ये मनुष्य की आँत में रहते हैं।
कोलिफॉर्म की उपस्थिति रोग करने वाले सूक्ष्मजीवों से दूषण दिखाती है।
कक्षा 10 · विज्ञान · अध्याय 16 · बिहार बोर्ड (BSEB)CBSE · NCERT 2026-27
Management of Natural Resources
इस पेज को ऐसे पढ़ो:
1. पढ़ो — 16.1 कार्बन डाइऑक्साइड · 16.2 संस्था · 16.3 pH · 16.4 सामग्री · 16.5 वन उत्पाद · 16.6 उद्योग · 16.7 क्षति · 16.8 थीम पार्क · 16.9 वर्षा · 16.10 कोयला · 16.11 यूरो, चित्र, हल उदाहरण, बोर्ड टिप
2. जाँचो — हर पाठ के अपने प्रश्न; संख्या पाठ के हिसाब से
3. महारत ★ — उस पाठ के सब सही। गलत वाले «दोबारा करो»
4. याद रखने वाला चित्र पाँच R को एक पंक्ति में रखता है — इनकार, कम उपयोग, पुनः उपयोग, नया काम और पुनः चक्रण।
बिहार की 16-अध्याय वाली किताब में यह अध्याय 16 है। NCERT 2026-27 की 13-अध्याय वाली किताब में यह अध्याय नहीं है। उस किताब का अध्याय 13 हमारा पर्यावरण है। प्रगति इसी ब्राउज़र में सेव रहती है।
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The Ganga and awareness — Activities 16.1 and 16.2 · अध्याय की शुरुआत · क्रियाकलाप 16.1, 16.2
मिट्टी, हवा और पानी बार-बार चक्र में घूमते हैं। इस अध्याय में वन, वन्यजीव, पानी, कोयला और पेट्रोलियम हैं। अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय कानून हैं, फिर भी अकेले व्यक्ति बेबस नहीं है।
गंगा कार्य योजना 1985 में शुरू हुई, क्योंकि पानी की गुणवत्ता बहुत गिर गई थी। कोलिफॉर्म मनुष्य की आँत के जीवाणु हैं। पानी में उनकी उपस्थिति रोग करने वाले सूक्ष्मजीवों से दूषण दिखाती है। गंगा गंगोत्री से गंगा सागर तक लगभग 2500 km चलती है। उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल के सौ से अधिक नगर कचरा और मल बहाते हैं। बिना साफ किया मलजल रोज गिरता है। नहाना, कपड़े धोना, राख और अधजले शव, तथा कारखानों का रासायनिक अपशिष्ट मछलियाँ मारते हैं।
कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन के अंतरराष्ट्रीय मानदंड पता करो। कक्षा में चर्चा करो कि उन मानदंडों में तुम्हारा हिस्सा क्या हो सकता है: बिजली कम जलाना, अनावश्यक सवारी घटाना।
अपने मोहल्ले, गाँव या शहर की वह संस्था खोजो जो पर्यावरण की समझ फैलाती है। अपना एक ठोस योगदान लिखो। जागरूकता बढ़ी तो कदम भी उठते हैं। गंगा योजना उसी तरह का बड़ा कदम था।
प्रश्न: घर के पानी का pH 7 के पास है। क्या गंगा वाला प्रदूषण खारिज हो गया?
उत्तर: नहीं। pH सार्व सूचक से आसानी से नापा जाता है, पर कई प्रदूषक बहुत कम मात्रा में भी हानिकारक होते हैं और उन्हें अलग उपकरण चाहिए। कोलिफॉर्म की गिनती pH नहीं है। pH सामान्य हो और जीवाणु फिर भी हों, ऐसा हो सकता है।
कोलिफॉर्म की परिभाषा में «आँत» और «रोग करने वाले सूक्ष्मजीव» दोनों शब्द लिखो।
बिहार का नाम गंगा वाले वाक्य में आता है। केवल दिल्ली या कारखाना मत लिखना।
ये मनुष्य की आँत में रहते हैं।
कोलिफॉर्म की उपस्थिति रोग करने वाले सूक्ष्मजीवों से दूषण दिखाती है।
सही — यह बहु-करोड़ की योजना थी।
तीन राज्यों के सौ से अधिक नगर।
लगभग 2500 km।
उत्सर्जन का अंतरराष्ट्रीय नियम।
कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन के मानदंड।
बिना उपचार का मलजल, नहाने और कपड़े धोने जैसी गतिविधियाँ, तथा कारखानों का रासायनिक अपशिष्ट। कोलिफॉर्म आँत के जीवाणु हैं और पानी में उनकी उपस्थिति रोगाणुओं से दूषण दिखाती है।
Five Rs and the pH of water — Activity 16.3 · तीन R · क्रियाकलाप 16.3
पुस्तक तीन नाम देती है। कम उपयोग का अर्थ कम खर्च करना है। पुनः चक्रण में प्लास्टिक, कागज, काँच और धातु अलग करके नई वस्तु बनती है। पुनः उपयोग और भी बेहतर है, क्योंकि चक्रण में ऊर्जा लगती है। लिफाफा उलटा करो। जैम या अचार की बोतल रसोई में फिर काम आती है।
याद की पंक्ति पाँच की है: इनकार, कम उपयोग, पुनः उपयोग, नया काम, पुनः चक्रण। इनकार का अर्थ है जो नहीं चाहिए उसे लेना ही नहीं, जैसे अतिरिक्त थैली। नया काम का अर्थ है पुरानी वस्तु को दूसरे काम में लगाना। परीक्षा «तीन R» पूछे तो पुस्तक वाले तीन लिखो और यह भी लिखो कि पुनः उपयोग चक्रण से ऊपर है। धारणीय विकास आज की बुनियादी जरूरत पूरी करता है और आने वाली पीढ़ी के लिए संसाधन बचाता है।
घर में आने वाले पानी का pH सार्व सूचक या लिटमस से नापो। पास के तालाब, झील, नदी या झरने का pH भी नापो।
केवल इन्हीं अवलोकनों से यह मत कह दो कि पानी प्रदूषित है या नहीं। कुछ प्रदूषक बहुत कम मात्रा में खतरनाक होते हैं। कोलिफॉर्म की जाँच pH से अलग है। pH एक आसान संकेत है, पूरा फैसला नहीं।
प्रश्न: पुरानी बोतल को पिघलाकर नई बोतल बनाना पुनः उपयोग है या पुनः चक्रण?
उत्तर: पिघलाना पुनः चक्रण है, क्योंकि पदार्थ फिर से बनता है और ऊर्जा लगती है। वही बोतल धोकर दाल रखने में लगाना पुनः उपयोग है। इनकार यह होता कि अतिरिक्त बोतल खरीदी ही न जाए। नया काम यह होता कि बोतल गमला बन जाए। कम उपयोग यह है कि खरीद ही कम हो।
तीन R वाले उत्तर में क्रम ऐसा रखो कि पुनः उपयोग को चक्रण से बेहतर बता सको।
पाँच की पंक्ति याद रखो, पर «पुस्तक तीन कहती है» वाक्य काट मत देना।
लिफाफा उलटना उपयोग है।
पुनः चक्रण में ऊर्जा लगती है। वस्तु को ज्यों का त्यों फिर चलाना सस्ता पड़ता है।
गलत — कम उपयोग, पुनः चक्रण और पुनः उपयोग तीनों हैं।
पिघलाना यह नहीं है।
पुनः उपयोग।
Refuse और Repurpose।
इनकार और नया काम। पुस्तक के तीन कम उपयोग, पुनः चक्रण और पुनः उपयोग हैं।
कम उपयोग: बेकार पंखा बंद करो। पुनः चक्रण: कागज अलग करके नया कागज बनवाओ। पुनः उपयोग: बोतल धोकर फिर रखो। केवल कम उपयोग कहने से चक्रण और उपयोग छूट जाते हैं, और उपयोग चक्रण से बेहतर है क्योंकि चक्रण ऊर्जा लेता है।
गलत — कुछ प्रदूषक बहुत कम मात्रा में भी हानिकारक हैं और अलग जाँच माँगते हैं।
Materials and a long view — Activity 16.4 · 16.1 प्रबंधन क्यों · क्रियाकलाप 16.4
सड़क, मकान, भोजन, कपड़ा, किताब और गाड़ी सब पृथ्वी के संसाधन से बनते हैं। बाहर से केवल सूर्य की ऊर्जा आती है, और उसे भी जीव तथा भौतिक-रासायनिक प्रक्रम बदलते हैं। आबादी बढ़ी तो माँग बहुत तेजी से बढ़ी।
प्रबंधन की नजर लंबी होनी चाहिए, ताकि संसाधन अगली पीढ़ी तक पहुँचें। फायदा कुछ अमीर लोगों तक सिमटे नहीं। खुदाई में हर टन धातु के साथ बहुत धातुमल फेंका जाता है, इसलिए कचरे के सुरक्षित निपटान की योजना भी प्रबंधन का हिस्सा है। छोटे लाभ आज लेना और संसाधन को पीढ़ियों तक बचाना एक ही फायदा नहीं है।
कुछ साल बाद उसी कस्बे में नई सड़कें और मकान दिखें तो सूची बनाओ: सीमेंट, लोहा, ईंट, लकड़ी, रेत। हर सामग्री का संभावित स्रोत लिखो।
सहपाठियों से चर्चा करो कि इनका उपयोग कैसे घटे। कम चौड़ाई, पुरानी ईंट का पुनः उपयोग, और फालतू खुदाई न करना तीन रास्ते हैं। सूची बिना स्रोत के अधूरी है।
प्रश्न: एक टन ताँबा निकालने पर कई टन धातुमल फेंका जाता है। प्रबंधन में यह बात क्यों आए?
उत्तर: संसाधन निकालना और उसका कचरा दोनों पर्यावरण को छूते हैं। धारणीय प्रबंधन केवल धातु गिनता नहीं। धातुमल के सुरक्षित निपटान की योजना उसी फैसले का हिस्सा है, वरना आज का लाभ कल की मिट्टी और पानी खा जाता है।
छोटे लाभ वाले प्रश्न में «आज कमाई, कल कमी» वाला अंतर दो वाक्यों में लिखो।
समान वितरण के विरुद्ध ताकत भी लिखो: पहुँच, पैसा और सत्ता।
बाकी संसाधन यहीं के हैं।
बाहर से केवल सूर्य की ऊर्जा आती है।
गलत — नजर लंबी हो और अगली पीढ़ी बचे।
इसे फेंकना भी प्रदूषण है।
धातुमल। सुरक्षित निपटान योजना का हिस्सा है।
विकास का लाभ सब तक पहुँचना चाहिए, केवल कुछ अमीर और ताकतवर लोगों तक नहीं। पैसा और सत्ता बराबर बाँट के विरुद्ध काम करते हैं, क्योंकि जिनकी पहुँच है वे संसाधन पहले खींच लेते हैं।
Forests and four stakeholders — Activities 16.5 and 16.6 · 16.2 · क्रियाकलाप 16.5, 16.6
वन जैव विविधता के खास स्थान हैं। गिनती केवल जातियों की संख्या नहीं। जीवाणु, कवक, फर्न, फूल वाले पौधे, कीट, पक्षी और सरीसृप का फैलाव भी मायने रखता है। विविधता घटे तो पारिस्थितिक स्थिरता घट सकती है।
चार हितधारक हैं। स्थानीय लोगों को जलाऊ लकड़ी, छोटी इमारती लकड़ी, छप्पर, बाँस, फल, दवा और चारा चाहिए। वन विभाग ज़मीन का मालिक है। उद्योग तेंदू पत्ते से बीड़ी, कागज, लकड़ी, लाख और खेल का सामान बनाते हैं, पर एक ही जंगल पर निर्भर नहीं रहते। प्रकृति प्रेमी शुरू में शेर और हाथी देखते थे, अब पूरी विविधता देखते हैं। अंग्रेजों के बाद भी स्थानीय ज्ञान अनसुना रहा। चीड़, सागौन या यूकलिप्टस की एकल कृषि से चारा, दवा और फल गायब हो जाते हैं। उद्योग एक क्षेत्र का सागौन काटकर दूर के जंगल से अगली खेप ले सकता है।
वन से जो तुम इस्तेमाल करते हो उसकी सूची बनाओ। जंगल के पास रहने वाला क्या लेगा और जंगल के अंदर रहने वाला क्या लेगा, यह अलग लिखो। जरूरत कहाँ मिलती है और कहाँ नहीं, कारण सहित चर्चा करो।
ऐसे दो वन उत्पाद खोजो जिन पर कोई उद्योग टिका हो। पूछो कि यह उद्योग लंबी दौड़ में टिकाऊ है या खपत रोकनी होगी। कागज और लकड़ी आसान जोड़ी है। उद्योग कच्चे माल को सस्ता चाहता है और एक जंगल के कल की चिंता नहीं करता।
प्रश्न: सागौन की एकल कृषि स्थानीय गाँव के लिए असफल क्यों है?
उत्तर: सारी पुरानी वनस्पति हटाकर एक जाति लगाई जाती है। चारे के पत्ते, दवा की जड़ी और खाने के फल नहीं बचते। उद्योग और विभाग को खास लकड़ी तथा राजस्व मिलता है। गाँव की जरूरत उस सूची में नहीं होती।
हितधारक चार के नाम क्रम से लिखो। केवल «सरकार और लोग» आधा उत्तर है।
उद्योग वाले उत्तर में तेंदू, कागज, लकड़ी या लाख में से दो का नाम दो।
चार समूह भूमि से जुड़े हैं।
ज्वार इस सूची में नहीं है। लोग, विभाग, उद्योग और प्रकृति प्रेमी हैं।
गलत — विविध पत्तियाँ, जड़ी और फल ऐसे जंगल से नहीं मिलते।
वन उत्पाद है, फसल का आटा नहीं।
तेंदू पत्ते।
उसे एक जंगल के कल की चिंता नहीं।
दूर के जंगल से सागौन आ सकता है। स्थानीय लोग ऐसा आसानी से नहीं कर पाते।
स्थानीय लोग जलाऊ लकड़ी और चारा चाहते हैं। वन विभाग राजस्व और नियंत्रण चाहता है। उद्योग कागज या तेंदू जैसा कच्चा माल चाहता है। प्रकृति प्रेमी विविधता को बचाकर रखना चाहते हैं।
Chipko and Arabari — Activity 16.7 · 16.2.2 · क्रियाकलाप 16.7 · बिश्नोई
चिपको आंदोलन गढ़वाल के रेणी गाँव से 1970 के दशक की शुरुआत में उठा। ठेकेदार के मजदूर पेड़ काटने आए तब गाँव के पुरुष बाहर थे। महिलाओं ने तनों से लिपटकर काटने नहीं दिया। ठेकेदार वापस हटा। समुदाय डालियाँ छाँटता है और पत्ते तोड़ता है, ताकि संसाधन लौटे। ठेकेदार पूरा पेड़ गिरा देता। जंगल कटने से मिट्टी और पानी के स्रोत भी बिगड़ते हैं।
1731 में जोधपुर के पास खेजरली में अमरता देवी बिश्नोई और 363 अन्य खेजड़ी पेड़ों के लिए मारे गए। उनके नाम पर वन्यजीव संरक्षण का राष्ट्रीय पुरस्कार है। महान हिमालयी राष्ट्रीय उद्यान में भेड़ों की चरान बंद हुई तो घास बहुत ऊँची होकर गिर पड़ी और नई वृद्धि रुक गई। 1972 में पश्चिम बंगाल के मिदनापुर की अराबारी में ए. के. बनर्जी ने गाँव को 1272 हेक्टेयर खराब साल वन की रक्षा में जोड़ा। काम, अंतिम फसल का 25 प्रतिशत, और मामूली फीस पर जलाऊ लकड़ी तथा चारा मिला। 1983 तक उस वन का मूल्य 12.5 करोड़ रुपये आँका गया।
तीन नुकसान पर बहस करो। राष्ट्रीय उद्यान में पर्यटकों के विश्राम गृह जंगल काटते हैं। पालतू जानवरों की चरान घास का चक्र बदल सकती है, जैसा हिमालयी घास के मैदान में दिखा। प्लास्टिक की बोतल और कवर मिट्टी में पड़े रहते हैं।
नुकसान केवल स्थानीय लोगों का नहीं होता। सड़क, बाँध और पर्यटन की सुविधा भी जंगल खाती है। लोगों को बाहर रखकर डंडे से संरक्षण लंबी दौड़ में नहीं टिकता।
प्रश्न: अराबारी में अंतिम फसल 800 क्विंटल है। गाँव को 25 प्रतिशत मिलता है। हिस्सा कितना है?
सूत्र: हिस्सा = (25/100) × फसल।
प्रतिस्थापन: हिस्सा = (25/100) × 800 क्विंटल = 200 क्विंटल।
उत्तर: 200 क्विंटल। यह फसल का चौथाई हिस्सा है। 12.5 करोड़ रुपये पूरे संभले वन का मूल्य था, इस 800 क्विंटल वाली कवायद का योग नहीं।
चिपको में गाँव का नाम रेणी और तरीका «लिपटना» लिखो। केवल «आंदोलन» अधूरा है।
25 प्रतिशत और 1272 हेक्टेयर अलग संख्याएँ हैं। एक को दूसरी की जगह मत लिखना।
10-सेकंड रिवीजन
महिलाओं ने तने लिपटाए।
रेणी गाँव, गढ़वाल, 1970 के दशक की शुरुआत।
गलत — उलटा है। समुदाय डालियाँ छाँटता है। ठेकेदार पेड़ गिराता है।
25 प्रतिशत फसल अलग आँकड़ा है।
1272 हेक्टेयर।
जोधपुर के पास खेजरली।
1731 में खेजड़ी पेड़ों के लिए, 363 अन्य लोगों के साथ।
ए. के. बनर्जी की योजना में गाँव को रोपण और कटाई का काम, अंतिम फसल का 25 प्रतिशत, तथा मामूली फीस पर जलाऊ लकड़ी और चारा मिला। 1272 हेक्टेयर साल वन संभला और 1983 तक उसका मूल्य 12.5 करोड़ रुपये आँका गया।
गलत — घास बहुत ऊँची होकर गिर पड़ी और नई वृद्धि रुक गई।
Water, kulhs and dams — Activities 16.8 and 16.9 · 16.3 · क्रियाकलाप 16.8, 16.9 · जल संचय
भारत की वर्षा कुछ महीनों के मानसून में आती है। पानी की कमी वाले क्षेत्र गरीबी वाले क्षेत्रों से मिले हुए हैं। हरियाली कटने, अधिक पानी वाली फसल और गंदे अपशिष्ट से भूजल नहीं टिकता। हिमाचल के कुलह चार सौ साल पुराने हैं। नाले का पानी पहाड़ी नहर से कई गाँव तक जाता था। बुवाई में सबसे दूर का गाँव पहले पानी लेता था। दो-तीन लोग, जिनकी मजदूरी गाँव देते थे, कुलह सँभालते थे। पानी रिसकर चश्मे भरता था। सिंचाई विभाग के कब्जे के बाद अधिकतर कुलह बेकार हो गए।
बड़ा बाँध सिंचाई और बिजली दोनों देता है। इंदिरा गाँधी नहर ने राजस्थान के बड़े हिस्से को हरा किया, पर स्रोत के पास लोगों ने गन्ना और धान उगाया और आगे के लोगों को पानी नहीं मिला। तीन आपत्तियाँ हैं: सामाजिक, क्योंकि किसान और आदिवासी बिना पुनर्वास के हटते हैं; आर्थिक, क्योंकि भारी सार्वजनिक धन के अनुपात में लाभ नहीं; पर्यावरणीय, क्योंकि जंगल और विविधता जाती है। टिहरी गंगा पर है। नर्मदा बचाओ आंदोलन सरदार सरोवर की ऊँचाई के विरुद्ध है। तावा बाँध के विस्थापित 1970 के दशक से वादा याद दिला रहे हैं। स्थानीय संचय के नाम: राजस्थान में खादिन और नाड़ी, महाराष्ट्र में बंधारा और ताल, बिहार में अहार और पाइन, हिमाचल में कुलह, तमिलनाडु में एरी, केरल में सुरंगम। समतल जमीन पर अर्धचंद्राकार मिट्टी के बाँध या चेक डैम भूजल भरते हैं। अधिकतर छह महीने या उससे कम में सूख जाते हैं। उद्देश्य सतह पर पानी रोकना नहीं, धरती के नीचे भरना है। यह पानी उड़ता नहीं, मच्छर नहीं पालता और मल से अपेक्षाकृत बचा रहता है।
महाराष्ट्र में एक जल थीम पार्क के चारों ओर ऐसे गाँव हैं जिन्हें साल भर पानी नहीं मिलता। बहस करो कि उपलब्ध पानी का यह सर्वोत्तम उपयोग है या नहीं। मनोरंजन और पीने का पानी एक तराजू पर नहीं रखे जा सकते।
एटलस से भारत की वर्षा का स्वरूप देखो। जहाँ पानी बहुत है और जहाँ कमी है, दोनों चिह्नित करो। कमी वाले क्षेत्र और तीव्र गरीबी वाले क्षेत्र साथ-साथ पाए जाते हैं। केवल वर्षा का नक्शा पूरा सच नहीं बताता, क्योंकि मानसून कुछ महीनों का है और उपयोग तथा प्रदूषण बाकी साल तय करते हैं।
प्रश्न: नहर के पास गन्ना उग रहा है और बीस किलोमीटर आगे खेत सूखे हैं। यह किस समस्या का उदाहरण है?
उत्तर: बड़े बाँध और नहर का पानी बराबर नहीं बँटता। स्रोत के पास अधिक पानी वाली फसलें लाभ खींच लेती हैं। यह आर्थिक और सामाजिक दोनों आपत्ति में आता है। कुलह का पुराना नियम उलटा था: दूर का गाँव पहले लेता था।
बिहार वाले उत्तर में अहार और पाइन लिखो। केवल खादिन लिखना राजस्थान रह जाता है।
बाँध की तीन आपत्तियाँ अलग शीर्षक से लिखो। केवल «नुकसान» एक अंक खो देता है।
10-सेकंड रिवीजन
हिमाचल की पुरानी सहमति।
सबसे दूर का गाँव पहले लेता था, फिर ऊपर के गाँव।
गलत — अधिकतर छह महीने में सूख जाते हैं। काम भूजल भरना है।
कुलह हिमाचल का नाम है।
अहार और पाइन।
सामाजिक आपत्ति विस्थापन है।
वन और जैव विविधता जाती है। यह पर्यावरणीय आपत्ति है।
सामाजिक: लोग बिना पुनर्वास के हटते हैं। आर्थिक: भारी धन के अनुपात में लाभ नहीं। पर्यावरणीय: वन और विविधता नष्ट होती है। कुलह में बुवाई के समय सबसे दूर का गाँव पहले पानी लेता था।
Coal and petroleum — Activities 16.10 and 16.11 · 16.4 और 16.5 · क्रियाकलाप 16.10, 16.11
वन और पानी सँभालकर लंबे समय तक चल सकते हैं। कोयला और पेट्रोलियम लाखों साल की जैव मात्रा से बने हैं। देखभाल के बावजूद एक दिन समाप्त होंगे। एक अनुमान के अनुसार आज की दर पर पेट्रोलियम लगभग 40 साल और कोयला लगभग 200 साल चलेगा। इनमें कार्बन के साथ हाइड्रोजन, नाइट्रोजन और सल्फर भी हैं। जलने पर कार्बन डाइऑक्साइड, जल, और नाइट्रोजन तथा सल्फर के ऑक्साइड बनते हैं। हवा कम हो तो कार्बन डाइऑक्साइड की जगह कार्बन मोनोऑक्साइड बनती है। सल्फर और नाइट्रोजन के ऑक्साइड तथा कार्बन मोनोऑक्साइड अधिक सांद्रता पर जहरीले हैं। कार्बन डाइऑक्साइड ग्रीनहाउस गैस है। सारा कार्बन यदि कार्बन डाइऑक्साइड बन जाए तो गर्मी और बढ़ेगी।
मशीन की दक्षता भी प्रबंधन है। पूरे दहन से ईंधन बचता है और धुआँ घटता है। धारणीय प्रबंधन में हर हितधारक का स्वार्थ मानना पड़ता है, फिर भी जरूरत को ऐसा काटना पड़ता है कि विकास का लाभ अभी और आगे दोनों पीढ़ियों तक पहुँचे।
कोयला ताप बिजली घर में जलता है। पेट्रोल और डीजल गाड़ी, जहाज और हवाई जहाज चलाते हैं। खपत घटाने के रास्ते सोचो। बस या पैदल साइकिल निजी गाड़ी से हल्के पड़ते हैं। फ्लोरोसेंट नलिका साधारण बल्ब से कम बिजली लेती है। सीढ़ियाँ लिफ्ट से बेहतर हैं। सर्दी में अतिरिक्त स्वेटर हीटर या सिगड़ी से बेहतर है।
वाहनों के यूरो I और यूरो II मानदंड पता करो। ये धुएँ की सीमा बाँधकर वायु प्रदूषण घटाते हैं। मानदंड अपने आप कोयला वापस नहीं उगाते। वे जलने वाले ईंधन का नुकसान कम करते हैं।
प्रश्न: पेट्रोलियम लगभग 40 साल और कोयला लगभग 200 साल। कोयले का अनुमान पेट्रोलियम का कितने गुना है?
सूत्र: अनुपात = कोयले के वर्ष / पेट्रोलियम के वर्ष।
प्रतिस्थापन: अनुपात = 200 वर्ष / 40 वर्ष = 5।
उत्तर: 5 गुना। इकाई वर्ष है और अनुपात एक संख्या है। दोनों स्रोत फिर भी समाप्य हैं। 5 गुना लंबा अनुमान चिंता समाप्त नहीं करता।
40 और 200 साथ लिखो और दोनों को समाप्य कहो। केवल लंबा अनुमान काफी नहीं।
अधजले ईंधन वाला उत्तर कार्बन मोनोऑक्साइड का नाम ले। कार्बन डाइऑक्साइड पूरा दहन है।
10-सेकंड रिवीजन
कोयला लगभग 200 साल है।
लगभग 40 साल। कोयला लगभग 200 साल।
सही — ये समाप्य हैं। वन की तरह रोपकर नहीं लौटते।
यह अधिक सांद्रता पर जहरीली है।
कार्बन मोनोऑक्साइड।
बस या पैदल चलो, फ्लोरोसेंट नलिका लगाओ, और सर्दी में स्वेटर पहनकर हीटर बचाओ। यूरो I और यूरो II वाहन के धुएँ की सीमा बाँधकर वायु प्रदूषण घटाते हैं। वे कोयला दोबारा नहीं उगाते।
प्रकार चुनो। पाठों के 35 जाँच-प्रश्न अलग हैं — हर पाठ में जितने उसके विषय माँगते हैं। सब सही होने पर महारत ★ मिलती है।
कोई भी प्रश्न «सत्यापित PYQ» नहीं है। BSEB वाला सेट मॉडल अभ्यास है। CBSE वाले प्रश्न CBSE-शैली हैं, किसी वर्ष के पेपर की प्रति नहीं।
पानी में इनका होना दूषण है।
ये मनुष्य की आँत में रहते हैं।
पानी की गुणवत्ता गिर गई थी।
1985 में।
लिफाफा उलटना उपयोग है।
चक्रण में ऊर्जा लगती है, इसलिए पुनः उपयोग बेहतर है।
संसाधन बचते भी हैं।
आज की बुनियादी जरूरत पूरी हो और संसाधन आगे बचें।
चार में से एक।
वन विभाग हितधारक है।
एक जाति रह जाती है।
चारे के पत्ते, जड़ी और फल नहीं मिलते।
रेणी गाँव।
उन्होंने तने लिपटाए और ठेकेदार हट गया।
हेक्टेयर 1272 हैं।
25 प्रतिशत।
हिमाचल की साझी नहर।
सबसे दूर का गाँव पहले लेता था।
आर्थिक आपत्ति पैसे की है।
विस्थापन और पुनर्वास की कमी सामाजिक आपत्ति है।
कुलह हिमाचल में है।
अहार और पाइन बिहार के हैं।
40 साल पेट्रोलियम का है।
लगभग 200 साल।
पूरा दहन कार्बन डाइऑक्साइड देता है।
कार्बन मोनोऑक्साइड।
क्रियाकलाप 16.11।
वाहनों के धुएँ के मानदंड।
सही — नगरों का मल और कचरा दोनों गिरते हैं।
गलत — कई प्रदूषक अलग उपकरण माँगते हैं।
गलत — ऊर्जा लगती है, इसलिए पुनः उपयोग बेहतर है।
सही — निपटान की योजना चाहिए।
गलत — एक क्षेत्र काट कर दूर से खेप ले सकता है।
गलत — पुरुष बाहर थे और महिलाओं ने तने लिपटाए।
गलत — भूजल नहीं उड़ता और मच्छर भी नहीं पालता।
गलत — बनने में लाखों साल लगे। उपयोग की गति पर ये समाप्य हैं।
1985।
गुणवत्ता बहुत गिर गई थी।
MPN, अधिकतम संभावित संख्या।
सबसे संभावित संख्या।
पुनः चक्रण।
ऊर्जा लगती है।
1731।
अमरता देवी बिश्नोई।
1272 हेक्टेयर।
फसल का 25 प्रतिशत अलग है।
छह महीने।
काम भूजल भरना है।
लगभग 40 साल।
कोयला लगभग 200 साल।
यूरो II।
वायु प्रदूषण घटता है।
कुलह हिमाचल, अहार बिहार, खादिन राजस्थान, एरी तमिलनाडु।
योजना 1985, खेजड़ी 1731, अराबारी 1972, हिस्सा 25 प्रतिशत।
अभिकथन (A): पुनः उपयोग पुनः चक्रण से बेहतर माना गया है।
कारण (R): पुनः चक्रण की प्रक्रिया में ऊर्जा लगती है।
दोनों सही हैं और R, A की व्याख्या है।
अभिकथन (A): गंगा में कोलिफॉर्म दूषण दिखाते हैं।
कारण (R): अराबारी में फसल का 25 प्रतिशत गाँव को मिला।
दोनों सही हैं, पर R गंगा की व्याख्या नहीं है।
अभिकथन (A): सागौन की एकल कृषि उद्योग को खास लकड़ी देती है।
कारण (R): ऐसे जंगल से स्थानीय लोगों को दवा और फल पहले से बेहतर मिलते हैं।
A सही है। R गलत — चारा, दवा और फल घटते हैं।
अभिकथन (A): कोयला और पेट्रोलियम नवीकरणीय हैं।
कारण (R): ये लाखों साल पहले जैव मात्रा से बने और एक दिन समाप्त होंगे।
A गलत है। R सही है — इसी कारण वे समाप्य हैं।
अभिकथन (A): कुलह में दूर के गाँव को बुवाई पर पहले पानी मिलता था।
कारण (R): बाँट की सहमति सब गाँवों के बीच थी, स्रोत के पास वाले अकेले नहीं लेते थे।
दोनों सही हैं और R, A की व्याख्या है।
पंखा और नल कम उपयोग हैं। कागज चक्रण है। बोतल पुनः उपयोग है।
कोयला और पेट्रोलियम समाप्त होंगे। वन और भूजल सँभालने पर चल सकते हैं।
मनुष्य की आँत में पाया जाने वाला जीवाणु समूह। पानी में इसकी उपस्थिति रोगाणुओं से दूषण दिखाती है।
बिना जरूरत का पंखा और बत्ती बंद करना, या टपकता नल ठीक करना।
ऐसी वृद्धि जो आज की बुनियादी जरूरत पूरी करे और आने वाली पीढ़ी के संसाधन बचाए।
गढ़वाल के रेणी गाँव में, 1970 के दशक की शुरुआत में। महिलाओं ने पेड़ों के तने लिपटाए और ठेकेदार को काटने नहीं दिया।
जब कोयला या पेट्रोलियम कम हवा में जलता है, तब कार्बन डाइऑक्साइड की जगह कार्बन मोनोऑक्साइड बनती है।
नगरों का बिना उपचार वाला मलजल, नहाने और कपड़े धोने जैसी गतिविधियाँ, तथा कारखानों का रासायनिक अपशिष्ट। राख और अधजले शव भी भार बढ़ाते हैं।
स्थानीय लोग, वन विभाग, उद्योग, और वन्यजीव तथा प्रकृति प्रेमी। उद्योग एक क्षेत्र का सागौन काटकर दूर के जंगल से अगली खेप ले सकता है।
सामाजिक: बड़ी संख्या में लोग बिना पुनर्वास के हटते हैं। आर्थिक: भारी सार्वजनिक धन के अनुपात में लाभ नहीं। पर्यावरणीय: वन कटता है और विविधता जाती है।
यह पानी उड़ता नहीं और मच्छरों को ठहरा पानी नहीं देता। अधिकतर चेक डैम छह महीने या उससे कम में सूख जाते हैं, क्योंकि उनका काम सतह पर संग्रह नहीं, भूजल भरना है।
कम उपयोग: टपकता नल ठीक करो। पुनः चक्रण: कागज अलग करके नया कागज बनवाओ, इसमें ऊर्जा लगती है। पुनः उपयोग: बोतल धोकर फिर रखो, यह बेहतर है। पंक्ति इनकार और नया काम जोड़ती है। pH आसान है, पर कोलिफॉर्म जैसे प्रदूषक अलग जाँच माँगते हैं।
चिपको रेणी में महिलाओं का सीधा प्रतिरोध था। उन्होंने पेड़ लिपटाए क्योंकि ठेकेदार पूरा पेड़ गिराता। अराबारी में विभाग ने 1972 में नीति बदली। ए. के. बनर्जी ने 1272 हेक्टेयर पर गाँव को काम, 25 प्रतिशत फसल और चारा दिया। 1983 तक मूल्य 12.5 करोड़ रुपये हुआ। 1731 में अमरता देवी बिश्नोई और 363 अन्य खेजड़ी के लिए मारे गए।
बड़ा बाँध दूर तक पानी और बिजली देता है, पर विस्थापन, खर्च और वन की हानि लाता है। नहर के पास गन्ना उगता है और आगे खेत सूखते हैं। कुलह में दूर का गाँव पहले पानी लेता था और पानी रिसकर चश्मा भरता था। कोयला और पेट्रोलियम लाखों साल की जैव मात्रा हैं, इसलिए एक दिन समाप्त होंगे। अनुमान: पेट्रोलियम लगभग 40 साल, कोयला लगभग 200 साल।
यह मॉडल सेट अभ्यास के लिए है। किसी वर्ष की वार्षिक परीक्षा का प्रश्न नहीं है। स्रोत पृष्ठ मिलने पर ही वार्षिक प्रश्न जोड़े जाएँगे।
पाँच की पंक्ति अलग है।
कोयला जलाना तीन R में नहीं है।
मिदनापुर।
पश्चिम बंगाल।
2500।
गंगोत्री से गंगा सागर।
सार्व सूचक pH बताता है। कई प्रदूषक बहुत कम मात्रा में हानिकारक होते हैं और कोलिफॉर्म जैसी जाँच अलग है। इसलिए केवल pH से पानी को साफ या गंदा घोषित नहीं किया जा सकता।
चिपको में रेणी की महिलाओं ने पेड़ लिपटाकर ठेकेदार रोका। अराबारी में गाँव ने 1272 हेक्टेयर साल वन बचाया और 25 प्रतिशत फसल तथा चारा पाया। बड़ा बाँध लोगों को बिना पूरे पुनर्वास के हटाता है। यही सामाजिक आपत्ति है।
ये योग्यता-आधारित अभ्यास प्रश्न हैं। किसी CBSE प्रश्नपत्र की प्रति नहीं हैं।
कबाड़ नया कागज बन सकता है।
बेचना चक्रण की ओर है और फेंकना छोड़ना कम उपयोग है।
गन्ना और धान वही फसलें हैं।
स्रोत के पास पानी खिंच जाता है। यह बड़े बाँध की असमानता है।
अभिकथन (A): थीम पार्क के पास प्यासे गाँव पानी के गलत बँटवारे का उदाहरण हैं।
कारण (R): मनोरंजन पर लगा पानी उन गाँवों की साल भर की कमी के साथ न्याय नहीं करता।
दोनों सही हैं और R, A की व्याख्या है। क्रियाकलाप 16.8 यही बहस है।
अभिकथन (A): यूरो मानदंड कोयले के भंडार को नवीकरणीय बना देते हैं।
कारण (R): ये मानदंड वाहनों के धुएँ की सीमा बाँधकर वायु प्रदूषण घटाते हैं।
A गलत है — कोयला समाप्य रहता है। R सही है।
सीमेंट पत्थर और कारखाने से आता है, इसलिए फालतू पिलर मत बनाओ। लोहा खदान और धातुमल के साथ आता है, इसलिए पुराना सरिया दोबारा लगाओ। लकड़ी जंगल से आती है, इसलिए स्थानीय प्रजाति काटने की जगह पुरानी लकड़ी का पुनः उपयोग करो।
अनुपात = 200 वर्ष / 40 वर्ष = 5। कोयले का अनुमान पाँच गुना लंबा है। फिर भी दोनों समाप्य हैं। जलने से कार्बन डाइऑक्साइड और जहरीले ऑक्साइड अभी बनते हैं, और गति बढ़े तो साल घटेंगे।
ऊपर «BSEB | CBSE» से बोर्ड बदलो। पाठ वही NCERT है।
इस पेज पर वार्षिक परीक्षा का सत्यापित प्रश्न नहीं है, क्योंकि स्रोत पृष्ठ नहीं जोड़ा गया। नीचे मॉडल सेट बोर्ड के पैटर्न पर अभ्यास के लिए है।
सत्यापित लेबल तभी लगेगा जब प्रश्न का स्रोत पृष्ठ उपलब्ध हो।
ये केस और अभिकथन-कारण अभ्यास हैं। इन्हें CBSE का पुराना प्रश्न मत समझो।
गलत प्रश्न जल्दी लौटते हैं, सही वाले कुछ दिन बाद।
आपने क्या सीखा
| क्या | याद रखने लायक |
|---|---|
| तीन R | Reduce, Recycle, Reuse |
| गंगा योजना | 1985, coliform count |
| अराबारी | 1272 hectares, 25 percent |
| कुलह | farthest village first |
| पेट्रोलियम | about 40 years |
| कोयला | about 200 years |
नोट्स मूल लेखन हैं। पाठ्यपुस्तक केवल क्रम और क्रियाकलाप-संख्या के लिए संदर्भ है। «सत्यापित» केवल स्रोत पृष्ठ वाले प्रश्न पर लिखा जाएगा।