO₂ (चूना उद्योग में उपयोग)।
नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (NO2) भूरे रंग की ज़हरीली गैस है; O2 रंगहीन होती है।
2FeSO4(s) ऊष्मा→ Fe2O3(s) + SO2(g) + SO3(g) — सल्फ़र के ऑक्साइड की गंध।
एक → दो; ऊष्मा देनी पड़ती है; किसी ने O लिया/दिया नहीं।
ऊष्मीय वियोजन, ऊष्माशोषी; कोई उपचयन-अपचयन नहीं।
Decomposition by electricity and light · opposite of combination · NCERT क्रियाकलाप 1.7, 1.8 · पाठ्य प्रश्न 2 · अभ्यास 11, 12
प्लास्टिक के मग में कार्बन इलेक्ट्रोड लगाकर उन्हें 6 V बैटरी से जोड़ो। मग में जल + तनु सल्फ़्यूरिक अम्ल की कुछ बूँदें डालो और दोनों इलेक्ट्रोड पर जल से भरी परखनलियाँ उलटी रखो। धारा चलाने पर दोनों इलेक्ट्रोड पर बुलबुले बनते हैं।
एक नली में गैस दोगुनी क्यों? जल (H2O) में हर एक O परमाणु के साथ दो H परमाणु होते हैं, इसलिए बनने वाली हाइड्रोजन का आयतन ऑक्सीजन का दोगुना होता है (2 : 1)। पहचान: H2 — जलती तीली «पॉप» के साथ जलती है; O2 — मोमबत्ती और तेज़ जलती है।
चायना डिश में सफ़ेद सिल्वर क्लोराइड को धूप में रखो — कुछ देर में यह धूसर (grey) हो जाता है, क्योंकि सिल्वर धातु बनती है।
2AgCl(s) सूर्य का प्रकाश→ 2Ag(s) + Cl2(g)
2AgBr(s) सूर्य का प्रकाश→ 2Ag(s) + Br2(g)
ये अभिक्रियाएँ श्वेत-श्याम (black & white) फ़ोटोग्राफ़ी में काम आती हैं — इसीलिए AgCl/AgBr को गहरे रंग की बोतलों में रखते हैं।
संयोजन में कई → एक; वियोजन में एक → कई।
| संयोजन (कई → एक) | वियोजन (एक → कई) |
|---|---|
| 2H2 + O2 → 2H2O | 2H2O → 2H2 + O2 |
| CaO + CO2 → CaCO3 | CaCO3 → CaO + CO2 |
जल के विद्युत अपघटन में कैथोड पर H₂, ऐनोड पर O₂, आयतन 2 : 1 — यह 2025 के बोर्ड पेपर में भी पूछा गया। श्वेत-श्याम फ़ोटोग्राफ़ी में AgBr / AgCl का प्रकाश से वियोजन याद रखो।
डेटा-प्रश्न: «कैथोड पर 20 mL गैस, ऐनोड पर कितनी?» → 10 mL O₂। संयोजन और वियोजन एक-दूसरे की उलटी हैं — यह तुलना पूछी जाती है।
H₂O सूत्र में H और O कितने-कितने हैं?
H₂O में H : O = 2 : 1, इसलिए H₂ का आयतन O₂ का दोगुना।
प्रकाश से वियोजन: 2AgCl(s) सूर्य का प्रकाश→ 2Ag(s) + Cl2(g) — बनी सिल्वर धूसर दिखती है।
जिसमें एक पदार्थ टूटकर कई बनाता है।
संयोजन: कई → एक; वियोजन (अपघटन): एक → कई।
Endothermic reactions · exothermic vs endothermic · group activity · NCERT 1.2.2 · अभ्यास 9 · सामूहिक क्रियाकलाप
वियोजन में अभिकारक तोड़ने के लिए ऊष्मा, प्रकाश या विद्युत के रूप में ऊर्जा देनी पड़ती है। जिन अभिक्रियाओं में ऊर्जा अवशोषित होती है (अंदर ली जाती है), वे ऊष्माशोषी अभिक्रियाएँ कहलाती हैं।
परखनली में लगभग 2 g बेरियम हाइड्रॉक्साइड लेकर उसमें 1 g अमोनियम क्लोराइड मिलाओ और काँच की छड़ से हिलाओ। परखनली की तली छूओ — ठंडी लगती है! आसपास से ऊष्मा ली गई = ऊष्माशोषी।
| ऊष्माक्षेपी 🔥 | ऊष्माशोषी ❄️ |
|---|---|
| ऊष्मा बाहर निकलती है | ऊर्जा अंदर ली जाती है |
| बर्तन गरम होता है | बर्तन ठंडा होता है (या लगातार ऊर्जा देनी पड़ती है) |
| CaO + जल, दहन, श्वसन, कंपोस्ट | CaCO₃ का वियोजन, AgCl धूप में, जल का विद्युत अपघटन, प्रकाश-संश्लेषण |
चार बीकर A, B, C, D लो — A, B, C में 25 mL जल और D में कॉपर सल्फ़ेट विलयन। तापमान नोट करो। फिर A में पोटैशियम सल्फ़ेट, B में अमोनियम नाइट्रेट, C में निर्जल कॉपर सल्फ़ेट और D में लोहे का बारीक चूर्ण डालकर हिलाओ और दोबारा तापमान नोट करो।
| बीकर | क्या डाला | सामान्यतः क्या दिखता है | निष्कर्ष |
|---|---|---|---|
| A | K2SO4 | ताप थोड़ा-सा गिरता है | ऊष्माशोषी |
| B | NH4NO3 | ताप काफ़ी गिरता है (ठंडा) | ऊष्माशोषी |
| C | निर्जल CuSO4 | ताप बढ़ता है (गरम) | ऊष्माक्षेपी |
| D | Fe चूर्ण (CuSO4 विलयन में) | ताप बढ़ता है | ऊष्माक्षेपी |
अपने प्रयोग में थर्मामीटर ने जो दिखाया वही लिखो — A में बदलाव बहुत कम हो सकता है। (A, B, C में लवण का घुलना/जलयोजन होता है; D एक विस्थापन अभिक्रिया है: Fe(s) + CuSO4(aq) → FeSO4(aq) + Cu(s))
ऊष्माक्षेपी: जिन अभिक्रियाओं में उत्पाद के साथ ऊष्मा निकलती है। उदाहरण: CH4(g) + 2O2(g) → CO2(g) + 2H2O(g)
ऊष्माशोषी: जिन अभिक्रियाओं में ऊर्जा अवशोषित होती है। उदाहरण: CaCO3(s) ऊष्मा→ CaO(s) + CO2(g)
ऊष्माक्षेपी बनाम ऊष्माशोषी का अंतर तालिका में लिखो (2 अंक) — उदाहरण: श्वसन (ऊष्माक्षेपी), प्रकाश-संश्लेषण / CaCO₃ का वियोजन (ऊष्माशोषी)।
प्रयोग-आधारित प्रश्न: «बेरियम हाइड्रॉक्साइड + अमोनियम क्लोराइड मिलाने पर बीकर ठंडा» → ऊष्माशोषी। तापमान का बदलाव ही प्रमाण है।
आसपास (हाथ) से ऊष्मा ली गई, इसलिए ठंडक — ऊष्माशोषी।
अभिकारक तोड़ने के लिए ऊष्मा, प्रकाश या विद्युत ऊर्जा देनी पड़ती है।
पौधे सूर्य के प्रकाश की ऊर्जा लेते हैं या देते हैं?
पौधे सूर्य-प्रकाश की ऊर्जा सोखकर ग्लूकोज़ बनाते हैं — ऊष्माशोषी।
Displacement reactions · reactivity · metal + dilute acid · NCERT 1.2.3 · क्रियाकलाप 1.9 · पाठ्य प्रश्न 1 · अभ्यास 2, 3, 7, 14
जब अधिक अभिक्रियाशील (सक्रिय) तत्व, कम सक्रिय तत्व को उसके यौगिक से हटा देता है, तो उसे विस्थापन अभिक्रिया कहते हैं: A + BC → AC + B
रेगमाल से साफ़ की गई लोहे की कीलें नीले कॉपर सल्फ़ेट विलयन में लगभग 20 मिनट डुबोओ। कील पर भूरी परत (कॉपर) जम जाती है और विलयन का नीला रंग फीका होकर हल्का हरा हो जाता है (फ़ेरस सल्फ़ेट बनता है)।
धातु + तनु अम्ल → लवण + हाइड्रोजन (यह भी विस्थापन है — धातु ने अम्ल से H को हटाया):
Fe(s) + 2HCl(aq) → FeCl2(aq) + H2(g)
Mg(s) + 2HCl(aq) → MgCl2(aq) + H2(g)
Fe2O3 + 2Al → Al2O3 + 2Fe — Al ने आयरन ऑक्साइड से Fe को हटाया = विस्थापन अभिक्रिया (साथ में रेडॉक्स भी: Al का उपचयन, Fe2O3 का अपचयन)। यह संयोजन या द्विविस्थापन नहीं है।
लोहा, कॉपर से अधिक सक्रिय है। वह CuSO4 से कॉपर को विस्थापित करके फ़ेरस सल्फ़ेट बनाता है, जिसका विलयन हल्का हरा होता है; इसलिए नीला रंग फीका पड़ जाता है और कील पर भूरा कॉपर जम जाता है।


लोहे की कील + कॉपर सल्फेट: नीला रंग फीका / हल्का हरा, कील पर भूरी परत — प्रेक्षण और समीकरण Fe + CuSO₄ → FeSO₄ + Cu दोनों याद रखो।
सक्रियता के आधार पर तर्क करो: «क्या Cu, FeSO₄ से Fe हटा सकता है?» → नहीं, Cu कम सक्रिय है। ऐसे तर्क वाले प्रश्न CBSE में आम हैं।
सक्रियता श्रेणी में Cu से ऊपर कौन है?
Zn, Cu से अधिक सक्रिय है: Zn(s) + CuSO4(aq) → ZnSO4(aq) + Cu(s)। Ag, Au, Pt — Cu से कम सक्रिय हैं।
Cu, Fe से कम सक्रिय है, इसलिए Fe को विस्थापित नहीं कर सकता — कोई अभिक्रिया नहीं।
Al ने किसे बाहर निकाला? किसे O मिली, किसने O खोई?
Al ने Fe को हटाया = विस्थापन; बहुत ऊष्मा निकलती है (थर्मिट, पटरी जोड़ने में); Al का उपचयन, Fe₂O₃ का अपचयन = रेडॉक्स।
Double displacement · precipitation · neutralisation · NCERT 1.2.4 · क्रियाकलाप 1.10 · पाठ्य प्रश्न 2 · अभ्यास 13, 15
सोडियम सल्फ़ेट विलयन में बेरियम क्लोराइड विलयन मिलाओ — सफ़ेद अवक्षेप बनता है। यह बेरियम सल्फ़ेट है जो जल में अघुलनशील है; सोडियम क्लोराइड घुला रहता है।
यहाँ Ba2+ और SO42- आयन मिलकर BaSO4 बनाते हैं — दोनों अभिकारकों के आयनों का आदान-प्रदान हुआ। ऐसी अभिक्रिया = द्विविस्थापन: AB + CD → AD + CB
जिस अभिक्रिया में अवक्षेप (अघुलनशील ठोस) बने, उसे अवक्षेपण अभिक्रिया कहते हैं — अवक्षेपण अभिक्रियाएँ अघुलनशील लवण बनाती हैं।
अम्ल + क्षारक → लवण + जल (पूरा विषय अध्याय 2 में)
| विस्थापन | द्विविस्थापन |
|---|---|
| एक तत्व दूसरे तत्व को यौगिक से हटाता है | दो यौगिक आपस में आयन बदलते हैं |
| A + BC → AC + B | AB + CD → AD + CB |
| Fe + CuSO4 → FeSO4 + Cu | Na2SO4 + BaCl2 → BaSO4 + 2NaCl |
(i) अवक्षेप का रंग पीला; यौगिक लेड आयोडाइड (PbI2)।
(ii) Pb(NO3)2(aq) + 2KI(aq) → PbI2(s) + 2KNO3(aq)
(iii) हाँ, यह द्विविस्थापन है — Pb2+ और K+ ने अपने साथी आयन (NO3- और I-) आपस में बदल लिए।


«अवक्षेपण अभिक्रिया उदाहरण सहित समझाइए» — 2025 के बोर्ड पेपर में आया प्रश्न। Na₂SO₄ + BaCl₂ → BaSO₄↓ (सफ़ेद) + 2NaCl लिखो।
द्विविस्थापन में आयनों का अदला-बदली दिखाओ; अवक्षेप के लिए ↓ या (s) लिखना न भूलो।
AB + CD → AD + CB — आयनों की अदला-बदली।
किस उत्पाद के आगे (s) लगेगा?
AgNO3(aq) + NaCl(aq) → AgCl(s) + NaNO3(aq) — AgCl अघुलनशील सफ़ेद अवक्षेप; NaNO3 घुला रहता है।
अम्ल + क्षारक → लवण + जल = उदासीनीकरण; इसमें आयन बदलते हैं।
उदासीनीकरण = द्विविस्थापन; ऊष्मा निकलती है; O या H का उपचयन/अपचयन नहीं।
Oxidation, reduction and redox (oxygen and hydrogen rules) · NCERT 1.2.5 · क्रियाकलाप 1.11 · पाठ्य प्रश्न 3 · अभ्यास 1, 16, 17
चायना डिश में लगभग 1 g कॉपर चूर्ण गरम करो — भूरा-चमकीला कॉपर काला हो जाता है। कॉपर को ऑक्सीजन मिली और कॉपर(II) ऑक्साइड बना:
अब इस गरम काले CuO पर हाइड्रोजन गैस प्रवाहित करो — काली परत फिर से भूरी हो जाती है, क्योंकि कॉपर वापस बनता है:
इसमें CuO ऑक्सीजन खो रहा है = अपचयन; H2 ऑक्सीजन पा रहा है = उपचयन। एक पदार्थ का उपचयन और दूसरे का अपचयन साथ-साथ = उपचयन-अपचयन (रेडॉक्स) अभिक्रिया।
| ऑक्सीजन के आधार पर | हाइड्रोजन के आधार पर | |
|---|---|---|
| उपचयन (ऑक्सीकरण) | ऑक्सीजन का योग (+O) | हाइड्रोजन का ह्रास (−H) |
| अपचयन | ऑक्सीजन का ह्रास (−O) | हाइड्रोजन का योग (+H) |
जो पदार्थ खुद अपचयित होकर दूसरे का उपचयन करे = उपचायक (oxidising agent); जो खुद उपचयित होकर दूसरे का अपचयन करे = अपचायक (reducing agent)। CuO + H2 → Cu + H2O में: CuO = उपचायक, H2 = अपचायक।
असत्य कथन (a) और (b) → उत्तर (i)
उपचयित / अपचयित पदार्थ पहचानने वाले वस्तुनिष्ठ प्रश्न हर साल जैसे आते हैं — नियम: ऑक्सीजन जुड़े / हाइड्रोजन हटे = उपचयन; उलटा = अपचयन।
ZnO + C → Zn + CO जैसे समीकरण में चारों बातें लिखो: कौन उपचयित, कौन अपचयित, उपचायक और अपचायक कौन।
किसे ऑक्सीजन मिली?
H₂ को O मिला (H₂O बना) = उपचयन; CuO ने O खोया = अपचयन।
उपचयन = O का योग या H का ह्रास (जैसे HCl → Cl₂)।
Na को ऑक्सीजन मिली — Na का उपचयन (NCERT पाठ्य प्रश्न 3(i))।
Corrosion — rusting of iron, damage and prevention · NCERT 1.3.1 · अभ्यास 18, 20(a)
नई लोहे की चीज़ें चमकदार होती हैं, पर कुछ समय बाद उन पर लाल-भूरी परतदार परत जम जाती है — इसे जंग लगना कहते हैं। जब कोई धातु अपने आसपास के पदार्थों — नमी, अम्ल आदि — के संपर्क में आकर धीरे-धीरे नष्ट होने लगती है, तो इसे संक्षारण कहते हैं।
जंग के लिए वायु (ऑक्सीजन) और नमी — दोनों चाहिए। सरल रूप में:
कार के ढाँचे, पुल, लोहे की रेलिंग, जहाज़ और लोहे से बनी सभी चीज़ें कमज़ोर होती हैं; जंग लगे लोहे को बदलने में हर साल बहुत पैसा खर्च होता है।
पेंट लोहे की सतह पर परत बनाकर उसे वायु और नमी से अलग रखता है, इसलिए जंग नहीं लगती। दूसरे तरीके: तेल/ग्रीस लगाना, यशदलेपन (गैल्वनीकरण — जिंक की परत), क्रोमियम लेपन, मिश्रधातु बनाना (विस्तार अध्याय 3 में)।
संक्षारण: धातु का नमी, वायु, अम्ल आदि के प्रभाव से धीरे-धीरे नष्ट होना।
उदाहरण: लोहे पर जंग लगना — नम वायु में लोहे पर लाल-भूरी परत (Fe2O3·xH2O) बनना। सिल्वर का काला पड़ना, कॉपर पर हरी परत भी संक्षारण के उदाहरण हैं।


संक्षारण की परिभाषा + जंग से बचाव के 3 उपाय (पेंट, तेल/ग्रीस, जस्तीकरण) — 2–3 अंक का पक्का प्रश्न।
केस-प्रश्न में पूछा जा सकता है: «समुद्र किनारे के शहर में लोहे की रेलिंग जल्दी क्यों जंग खाती है?» → नमी और लवण अधिक।
सूखी हवा या उबले (O₂ रहित) पानी में लोहे पर जंग नहीं लगती — दोनों चाहिए।
यशद = जिंक; यशदलेपन (galvanisation) से लोहा जंग से बचता है।
हवा के सल्फ़र यौगिकों से सिल्वर पर काली परत — यह भी संक्षारण है।
Rancidity — why chip packets are flushed with nitrogen · NCERT 1.3.2 · अभ्यास 19, 20(b)
तेल या वसा वाली खाने की चीज़ें (चिप्स, नमकीन, घी, मक्खन) लंबे समय तक खुली रहें तो उनका स्वाद और गंध बदल जाती है। वसा और तेल का वायु की ऑक्सीजन से उपचयन होने से यह होता है — इसे विकृतगंधिता (rancidity) कहते हैं।
चिप्स के पैकेट में हवा नहीं, नाइट्रोजन भरी जाती है ताकि चिप्स का उपचयन न हो।
ताकि पैकेट में ऑक्सीजन न रहे। नाइट्रोजन कम सक्रिय गैस है — वह तेल/वसा से अभिक्रिया नहीं करती। इसलिए उनका उपचयन नहीं होता और विकृतगंधिता (बासीपन) से बचाव होता है।



विकृतगंधिता की परिभाषा + रोकने के उपाय: नाइट्रोजन भरना, एंटीऑक्सीडेंट मिलाना, वायुरोधी डिब्बे, फ़्रिज में रखना।
«चिप्स के पैकेट में नाइट्रोजन क्यों?» का उत्तर तर्क से लिखो: नाइट्रोजन कम सक्रिय है, ऑक्सीजन हट जाती है, तेल का उपचयन नहीं होता।
N₂ ऑक्सीजन को हटा देती है → तेल का उपचयन नहीं → चिप्स बासी नहीं होते।
वायु की ऑक्सीजन से वसा/तेल का उपचयन।
अंग्रेज़ी में antioxidant।
प्रति-ऑक्सीकारक (antioxidants) उपचयन को रोकते हैं।
Board revision — identify the type, corrosion vs rancidity, chapter map · NCERT अभ्यास 8, 20 · आपने क्या सीखा
| अभिक्रिया (संतुलित) | प्रकार |
|---|---|
| 2KBr(aq) + BaI2(aq) → 2KI(aq) + BaBr2(s) | द्विविस्थापन |
| ZnCO3(s) ऊष्मा→ ZnO(s) + CO2(g) | वियोजन (ऊष्मीय) |
| H2(g) + Cl2(g) → 2HCl(g) | संयोजन |
| Mg(s) + 2HCl(aq) → MgCl2(aq) + H2(g) | विस्थापन |
(नोट: NCERT प्रश्न में BaBr2 के आगे (s) लिखा है, इसलिए उत्तर में वैसे ही लिखो; वास्तव में BaBr2 जल में घुलनशील है।)
| संक्षारण | विकृतगंधिता |
|---|---|
| धातुओं का धीमा उपचयन | तेल/वसा का धीमा उपचयन |
| उदाहरण: लोहे पर जंग | उदाहरण: बासी चिप्स/घी |
| बचाव: पेंट, ग्रीस, यशदलेपन | बचाव: N₂ पैकिंग, वायुरोधी डिब्बा, प्रति-ऑक्सीकारक |
संतुलित समीकरण + अवस्था संकेत → 5 प्रकार (हर एक का एक समीकरण) → ऊष्माक्षेपी / ऊष्माशोषी → उपचयन/अपचयन (O और H नियम) → संक्षारण और विकृतगंधिता।
समीकरण हमेशा संतुलित करके लिखो — असंतुलित समीकरण पर अंक कट सकते हैं।
दीर्घ उत्तरीय (5 अंक) के लिए अभिक्रियाओं के पाँचों प्रकार — परिभाषा + एक संतुलित समीकरण — एक पेज पर लिखकर याद करो।
पूरा अध्याय मिलाकर पूछे गए प्रश्नों में अभिक्रिया का प्रकार पहचानना मुख्य है — समीकरण देखकर तुरंत बताना सीखो।
दो यौगिक — आयन आपस में बदले।
K⁺ और Ba²⁺ ने साथी आयन (Br⁻, I⁻) बदले = द्विविस्थापन।
एक अभिकारक, दो उत्पाद, गरम करना पड़ता है।
ऊष्मीय वियोजन, ऊष्माशोषी।
दोनों वायु की ऑक्सीजन से धीमे उपचयन के उदाहरण हैं।
प्रकार चुनें: कार्ड दबाते ही सिर्फ़ उसी प्रकार के प्रश्न दिखेंगे। हर पाठ के अंत में 54 "समझ जाँचो" प्रश्न अलग से हैं।
हर प्रश्न का उत्तर तभी दिखेगा जब आप प्रयास करोगे। लिखित प्रश्नों में पहले कॉपी में उत्तर लिखो, फिर मॉडल उत्तर से मिलाओ और ईमानदारी से खुद को अंक दो — गलत वाले रिव्यू में अपने-आप लौटेंगे।
लेबल: «BSEB 2025 · बोर्ड प्रश्न» = सत्यापित वार्षिक परीक्षा प्रश्न · «BSEB मॉडल सेट 2024» = मॉडल/सैंपल सेट (वार्षिक नहीं) · «NCERT» = पाठ्यपुस्तक · «अभ्यास» = हमारे बनाए बोर्ड-शैली प्रश्न।
NCERT पुस्तक के बीच में आने वाले सभी प्रश्न (पृष्ठ 6, 10, 13) और क्रियाकलापों के भीतर पूछे गए प्रश्न। पहले खुद लिखो, फिर मॉडल उत्तर से मिलाओ।
मैग्नीशियम रिबन पर वायु के संपर्क से मैग्नीशियम ऑक्साइड की सफ़ेद परत जम जाती है। यह परत Mg को ऑक्सीजन से सीधे मिलने नहीं देती, इसलिए रिबन ठीक से नहीं जलता। रेगमाल से रगड़कर यह परत हटा देते हैं, ताकि साफ़ Mg ऑक्सीजन से अभिक्रिया करे:
निम्न रासायनिक अभिक्रियाओं के लिए संतुलित समीकरण लिखिए —
(i) हाइड्रोजन + क्लोरीन → हाइड्रोजन क्लोराइड
(ii) बेरियम क्लोराइड + ऐलुमिनियम सल्फ़ेट → बेरियम सल्फ़ेट + ऐलुमिनियम क्लोराइड
(iii) सोडियम + जल → सोडियम हाइड्रॉक्साइड + हाइड्रोजन
(i) H2(g) + Cl2(g) → 2HCl(g)
(ii) 3BaCl2(aq) + Al2(SO4)3(aq) → 3BaSO4(s) + 2AlCl3(aq)
(iii) 2Na(s) + 2H2O(l) → 2NaOH(aq) + H2(g)
अवस्था संकेतों सहित संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए —
(i) जल में बेरियम क्लोराइड और सोडियम सल्फ़ेट के विलयन अभिक्रिया करके अघुलनशील बेरियम सल्फ़ेट और सोडियम क्लोराइड का विलयन बनाते हैं।
(ii) सोडियम हाइड्रॉक्साइड विलयन (जल में) हाइड्रोक्लोरिक अम्ल विलयन (जल में) से अभिक्रिया करके सोडियम क्लोराइड का विलयन और जल बनाता है।
(i) BaCl2(aq) + Na2SO4(aq) → BaSO4(s) + 2NaCl(aq)
(ii) NaOH(aq) + HCl(aq) → NaCl(aq) + H2O(l)
यह संयोजन अभिक्रिया है (दो अभिकारक → एक उत्पाद) और ऊष्मा निकलती है, इसलिए ऊष्माक्षेपी भी।
प्रकाश ऊर्जा (सूर्य का प्रकाश) — यह प्रकाशीय वियोजन है:
परखनली ठंडी लगती है — अभिक्रिया आसपास (हथेली) से ऊष्मा लेती है। अतः यह ऊष्माशोषी अभिक्रिया है।
(i) X = कैल्सियम ऑक्साइड (बिना बुझा चूना), सूत्र CaO।
(ii) CaO(s) + H2O(l) → Ca(OH)2(aq) + ऊष्मा
इससे बुझा हुआ चूना Ca(OH)2 बनता है, जिसका विलयन सफ़ेदी में लगाते हैं। दीवार पर यह वायु की CO2 से धीरे-धीरे CaCO3 की चमकदार परत बनाता है: Ca(OH)2(aq) + CO2(g) → CaCO3(s) + H2O(l)
(नोट: कुछ गाइड-बुक X = Ca(OH)₂ लिखती हैं, क्योंकि सफ़ेदी का विलयन बुझे चूने का होता है; पर प्रश्न का भाग (ii) «X की जल से अभिक्रिया» पूछता है, इसलिए NCERT के अनुसार X = CaO।)
जल के विद्युत-अपघटन में:
जल के अणु में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन का अनुपात 2 : 1 है, इसलिए हाइड्रोजन के 2 अणु के साथ ऑक्सीजन का 1 अणु बनता है। अतः दोगुनी मात्रा वाली गैस हाइड्रोजन है (जो कैथोड/ऋण इलेक्ट्रोड पर जमा होती है)।
लोहा, कॉपर से अधिक अभिक्रियाशील है। वह CuSO4 विलयन से कॉपर को विस्थापित कर देता है और फ़ेरस सल्फ़ेट बनता है, जिसका रंग हल्का हरा है। इसलिए नीला रंग फीका पड़कर हल्का हरा हो जाता है (कील पर भूरा कॉपर जमता है)।
सिल्वर नाइट्रेट और सोडियम क्लोराइड के विलयन मिलाने पर सिल्वर क्लोराइड का सफ़ेद अवक्षेप:
(दूसरा उदाहरण: Pb(NO3)2(aq) + 2KI(aq) → PbI2(s) + 2KNO3(aq) — पीला अवक्षेप)
निम्न अभिक्रियाओं में उपचयित तथा अपचयित पदार्थों की पहचान कीजिए —
(i) 4Na(s) + O₂(g) → 2Na₂O(s)
(ii) CuO(s) + H₂(g) → Cu(s) + H₂O(l)
(i) 4Na(s) + O2(g) → 2Na2O(s) — Na उपचयित (ऑक्सीजन मिली), O₂ अपचयित।
(ii) CuO(s) + H2(g) → Cu(s) + H2O(l) — H₂ उपचयित (ऑक्सीजन मिली), CuO अपचयित (ऑक्सीजन खोई)।
(i) पीला अवक्षेप — लेड आयोडाइड (PbI2)।
(ii) Pb(NO3)2(aq) + 2KI(aq) → PbI2(s) + 2KNO3(aq)
(iii) हाँ — दोनों अभिकारकों के आयनों (NO3- और I-) का आदान-प्रदान हुआ।
Mg को ऑक्सीजन मिल रही है, इसलिए मैग्नीशियम उपचयित हो रहा है।
अध्याय के अंत के सभी 20 प्रश्न — प्र. 1–3 बहुविकल्पीय (तुरंत जाँच), बाकी बोर्ड प्रारूप के मॉडल उत्तर के साथ।
नीचे दी गई अभिक्रिया के संबंध में कौन-से कथन असत्य हैं?
2PbO(s) + C(s) → 2Pb(s) + CO2(g)
(a) सीसा अपचयित हो रहा है। (b) कार्बन डाइऑक्साइड उपचयित हो रहा है। (c) कार्बन उपचयित हो रहा है। (d) लेड ऑक्साइड अपचयित हो रहा है।
जो पदार्थ उत्पाद है (Pb, CO₂), उसका उपचयन/अपचयन इस अभिक्रिया में नहीं हो रहा।
PbO ने O खोई → PbO का अपचयन (d सत्य); C को O मिली → C का उपचयन (c सत्य)। (a) और (b) असत्य → उत्तर (i)।
अधिक सक्रिय Al ने Fe₂O₃ से Fe को विस्थापित किया = विस्थापन (d)।
Fe(s) + 2HCl(aq) → FeCl2(aq) + H2(g) — धातु + तनु अम्ल → लवण + H₂।
संतुलित रासायनिक समीकरण: वह समीकरण जिसमें अभिकारक और उत्पाद — दोनों ओर — प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या बराबर हो। जैसे:
आवश्यकता: द्रव्यमान संरक्षण के नियम के अनुसार रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान न तो बनाया जा सकता है, न नष्ट किया जा सकता है — अर्थात् उत्पादों का कुल द्रव्यमान = अभिकारकों का कुल द्रव्यमान। परमाणु न बनते हैं न नष्ट होते हैं, इसलिए समीकरण को संतुलित करना आवश्यक है।
निम्न कथनों को रासायनिक समीकरण के रूप में परिवर्तित कर उन्हें संतुलित कीजिए —
(a) नाइट्रोजन हाइड्रोजन गैस से संयोग करके अमोनिया बनाता है।
(b) हाइड्रोजन सल्फ़ाइड गैस का वायु में दहन होने पर जल एवं सल्फ़र डाइऑक्साइड बनता है।
(c) ऐलुमिनियम सल्फ़ेट के साथ अभिक्रिया कर बेरियम क्लोराइड, ऐलुमिनियम क्लोराइड एवं बेरियम सल्फ़ेट का अवक्षेप देता है।
(d) जल के साथ अभिक्रिया करके पोटैशियम धातु पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड एवं हाइड्रोजन गैस देती है।
(a) N2(g) + 3H2(g) → 2NH3(g)
(b) 2H2S(g) + 3O2(g) → 2H2O(l) + 2SO2(g)
(c) 3BaCl2(aq) + Al2(SO4)3(aq) → 2AlCl3(aq) + 3BaSO4(s)
(d) 2K(s) + 2H2O(l) → 2KOH(aq) + H2(g)
निम्न रासायनिक समीकरणों को संतुलित कीजिए —
(a) HNO₃ + Ca(OH)₂ → Ca(NO₃)₂ + H₂O
(b) NaOH + H₂SO₄ → Na₂SO₄ + H₂O
(c) NaCl + AgNO₃ → AgCl + NaNO₃
(d) BaCl₂ + H₂SO₄ → BaSO₄ + HCl
(a) 2HNO3 + Ca(OH)2 → Ca(NO3)2 + 2H2O
(b) 2NaOH + H2SO4 → Na2SO4 + 2H2O
(c) NaCl + AgNO3 → AgCl + NaNO3 (पहले से संतुलित)
(d) BaCl2 + H2SO4 → BaSO4 + 2HCl
निम्न अभिक्रियाओं के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए —
(a) कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड + कार्बन डाइऑक्साइड → कैल्सियम कार्बोनेट + जल
(b) जिंक + सिल्वर नाइट्रेट → जिंक नाइट्रेट + सिल्वर
(c) ऐलुमिनियम + कॉपर क्लोराइड → ऐलुमिनियम क्लोराइड + कॉपर
(d) बेरियम क्लोराइड + पोटैशियम सल्फ़ेट → बेरियम सल्फ़ेट + पोटैशियम क्लोराइड
(a) Ca(OH)2(aq) + CO2(g) → CaCO3(s) + H2O(l)
(b) Zn(s) + 2AgNO3(aq) → Zn(NO3)2(aq) + 2Ag(s)
(c) 2Al(s) + 3CuCl2(aq) → 2AlCl3(aq) + 3Cu(s)
(d) BaCl2(aq) + K2SO4(aq) → BaSO4(s) + 2KCl(aq)
निम्न के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए एवं प्रत्येक अभिक्रिया का प्रकार बताइए —
(a) पोटैशियम ब्रोमाइड(aq) + बेरियम आयोडाइड(aq) → पोटैशियम आयोडाइड(aq) + बेरियम ब्रोमाइड(s)
(b) जिंक कार्बोनेट(s) → जिंक ऑक्साइड(s) + कार्बन डाइऑक्साइड(g)
(c) हाइड्रोजन(g) + क्लोरीन(g) → हाइड्रोजन क्लोराइड(g)
(d) मैग्नीशियम(s) + हाइड्रोक्लोरिक अम्ल(aq) → मैग्नीशियम क्लोराइड(aq) + हाइड्रोजन(g)
(a) 2KBr(aq) + BaI2(aq) → 2KI(aq) + BaBr2(s) — द्विविस्थापन
(b) ZnCO3(s) ऊष्मा→ ZnO(s) + CO2(g) — वियोजन (ऊष्मीय)
(c) H2(g) + Cl2(g) → 2HCl(g) — संयोजन
(d) Mg(s) + 2HCl(aq) → MgCl2(aq) + H2(g) — विस्थापन
(नोट: अवस्था संकेत प्रश्न के अनुसार लिखे हैं; वास्तव में BaBr2 जल में घुलनशील है।)
ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया: जिस अभिक्रिया में उत्पाद बनने के साथ ऊष्मा निकलती है। उदाहरण — प्राकृतिक गैस का दहन:
(अन्य: बिना बुझे चूने और जल की अभिक्रिया, श्वसन, कम्पोस्ट बनना)
ऊष्माशोषी अभिक्रिया: जिस अभिक्रिया में ऊर्जा (ऊष्मा, प्रकाश या विद्युत) अवशोषित होती है। उदाहरण — कैल्सियम कार्बोनेट का ऊष्मीय वियोजन:
(अन्य: 2AgCl(s) सूर्य का प्रकाश→ 2Ag(s) + Cl2(g))
भोजन पचने पर कार्बोहाइड्रेट टूटकर ग्लूकोज़ बनता है। कोशिकाओं में ग्लूकोज़ ऑक्सीजन से मिलकर ऊर्जा देता है — इसी ऊर्जा से हम जीवित रहते हैं और काम करते हैं। ऊर्जा निकलती है, इसलिए श्वसन ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है।
संयोजन में दो या अधिक अभिकारक मिलकर एक उत्पाद बनाते हैं; वियोजन में एक अभिकारक टूटकर दो या अधिक सरल उत्पाद बनाता है। दोनों प्रक्रियाएँ एक-दूसरे की उलटी हैं। संयोजन में प्रायः ऊर्जा निकलती है, वियोजन में ऊर्जा देनी पड़ती है।
| संयोजन | वियोजन |
|---|---|
| CaO(s) + H2O(l) → Ca(OH)2(aq) | CaCO3(s) ऊष्मा→ CaO(s) + CO2(g) |
| 2H2(g) + O2(g) → 2H2O(l) | 2H2O(l) विद्युत→ 2H2(g) + O2(g) |
ऊष्मा (ऊष्मीय वियोजन): 2FeSO4(s) ऊष्मा→ Fe2O3(s) + SO2(g) + SO3(g)
प्रकाश (प्रकाशीय वियोजन): 2AgBr(s) सूर्य का प्रकाश→ 2Ag(s) + Br2(g)
विद्युत (विद्युत-अपघटन): 2H2O(l) विद्युत→ 2H2(g) + O2(g)
| विस्थापन अभिक्रिया | द्विविस्थापन अभिक्रिया |
|---|---|
| अधिक सक्रिय तत्व, कम सक्रिय तत्व को उसके यौगिक से हटाता है | दो यौगिकों के बीच आयनों का आदान-प्रदान होता है |
| A + BC → AC + B | AB + CD → AD + CB |
| प्रायः रंग बदलता है / धातु जमती है | प्रायः अवक्षेप बनता है |
विस्थापन: Fe(s) + CuSO4(aq) → FeSO4(aq) + Cu(s)
द्विविस्थापन: Na2SO4(aq) + BaCl2(aq) → BaSO4(s) + 2NaCl(aq)
कॉपर, सिल्वर से अधिक सक्रिय है, इसलिए वह सिल्वर को विस्थापित करता है:
जिस अभिक्रिया में अघुलनशील ठोस पदार्थ (अवक्षेप) बनता है, उसे अवक्षेपण अभिक्रिया कहते हैं। ये प्रायः द्विविस्थापन अभिक्रियाएँ होती हैं।
उदाहरण 1: सोडियम सल्फ़ेट + बेरियम क्लोराइड → बेरियम सल्फ़ेट का सफ़ेद अवक्षेप:
उदाहरण 2: लेड नाइट्रेट + पोटैशियम आयोडाइड → लेड आयोडाइड का पीला अवक्षेप:
(a) उपचयन: अभिक्रिया में किसी पदार्थ को ऑक्सीजन मिलना (ऑक्सीजन का योग)।
2Cu(s) + O2(g) ऊष्मा→ 2CuO(s) — Cu का उपचयन
2Mg(s) + O2(g) → 2MgO(s) — Mg का उपचयन
(b) अपचयन: अभिक्रिया में किसी पदार्थ से ऑक्सीजन का निकलना (ऑक्सीजन का ह्रास)।
CuO(s) + H2(g) ऊष्मा→ Cu(s) + H2O(l) — CuO का अपचयन
ZnO(s) + C(s) → Zn(s) + CO(g) — ZnO का अपचयन
तत्व X = कॉपर (Cu); काला यौगिक = कॉपर(II) ऑक्साइड (CuO)।
नम वायु में लोहे पर जंग लगती है (संक्षारण), जिसके लिए ऑक्सीजन और नमी दोनों चाहिए। पेंट लोहे की सतह पर एक परत बना देता है, जिससे लोहा वायु और नमी के संपर्क में नहीं आता और जंग नहीं लगती।
तेल और वसा वायु की ऑक्सीजन से उपचयित होकर बासी (विकृतगंधी) हो जाते हैं — उनकी गंध और स्वाद बदल जाता है। पैकेट में नाइट्रोजन भरने से ऑक्सीजन हट जाती है; नाइट्रोजन कम सक्रिय है, इसलिए उपचयन नहीं होता और विकृतगंधिता रुकती है।
(a) संक्षारण: जब कोई धातु अपने आसपास के पदार्थों — नमी, वायु, अम्ल आदि — के संपर्क में आकर धीरे-धीरे नष्ट होने लगती है। उदाहरण: नम वायु में लोहे पर लाल-भूरी जंग (Fe2O3·xH2O); सिल्वर पर काली और कॉपर पर हरी परत।
(b) विकृतगंधिता: वसा और तेल के उपचयन से उनकी गंध और स्वाद का बदल जाना। उदाहरण: बहुत दिनों तक खुले रखे चिप्स या घी से बासी गंध आना। रोक: वायुरोधी डिब्बे, प्रति-ऑक्सीकारक, नाइट्रोजन भरना।
| बीकर | क्या मिलाया | ताप में बदलाव (सामान्यतः) | निष्कर्ष |
|---|---|---|---|
| A | K2SO4 जल में | थोड़ा घटता है | ऊष्माशोषी |
| B | NH4NO3 जल में | काफ़ी घटता है (बीकर ठंडा) | ऊष्माशोषी |
| C | निर्जल CuSO4 जल में | बढ़ता है | ऊष्माक्षेपी |
| D | Fe चूर्ण + CuSO4 विलयन | बढ़ता है | ऊष्माक्षेपी |
D की अभिक्रिया: Fe(s) + CuSO4(aq) → FeSO4(aq) + Cu(s)
(ध्यान दो: A, B, C में लवण का घुलना/जलयोजन मुख्यतः भौतिक प्रक्रिया है, पर उसमें भी ऊष्मा निकलती या ली जाती है; D सच्ची रासायनिक (विस्थापन) अभिक्रिया है।)
यहाँ केवल वही प्रश्न हैं जो बिहार बोर्ड के आधिकारिक प्रश्न-पत्र में हमने खुद देखे और जाँचे हैं। उत्तर Study With Me ने सरल हिंदी में लिखे हैं (बोर्ड की आधिकारिक उत्तर-कुंजी नहीं)।
स्रोत: BSEB का आधिकारिक मॉडल प्रश्न-पत्र 2026, विज्ञान (112) — बोर्ड की आधिकारिक साइट से; यह अभ्यास के लिए जारी पेपर है, किसी परीक्षा में पूछा गया प्रश्न नहीं
कॉपर, सिल्वर से अधिक अभिक्रियाशील है, इसलिए AgNO3 से सिल्वर को हटा देता है:
(A), (B) में कॉपर, Na और Mg से कम अभिक्रियाशील है; (C) में सिल्वर, आयरन से कम — इसलिए वहाँ अभिक्रिया नहीं होती।
सब्ज़ियों के सड़कर कम्पोस्ट बनने में ऊष्मा निकलती है, इसलिए यह ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है (NCERT अध्याय 1 में यही उदाहरण दिया है)। कम्पोस्ट का ढेर छूने पर गरम लगता है।
दहन और श्वसन में पदार्थ ऑक्सीजन से जुड़ते हैं — ये ऑक्सीकरण हैं। अवक्षेपण (जैसे BaSO4 का बनना) द्विविस्थापन अभिक्रिया है — इसमें न ऑक्सीजन जुड़ती है, न हटती है। इसलिए उत्तर (D)।
ध्यान दें: भोजन का पचना मुख्य रूप से बड़े अणुओं का टूटना है; पचे हुए भोजन (ग्लूकोज़) का ऑक्सीकरण बाद में श्वसन में होता है। विकल्पों में सबसे साफ़ “ऑक्सीकरण नहीं” वाला उत्तर अवक्षेपण ही है।
(D) में बाएँ 2 N और 6 O हैं, दाएँ 1 N और 4 O — असंतुलित। संतुलित रूप:
बाकी तीनों समीकरणों में दोनों ओर हर तत्व के परमाणु बराबर हैं।
जिस अभिक्रिया में दो या दो से अधिक अभिकारक मिलकर एक ही उत्पाद बनाते हैं, उसे संयोजन अभिक्रिया कहते हैं।
उदाहरण: मैग्नीशियम रिबन का हवा में जलना —
दूसरा उदाहरण: CaO(s) + H2O(l) → Ca(OH)2(aq) (बुझा हुआ चूना बनना)
विकृतगंधिता (rancidity): तेल या वसा वाले खाने को बहुत दिन खुला रखने पर उसका ऑक्सीकरण हो जाता है, जिससे उसका स्वाद और गंध बदल (ख़राब हो) जाते हैं। इसे विकृतगंधिता कहते हैं।
उदाहरण: खुले रखे चिप्स, नमकीन या पुराने मक्खन से अजीब गंध आना।
बचाव: चिप्स के पैकेट में ऑक्सीजन की जगह नाइट्रोजन गैस भरना, एंटीऑक्सीडेंट मिलाना, खाने को हवा-बंद डिब्बे में या फ़्रिज में रखना।
स्रोत: BSEB वार्षिक माध्यमिक परीक्षा 2025, विज्ञान (112) — बोर्ड की आधिकारिक साइट पर जारी प्रश्न-पत्र; पेपर पर सेट अंकित नहीं
जल के विद्युत अपघटन में कैथोड (ऋण इलेक्ट्रोड) पर हाइड्रोजन और ऐनोड (धन इलेक्ट्रोड) पर ऑक्सीजन बनती है। हाइड्रोजन का आयतन ऑक्सीजन का दोगुना होता है (2 : 1)।
नीचे दी गई अभिक्रिया के संबंध में कौन-सा कथन सत्य है?
कार्बन ने ऑक्सीजन लिया (C → CO), इसलिए कार्बन का उपचयन (ऑक्सीकरण) हुआ। ZnO ने ऑक्सीजन खोया (ZnO → Zn), इसलिए ZnO का अपचयन हुआ।
एक ही अभिक्रिया में उपचयन और अपचयन दोनों हो रहे हैं — यह रेडॉक्स अभिक्रिया है।
जिंक, हाइड्रोजन से अधिक अभिक्रियाशील है, इसलिए अम्ल से हाइड्रोजन को हटा देता है (विस्थापन):
पहचान: जलती तीली पास लाने पर ‘पॉप’ की आवाज़ — यही H2 गैस है।
बिना बुझा चूना (कली चूना) = CaO। इसमें पानी डालने पर बुझा हुआ चूना Ca(OH)2 बनता है और बहुत ऊष्मा निकलती है:
CaCO3 = चूना-पत्थर / संगमरमर।
चूना जल = Ca(OH)2 का पानी में साफ़ विलयन। ‘बुझा चूना’ इसका आम नाम है; रासायनिक नाम कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड है — इसलिए (B)।
कली चूना और कैल्सियम ऑक्साइड = CaO — यह चूना जल नहीं है।
अवक्षेपण अभिक्रिया: जब दो विलयनों को मिलाने पर एक अघुलनशील ठोस (अवक्षेप) बनकर नीचे बैठ जाता है, तो उसे अवक्षेपण अभिक्रिया कहते हैं। ये प्रायः द्विविस्थापन अभिक्रियाएँ होती हैं।
उदाहरण: सोडियम सल्फ़ेट विलयन में बेरियम क्लोराइड विलयन मिलाने पर बेरियम सल्फ़ेट का सफ़ेद अवक्षेप बनता है:
यहाँ Ba2+ और SO42- आयन मिलकर अघुलनशील BaSO4 बनाते हैं; NaCl विलयन में घुला रहता है।
संयोजन अभिक्रिया: जिस अभिक्रिया में दो या दो से अधिक अभिकारक मिलकर एक ही उत्पाद बनाते हैं, उसे संयोजन अभिक्रिया कहते हैं।
ऊष्माक्षेपी संयोजन का उदाहरण — बिना बुझे चूने (CaO) पर पानी डालना; बहुत ऊष्मा निकलती है:
(दूसरा उदाहरण: कोयले का जलना C(s) + O2(g) → CO2(g))
विकल्प पर टैप करो — तुरंत पता चलेगा सही या गलत। गलत होने पर पहले संकेत मिलेगा, फिर एक और मौका। लेबल ध्यान से देखो: BSEB लेबल केवल सत्यापित प्रश्नों पर है; बाकी सब अभ्यास प्रश्न हैं (बोर्ड-पैटर्न पर, पर किसी परीक्षा से लिए नहीं)।
कोयला जलने पर नया पदार्थ (CO₂) बनता है और ऊष्मा निकलती है — रासायनिक परिवर्तन। बाकी केवल अवस्था/रूप का बदलाव हैं।
नया पदार्थ Fe2O3·xH2O बनता है — रासायनिक परिवर्तन।
(aq) = aqueous = जल में घुला हुआ।
3Fe(s) + 4H2O(g) → Fe3O4(s) + 4H2(g) — भाप से लोहे का चुंबकीय ऑक्साइड Fe3O4 बनता है। (यह BSEB मॉडल सेट का प्रश्न है, वार्षिक परीक्षा का नहीं।)
दो अभिकारक → एक उत्पाद = संयोजन।
एक अभिकारक गर्म करने पर टूटकर दो उत्पाद = ऊष्मीय वियोजन (चूना बनाने में)।
चमकदार श्वेत लौ के साथ जलकर सफ़ेद चूर्ण मैग्नीशियम ऑक्साइड बनता है।
MgO की परत जलने में बाधा डालती है (NCERT पाठ्य प्रश्न 1)।
पीला लेड आयोडाइड (PbI2) बनता है।
रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान न बनता है, न नष्ट होता है।
3Fe + 4H2O → Fe3O4 + 4H2 — Fe: 3 = 3, O: 4 = 4, H: 8 = 8।
CaO = बिना बुझा चूना; Ca(OH)2 = बुझा हुआ चूना।
CaO(s) + H2O(l) → Ca(OH)2(aq) — कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड।
दो पदार्थ → एक उत्पाद, और बहुत ऊष्मा निकलती है (बीकर गर्म हो जाता है)।
ग्लूकोज़ के ऑक्सीजन से मिलने पर ऊर्जा निकलती है।
2FeSO4(s) ऊष्मा→ Fe2O3(s) + SO2(g) + SO3(g) — जलते सल्फ़र जैसी गंध आती है।
2Pb(NO3)2(s) ऊष्मा→ 2PbO(s) + 4NO2(g) + O2(g) — भूरी गैस NO2।
2H2O(l) विद्युत→ 2H2(g) + O2(g) — H₂ : O₂ = 2 : 1।
2AgCl(s) सूर्य का प्रकाश→ 2Ag(s) + Cl2(g) — सिल्वर बनने से धूसर।
AgBr / AgCl का प्रकाश से वियोजन।
यह ऊष्माशोषी अभिक्रिया है — हथेली से ऊष्मा लेती है।
FeSO4 (हल्का हरा) बनता है।
Ag, Cu से कम सक्रिय है।
NCERT सारांश: Precipitation reactions produce insoluble salts।
अम्ल + क्षारक → लवण + जल — आयनों का आदान-प्रदान।
उपचयन = ऑक्सीजन का योग या हाइड्रोजन का ह्रास।
अपचयन = ऑक्सीजन का ह्रास या हाइड्रोजन का योग।
CuO ने ऑक्सीजन खोई।
C को ऑक्सीजन मिली (CO बना)।
HCl ने हाइड्रोजन खोकर Cl₂ बनाया = उपचयन; MnO₂ ने O खोया = अपचयन।
2Cu(s) + O2(g) ऊष्मा→ 2CuO(s) — काला CuO।
जलयोजित आयरन(III) ऑक्साइड।
सिल्वर का काला पड़ना संक्षारण का उदाहरण है।
कॉपर पर हरी परत — संक्षारण।
यशद = जिंक।
वायु की ऑक्सीजन से वसा/तेल का उपचयन।
N₂ कम सक्रिय है — उपचयन (बासीपन) रोकती है।
वे वसा/तेल के उपचयन को रोकते हैं।
एक अभिकारक (H₂O) → दो उत्पाद।
तत्व Zn ने यौगिक से Cu को हटाया।
दो यौगिकों के आयन आपस में बदले।
CaCO₃ को टूटने के लिए लगातार ऊष्मा देनी पड़ती है।
कागज़ मोड़ने से कोई नया पदार्थ नहीं बनता।
CH4(g) + 2O2(g) → CO2(g) + 2H2O(g) — ऊष्माक्षेपी।
C3H8 + 5O2 → 3CO2 + 4H2O — दाईं ओर O = 6 + 4 = 10।
CuO का अपचयन (O खोई) और H₂ का उपचयन (O मिली) साथ-साथ।
द्रव जल = (l)।
सक्रियता: Zn > Fe > Cu > Ag।
NCERT: कम्पोस्ट बनना ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया का उदाहरण है।
2AgCl(s) सूर्य का प्रकाश→ 2Ag(s) + Cl2(g) — प्रकाश से बचाने के लिए गहरी बोतल।
और सफ़ेद चूर्ण MgO बनता है।
परमाणु न बनते हैं, न नष्ट होते हैं।
वियोजन में ऊर्जा (ऊष्मा/प्रकाश/विद्युत) देनी पड़ती है — ये प्रायः ऊष्माशोषी होती हैं।
श्वसन में ऊर्जा निकलती है — ऊष्माक्षेपी।
हाइड्रोजन का आयतन दोगुना होता है (2 : 1)।
जैसे BaSO₄, AgCl, PbI₂।
उपचयन = O का योग या H का ह्रास।
धातु का उपचयन = संक्षारण; तेल-वसा का उपचयन = विकृतगंधिता।
पेंट लोहे को वायु और नमी से अलग रखता है।
जंग = Fe2O3·xH2O; Fe3O4 भाप और लोहे की अभिक्रिया से बनता है।
प्रकाशीय वियोजन से सिल्वर बनता है।
परखनली ठंडी होती है — ऊष्माशोषी।
CaO(s) + H2O(l) → Ca(OH)2(aq) — ऊष्माक्षेपी।
Zn, Cu से अधिक सक्रिय है — Cu को विस्थापित करता है।
यह उदासीनीकरण = द्विविस्थापन है।
उत्तर हिंदी या अंग्रेज़ी/सूत्र में लिख सकते हो (जैसे «नाइट्रोजन» या «N2»)। फिर जाँचें दबाओ।
H₂ : O₂ — किसका आयतन दोगुना है?
हर पंक्ति के लिए ड्रॉपडाउन से स्तंभ B का सही अक्षर चुनो, फिर जाँचें।
पहले देखो A सही है या नहीं, फिर R सही है या नहीं, और आख़िर में — क्या R, A का कारण बताता है?
अभिकथन (A): वायु में जलाने से पहले मैग्नीशियम रिबन को साफ़ किया जाता है।
कारण (R): मैग्नीशियम पर जमी ऑक्साइड की परत उसे ठीक से जलने नहीं देती।
अभिकथन (A): रासायनिक समीकरण को संतुलित करना आवश्यक है।
कारण (R): रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान न तो बनता है, न नष्ट होता है।
अभिकथन (A): बिना बुझे चूने और जल की अभिक्रिया ऊष्माक्षेपी है।
कारण (R): इस अभिक्रिया में बहुत अधिक ऊष्मा निकलती है।
अभिकथन (A): कैल्सियम कार्बोनेट का वियोजन ऊष्माशोषी अभिक्रिया है।
कारण (R): वियोजन अभिक्रियाओं में अभिकारकों को तोड़ने के लिए ऊर्जा देनी पड़ती है।
अभिकथन (A): लोहा, कॉपर सल्फ़ेट विलयन से कॉपर को विस्थापित कर देता है।
कारण (R): लोहा, कॉपर से अधिक अभिक्रियाशील है।
अभिकथन (A): कॉपर, फ़ेरस सल्फ़ेट विलयन से लोहे को विस्थापित कर देता है।
कारण (R): कॉपर, लोहे से कम अभिक्रियाशील है।
A गलत (कम सक्रिय Cu, Fe को नहीं हटा सकता); R सही।
अभिकथन (A): सिल्वर नाइट्रेट और सोडियम क्लोराइड की अभिक्रिया अवक्षेपण अभिक्रिया है।
कारण (R): इसमें बनने वाला सिल्वर क्लोराइड जल में अघुलनशील सफ़ेद अवक्षेप है।
अभिकथन (A): CuO + H2 → Cu + H2O में CuO का उपचयन होता है।
कारण (R): इस अभिक्रिया में CuO ऑक्सीजन खोता है।
ऑक्सीजन खोना = अपचयन; इसलिए A गलत, R सही।
अभिकथन (A): श्वसन एक ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है।
कारण (R): कोशिकाओं में ग्लूकोज़ ऑक्सीजन से मिलकर ऊर्जा मुक्त करता है।
अभिकथन (A): चिप्स के पैकेट में नाइट्रोजन गैस भरी जाती है।
कारण (R): नाइट्रोजन एक बहुत अभिक्रियाशील गैस है जो तेल से जल्दी मिल जाती है।
A सही; पर नाइट्रोजन कम सक्रिय है, इसलिए R गलत।
अभिकथन (A): लोहे पर जंग लगना संक्षारण है।
कारण (R): जंग केवल सूखी ऑक्सीजन में लगती है, नमी की आवश्यकता नहीं होती।
जंग के लिए ऑक्सीजन और नमी दोनों चाहिए — R गलत।
अभिकथन (A): जल के विद्युत-अपघटन में एक परखनली में दूसरी से दोगुनी गैस इकट्ठा होती है।
कारण (R): हाइड्रोजन, ऑक्सीजन से हल्की गैस है।
दोनों कथन सही, पर दोगुनी मात्रा का कारण H₂O में H : O = 2 : 1 होना है, हल्का होना नहीं।
अभिकथन (A): NaOH + HCl → NaCl + H2O एक द्विविस्थापन अभिक्रिया है।
कारण (R): इसमें दो यौगिकों के बीच आयनों का आदान-प्रदान होता है।
अभिकथन (A): चाँदी की वस्तुएँ वायु में कुछ समय बाद काली पड़ जाती हैं।
कारण (R): चाँदी, कॉपर से कम अभिक्रियाशील है।
दोनों सही, पर काला पड़ने का कारण संक्षारण (वायु के सल्फ़र यौगिकों से अभिक्रिया) है।
हर सूत्र के आगे गुणांक भरो (खाली = 1)। नीचे परमाणु-गिनती लाइव बदलती है — दोनों ओर बराबर हो जाए तो जाँचें दबाओ। सबसे छोटे पूर्णांक ही सही माने जाते हैं।
पहले O बराबर करो (Fe₃O₄ में 4), फिर Fe और H।
दाईं ओर O = H₂O + 2×SO₂; O₂ का गुणांक आख़िर में भरो।
SO₄ समूह को एक इकाई मानो।
Cl: बाईं ओर 2 के गुणज, दाईं ओर 3 के गुणज — LCM 6।
पहले N, फिर O गिनो।
क्रम: C → H → O (O आख़िर में)।
हर पंक्ति में एक विकल्प चुनो, फिर जाँचें। (रेडॉक्स वाली पंक्ति कक्षा 10 की परिभाषा — ऑक्सीजन/हाइड्रोजन के लेन-देन — पर आधारित है; जहाँ यह साफ़ न हो, वह पंक्ति नहीं पूछी गई है।)
दो → एक; बहुत ऊष्मा; O/H का उपचयन-अपचयन नहीं।
विद्युत-अपघटन; ऊर्जा ली जाती है; H₂O से ऑक्सीजन अलग होती है (अपचयन) — हाइड्रोजन और ऑक्सीजन मुक्त।
प्रकाशीय वियोजन — प्रकाश ऊर्जा अवशोषित।
अधिक सक्रिय Zn ने Cu को हटाया; विलयन थोड़ा गर्म होता है।
आयनों की अदला-बदली; पीला अवक्षेप।
दहन — ऊष्मा निकलती है; मेथेन का उपचयन (C को O मिली, H का ह्रास)।
ऊष्मीय वियोजन; भूरी NO₂ गैस।
CuO का अपचयन, H₂ का उपचयन।
सफ़ेद BaSO₄ अवक्षेप — द्विविस्थापन।
Mg ने अम्ल से हाइड्रोजन को विस्थापित किया; परखनली गर्म होती है।
कोयले का जलना — संयोजन, ऊष्माक्षेपी, C का उपचयन।
उदासीनीकरण = द्विविस्थापन; ऊष्मा निकलती है।
ऊष्मीय वियोजन — हरा रंग बदलता है, जलते सल्फ़र जैसी गंध।
H₂ का उपचयन (O मिली)।
रासायनिक अभिक्रिया को शब्दों के बजाय रासायनिक सूत्रों और संकेतों से संक्षेप में लिखना रासायनिक समीकरण कहलाता है। जैसे 2Mg + O2 → 2MgO।
(aq) = जलीय विलयन — पदार्थ जल में घुला हुआ है।
Ca(OH)2 (कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड)।
सल्फ़र डाइऑक्साइड (SO2) और सल्फ़र ट्राइऑक्साइड (SO3) — 2FeSO4(s) ऊष्मा→ Fe2O3(s) + SO2(g) + SO3(g)
नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (NO2)।
CaO(s) + H2O(l) → Ca(OH)2(aq) — बिना बुझे चूने और जल की अभिक्रिया।
हाइड्रोजन (H₂ : O₂ = 2 : 1)।
लोहा — इसलिए वह CuSO4 से कॉपर को विस्थापित करता है।
अभिक्रिया में बनने वाला अघुलनशील ठोस पदार्थ जो विलयन से अलग हो जाए, अवक्षेप कहलाता है (जैसे BaSO4)।
किसी पदार्थ से हाइड्रोजन का ह्रास उपचयन है (जैसे HCl → Cl₂)।
Fe2O3·xH2O (जलयोजित आयरन(III) ऑक्साइड)।
खाद्य पदार्थ को वायुरोधी डिब्बे में रखना / पैकेट में नाइट्रोजन भरना / प्रति-ऑक्सीकारक मिलाना (कोई एक)।
लोहे को जंग से बचाने के लिए उस पर जिंक की परत चढ़ाना यशदलेपन कहलाता है।
जिस अभिक्रिया में एक पदार्थ का उपचयन और दूसरे का अपचयन साथ-साथ हो। उदाहरण: CuO + H2 → Cu + H2O
सफ़ेद से धूसर (ग्रे) — सिल्वर बनने के कारण।
A + BC → AC + B (A, B से अधिक सक्रिय)।
2025 की वार्षिक परीक्षा के दोनों सत्यापित लघु उत्तरीय प्रश्न (संयोजन अभिक्रिया, अवक्षेपण अभिक्रिया) अब ऊपर 🏛️ BSEB 2025 भाग में हैं — यहाँ दोहराए नहीं गए। नीचे के सभी प्रश्न बोर्ड-शैली के अभ्यास प्रश्न हैं।
रासायनिक परिवर्तन। दही में नए गुणों वाले पदार्थ (लैक्टिक अम्ल आदि) बनते हैं — स्वाद खट्टा और अवस्था बदल जाती है, और दही को वापस दूध नहीं बनाया जा सकता।
बर्फ़ और पानी दोनों H2O ही हैं — कोई नया पदार्थ नहीं बनता, केवल अवस्था (ठोस → द्रव) बदलती है, और पानी को जमाकर फिर बर्फ़ बनाया जा सकता है। इसलिए यह भौतिक परिवर्तन है।
(यह पहले से संतुलित है: Zn 1 = 1, H 2 = 2, S 1 = 1, O 4 = 4।)
नियम: किसी रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान न तो बनाया जा सकता है, न नष्ट किया जा सकता है — उत्पादों का कुल द्रव्यमान = अभिकारकों का कुल द्रव्यमान।
उदाहरण: 2H2 + O2 → 2H2O — 4 g हाइड्रोजन और 32 g ऑक्सीजन मिलकर 36 g जल बनाते हैं।
प्रेक्षण: हरे क्रिस्टल पहले अपना जल खोकर रंग बदलते हैं, फिर गर्म करने पर जलते सल्फ़र जैसी गंध वाली गैसें निकलती हैं और लाल-भूरा ठोस (Fe2O3) बचता है।
प्रकार: ऊष्मीय वियोजन (ऊष्माशोषी)।
लेड नाइट्रेट का ऊष्मीय वियोजन होता है — भूरे रंग का धुआँ (NO2) निकलता है, साथ में ऑक्सीजन गैस और लेड ऑक्साइड बचता है।
चूने का पानी दूधिया हो जाता है, क्योंकि अघुलनशील कैल्सियम कार्बोनेट बनता है:
| ऊष्माक्षेपी | ऊष्माशोषी |
|---|---|
| ऊष्मा निकलती है | ऊर्जा अवशोषित होती है |
| आसपास गर्म हो जाता है | आसपास ठंडा हो जाता है |
| उदाहरण: CH4 + 2O2 → CO2 + 2H2O | उदाहरण: CaCO3 ऊष्मा→ CaO + CO2 |
आवश्यक परिस्थितियाँ: ऑक्सीजन (वायु) और नमी (जल) — दोनों।
बचाव:
- पेंट करना या तेल/ग्रीस लगाना
- यशदलेपन (जिंक की परत)
- क्रोमियम लेपन / मिश्रधातु (जैसे स्टेनलेस स्टील) बनाना
सूर्य के प्रकाश में सिल्वर क्लोराइड का प्रकाशीय वियोजन हो जाता है (सफ़ेद → धूसर)। इसे बचाने के लिए गहरे रंग की बोतल में रखते हैं:
ढाँचा याद रखो: परिभाषा → संतुलित समीकरण (अवस्था संकेत सहित) → प्रेक्षण → उदाहरण/तालिका।
1. संयोजन — दो या अधिक अभिकारक → एक उत्पाद:
2. वियोजन — एक अभिकारक → दो या अधिक सरल उत्पाद (ऊष्मा/प्रकाश/विद्युत से):
3. विस्थापन — अधिक सक्रिय तत्व, कम सक्रिय को उसके यौगिक से हटाता है:
4. द्विविस्थापन — दो यौगिकों के बीच आयनों का आदान-प्रदान (प्रायः अवक्षेप बनता है):
5. उपचयन-अपचयन (रेडॉक्स) — एक पदार्थ का उपचयन (O का योग / H का ह्रास) और दूसरे का अपचयन (O का ह्रास / H का योग) साथ-साथ:
आवश्यकता: द्रव्यमान संरक्षण के नियम के अनुसार अभिक्रिया में द्रव्यमान न बनता है, न नष्ट होता है; परमाणु केवल नए ढंग से जुड़ते हैं। इसलिए दोनों ओर हर तत्व के परमाणु बराबर होने चाहिए।
चरण 1 — ढाँचा समीकरण: Fe + H2O → Fe3O4 + H2
चरण 2 — परमाणु गिनो:
| तत्व | बाईं ओर | दाईं ओर |
|---|---|---|
| Fe | 1 | 3 |
| H | 2 | 2 |
| O | 1 | 4 |
चरण 3 — सबसे अधिक परमाणु वाले यौगिक (Fe₃O₄) से शुरू करो: O बराबर करने हेतु H₂O के आगे 4 → Fe + 4H2O → Fe3O4 + H2
चरण 4 — H बराबर करो: बाईं ओर H = 8, इसलिए H₂ के आगे 4 → Fe + 4H2O → Fe3O4 + 4H2
चरण 5 — Fe बराबर करो: Fe के आगे 3 →
जाँच: Fe 3 = 3, H 8 = 8, O 4 = 4 ✓ (अवस्था संकेत भी जोड़ दिए।)
विधि: प्लास्टिक के मग में दो कार्बन इलेक्ट्रोड लगाकर उन्हें 6 V की बैटरी से जोड़ते हैं। मग में जल भरकर उसमें तनु सल्फ़्यूरिक अम्ल की कुछ बूँदें मिलाते हैं (ताकि विद्युत आसानी से प्रवाहित हो)। दोनों इलेक्ट्रोडों पर जल से भरी परखनलियाँ उलटी रखकर धारा प्रवाहित करते हैं।
प्रेक्षण:
- दोनों इलेक्ट्रोडों पर गैस के बुलबुले बनते हैं और परखनलियों का जल नीचे खिसकता है
- एक परखनली में गैस की मात्रा दूसरी से दोगुनी होती है
- दोगुनी गैस (कैथोड पर) के पास जलती तीली लाने पर पॉप की आवाज़ = हाइड्रोजन; दूसरी गैस से तीली और तेज़ जलती है = ऑक्सीजन
अनुपात का कारण: जल के अणु में H और O का अनुपात 2 : 1 है, इसलिए H₂ और O₂ का आयतन भी 2 : 1 होता है।
प्रकार: विद्युत-अपघटनी वियोजन — ऊष्माशोषी (विद्युत ऊर्जा ली जाती है)।
| ऑक्सीजन के आधार पर | हाइड्रोजन के आधार पर | |
|---|---|---|
| उपचयन | ऑक्सीजन का योग | हाइड्रोजन का ह्रास |
| अपचयन | ऑक्सीजन का ह्रास | हाइड्रोजन का योग |
रेडॉक्स अभिक्रिया: जिसमें एक पदार्थ का उपचयन और दूसरे का अपचयन साथ-साथ हो।
यहाँ CuO ऑक्सीजन खोता है → अपचयन; H₂ ऑक्सीजन पाता है → उपचयन।
दूसरा उदाहरण: MnO2 + 4HCl → MnCl2 + 2H2O + Cl2 — HCl का उपचयन (H का ह्रास), MnO₂ का अपचयन (O का ह्रास)।
दैनिक जीवन में प्रभाव:
- संक्षारण — लोहे पर जंग (Fe2O3·xH2O), चाँदी का काला पड़ना; बचाव: पेंट, यशदलेपन
- विकृतगंधिता — तेल/वसा का उपचयन होकर बासी होना; बचाव: नाइट्रोजन भरना, वायुरोधी डिब्बा, प्रति-ऑक्सीकारक
वियोजन: जिस अभिक्रिया में एक अभिकारक टूटकर दो या अधिक सरल उत्पाद बनाता है।
(i) ऊष्मीय वियोजन (ऊष्मा से) — चूना बनाने में:
(ii) विद्युत-अपघटनी वियोजन (विद्युत से):
(iii) प्रकाशीय वियोजन (प्रकाश से) — श्वेत-श्याम फ़ोटोग्राफ़ी में:
ऊष्माशोषी क्यों: अभिकारक के बंध तोड़ने के लिए ऊर्जा (ऊष्मा, प्रकाश या विद्युत) देनी पड़ती है — ऊर्जा अवशोषित होती है, इसलिए वियोजन प्रायः ऊष्माशोषी होते हैं।
विस्थापन (क्रियाकलाप 1.9): साफ़ लोहे की कीलें CuSO4 विलयन में 20 मिनट रखने पर कील पर भूरी परत (कॉपर) जमती है और विलयन का नीला रंग फीका (हल्का हरा) हो जाता है।
कारण: Fe, Cu से अधिक सक्रिय है।
द्विविस्थापन (क्रियाकलाप 1.10): Na2SO4 विलयन में BaCl2 विलयन मिलाने पर सफ़ेद अवक्षेप बनता है।
कारण: Ba2+ और SO42- आयन मिलकर अघुलनशील BaSO4 बनाते हैं — आयनों का आदान-प्रदान।
| विस्थापन | द्विविस्थापन |
|---|---|
| एक तत्व और एक यौगिक भाग लेते हैं | दो यौगिक भाग लेते हैं |
| A + BC → AC + B | AB + CD → AD + CB |
| प्रायः रंग बदलता है / धातु जमती है | प्रायः अवक्षेप बनता है |
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बिहार बोर्ड (BSEB) की वार्षिक माध्यमिक परीक्षा में विज्ञान के प्रश्न वस्तुनिष्ठ (1 अंक, OMR), लघु उत्तरीय (2 अंक) और दीर्घ उत्तरीय (5 अंक) प्रकार के होते हैं। पाठ्यपुस्तक वही NCERT है।
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CBSE कक्षा 10 विज्ञान में योग्यता-आधारित प्रश्नों पर ज़ोर है — केस/स्रोत-आधारित, अभिकथन–कारण और रोज़मर्रा की स्थितियों पर सोचने वाले प्रश्न। पाठ्यपुस्तक वही NCERT है।
ध्यान दें: नीचे के प्रश्न CBSE के योग्यता-आधारित (case / assertion-reason / data) पैटर्न पर हमारे बनाए अभ्यास प्रश्न हैं — ये किसी वर्ष के CBSE प्रश्नपत्र से नहीं हैं (PYQ नहीं)।
भूरी परत किस धातु का रंग है? और नीला रंग किस आयन से आता है?
Fe(s) + CuSO4(aq) → FeSO4(aq) + Cu(s) — अधिक सक्रिय Fe ने Cu को हटाया; भूरी परत तांबे की है और नीला CuSO₄ हल्के हरे FeSO₄ में बदलता है।
समीकरण में H₂ और O₂ के अणुओं का अनुपात देखो।
2H2O(l) → 2H2(g) + O2(g) — कैथोड पर H₂ और ऐनोड पर O₂ बनती है, आयतन 2 : 1। इसलिए 24 mL H₂ के साथ 12 mL O₂।
अभिकथन (A): हवा में मैग्नीशियम रिबन जलाने के बाद इकट्ठी की गई पूरी सफ़ेद राख का द्रव्यमान, रिबन के द्रव्यमान से अधिक होता है।
कारण (R): जलते समय हवा की ऑक्सीजन मैग्नीशियम से जुड़कर मैग्नीशियम ऑक्साइड बनाती है।
दोनों कथन सही हैं और R, A की सही व्याख्या है: 2Mg + O2 → 2MgO में ऑक्सीजन का द्रव्यमान भी उत्पाद में जुड़ जाता है। द्रव्यमान संरक्षित है — कुल (Mg + O₂) = MgO।
अभिकथन (A): चिप्स के पैकेट में नाइट्रोजन गैस भरी जाती है।
कारण (R): नाइट्रोजन एक अत्यधिक सक्रिय गैस है जो तेल को जल्दी उपचयित होने से रोकती है।
A सही है, पर R गलत: नाइट्रोजन कम सक्रिय गैस है। वह ऑक्सीजन को हटा देती है, इसलिए तेल का उपचयन (विकृतगंधिता) नहीं होता।
कौन-सा प्रेक्षण किसी नए पदार्थ (नई गैस, नया ठोस) के बनने को दिखाता है?
2FeSO4(s) ऊष्मा→ Fe2O3(s) + SO2(g) + SO3(g) — SO₂/SO₃ की गंध और लाल-भूरा Fe₂O₃ नए पदार्थ हैं। पानी की बूँदें केवल क्रिस्टलन-जल निकलने का संकेत हैं।
(i) X = कैल्सियम कार्बोनेट (चूना-पत्थर) CaCO3; Y = कैल्सियम ऑक्साइड (बिना बुझा चूना) CaO। चूने के पानी को दूधिया करने वाली गैस CO2 है।
(ii) CaCO3(s) ऊष्मा→ CaO(s) + CO2(g)
(iii) पहली = ऊष्मीय वियोजन (ऊष्माशोषी); दूसरी = संयोजन (ऊष्माक्षेपी)।
जो प्रश्न गलत हुए वे तुरंत, और सही वाले 3 → 7 → 16 दिन बाद दोबारा आते हैं (लाइटनर बॉक्स)। रोज़ 5 मिनट = लंबी याद।
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आपने क्या सीखा (NCERT सारांश, सरल भाषा में):
| क्या | संतुलित समीकरण |
|---|---|
| Mg का दहन (संयोजन) | 2Mg(s) + O2(g) → 2MgO(s) |
| Zn + तनु अम्ल | Zn(s) + H2SO4(aq) → ZnSO4(aq) + H2(g) |
| पीला अवक्षेप | Pb(NO3)2(aq) + 2KI(aq) → PbI2(s) + 2KNO3(aq) |
| लोहा + भाप | 3Fe(s) + 4H2O(g) → Fe3O4(s) + 4H2(g) |
| बुझा चूना (ऊष्माक्षेपी संयोजन) | CaO(s) + H2O(l) → Ca(OH)2(aq) |
| सफ़ेदी की चमक | Ca(OH)2(aq) + CO2(g) → CaCO3(s) + H2O(l) |
| कोयला / हाइड्रोजन का जलना | C(s) + O2(g) → CO2(g) · 2H2(g) + O2(g) → 2H2O(l) |
| मेथेन का दहन | CH4(g) + 2O2(g) → CO2(g) + 2H2O(g) |
| श्वसन (ऊष्माक्षेपी) | C6H12O6(aq) + 6O2(aq) → 6CO2(aq) + 6H2O(l) + ऊर्जा |
| FeSO₄ का ऊष्मीय वियोजन | 2FeSO4(s) ऊष्मा→ Fe2O3(s) + SO2(g) + SO3(g) |
| चूना-पत्थर का वियोजन | CaCO3(s) ऊष्मा→ CaO(s) + CO2(g) |
| लेड नाइट्रेट (भूरी NO₂) | 2Pb(NO3)2(s) ऊष्मा→ 2PbO(s) + 4NO2(g) + O2(g) |
| जल का विद्युत-अपघटन | 2H2O(l) विद्युत→ 2H2(g) + O2(g) |
| प्रकाशीय वियोजन | 2AgCl(s) सूर्य का प्रकाश→ 2Ag(s) + Cl2(g) · 2AgBr(s) सूर्य का प्रकाश→ 2Ag(s) + Br2(g) |
| ऊष्माशोषी (परखनली ठंडी) | Ba(OH)2 + 2NH4Cl → BaCl2 + 2NH3 + 2H2O |
| विस्थापन | Fe(s) + CuSO4(aq) → FeSO4(aq) + Cu(s) · Zn(s) + CuSO4(aq) → ZnSO4(aq) + Cu(s) |
| चाँदी का शोधन | Cu(s) + 2AgNO3(aq) → Cu(NO3)2(aq) + 2Ag(s) |
| थर्मिट (विस्थापन) | Fe2O3 + 2Al → Al2O3 + 2Fe |
| द्विविस्थापन / अवक्षेपण | Na2SO4(aq) + BaCl2(aq) → BaSO4(s) + 2NaCl(aq) · AgNO3(aq) + NaCl(aq) → AgCl(s) + NaNO3(aq) |
| उदासीनीकरण | NaOH(aq) + HCl(aq) → NaCl(aq) + H2O(l) |
| रेडॉक्स | 2Cu(s) + O2(g) ऊष्मा→ 2CuO(s) · CuO(s) + H2(g) ऊष्मा→ Cu(s) + H2O(l) |
| रेडॉक्स (H के आधार पर) | MnO2 + 4HCl → MnCl2 + 2H2O + Cl2 · ZnO + C → Zn + CO |
| जंग | 4Fe(s) + 3O2(g) + 2xH2O(l) → 2Fe2O3·xH2O(s) |
स्रोत: NCERT विज्ञान कक्षा 10 (2026-27) · «BSEB 2025» टैग केवल सत्यापित प्रश्नों पर; «BSEB मॉडल सेट» वार्षिक परीक्षा नहीं; बाकी सब अभ्यास। गलती दिखे तो बताइए।